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अमलेहड़ के सपूत मेजर जनरल पी.एस. कँवर बने डिवीजन के जीओसी

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अमलेहड़ के सपूत मेजर जनरल पी.एस. कँवर बने डिवीजन के जीओसी

31 वर्षों की गौरवशाली सैन्य सेवा के बाद मिली अहम जिम्मेदारी, तीन पीढ़ियों से राष्ट्र सेवा में समर्पित है परिवार

ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के ऐतिहासिक एवं सैनिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध गाँव अमलेहड़ के लिए गर्व का क्षण है। गाँव के सपूत मेजर जनरल पी.एस. कँवर ने भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति के उपरांत एक डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) का कार्यभार संभाल लिया है। उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति से पूरे ऊना जिला और हिमाचल प्रदेश में खुशी और गौरव का माहौल है।

मेजर जनरल पी.एस. कँवर ऐसे प्रतिष्ठित सैनिक परिवार से संबंध रखते हैं, जिसने तीन पीढ़ियों तक राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखा है। उनके पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस. कँवर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं, जबकि उनके दादा स्वर्गीय लेफ्टिनेंट बाबूराम जसवाल ने भी सेना में उल्लेखनीय सेवाएँ दीं। उनके भाई भी भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। इस प्रकार पूरा परिवार लंबे समय से देश की सुरक्षा और सेवा के लिए समर्पित रहा है।

मेजर जनरल पीएस कँवर भारतीय सेना में 31 वर्षों की विशिष्ट एवं गौरवशाली सेवा पूरी कर चुके हैं। अपने सैन्य जीवन में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण स्टाफ, प्रशिक्षण और कमान संबंधी दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। विदेश में सैन्य प्रशिक्षण दल के सदस्य के रूप में सेवा देने के साथ-साथ उन्होंने पश्चिमी सीमा पर कई महत्वपूर्ण कमान नियुक्तियों का नेतृत्व किया। विशेष रूप से एक आर्मर्ड ब्रिगेड (बख्तरबंद ब्रिगेड) की स्थापना जैसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी का सफल निर्वहन उनकी पेशेवर दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सैन्य कौशल का प्रमाण है। अब जीओसी के रूप में वे भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण डिवीजन का नेतृत्व कर रहे हैं। यह दायित्व सेना के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा उनकी योग्यता, अनुभव और नेतृत्व पर जताए गए गहरे विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

मेजर जनरल पीएस कँवर का विवाह ज्योति कँवर से हुआ है, जो सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश सूरी, पूर्व महानिदेशक, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), की पुत्री हैं। इस प्रकार दोनों परिवारों की राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा एक-दूसरे से जुड़कर और भी सशक्त हुई है। उनकी पदोन्नति और नई कमान की सूचना मिलते ही अमलेहड़ गाँव सहित पूरे ऊना जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों तथा ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान और गौरव का विषय बताया।

 

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