- मार्जरीआसन (कैट-काउ पोज)
- सबसे पहले घुटनों और हथेलियों के बल जमीन पर आ जाएं।
- सांस लेते हुए सिर को ऊपर उठाएं और पीठ को नीचे की ओर झुकाएं।
- अब सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे करें और पीठ को ऊपर की ओर गोल कर लें।
- इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे 8 से 10 बार दोहराएं।
- रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
- पीठ और कमर की अकड़न कम होती है।
- शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
- भुजंगासन (कोबरा पोज)
- पेट के बल सीधे लेट जाएं।
- दोनों हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें।
- गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
- गर्दन को पीछे की ओर ले जाकर ऊपर देखें।
- कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें।
- फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस नीचे आ जाएं।
- इस आसन को 3 से 5 बार दोहराएं।
- कमर दर्द में राहत मिलती है।
- रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
- छाती और कंधों की मांसपेशियां खुलती हैं।
- अधोमुख श्वानासन (डाउनवर्ड डॉग पोज)
- हाथों और पैरों के बल खड़े हो जाएं।
- धीरे-धीरे अपने कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं।
- शरीर को उल्टे V आकार में लाने की कोशिश करें।
- एड़ियों को जमीन की ओर दबाएं।
- अपनी नजर नाभि की तरफ रखें।
- इस स्थिति में 5 गहरी सांसें लें।
- पूरे शरीर में खिंचाव आता है।
- कमर और पीठ का तनाव कम होता है।
- शरीर में ऊर्जा और लचीलापन बढ़ता है।
- बालासन (चाइल्ड पोज)
- वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
- अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें।
- माथे को जमीन से लगाने की कोशिश करें।
- दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा फैलाएं।
- शरीर को पूरी तरह रिलैक्स रखें।
- इस अवस्था में 1 से 2 मिनट तक गहरी सांस लेते रहें।
- मानसिक तनाव कम होता है।
- पीठ और गर्दन को आराम मिलता है।
- शरीर की थकान दूर होती है।
- योग हमेशा खाली पेट या हल्का भोजन करने के बाद करें।
- किसी भी आसन को जल्दबाजी में न करें।
- दर्द होने पर जबरदस्ती शरीर को न मोड़ें।
- यदि पहले से कोई गंभीर रीढ़ या कमर की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- नियमित रूप से योग करने पर ही बेहतर परिणाम मिलते हैं।