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पंजाबः धारा 144 लागू, आदेश जारी 

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पटियाला: लोकसभा चुनावों का ऐलान होते ही जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां कर ली गई हैं। जिला मैजिस्ट्रेट कम डिप्टी कमिश्नर कम जिला चुनाव अधिकारी शौकत अहमद परे के आदेशों पर जहां समूह जिला के असला धारकों को अपना जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं, वहां अमन व कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। डी.सी. शौकत अहमद परे व ए.डी.सी. कंचन ने निर्देश जारी करते हुए समूह राजसी पार्टियां व संभावी उम्मीदवारों सहित चुनाव प्रचार में लगे हर व्यक्तियों को इनका पालन करने की हिदायत की है। उन्होंने कहा कि जिले में अमन कानून की स्थिति बनाए रखने सहित चुनाव शांतिमय व बिना डर भय से करवाने के यह आदेश 15 मई तक लागू रहेंगे।

जिला मैजिस्ट्रेट शौकत अहमद परे ने पटियाला जिला के असला धारकों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपना लाइसैंसी असला लोकल थाना में या लाइसैंसी असला डीलरों के पास 22 मार्च 2024 शाम 5 बजे तक हर हाल जमा करवाएं। लोकसभा चुनाव अमन शांतिपूर्वक ढंग के साथ सम्पन्न करवाने के लिए फौजदारी जाब्ता संघता 1973 (1974 का एक्ट नंबर 2) की धारा 144 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए 15 मई 2024 तक लागू रहने वाले एक तरफा आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए यह आदेश आर्मी प्रसोनल, पैरा मिल्ट्री फोर्सिज, बावरदी पुलिस कर्मचारियों तथा बैंकों में गार्ड की नौकरी करते कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।

डी.सी. शौकत अहमद परे ने आदेश जारी आदेशों के अनुसार कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो आपसी भाईचारे दरम्यान किसी तरह के मतभेद बढ़ाए या आपसी नफरत पैदा करे या फिर अलग-अलग जातियां, फिरकों, भाईचारों, धार्मिक या भाषा बारे दुवला तनाव पैदा करें। पार्टियां और संभावी उम्मीदवार दूसरी पार्टी या उम्मीदवारों के निजी जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना से परहेज करें, जो कि उनकी सार्वजनिक गतिविधियों आदि के साथ न जुड़ा हुआ हो।

डी.सी. शौकत अहमद परे द्वारा जारी आदेशों के तहत वोटें हासिल करने के लिए जाति या फिरकू भावनाओं की कोई अपील नहीं की जाएगी। इसी तरह धार्मिक स्थानों जिनमें गुरुद्वारे, मंदिर, मस्जिद, चर्च या कोई अन्य पूजा स्थान आदि को भी चुनाव प्रचार आदि के काम के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाएगा। सभी पार्टियां और उम्मीदवारों को उन्होंने सभी ऐसीं गतिविधियों से बचना चाहिए जो भ्रष्ट गतीविधियां और चुनाव कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आतीं हैं, जैसे कि वोटरों को पैसे या कोई कीमती वस्तु का लालच देकर भरमाना, रिश्वत देना, वोटरों को डराना और धमकाना।

इसके बिना वोटों से 48 घंटे पहले पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर घेरे के अंदर चुनाव प्रचार करना, इस समय दौरान सार्वजनिक मीटिंगें करने की मनाही है जबकि चुनाव से 48 घंटे पहले तो वोटें पड़ने की प्रक्रिया बंद होने की मियाद तक वोटरों को पोलिंग स्टेशन तक छोड़ना और पोलिंग स्टेशन से लेकर जाने की भी मनाही होगी। किसी भी हालत में किसी भी व्यक्तियों के विचारों या गतिविधियों का विरोध करने के लिए उनके घरों आगे प्रदर्शन या धरने लगाना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

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