कार की हालत इतनी खराब थी कि शवों को आसानी से बाहर निकालना मुमकिन नहीं था। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत करते हुए कार के दरवाजों को लोहे के औजारों से तोड़ा और अंदर फंसे चारों भाइयों को बाहर निकाला। हादसे में उदाराम पुत्र भंवराराम, रेखाराम पुत्र भंवराराम, विश्नाराम पुत्र भंवराराम तथा जोगाराम पुत्र भंवराराम गंभीर रूप से घायल हो गए। दो युवकों की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटोदी पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि दो घायलों को बालोतरा रेफर किया गया, जहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया। चारों मृतक पाटोदी के निकटवर्ती कोडूका गांव के निवासी तथा सगे भाई थे। चारों भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और अब घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा है। दरअसल, मृतकों के माता-पिता बुजुर्ग हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से चारों शवों को कब्जे में लेकर नजदीकी जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। जैसे ही इस खौफनाक हादसे की खबर मृतकों के घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। एक साथ चार बेटों के शव देखकर पूरा अस्पताल परिसर गमगीन हो गया और वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।View this post on Instagram