तेल और गैस संकट से छुटकारा
- ईरान-अमेरिका के बीच पीस डील को मूर्त रूप दिए जाने से पहले इसकी घोषणा मात्र से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें घटनी शुरू हो गई हैं।
- कच्चे तेलों की कीमतों में चार प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है और यह सोमवार (15 जून, 2026) सुबह को 84 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ चुका है।
- भारत को इसका तात्कालिक फायदा मिलेगा और तेल का आयात का बिल घटना शुरू होगा, जिससे महंगाई में भी गिरावट देखने को मिलेगी।
- भारत का ईरान से भी तेल और प्राकृतिक गैस का आयात फिर से शुरू हो जाएगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी ने इसकी सप्लाई बुरी तरह से बाधित की है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा
- पश्चिम एशिया या खाड़ी देशों में 9 से 10 लाख भारतीय रहते हैं।
- जिस तरह से अमेरिका-इजरायल और उनके सहयोगियों और ईरान और उसके सहयोगियों के बीच साढ़े तीन महीनों से लड़ाई चल रही थी, मिसाइलें दागी जा रही थीं,
- इससे यहां रहने वाले भारतीयों के जान-माल पर भी खतरा मंडरा रहा था।
- दुर्भाग्य से कुछ भारतीय इसकी चपेट में आ भी चुके हैं।
खाड़ी देशों तक भारतीय चीजों का निर्यात
- साढ़े तीन महीने से एक ओर भारत तेल और गैस संकट से जूझ रहा है, वहीं खाड़ी देशों में सामान भेजने वाले भारतीय निर्यातक भी परेशान हो चुके हैं।
- खाड़ी के कई देश खाने-पीने की चीजें, हरी-सब्जियां और अन्य जरूरत के सामानों के लिए काफी हद तक भारत पर निर्भर हैं, लेकिन उनकी भी सप्लाई चेन टूट चुकी है।
- ओमान के रास्ते भारतीय सामान भेजने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन यह काम बहुत ही चुनौतीपूर्ण और खर्चीला साबित हो रहा है।
- खुद ईरान भी भारतीय कृषि उत्पादों, दवा, कपड़े और भारी मशीनों का बहुत बड़ा आयातक है।
- इस शांति समझौते से भारत के निर्यातकों और खाड़ी देशों के आयातकों को भी बड़ा फायदा होने जा रहा है।
लागत घटेगी और सप्लाई चेन मजबूत
- पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारत को मजबूरन कच्चा तेल और एलएनजी-एलपीजी की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक उपाय ढूंढ़ने पड़ गए थे।
- भारत बड़ी मात्रा में रूस और वेनेजुएला से तेल मंगवाने लगा है।
- हालांकि ये तेल सस्ते तो हैं, लेकिन खाड़ी देशों के मुकाबले इनकी ढुलाई की लागत बहुत ज्यादा हो रही है।
- इसकी वजह से भारत में मैन्युफैक्चरिंग, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक की लागत भी बढ़नी शुरू हो गई थी।
- साढ़े तीन महीने में पूरी सप्लाई चेन बिगड़ चुकी है, जो धीरे-धीरे फिर से पटरी पर आने की संभावना है।
- शांति और स्थिरता कायम होने से यहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।