Home Punjab>Fazilka CM मान ने ‘SARKAR-VAPAR’ मीट मे सनी देओल पर जमकर निशाने साधे

CM मान ने ‘SARKAR-VAPAR’ मीट मे सनी देओल पर जमकर निशाने साधे

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कहा: मिस्टर सनी देओल, पॉलिटिक्स फुल टाइम ड्यूटी: बॉर्डर पार नलके उखाड़े, यहां एक नहीं लगाया

जालंधर/वरुण: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को गुरदासपुर और पठानकोट में सरकार- व्यापार मीट मे व्यपारियो से मुलाकात की। मीट को संबोधन करते हुए  गुरदासपुर से भाजपा सांसद बॉलीवुड एक्टर सनी देओल पर जमकर निशाने साधे। 

CM भगवंत मान ने पठानकोट में कहा- ”मिस्टर सनी देओल, यह 9 से 5 बजे वाली जॉब नहीं है। राजनीति 24 घंटे की ड्यूटी है। यह हैंडपप उखाड़ने की राजनीति नहीं है। शूटिंग करने और माथा टेकने दरबार साहिब आ जाता है लेकिन 40 किमी दूर यहां नहीं आता।”

CM ने आरोप लगाया कि केंद्र पंजाब को मिलिट्री किराए पर देता है। एक हफ्ता फ्री और फिर 1 करोड़ रोज के मांगे जाते हैं। पहले भी दीनानगर में आतंकी हमले के वक्त पंजाब सरकार से पैसे मांगे गए।

इसके बाद CM दीनानगर पहुंचे  वह उन्होंने कहा कि ”मैं नाम की राजनीति नहीं करता”।MP सन्नी देओल हाथ ढाई किलो का है  कभी हाथ मिलाया है या चुनाव के बाद हाथ हिलाया हो। बॉर्डर के दूसरी तरफ तो वह नलके उखाड़ देता है लेकिन यहां लगवाया नहीं।” CM भगवंत मान ने कहा कि दीनानगर में हमला हुआ। आप पार्टी उस वक्त मुख्य विपक्षी दल था।

केंद्र ने  साढ़े 7 करोड़ का बिल भेज दिया। जिसमें कहा कि दीनानगर आतंकी हमले में हमने पैरामिलिट्री फोर्स भेजी थी। हमने केंद्र को चिट्‌ठी लिखी कि ऐसा करो कि हमारे एमपी लैड से काट लो। हमें 5 करोड़ साल के मिलते थे।

CM मान ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से पूछा कि वह हमला दिल्ली करने आए थे। हमने तो उन्हें मारा। क्या हमें मिलिट्री किराए पर देते हो। इसके बाद राजनाथ ने कहा कि चुप कर जाओ, आगे बात मत करना, माफ कर देते हैं। आज भी यही रूल है कि अगर लॉ एंड ऑर्डर के लिए केंद्र से कोई फोर्स बुलानी है तो एक हफ्ता फ्री है। उसके बाद एक करोड़ रुपए रोज का होता है।

सीएम ने कहा कि पंजाब के अधिकतर टोल प्लाजा बंद करवा दिए गए हैं। पहले पठानकोट से चंडीगढ़ जाने में जितना तेल, उतना ही टोल लग रहा था। अब अधिकतर बंद हो चुके हैं। पहले 200 करोड़ की जमीन लेकर व्यापारी तीन साल तक अलग-अलग NOC लेने के लिए इधर-उधर भागता रहता था। तीन साल तक धक्के खाने के बाद घाटे में जमीन बेचकर अंत में उसे मध्यप्रदेश जाना पड़ता था। लेकिन अब वे कलर स्टांप पेपर ले आए हैं। आपको सिर्फ वह खरीदना है, बाकी सारे काम खुद होंगे।

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