Home Chandigarh Australia में Study Visa को लेकर आई बड़ी खबर, भारतीय छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किलें

Australia में Study Visa को लेकर आई बड़ी खबर, भारतीय छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किलें

0
Australia में Study Visa को लेकर आई बड़ी खबर, भारतीय छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किलें

चंडीगढ़ः ऑस्ट्रेलियाई सरकार विदेशी नागरिकों के लिए “वीजा हॉपिंग” करना और भी मुश्किल बना रही है। ऑस्ट्रेलिया में छात्रों के लिए नए वीजा नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे छात्रों खासकर भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक जुलाई से एजुकेशन वीजा पॉलिसी में जबरदस्त सख्ती की जा रही है। इसके अलावा टी-वीजा पर रहने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय मूल खासकर पंजाबी युवाओं पर पड़ने जा रहा है। लोग सैर सपाटे के लिए ऑस्ट्रेलिया आते हैं और बाद में अपना टूरिस्ट वीजा स्टडी वीजा में तबदील करवा लेते हैं। वहां पर छोटे मोटे कॉलेजों में दाखिला लेकर वहां पर वर्क वीजा हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं। वहां पर उनको अस्थायी वीजा प्रदान कर दिया जाता है जिसको टी-वीजा कहते हैं। 

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 2022-23 में 30 हजार से बढ़कर 150,000 से अधिक हो गई है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में कॉलेज व यूनिवर्सिटी में स्टडी वीजा हासिल करना आसान नहीं है। छात्रों को आईलेट्स में अच्छे स्कोर के साथ साथ वीजा अधिकारी परिवार की आय व अन्य नियमों पर खासा ध्यान देते हैं। जिसका नतीजा यह है कि छात्र स्टडी वीजा हासिल नहीं कर पाते। इसके लिए पहले वह टूरिस्ट वीजा हासिल करते थे और वहां पर जाकर इसको स्टडी वीजा में बदलवा लेते थे। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करने के लिए आने वाले लोगों के लिए नियमों को कड़ा करने और माइग्रेशन के स्तर को कम करने के लिए कई बदलाव किए गए थे लेकिन 1 जुलाई से सरकार दो रास्ते बंद कर देगी जिसके तहत विजिटर वीजा और अस्थायी स्नातक वीजा धारक अब ऑनशोर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। 

एक जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनहोंने टूरिस्ट वीजा लेकर ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कदम रखा और बाद में वहां पर किसी छोटे मोटे कॉलेज में दाखिला लेकर स्टडी वीजा हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया में करीब डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं जिनको स्थायी पीआर नहीं मिली है। स्टडी वीजा एक्सपर्ट सुकांत त्रिवेदी का कहना है कि वीजा प्रणाली सख्त की जा रही है। पंजाबी मूल के लोग भारी संख्या में विजिटर वीजा का फायदा उठाकर वहां पर पहुंचकर वीजा बदलवा लेते थे जिससे वहां का सिस्टम गड़बड़ा रहा था और ऐसे युवा वहां पर पहुंच रहे थे जिनके पास स्किल व एजुकेशन नहीं है। अब जो भी छात्र जाएंगे वह स्टडी वीजा इंडिया से लेकर जाएंगे। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here