Home Haryana अब किसानों पर लगेगा NSA एक्ट, पुलिस ने की ये तैयारी

अब किसानों पर लगेगा NSA एक्ट, पुलिस ने की ये तैयारी

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अंबालाः न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसएपी) और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन के बीच शुक्रवार (23 फरवरी, 2024) को किसान ‘आक्रोश दिवस’ मनाएंगे। किसान 26 फरवरी को ट्रैक्टर मार्च और 14 मार्च को रामलीला मैदान में महापंचायत करने वाले हैं। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से सटे हरियाणा में किसान संगठनों के पदाधिकारियों और आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ वहां की पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत एक्शन लेना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर NSA एक्ट को लेकर हरियाणा के IGP कविराज का बयान सामने आया है। जहां उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर किसान शांति बनाए रखेंगे तो NSA किसी पर भी नहीं लगाया जाएगा। 

अंबाला रेंज के आईजीपी सिबास कविराज ने कहा कि स्पष्द सभी संबंधितों को यह स्पष्ट किया जाता है कि जिला अंबाला के कुछ फार्म यूनियन नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के प्रावधानों को लागू करने के मामले पर पुनर्विचार किया गया है और यह निर्णय लिया गया है कि इसे लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रदर्शनकारियों और उनके नेताओं से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील करती है।

दरअसल, अभी तक किसानों और सरकार के बीच चार दौर की वार्ता हो चुकी है। मगर इन वार्ताओं का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। रविवार को सरकार के साथ जब चौथे दौर की वार्ता विफल रही, तो किसानों ने 21 फरवरी को दिल्ली मार्च का ऐलान कर दिया। हालांकि, खनौरी बॉर्डर पर किसान की मौत के बाद मार्च का प्लान टल गया. इसके बाद गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने चंडीगढ़ में अहम बैठक की, जिसमें शुक्रवार को देशभर में आक्रोश दिवस मनाने पर सहमति बनी।

हरियाणा पुलिस की तरफ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया, ’13 फरवरी से किसान संगठनों के जरिए दिल्ली कूच को लेकर शंभू बॉर्डर पर लगे बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है। इस आंदोलन में कई किसान नेता सक्रिय भूमिका में हैं और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण सर्कुलेट किए जा रहे हैं। आंदोलन की आड़ में उपद्रव मचाया जा रहा है।’

खनौरी बॉर्डर पर किसान की मौत को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) हरियाणा सरकार से खासा नाराज है। एसकेएम ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। एसकेएम ने ऐलान किया है कि किसान की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को आक्रोश दिवस मनाया जाएगा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और राज्य के गृह मंत्री अनिल विज के पुतले फूंके जाएंगे।

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