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  • मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं को दर्द देकर गया 2022 का चुनाव!

    मतदाताओं ने दून-नालागढ़ विधानसभा में हुई बद-इंतजामियों पर नालागढ़ प्रशासन को जमकर घेरा

    बद्दी (सचिन बैंसल)। दून विधानसभा क्षेत्र में चुनाव तो शांतिपूर्वक संपन्न हो गया लेकिन इस दौरान मतदाताओं को जो दर्द मिले वो उसको लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। दून विधानसभा के मैदानी इलाके में जिला प्रशासन व चुनाव आयोग ने चुनाव से पूर्व वो अभ्यास नहीं किया जो उसको करना चाहिए था जो कि पूर्व के चुनावों का अनुभव था। 2017 के विस चुनावों के साथ साथ 2019 के लोकसभा चुनावों में आई दिक्कतों पर अवलोकन करने का एक भी बार उपमंडल  के अधिकारियों ने जरुरी नहीं समझा। अधिकारी दिल्ली व शिमला से आए हुए आयोग के स्लोगनों को शेयर करते हुए उसका प्रचार प्रसार करते रहे लेकिन हकीकत में लोकतंत्र के इस पर्व को अम्लीजामा कैसे पहनाया जाए उस पर वर्क ही नहीं किया। कारण यह हुआ कि लोग सुबह 8 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक वोटिंग मे उलझे रहे। दून विस के मलपुर बूथ में लोगों ने नाश्ता-दोपहर का भोजन व रात का भोजन इधर उधर से मंगवाकर वहीं किया। नालागढ़ के डोली बारियां बूथ में यही हुआ। बिना वजह व बिना कारण से इतने बडे बडे बूथ बना दिए गए जिसका कोई औचित्य नहीं था। 1400 के लगभग संख्या के बूथों में एक मशीन ने भुगतान होना मुश्किल है यह सब जानते हैं तो अधिकारी दफतरों में बैठकर क्या आकलन करते रहे। कहीं बैठने को जगह नहीं था कहीं गंदगी बहुत थी तो कहीं पीने का पानी तक नहीं था तो कहीं बाथरुम साफ नहीं थे। महिलाओं व बुजुर्गों के साथ साथ विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए मानो यह लोकतंत्र का त्यौहार कोई दर्द लेकर आया हो लेकिन फिर भी देवतुल्य जनता मौके पर रात दस बजे तक डटी रही। इस संदर्भ में बहुत सी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासन को बद इंतजामियों पर जमकर घेरा–

    इस बार  वोटर को इतनी परेशानी हुई है इतनी कभी भी नहीं हुई है। यदि आगे को पोलिंग बूथ कि संख्या नहीं बढ़ाई तो आगे से कोई भी वोट डालने नहीं जाएगा। सबसे ज्यादा दु:ख तो तब हुआ कि बहुत सारे वोटर वोट देने के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला से आऐ और बेचारे 3 घण्टे तक लाइनों मे खडे रहे। जो लोग यहॉ 20 सालों से रह रहे थे उनके अपने मकान भी है पुरानी वाली लिस्ट में से हटा दिए गए ।  बिना मकान नंबर और बिना पक्के पक्के पू्रफ वाले लोगों के नाम लिस्ट मे डाले गए। पूरे मनमाने तरीके से काम किया गया है। जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है जबकि फेज़ 3 के लोगो ने नालागढ़ प्रशासन से मिलकर बहुत पहले फेज़ 3 और बंसती बाग वाले वोटर  के लिए अलग बूथ बनाने का प्रस्ताव दिया था उसको कैंसिल कर दिया। जिसके कारण लोगो को भारी परेशानी का सामना कल करना पड़ा। नालागढ़ प्रशासन के समस्त कृत्य वोटरों को तंग करने वाले थे।

    –कुलवीर सिंह आर्य, अध्यक्ष आर्य समाज बददी–

    लगभग सभी बूथों पर ऐसा हाल ही था। हमारे बूथ पर 1200 से अधिक वोट थे और बहुत धीमी गति से वोटिंग हो रही थी। मैने तो देखा कि कुछ लोग जो कि शारीरिक रुप से अक्षम थे उनको वोट डालने के लिए बहुत मशक्कत करनी पडी। मरीजों व बुजुर्गों को बहुत परेशानी हुई। चुनाव आयोग हर बूथ जिसमें 600 से ज्यादा वोट है में दो मशीनें स्थापित करे।

    –भगत राम-सेवानिवृत अध्यापक झाडमाजरी–

    मंधाला गांव की करीब 1160 वोटो के लिए सिर्फ एक बूथ है और लोग भेड बकरियों की तरह दो दो घंटे से खडे अपनी बारी का ईंतजार कर रहे हैं । सीनियर सिटीजन के लिए कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही जो चुनाव आयोग की हिदायतों का खुल्लमखुला उलंघन है । पोलिंग स्टाफ बेहद धीमी गति से काम कर रहा था । कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं था । लोग बिना वोट डाले वापिस मुड रहे थे । मतदान कम होने की पूरी संभावना है । जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है वर्ना चुनाव में ऐसा तकनीकी कुप्रबंधन कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाता । मैने भी अनगिनत चुनावों में बतौर सैक्टर मजिस्ट्रेट अतयंत संवेदनशील इलाकों में भूमिका निभाई है लेकिन हैरान हूं ऐसी कुव्यवस्था और घोर लापरवाही के लिए तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चार्जशीट हो चुके होते।

    -हरबंस लाल मैहता-सेवानिवृत अधिकारी-मंधाला-

    बददी पोलिंग बूथ पर भी वे यही हाल था….! घंटों  बीमार और  बूढ़े वा मेहलाएं कतारों में खड़े रहे। मात्र एक मशीन वार्ड 1 व 2 के लिए लगाई गई थी। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों का व्यवहार भी एग्रेसिव वा असभ्य था। कम से कम महिलाओं और ब सीनियर सिटीजन के लिए अलग से पंक्ति होनी चाहिए थी। हर बूथ में कम से कम 2 ईवीएम होनी चाहिए। मैने भी लगभग 15 साल अपनी फोर्स को डिप्लॉय कर ऑल ओवर इंडिया विभिन राज्यों मैं चुनाव में सिक्यूरिट व्यवस्था को निभाया है। ऑफ केंद्रीय बल का अधिकारी होने के नाते कर्तव्य का निर्वाह किया है। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर तथा केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मीटिंग्स में शामिल हो कर सुचारु व जन सुविधाओं व जन सम्मान को ध्यान में रखते हुए चुनाव को अंजाम तक पहुंचाया है।  मगर ऐसी अव्यवस्था मैने कहीं भी नहीं देखी। ये सब डिवीजन लेवल पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों की घोर असफलता है। केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों और राज्य पुलिस कर्मीयों को भी आम जनता की भावनाओं और उनके सम्मान का पूरा ध्यान रखने भी विनम्रता के साथ पेश आने का हिदायत देना जरूरी है। यह कर्मी सेवक हैं मालिक नहीं, इस बात पुलिस बल के सदस्यों को ध्यान में रखना चाहिए। हिमाचल के लोग तो वैसे भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ही सभ्य और सुसंस्कृत वा शांति प्रिय होते हैं।

    –अमर चंद ठाकुर-सेवानिवृत पुलिस अफसर  भारत सरकार–

  • मंदिर का गेट तोड़ मूर्ति के सामने जा खड़ी हुई कार, देखें वीडियो

    मंदिर का गेट तोड़ मूर्ति के सामने जा खड़ी हुई कार, देखें वीडियो

    प्रतापगढ़ः राजस्थान के प्रतापगढ़ में शनिवार को एक अनियंत्रित कार प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में चैनल को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। कार सीधा भगवान की मूर्ति के सामने जाकर रुक गई। हालांकि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ और कार में सवार दोनों व्यक्ति भी सुरक्षित रहे।

    ये पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मंदिर मौजूद श्रद्धालु इसे चमत्कार बता रहे हैं। खाटू श्याम मंदिर मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश भावसार ने बताया कि कृषि उपज मंडी के पीछे स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में सुबह श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे थे।

    वहां पर एक श्रद्धालु अपनी कार लेकर आया हुआ था। दर्शनों के बाद जब वह और उसका साथी वापस लौट रहे थे तो कार स्टार्ट करने के दौरान गलती से उसने अपना नियंत्रण खो दिया और कार मंदिर का चैनल गेट तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। गनीमत रही भगवान की मूर्ति के सामने कार जाकर रुक गई।

    इस घटना के दौरान मंदिर में कुछ श्रद्धालु भी मौजूद थे हालांकि सभी बाल-बाल बच गए। कार सवार व्यक्तियों को भी कोई चोट नहीं आई। भावसार ने बताया कि जिस रफ्तार से कार मंदिर में घुसी और भगवान के सामने आकर रुक गई यह किसी चमत्कार से कम नहीं है हालांकि कार में मामूली नुकसान हुआ है, बाद में श्रद्धालुओं ने मिलकर कार को वापस बाहर निकलवाया।

  • बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः बटाला डिपो के कंडक्टर की कथित नाजायज रिपोर्ट करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। वहीं बस स्टैंड सेक्टर 43 में पंजाब रोडवेज और पनबस के कर्मचारियों ने हड़ताल की हुई है। इसी के चलते आज रविवार को स्टूडेंट्स चंडीगढ़ में पेपर देने के लिए आए थे, लेकिन अब घर जाने के लिए बस स्टैंड सेक्टर 43 में स्टूडेंट्स के साथ कई यात्री बस स्टैंड पर मौजूद है लेकिन पनबस और पंजाब रोडवेज की हड़ताल के चलते कोई बस ना होने केे चलते यात्रियों को काफी मशक्त करनी पड़ रही है।

    वीडियो में आप देख सकते है कि बस स्टैंड पूरा भरा पड़ा है लेकिन कोई कोई सरकारी बस वहां पर स्ट्राइक चलते मौजूद नहीं है। बता दें कि पंजाब रोडवेज और पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन द्वारा अपने साथी कंडक्टर की नजायज रिपोर्ट के चलते बसों का चक्का जाम किया हुआ है।

  • पंजाबः सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में इंसाफ के लिए पिता ने शुरू की नई मुहिम

    पंजाबः सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में इंसाफ के लिए पिता ने शुरू की नई मुहिम

    मानसा: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला मर्डर में इंसाफ के लिए मूसेवाला के परिवार ने एक नई मुहिम शुरू की है। मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने इंसाफ के लिए सिग्नेचर कैंपेन मुहिम शुरू की है। गांव मूसा में घर के अंदर एक रजिस्ट रखा गया है। सिद्धू मूसेवाला के फैंस इस मुहिम में हिस्सा ले रहे हैं।

    रजिस्टर पर मूसेवाला के फैंस अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं और अपने विचार लिख रहे हैं। गौरतलब है कि सिद्ध मूसेवाला के पिता ने अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए यह हस्ताक्षर मुहिम शुरू की हैं। पिता बलकौर सिंह ने कहा कि वह यह रजिस्टर जिस पर मूसेवाला के फैंस ने हस्ताक्षर किए हैं उसे कोर्ट में पेश करेंगे और कहेंगे कि सिद्धू मूसेवाला केवल उनका ही नहीं हैं जिन्होंने इस रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए हैं उनका भी है। 

  • पंजाबः छप्पड़ के नजदीक से 22 वर्षीय नर्स का शव बरामद, मचा हड़कंप

    पंजाबः छप्पड़ के नजदीक से 22 वर्षीय नर्स का शव बरामद, मचा हड़कंप

    मोहाली: जिले के गांव सोहाना से बड़ी ख़बर सामने आई है। गांव सोहाना में छप्पड़ के नजदीक एक महिला का शव बरामद होने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक छप्पड़ के नजदीक से बरामद हुआ शव एक निजी अस्पताल में काम करने वाली नर्स का है। वहीं महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है।

    मृतक की पहचान अबोहर निवासी 22 वर्षीय नसीब के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • पूर्व फौजी ने पहले महिला को फिर खुद को मारी गोली

    पूर्व फौजी ने पहले महिला को फिर खुद को मारी गोली

    रोहतकः हरियाणा के रोहतक स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में रविवार सुबह पूर्व फौजी ने एक महिला को गोली मार दी। जिसके कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसके बाद पूर्व फौजी ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगने के बाद महिला ने खुद पुलिस को फोन किया। सूचना पाकर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।

    घटनास्थल से रिवाल्वर भी बरामद हुआ है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पूर्व फौजी ने ऐसा क्यों किया। दोनों के परिवार वालों से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि मामले की तय तक पहुंचा जा सके। पूर्व फौजी पिछले करीब 10 साल से फ्रेंड्स कॉलोनी में रहता था।

    दोनों झज्जर के रहने वाले

    मृतक की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी पूर्व फौजी करीब 55 वर्षीय कुलदीप व घायल महिला की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय नरेश के रूप में हुई है। दोनों ही मूल रूप से झज्जर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

    गोली लगने के बाद महिला ने किया फोन

    पुलिस के अनुसार घटना रविवार सुबह की है। फोन ने गोली लगने के बाद खुद लड़खड़ाते हुए पुलिस को फोन कर कहा कि उसके घर में फायरिंग हो गई है। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची तो वहां खून से लथपथ पूर्व फौजी कुलदीप व महिला नरेश मिले। कुलदीप की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में भिजवा दिया। वहीं, घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    आईएमटी थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। कुलदीप की मौत हो चुकी है और महिला नरेश का उपचार चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि घटना के कारणों का पता लग पाए।

  • चुनाव का टिकट न मिलने पर टावर पर चढ़ा आप नेता, रखी ये शर्तें, देखें वीडियो

    चुनाव का टिकट न मिलने पर टावर पर चढ़ा आप नेता, रखी ये शर्तें, देखें वीडियो

    नई दिल्ली: नगर निगम का टिकट न मिलने से नाराज निवर्तमान मनोनीत निगम पार्षद हसीब उल हसन शास्त्री पार्क इलाके में टावर पर चढ़ गए हैं। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी ने उनसे सभी जरूरी ओरिजनल दस्तावेज जमा करवाया, लेकिन दिल्ली नगर निगम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का सभी को हक है। वह चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता उनका ओरिजिनल दस्तावेज नहीं दे रहे हैं। हसीबुल हसन ने कहा कि वह सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे थे।

    चुनाव की तैयारियों में लगे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसी का विरोध जताते हुए वह टावर पर चढ़े हैं। जब तक उनके दस्तावेज नहीं मिलेंगे, वह टावर से नहीं उतरेंगे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन वहां पहुंच गया और हसीब उल हसन को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच हसीबुल हसन के समर्थक भी वहां पर पहुंच रहे हैं और आम आदमी पार्टी और उनके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज हसीब उल हसन के समर्थन में स्थानीय बीजेपी नेता भी पहुंच रहे हैं।

    मौके पर पहुंचे पूर्व स्थानीय निगम पार्षद व बीजेपी नेता रमेश गुप्ता ने कहा कि हबीब उल हसन गांधी नगर मार्केट के कारोबारी भी हैं, उनके साथ गांधी नगर मार्केट का हर एक कारोबारी जुड़ा है। आम आदमी पार्टी उनके साथ गलत कर रही है। उनके दस्तावेजों को वापस करना चाहिए। अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आम आदमी पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती है।

    बता दें कि इसके पहले भी हसीब उल हसन शास्त्री पार्क में गंदे नाले की सफाई को लेकर नाले में कूद गए थे और उसकी सफाई करने लगे थे। उस समय भी इन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। नाले में कुदने के बाद इनके समर्थकों ने इन्हें दूध से नहला कर साफ किया था। दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद से आम आदमी पार्टी के कई नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • पंजाबः महिला से पुरुष बनी कांस्टेबल, अब किया लिंग व नाम बदलने का आवेदन

    पंजाबः महिला से पुरुष बनी कांस्टेबल, अब किया लिंग व नाम बदलने का आवेदन

    बठिंडा: पुलिस की एक महिला कांस्टेबल लिंग परिवर्तन करवाकर पुरुष बन गई है। पंजाब में यह ऐसा पहला मामला है। डिप्टी कमिश्नर दफ्तर ने लिंग परिवर्तन (जेंडर रीअसाइनमेंट) आपरेशन करने वाले अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर उक्त कांस्टेबल के नाम से लिंग परिवर्तन प्रमाण पत्र जारी किया है। कांस्टेबल ने अब डीसी कार्यालय के प्रमाण पत्र के आधार पर नाम और लिंग परिवर्तन की मंजूरी के लिए पंजाब पुलिस के उच्चाधिकारियों के पास आवेदन दिया है। यह आवेदन उसने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियम, 2020 के नियम 6 और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण), अधिनियम 2019 की धारा 7 के तहत दिया है। इस तरह के पहले आवेदन को लेकर बठिंडा के पुलिस अधिकारी अब संशय में हैं।

    दिसंबर, 2020 में नई दिल्ली के एक अस्पताल से महिला कांस्टेबल ने लिंग परिवर्तन कराने के लिए आपरेशन करवाया था। पता चला है कि कांस्टेबल ने लिंग परिवर्तन कराने से पहले पुलिस विभाग से अनुमति नहीं ली थी। उक्त महिला बठिंडा पुलिस में 2011 से तैनात है। आपरेशन के बाद वह पूरी तरह ठीक है। यह कांस्टेबल पहली बार 2012 में तब सुर्खियों में आई, जब उसने अपने परिवार के कड़े विरोध के बावजूद बठिंडा जिले के अपने गांव के बचपन की सहेली के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया। उसने अपनी सहेली के साथ रहने के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील भी दायर की थी। उन्होंने उस समय कहा था कि दोनों को उनके परिवारों से खतरा है। हालांकि, दोनों के रिश्ते में 2019 में खटास आ गई, जब उन्होंने पुलिस में एक-दूसरे के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत की। इसके बाद उक्त कांस्टेबल अपनी सहेली से अलग हो गई थी।

    उधर, इस मामले पर आइजी बठिंडा रेंज एमएस छीना ने कहा कि यह पहली बार है कि जब किसी महिला कांस्टेबल ने लिंग परिवर्तन के लिए पुलिस में आवेदन किया है। हम इस मामले में कानूनी राय लेकर मामले को मुख्यालय भेजेंगे और फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब उक्त महिला कांस्टेबल से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने इसे अपना निजी मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

  • रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश: डेटोनेटर से पुल पर हुआ ब्लास्ट 

    रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश: डेटोनेटर से पुल पर हुआ ब्लास्ट 

    PM मोदी ने 13 दिन पहले किया था उद्घाटन

    उदयपुरः राजस्थान-गुजरात को रेलवे लाइन से जोड़ने वाले ब्रॉडगेज ट्रैक को शनिवार रात को असामाजिक तत्वों ने विस्फोटक सामग्री से उड़ा दिया। ब्लास्ट की आवाज इतनी तेज थी कि 3 किलोमीटर की रेडियस में इसकी आवाज सुनाई दे गई। बड़ी बात यह है कि इस ट्रैक की मांग मेवाड़-वागड़ के लोग पिछले 14 साल से कर रहे थे, जिसे असामाजिक तत्वों ने 14 दिन भी नहीं रहने दिया।

    13 दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के असवार रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी देकर रवाना किया था और इसके बाद नियमित ट्रेन चल रही थी। घटना के बाद मौके पर रेलवे सहित प्रसाशन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। वहीं दोपहर में जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा भी पहुंचे। ताराचंद मीणा ने कहा- डेटोनेटर से पुल को उड़ाने की साजिश की गई है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा को डिटेल जांच के निर्देश दिए हैं।

    स्थानीय लोगों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह घटना शनिवार रात की है। यह घटना उदयपुर शहर से 50 किलो मीटर दूर जावर माइंस कस्बे के पास हुई। विस्फोट खारवा चंदा स्टेशन और जावर माइंस स्टेशन के बीच करीब 8 किलोमीटर की दूरी ओर हुआ। ग्रामीण को रात में आवाज आई थी, लेकिन कुछ का कहना है कि ऐसा लगा कि माइंस में विस्फोट हुआ होगा। फिर भी ग्रामीण युवकों का एक दल सुबह ट्रैक के पास पहुंचा और देखा तो पटरी टूटी हुई थी और बोल्ट भी निकले हुए थे। इससे अंदाज लगाया गया कि विस्फोट यहीं पर हुआ और माइनिंग में काम आने वाले विस्फोटक से ब्लास्ट किया गया। 

    ग्रामीणों ने लाल कपड़ा बंधा तो ट्रेन को रोका

    सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हालात देखे। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की जगह से कुछ दूर ट्रेक पर ही लाल कोड बांधा ताकि कोई हादसा ना हो। इसके बाद रेलवे को सूचना दी। इसके बाद सुबह 6.30 अहमदाबाद के असावरा से आने वाली ट्रेन को डुंगरपुर में ही रोक दिया गया।

    जाने अधिकारियों ने क्या कहा 

    उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने बताया कि सुबह 8 बजे सूचना मिली थी कि जावर से खारवा चंदा के बीच में ट्रैक को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई है। मौके पर सिविल पुलिस और रेलवे के अधिकारी पहुंचे। घटना स्थल से एफएसएल सैंपल भी लिए गए हैं। असरवा से उदयपुर आ रही ट्रेन को डूंगरपुर में ही शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया है।

    डूंगरपुर से उदयपुर और उदयपुर से डूंगरपुर जाने वाले ट्रेन मध्य आंशिक रद्द रहेगी। इधर जावरमांइस थानाधिकारी अनिल कुमार विश्नोई ने बताया कि मौके जांच की जा रही है। प्राथमिक रूप सेलग रहा है कि ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने के लिए माइनिंग में उपयोग होने वाले विस्फोटक का उपयोग किया गया है। घटना शनिवार रात की है। सुबह ग्रामीणों की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने रेलवे को सूचना दी। मौके से सैंपल लिए गए हैं, घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

  • पंजाबः गन कल्चर को लेकर एक्शन में सीएम भगवंत मान, किया ये बड़ा ऐलान

    पंजाबः गन कल्चर को लेकर एक्शन में सीएम भगवंत मान, किया ये बड़ा ऐलान

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार हथियार लाइसेंस को लेकर जल्द बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि पंजाब में करीब तीन लाख लाइसेंस है जिन पर मान सरकार ने सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है। सीएम भगवंत मान की सरकार की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में गन कल्चर के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। सीएम भगवंत मान ने अभी तक जारी सभी हथियारों के लाइसेंस की अगले 3 महीनों के भीतर पूरी समीक्षा करने के लिए कहा है।

    इसके साथ ही नए असला लाइसेंसों के बनने पर भी रोक लगा दी है। जब तक डीसी व्यक्तिगत तौर पर संतुष्ट न हों और तब तक नया असला लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर हथियारों की नुमाइश करने पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। पुलिस को राज्य में रैंडम चेकिंग के भी आदेश जारी कर दिए हैं। सीएम भगवंत मान ने हेट स्पीच पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। अगर कोई किसी जाती, समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करता है या इससे किसी दूसरे की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में आती है तो इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मान सरकार ने गीतों में गन कल्चर प्रमोट करने पर भी पाबंदी लगा दी है। हथियारों या हिंसा का गुनगान करने वाले गीत बैन किए जाएंगे। इतना ही नहीं, सामूहिक इकट्‌ठ, धार्मिक कार्यक्रमों, शादी या अन्य समारोह में भी हथियार लेकर जाने पर भी रोक लगाई गई है। इससे सार्वजनिक तौर पर लोगों की जान-माल को खतरा होता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

    • अब तक जारी सभी हथियारों के लाइसेंस की अगले 3 महीनों के भीतर पूरी समीक्षा की जाएगी। कोई नया हथियार लाइसेंस तब तक नहीं दिया जाएगा, जब तक कि डीसी व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट न हो कि ऐसा करने के लिए असाधारण आधार मौजूद हैं।
    • हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन (सोशल मीडिया पर प्रदर्शन सहित) सख्त वर्जित होगा।
    • आने वाले दिनों में अलग-अलग इलाकों में रैंडम चेकिंग की जाएगी।
    • हथियारों या हिंसा का महिमामंडन करने वाले गाने सख्त वर्जित होंगे।
    • एफआईआर दर्ज की जाएगी और किसी भी समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    • हथियारों का जल्दबाजी या लापरवाह उपयोग या जश्न की फायरिंग में जिससे मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए, एक दंडनीय अपराध होगा क्योंकि उल्लंघन करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।