पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन के महीने में जगत जननी माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए सोमवार के व्रत रखे थे और उन्होंने इसी महीने में घोर तपस्या भी की थी। इस तपस्या के कारण ही भगवान शिव ने माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप से स्वीकार किया था। यही कारण है कि भगवान शिव को यह महीना बेहद प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि सावन में ही भगवान शिव धरती पर आए थे और अपने सुसराल गए थे।
सावन के महीने में यदि आप चांदी के लौटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं तो कीर्ति बढ़ती है। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो पूरे महीने में किसी एक दिन भगवान शिव को चांदी अर्पित कर दें। नेम और फेम पाने के लिए ये सबसे उत्तम उपाय है।.यदि आप पीतल के लौटे में जल चढ़ाते हैं तो आपको जीवन में हर तरह का सुख प्राप्त होता है। अगर आप सोने का कुछ दान करते हैं तो इससे अच्छा कोई और उपाय हो ही नहीं सकता है। मानसिक शांति को बनाए रखने के लिए शिवलिंग पर कपूर चढ़ाएं। सावन के महीने में निरंतर गाय को गुड़ खिलाने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाएंगी।