हिमाचल प्रदेश में उपचुनावों में मिली हार के बाद प्रदेश की बीजेपी इकाई में भी मंथन का दौर आरंभ हो चुका है । ऊना में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक गुरुवार शाम हो आरंभ हुई । इस बैठक में पहले दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर , पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल , राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन , इंदु गोस्वामी सहित कई विधायक और पार्टी के 76 दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया । इस दौरान पार्टी नेताओं द्वारा प्रदेश के उपचुनावों में मिली हार सहित पार्टी को सही दिशा में आगे बढ़ाकर विजयपथ पर लाने के लिए गहन मंथन किया । जबकि पीछे हुई गलतियों पर भी आत्ममंथन किया गया । इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सरकार पर जोरदार शाब्दिक प्रहार किया गया।
उन्होंने प्रदेश की सुक्खू सरकार को तालाबंदी की सरकार बताया । अपने दावे के पक्ष में उन्होंने सुक्खू सरकार द्वारा प्रदेश में लगभग 800 संस्थानों को बंद किए जाने , कई विद्यालयों को बंद किए जाने , बीजेपी की पूर्व धूमल सरकार द्वारा शुरू की गई स्कूली बच्चों को निःशुल्क वर्दी बंद किए जाने , पूर्व जयराम सरकार द्वारा 125 यूनिट फ्री बिजली बंद किए जाने के साथ साथ अब गरीब बेटियों को दी जाने वाली शगुन योजना का पैसा रोके जाने जैसे महत्वपूर्ण तर्क दिए । बिंदल ने इसके अतिरिक्त प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से डीजल के रेट्स में साढ़े सात रुपए की वृद्धि से ढाई हजार करोड़ रूपए का टैक्स अर्जित किए जाने और जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले जाने का आरोप भी लगाया ।