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ऊना में रात्रि 10 बजे तक होगी खनन सामग्री के परिवहन की अनुमति

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ऊना में रात्रि 10 बजे तक होगी खनन सामग्री के परिवहन की अनुमति

सायं 7 बजे से प्रातः 6 बजे तक खनन संबंधी गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

ऊना,सुशील पंडित: जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 के तहत पूर्व में जारी आदेश में संशोधन करते हुए जिला ऊना में खनन सामग्री के परिवहन के लिए अनुमत समयावधि में परिवर्तन किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेगा।

 यह संशोधन पुलिस अधीक्षक ऊना तथा उपमंडलाधिकारी (ना.) हरोली की संस्तुतियों पर विचारोपरांत किया गया है। आदेश के अनुसार अब टिपर एवं ट्रकों के माध्यम से खनन सामग्री का परिवहन प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जा सकेगा। वहीं खनन से संबंधित सभी गतिविधियां, जिनमें उत्खनन एवं लोडिंग शामिल हैं, केवल प्रातः 6 बजे से सायं 7 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। सायं 7  बजे से प्रातः 6 बजे तक खनन संबंधी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश के अनुसार खनन सामग्री का परिवहन करने वाले सभी वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा लागू यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। वाहनों को निर्धारित गति सीमा तथा पुलिस विभाग एवं अन्य सक्षम प्राधिकरणों द्वारा जारी यातायात संबंधी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।

धूल प्रदूषण, सामग्री के बिखराव एवं पर्यावरणीय क्षति की रोकथाम के लिए खनन सामग्री को पूरी तरह ढककर ले जाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक वाहन के पास वैध परमिट, ट्रांजिट पास तथा खनन एवं पर्यावरण संबंधी कानूनों के तहत अपेक्षित अन्य सभी वैधानिक दस्तावेज होना आवश्यक होगा। खनन पट्टाधारकों, ठेकेदारों, परिवहनकर्ताओं एवं वाहन स्वामियों को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत तथा वाहनों की सड़क योग्यता सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खनन सामग्री के परिवहन से सार्वजनिक मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो तथा आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न पहुंचे।

आदेश में कहा गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरणों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन करना सभी संबंधित पक्षों के लिए अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन, कानून का उल्लंघन अथवा जनसुरक्षा, लोक व्यवस्था या पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में संबंधित अनुमति बिना पूर्व सूचना के वापस ली जा सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रासंगिक कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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