Home Punjab>Moga पंजाब: जिले में धारा 144 लागू, 5 लोगों के इकट्ठा होने पर लगी रोक

पंजाब: जिले में धारा 144 लागू, 5 लोगों के इकट्ठा होने पर लगी रोक

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मोगाः अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मोगा चारू मीता ने दंड संहिता की धारा 144 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए जिला मोगा में कुछ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 30 अप्रैल 2024 तक लागू रहेंगे। जिले में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने या बैठक करने, नारे लगाने, बिना पूर्व अनुमति के धार्मिक जुलूस निकालने और प्रचार करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि केवल विशेष परिस्थितियों या अवसरों पर प्रबंधन के लिखित अनुरोध पर संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से लिखित मंजूरी लेकर सार्वजनिक बैठकें और धार्मिक जुलूस बिना मंजूरी के निकाले जा सकते हैं। यह आदेश पुलिस/सेना, सैन्यकर्मी, ड्यूटी पर तैनात किसी सरकारी कर्मचारी, शवयात्रा, विवाह आदि पर लागू नहीं होगा।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि मोगा जिले के धर्मकोट उपमंडल में सतलुज नदी और आसपास के गांवों में असामाजिक तत्वों द्वारा नियमों के खिलाफ रेत और मिट्टी की अवैध निकासी की जा रही है। ऐसा करने से जहां नदी के बांधों और पुलों को खतरा है, वहीं जान-माल का नुकसान भी हो सकता है। इसलिए सतलुज नदी के अंदर और बाहर सरकार द्वारा स्वीकृत खड्डों के अलावा सतलुज नदी के सभी गांवों के क्षेत्र में रेत और मिट्टी निकालने के लिए जेसीबी मशीनें, पॉपलाइन मशीनें, ट्रक और ट्रॉलियों को लेकर 500 मीटर के भीतर के दायरे पर लाने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश शासन द्वारा खेतों से मिट्टी हटाने हेतु जारी किये गये निर्देशों पर लागू नहीं होगा।

इसी प्रकार, साइकिल, रिक्शा, ट्रैक्टर-ट्रॉली, रिक्शा और ऐसे अन्य वाहन जिनमें आगे और पीछे की लाइटें नहीं हैं। ऐसे वाहनों को बिना लाल रिफ्लेक्टर, आई ग्लास या किसी अन्य चमकीले टेप फिट करवाए बिना चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे वाहन अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं। इससे जहां जान-माल की क्षति होती है, वहीं आम जनता में अशांति व अशांति फैलने की आशंका रहती है। इसलिए वे अपने पीछे लाल रिफ्लेक्टर या कोई आई ग्लास या चमकीला टेप लगवाए बिना नहीं चलेंगे। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने मुख्य राजमार्ग सड़कों और संपर्क मार्गों पर मवेशी चराने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

उन्होंने कहा कि ये जानवर सड़कों के आसपास चरते हुए यातायात को बाधित करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही इन जानवरों से वन विभाग की संपत्ति और किसानों की फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है और पशुओं द्वारा सड़कों पर गंदगी भी पाई जाती है। अपर जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जिन किरायेदारों को मकान मालिक अपने घरों में नौकर रखते हैं, उनकी सूचना जिले के संबंधित थाने में नहीं दी जाती है। इसलिए बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए जिले के सभी मकान मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने घरों में किरायेदारों और घरेलू नौकरों की जानकारी अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएं और उनका पंजीकरण भी सुनिश्चित करें। ऐसा न करने पर मकान मालिक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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