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  • 15 दिन से परेशान वार्ड 12 (सेक्शन 15ए) के निवासी, न तो प्रशासन और न ही मेयर उनकी परवाह कर रहे हैः संदीप दहिया

    15 दिन से परेशान वार्ड 12 (सेक्शन 15ए) के निवासी, न तो प्रशासन और न ही मेयर उनकी परवाह कर रहे हैः संदीप दहिया

    चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी के नेता संदीप दहिया ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर 15-ए स्थित मकान संख्या 229-238 और 301-310 के निवासियों से शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने 6 दिन पहले वहां जाकर प्रशासक,  डीसी चंडीगढ़,  नगर आयुक्त और नगर निगम को ट्विटर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। निवासियों की आवश्यकता के अनुसार उन्होंने वहां चल रहे सीवरेज लाइन के काम के कारण हो रही गंभीर असुविधा का जायजा लिया। संदीप दहिया ने बताया कि यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि 6 दिन पहले शिकायत दर्ज कराने के बाद भी न तो प्रशासन और न ही चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर ने सेक्टर 15-ए के निवासियों की स्थिति पर ध्यान दिया है। इसी वजह से कल रात हुई बारिश के बाद नगर निगम के सीवरेज विभाग द्वारा उनके घरों के सामने बनाए गए गड्ढों में उनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। संदीप दहिया ने बताया कि पिछले 10 दिनों से सड़क खुदी हुई है और निवासियों के लिए अपने घरों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। 20 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। बुजुर्ग निवासी, स्कूली बच्चे और कामकाजी लोग अपने घरों में आने-जाने के लिए उचित मार्ग न होने के कारण दैनिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संदीप दहिया ने आगे बताया कि ठेकेदार ने सड़क पर रेत, ईंटें, पाइप और अन्य निर्माण सामग्री डाल दी है, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया है। निवासियों के पास अपने वाहन पार्क करने के लिए कोई उचित स्थान नहीं है और उन्हें क्षेत्र में वाहनों के आवागमन में कठिनाई हो रही है। संदीप दहिया ने बताया कि निरंतर खुदाई और निर्माण कार्य से अत्यधिक धूल उड़ रही है, जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है और निवासियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। धूल हमारे घरों में घुस रही है और बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। संदीप दहिया ने बताया कि साइट पर कार्यरत कर्मचारियों से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, निवासियों के आवागमन, वाहनों की आवाजाही, पार्किंग या धूल नियंत्रण के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। संदीप दहिया ने कहा कि इसलिए चंडीगढ़ के प्रशासक और चंडीगढ़ नगर निगम के नगर आयुक्त से निम्नलिखित बिंदुओं पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया जाता है:
    1. प्रभावित घरों तक तत्काल पहुंच प्रदान करें।
     
    1. वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
     
    1. सड़क पर पड़े अनावश्यक निर्माण सामग्री को हटाएँ।
     
    1. नियमित रूप से पानी छिड़ककर धूल प्रदूषण को नियंत्रित करें।
     
    1. सीवरेज का काम जल्द से जल्द पूरा करें और सड़क की मरम्मत करें।
     
    1. सभी प्रभावित निवासियों को मुआवजा दें।
         
  • Punjab News: नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार, कई मोबाइल फोन बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News: नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार, कई मोबाइल फोन बरामद, देखें वीडियो

    लुधियानाः पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को धोखा देता था और उनकी कीमती वस्तुएं चुरा लेता था। जानकारी के अनुसार 10 जून को थाना जमालपुर के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी मुंडियां में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उससे बातचीत की और मौका पाकर उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। आसपास के इलाकों में पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी के पास से कई सामान बरामद
    पुलिस चौकी मुंडियां के इंचार्ज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लुधियाना के चाबेवाला इलाके का रहने वाला है। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये मोबाइल फोन भी अलग-अलग लोगों से ठगी या चोरी करके हासिल किए गए हैं।

    अन्य मामलों में भी हो सकती है संलिप्तता
    पुलिस का मानना है कि आरोपी पहले भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुका हो सकता है। बरामद मोबाइल फोनों और अन्य सामान के आधार पर पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और संभावित अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस कर रही गहन पूछताछ
    फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ कोई और साथी भी शामिल था या नहीं। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।

     

  • हरजोत सिंह बैंस की नगर निगम अधिकारियों को हिदायत  

    हरजोत सिंह बैंस की नगर निगम अधिकारियों को हिदायत  

    लुधियाना शहर को 30 जून तक सड़कों के गड्ढों और मैनहोल से मुक्त बनाया जाए

    चंडीगढ़/लुधियाना : पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने लुधियाना शहर को “मैनहोल और गड्ढा मुक्त” बनाने के लिए 30 जून की समय सीमा निर्धारित करते हुए सभी नगर निगम अधिकारियों को मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए “मिशन क्लीन पंजाब” के तहत प्रतिदिन सुबह 7 बजे से सुबह 8 बजे तक जमीनी स्तर पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। लुधियाना नगर निगम क्षेत्रों के सुबह-सुबह अचानक निरीक्षण के दौरान, स. हरजोत सिंह बैंस ने शहर से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों पर जमा बारिश के पानी और कूड़े का गंभीर संज्ञान लिया। तीन घंटे तक शहर का दौरा करने के बाद श्री बैंस ने कहा कि “यदि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़कों की सफाई नहीं करता है, तो नगर निगम यह सफाई करेगा और उन्हें बिल भेजेगा। सफाई न करने और भुगतान न करने की स्थिति में जुर्माना भी लगाया जाएगा।”

    नगर निगम अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महीने के अंत तक सभी सीवरेज लाइनों को साफ कर दिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने स्थानीय निकाय मंत्री को अवगत करवाया कि 220 किलोमीटर सीवरेज लाइनों की सफाई की जा रही है, जिसमें से 49 किलोमीटर को प्राथमिकता से साफ किया जा रहा है। इसमें से 47 प्रतिशत सीवरेज लाइनों से कीचड़ पहले ही निकाला जा चुका है और बाकी काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा।

    लुधियाना में नागरिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए इस समय 172 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। स्थानीय निकाय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लुधियाना में सभी गुम और खराब मैनहोल कवर बदल दिए जाएं और शहर भर में सड़कों की मरम्मत के कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएं। मानसून के दौरान नागरिक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए, उन्होंने नगर निगम को जलभराव, सीवरेज अवरोधों और बारिश से संबंधित शिकायतों की वास्तविक समय में निगरानी के लिए 24×7 “वार रूम” स्थापित करने के भी आदेश दिए।

    श्री बैंस ने नगर निगम को अपनी स्वयं की झाड़ियाँ काटने वाली मशीनें खरीदने, ट्रैफिक जंक्शनों को सुंदर बनाने, सड़कों के कोनों को पेंट करने, नए डस्टबिन लगाने, कचरा कॉम्पैक्टर्स के लिए नए स्थानों की पहचान करने और बंद ट्यूबवेल तथा स्ट्रीट लाइटों को पुनः कार्यशील बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक रजिंदरपाल कौर छीना, मेयर इंद्रजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, पंजाब दलित विकास बोर्ड के चेयरमैन विजय दानव, संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार, अमनप्रीत सिंह व तपन भनोट, जोनल कमिश्नर नीरज जैन, गुरपाल सिंह व जसदेव सिंह सेखों, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विपल मल्होत्रा और अन्य उपस्थित थे।

  • स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे संबंधी विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा

    स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे संबंधी विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा

    चंडीगढ़ : ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और जनहित सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज नगर परिषद खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर, नयागांव, बनूड़, कुराली और घड़ूआं के लिए विभिन्न समयबद्ध परियोजनाओं की घोषणा की। यहां म्यूनिसिपल भवन में आज कार्यकारी अधिकारियों (ई.ओज़.) के साथ चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को समय-सीमाओं का सख्ती से पालन करने तथा सभी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक के बाद स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सात कस्बों में इस समय 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है और बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण संबंधी अभियान के तहत कई प्रमुख सड़क कॉरिडोरों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा, “खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर, नयागांव, बनूड़, कुराली और घड़ूआं में 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण चल रहा है। सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के साथ-साथ शहरों की सुंदरता बढ़ाने और निवासियों को बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख सड़क कॉरिडोरों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।”

    स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि सीवरेज की सफाई का कार्य बड़े स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इन शहरी स्थानीय निकायों में 50 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इन ट्यूबवेलों में से खरड़ में 15, जीरकपुर और नयागांव में 10-10, डेराबस्सी में 5, लालड़ू में 4, बनूड़ में 3 तथा कुराली में 1 ट्यूबवेल लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीवरेज की सफाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है।

    स हरजोत सिंह बैंस ने शहरी स्थानीय निकायों को लोगों की सुविधा और शहरी यातायात के लिए प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किए गए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का कार्य अगले 15 दिनों के भीतर शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, “बनूड़ में अस्पताल से तेपला रोड; कुराली में रेलवे रोड, मुख्य बाजार रोड और बडाली रोड; जीरकपुर में सिंहपुरा की ओर अंबाला-चंडीगढ़ रोड और हाई ग्राउंड रोड; खरड़ में अस्पताल रोड और गोपाल स्वीट्स के निकट मुख्य एयरपोर्ट रोड; डेराबस्सी में हैबतपुर रोड; नयागांव में करोरां रोड और नाडा रोड तथा लालड़ू में बनूड़ से जलालपुर रोड और आई.टी.आई. से कौलिमाजरा रोड का कार्य अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में शुरू हो जाना चाहिए।”

    जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्य को समय पर पूरा करने पर जोर देते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से उच्च स्तरीय निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम सड़क के हर किलोमीटर, हर ट्यूबवेल और हर समय-सीमा की निगरानी कर रहे हैं। पंजाब के लोग इस प्रगति के हकदार हैं। सभी चल रही परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

    बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान अस्थायी समाधानों के बजाय स्थायी और भविष्य के लिए तैयार शहरी बुनियादी ढांचा विकसित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “पैचवर्क का युग समाप्त हो गया है। हम भविष्य के लिए तैयार पंजाब का निर्माण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान का प्रशासनिक मॉडल पारदर्शी, समयबद्ध और बदलाव पर आधारित है।”

  • Facebook और Instagram का सर्वर डाउन, यूजर्स हुए परेशान

    Facebook और Instagram का सर्वर डाउन, यूजर्स हुए परेशान

    सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, की सेवाएं शुक्रवार शाम करीब 7:05 बजे ठप हो गईं, जिसके चलते करोड़ों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद ‘X’ पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। Facebook और Instagram का सर्वर डाउन हो गया है, इस वजह से यूजर्स परेशान हैं, उनकी फीड लीड नहीं हो पा रही है। इससे पहले भी सर्वर डाउन हो गया था।

    जब दोनों ही ऐप्स इस तरह से बंद पड़ी हैं, जब इनके कई फीचर काम नहीं कर पाए हैं। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत फेसबुक पर आ रही है, वे अपनी रील का कोई भी पोस्ट शेयर नहीं कर पा रहे हैं। फेसबुक पर ही ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    लोगों ने व्यक्त की नाराजगी
    फेसबुक व इंस्टाग्राम पर कमेंट सेक्शन लोड नहीं हो पा रहा है, भारतीय समय अनुसार शाम सात बजे से ही यह दिक्कत आ रही है, लोग लगातार अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। अभी तक मेटा ने इस आउटरेज को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। ऐसे में कब तक यह दिक्कत ठीक होगी, अभी साफ नहीं।

  • Punjab News: बुजुर्ग महिला की सोने की बालियां झपटकर लुटेरे हुए फरार, देखें CCTV

    Punjab News: बुजुर्ग महिला की सोने की बालियां झपटकर लुटेरे हुए फरार, देखें CCTV

    चंडीगढ़ः शहर में लुटपाट की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आये दिन लुटेरे बेखौफ वारदातों अंजाम दे रहे हैं। जिससे लोगों के अंदर डर का माहौल बना रहता है। इसी बीच एक शुक्रवार सुबह बुजुर्ग महिला के कानों से सोने की बालियां झपटकर एक युवक फरार हो गया।

    वारदात उस समय हुई जब महिला दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सूचना मिलने के बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता महिला की पहचान सेक्टर-37 निवासी अमरजीत कौर (72) के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके के लोगों ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

     

     

  • काला हिरण केस: सलमान खान पहुंचे दिल्ली हाई कोर्ट, फिल्म Kala Hiran पर रोक लगाने की मांग की

    काला हिरण केस: सलमान खान पहुंचे दिल्ली हाई कोर्ट, फिल्म Kala Hiran पर रोक लगाने की मांग की

    काला हिरण केस: सलमान खान के नाम पर विवादित फिल्म (Kala Hiran: The Battle for Legacy) के चलते उन्होंने एक याचिका दायर की है। सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि प्रस्तावित फिल्म काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है और इससे उनकी छवि तथा 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी चल रही कानूनी कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। इस याचिका में उन्होंने मांग की है कि जब तक केस का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, फिल्म को बनाने, प्रमोट करने, रिलीज़ करने या दिखाने से रोका जाए। सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि प्रस्तावित फिल्म काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है और इससे उनकी छवि तथा 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी चल रही कानूनी कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। जानें याचिका में क्या कहा गया  कोर्ट से कहा गया है कि जब तक केस का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, फिल्म को बनाने, प्रमोट करने, रिलीज़ करने या दिखाने से रोका रोका जाए। पोस्टर विवाद में इनका कहना की, मई 2026 में जारी पोस्टर में एक किरदार सलमान जैसा दिखता है और उसने उनके मशहूर नीले ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट पहना है। सलमान खान की याचिका में कहा गया है कि फिल्म के पोस्टर में दिखाए गए किरदार को बंदूक पकड़े हुए दिखाया गया है, जबकि उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत पहले ही बरी कर दिया गया था। उनका तर्क है कि इस तरह का चित्रण दर्शकों को गुमराह कर सकता है और उनकी छवि को नुकसान पहुँचा सकता है। साथ ही, याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे कंटेंट का प्रचार-प्रसार अदालत में चल रही कार्यवाही पर असर डाल सकता है और इससे निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार में बाधा आ सकती है। निर्माता अमित जानी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि फिल्म ब्लैकबक केस और लॉरेंस बिश्नोई विवाद से प्रेरित है। सलमान खान की याचिका में यह कहा गया है कि उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें उनसे फिल्म बनाने और उसका प्रचार करने से रोकने की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रचार गतिविधियाँ जारी रहीं। याचिका में आगे आरोप लगाया गया है कि नोटिस मिलने के बाद भी निर्माता अमित जानी ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किए, जिनमें विवाद को और बढ़ावा दिया गया। सलमान का कहना है कि इन पोस्टों में दिए गए बयान मानहानिपूर्ण हैं और लगातार प्रचार सामग्री उनके सम्मान और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रही है। असल मुद्दा सलमान खान का कहना है कि फिल्म उनके नाम और छवि का अप्रत्यक्ष इस्तेमाल कर रही है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और कानूनी सुनवाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, निर्माता का दावा है कि फिल्म उनकी जीवनी नहीं है बल्कि बिश्नोई समुदाय की वन्यजीव संरक्षण की लड़ाई पर आधारित है।  
  • Jalandhar News: दुष्कर्म-हत्या व नशा तस्करी के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: दुष्कर्म-हत्या व नशा तस्करी के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जालंधरः देहाती पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के बाद हत्या और नशा तस्करी के मामलों में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है।जिसकी पहचान अब्दुल गनी पुत्र मोहम्मद शफी निवासी गांव सैफाबाद, थाना फिल्लौर के रूप में हुई है।

    ये कार्रवाई SSP हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों के पर वनीत अहलावत, आई.पी.एस., पुलिस कप्तान (जांच), जालंधर  ग्रामीण और भारत मसीह, पी.पी.एस., उप पुलिस कप्तान,  सब-डिवीजन फिल्लौर के कुशल नेतृत्व में इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह भुल्लर, प्रभारी थाना फिल्लौर की टीम ने की है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी भारत मसीह ने बताया कि थाना फिल्लौर पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान अब्दुल गनी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मुकदमा संख्या 309 दिनांक 19.11.2024, अपराध धारा 103/238 बी.एन.एस., अतिरिक्त धारा 70(1), 66 बी.एन.एस. तथा मुकदमा संख्या 111 दिनांक 19.04.2024, धारा 21-बी एन.डी.पी.एस. एक्ट, थाना फिल्लौर में लंबे समय से फरार चल रहा था।

    प्रारंभिक पूछताछ के दौरान सामने आया है कि वर्ष 2024 में आरोपी ने अपने भाई लियाकत अली के साथ मिलकर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में उसका भाई लियाकत अली पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अब्दुल गनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना पता और हुलिया बदलकर छिपता फिर रहा था।

    इसके अतिरिक्त आरोपी के खिलाफ नशा तस्करी का मामला भी दर्ज है, जिसमें अदालत में पेश न होने के कारण उसे दिनांक 22.01.2026 को माननीय न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था।गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।

     

     

  • समावेशी, टिकाऊ और सशक्त पशुपालन अर्थव्यवस्था की नींव रखेगी नई चराई नीति-2026

    समावेशी, टिकाऊ और सशक्त पशुपालन अर्थव्यवस्था की नींव रखेगी नई चराई नीति-2026

     शिमला : पशुपालकों की आजीविका में सुधार लाने और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश चराई नीति-2026’ को मंजूरी प्रदान की है। यह नीति चराई प्रबंधन व्यवस्था में सुधार कर उसे पर्यावरणीय संतुलन और आर्थिक सशक्तिकरण के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी नीति के अंतर्गत अब पारंपरिक और कठोर प्रतिबंधों के स्थान पर वैज्ञानिक और लचीला दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। नीति में जिम्मेदार चराई को घास भूमियों की उत्पादकता बनाए रखने, मिट्टी में कार्बन भंडारण बढ़ाने तथा जैव विविधता के संरक्षण का प्रभावी माध्यम माना गया है इस नीति के अंतर्गत पशुपालन विभाग के सहयोग से वन विभाग एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेगा जिसमें अगले छह माह के भीतर पशुपालकों को अपना नाम, पता, पशुओं की संख्या, पारंपरिक चराई मार्ग और पड़ाव स्थलों का पंजीकरण करवाना होगा। इस प्रणाली के माध्यम से पशुपालकों की जानकारी को आधार पर आधुनिक विधि से हिम परिवार और भारत पशुधन पोर्टल से जोड़ा जाएगा जिससे उनकी पहचान और विवरण का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।

    इस नीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि उन पारंपरिक पशुपालकों को भी मान्यता दी जाएगी, जो वर्षों से बिना किसी औपचारिक अनुमति के चराई कार्य करते रहे हैं। ऐसे पशुपालक अब अपना पंजीकरण करवा सकेंगे, जिसके बाद स्थानीय चराई सलाहकार समितियां उनके मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार नए परमिट जारी करेंगी।
    नई चराई अनुमति देने की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर होगी। इसके लिए चरागाहों की उपलब्धता, वन क्षेत्रों की वहन क्षमता, वन्यजीवों की आवश्यकताएं तथा स्थानीय लोगों के पारंपरिक चराई अधिकारों का आकलन किया जाएगा। राज्य के वन क्षेत्रों के संरक्षण और पुनर्जीवन को सुनिश्चित करने के लिए नीति में क्रमबद्ध चराई व्यवस्था (रोटेशनल ग्रेजिंग) का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत चराई सलाहकार समितियां समय-समय पर चराई गतिविधियों की समीक्षा करेंगी।

    इन समितियों में प्रवासी और स्थानीय पशुपालकों, पंचायत प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों तथा ऊन संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। वन संरक्षक और जिला वन अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करने वाली ये समितियां प्रत्येक पांच वर्ष में पर्यावरणीय परिस्थितियों के आधार पर चराई परमिटों की समीक्षा करेंगी। नीति के अनुसार, ऐसे चराई परमिट जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है या जो अनुपस्थित व्यक्तियों के नाम पर हैं, उन्हें विस्तृत जांच के बाद रद्द किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध चराई क्षमता को ग्राम सभाओं के माध्यम से सक्रिय और वास्तविक पशुपालकों को आवंटित किया जाएगा।
    इसके अलावा पारंपरिक चरवाहों, जिन्हें ‘पोहाल’ कहा जाता है, को भी आधिकारिक रूप से राज्य पोर्टल में शामिल कर उनकी सुरक्षा और आजीविका को संरक्षण दिया जाएगा।

    पारंपरिक चराई विरासत को आधुनिक विकास परियोजनाओं से सुरक्षित रखने के लिए नीति में पारंपरिक प्रवासी मार्गों, जल स्रोतों और पड़ाव स्थलों के संरक्षण का विशेष प्रावधान किया गया है। इन सभी मार्गों को विशेष मानचित्रण परियोजना के तहत जियो-टैग किया जाएगा। साथ ही सात वर्ष से अधिक पुराने वनरोपण क्षेत्रों में नियंत्रित चराई की अनुमति दी जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक पशुपालन दोनों को बढ़ावा मिल सके। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि चराई नीति-2026 हमारी ‘हरियाली भी, खुशहाली भी’ की सोच को साकार करती है। यह हमारे चरागाहों की रक्षा करती है, पशुपालक परंपराओं का सम्मान करती है और पशुधन पर निर्भर परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाती है। यह नीति पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि के बीच संतुलन स्थापित करते हुए राज्य में एक समावेशी, टिकाऊ और सशक्त पशुपालन अर्थव्यवस्था की नींव रखेगी।

  • हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सोनीपत का नागरिक अस्पताल अब होगा 300 बिस्तरों का, हिसार के पनिहार चक में खुलेगा नया उप-स्वास्थ्य केंद्र

    हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सोनीपत का नागरिक अस्पताल अब होगा 300 बिस्तरों का, हिसार के पनिहार चक में खुलेगा नया उप-स्वास्थ्य केंद्र

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और आम जनमानस को उनके घर के नजदीक ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दो बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार ने सोनीपत स्थित 200 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल की क्षमता को अपग्रेड कर 300 बिस्तरीय करने और हिसार जिले के ग्रामीण क्षेत्र पनिहार चक में एक नया उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

    इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी साझा करते हुए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। इसी विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है, जिसमें सोनीपत के अस्पताल का अपग्रेडेशन विशेष रूप से शामिल है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा इस वर्ष के बजटीय सत्र के दौरान की गई थी।

    सोनीपत के नागरिक अस्पताल की क्षमता में इस विस्तार से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में जिला अस्पताल पर मरीजों का भारी दबाव रहता था, लेकिन अब बिस्तरों की संख्या बढ़कर 300 होने से न केवल गंभीर मरीजों को बेड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अस्पताल में नए वार्डों का निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और अतिरिक्त डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का रास्ता भी साफ होगा। इससे मरीजों के परिवारों का आर्थिक व मानसिक बोझ भी घटेगा।

    इसी तरह ग्रामीण आंचल में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कड़ी में हिसार जिले के गांव पनिहार चक को एक बड़ी सौगात मिली है। यहाँ नए उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना को मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मंजूरी से पनिहार चक सहित इसके आसपास के कई गांवों के लोगों का जीवन आसान होगा। अब ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को सामान्य बीमारियों के इलाज, नियमित टीकाकरण, और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के शहरों या बड़े नागरिक अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें अपने ही गांव में प्राथमिक उपचार और मुफ्त दवाइयां सुलभ हो सकेंगी।

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का समान रूप से आधुनिकीकरण किया जा रहा है।