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  • Jalandhar News: ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावः उम्मीदवार 4 तक कर सकेंगे नामांकन पत्र दाखिल

    Jalandhar News: ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावः उम्मीदवार 4 तक कर सकेंगे नामांकन पत्र दाखिल

    जिला परिषद के 21 जोन और 11 पंचायत समिति के 188 जोन में 14 दिसंबर को होंगे चुनाव 

    जालंधर, ENS: जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिला परिषद व पंचायत समिति के आम चुनाव संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत समिति नकोदर के लिए आज दूसरे दिन 2 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार 4 दिसंबर तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि जालंधर जिले में जिला परिषद के 21 जोन और 11 पंचायत समिति के 188 जोन में 14 दिसंबर को चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र संबंधित रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में प्रातः 11 बजे से सायं 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। वहीं ब्लॉक रिटर्निंग ऑफिसर-कम-उप मंडल मजिस्ट्रेट जालंधर-2 शायरी मल्होत्रा ने बताया कि पंचायत समिती जालंधर पश्चिम के 19 ज़ोन के चुनाव कराए जाएंगे, जिसके लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर है।

    उन्होंने बताया कि उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक नामांकन पत्र सहित घोषणा-पत्र उन्हें (रिटर्निंग ऑफिसर ब्लॉक जलंधर पश्चिम) कोर्ट रूम, उप-मंडल मजिस्ट्रेट जालंधर-2, जिला प्रशासनिक परिसर जलंधर कार्यालय पर पंचायत समिती ज़ोन अठोला (जनरल), भीखा नंगल (इस्त्री), विधीपुर (इस्त्री), ब्रहमपुर (एस.सी.), चिट्टी (इस्त्री), धालीवाल (इस्त्री), फतेह जलाल (एस.सी.), गिल (एस.सी. इस्त्री) और गोना चक (जनरल) के लिए सौंप सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (नायब तहसीलदार जालंधर-2) को कार्यालय कक्ष नं.7 कोर्ट रूम तहसीलदार, जालंधर-2 पर पंचायत समिती ज़ोन काहलवां (जनरल), खैहरा माजा (जनरल), कुराली (एस.सी. इस्त्री), लामबड़ा (एस.सी.), मंड (एस.सी. इस्त्री), रणधावा मसंदा (इस्त्री), सराए खास (जनरल), ताजपुर (एस.सी.), वडाला (एस.सी. इस्त्री) और वरियाणा (एस.सी.) के लिए नामांकन पत्र सहित घोषणा-पत्र सौंपे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र सहित घोषणा-पत्र (सार्वजनिक अवकाशों को छोड़कर) सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच तिथि 4 दिसंबर 2025 तक ही सौंपा जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र के फॉर्म उनके कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं या राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट https://sec.punjab.gov.in/en से डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच कोर्ट रूम, उप-मंडल मजिस्ट्रेट जालंधर-2, जिला प्रशासनिक परिसर जालंधर कार्यालय पर 5 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि उम्मीदवारिता वापस लेने का नोटिस उन्हें 6 दिसंबर 2025 को शाम 3 बजे तक उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक या उसके चुनावी एजेंट (जिसे उम्मीदवार द्वारा लिखित रूप में इसे सौंपने का अधिकार दिया गया हो) द्वारा दिया जा सकता है।

    14 दिसंबर को होंगे चुनाव
    वहीं, डिप्टी कमिश्नर हिंमाशु अग्रवाल ने बताया कि मतदान 14 दिसंबर, 2025 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतपत्रों के माध्यम से होगा। मतगणना 17 दिसंबर, 2025 को सुबह 8 बजे से होगी। जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि जिला परिषद जालंधर में 21 जोन हैं, जबकि पंचायत समिति जालंधर पूर्व में 15, पंचायत समिति आदमपुर में 25 और पंचायत समिति भोगपुर में 15 जोन, पंचायत समिति जालंधर पश्चिम में 19, पंचायत समिति लोहियां खास में 15, पंचायत समिति मैहतपुर में 15, पंचायत समिति नूरमहल में 15, पंचायत समिति फिल्लौर में 20, पंचायत समिति शाहकोट में 15, पंचायत समिति रुरका कलां में 15 और पंचायत समिति नकोदर में 19 जोन शामिल हैं।

  • पंजाब पुलिस का गौरव: कांस्टेबल गुरसिमरन बैंस वायुसेना अधिकारी बने, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    पंजाब पुलिस का गौरव: कांस्टेबल गुरसिमरन बैंस वायुसेना अधिकारी बने, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के लिए यह गौरव का क्षण है। राज्य पुलिस विभाग के एक कांस्टेबल ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर वह मुकाम हासिल किया है जो हर युवा का सपना होता है। पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात गुरसिमरन सिंह बैंस को भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित फ्लाइंग ब्रांच में अधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल गुरसिमरन के लिए बल्कि पूरे पंजाब पुलिस विभाग और राज्य सरकार के लिए गर्व की बात है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

    डीजीपी पंजाब पुलिस ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो और कभी हार मत मानो—यही महानता का रास्ता है।” उन्होंने कहा कि कांस्टेबल गुरसिमरन सिंह बैंस ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ निश्चय, समर्पण और साहस के साथ कोई भी व्यक्ति आसमान को छू सकता है। डीजीपी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उन्हें गुरसिमरन को मार्गदर्शन देने का सौभाग्य मिला है और उनकी लगन वाकई प्रेरणादायक रही है। यह कहानी हर युवा के लिए एक मिसाल बनेगी कि सही दिशा में प्रयास करने से असंभव भी संभव हो जाता है।

    पंजाब सरकार ने हमेशा से अपने कर्मचारियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पुलिसकर्मियों को न केवल बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, बल्कि उनके कौशल विकास और उच्च शिक्षा के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। गुरसिमरन की यह उपलब्धि पंजाब सरकार की इसी दूरदर्शी सोच और सकारात्मक कार्य संस्कृति का परिणाम है। विभाग में ऐसा माहौल बनाया गया है जहां हर कर्मचारी अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित महसूस करता है।

    पंजाब पुलिस विभाग देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों में से एक है जो अपने जवानों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है। विभाग में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, मेंटरशिप सेशन और करियर काउंसलिंग की व्यवस्था की जाती है। कई पुलिसकर्मियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेष प्रशिक्षण के लिए अवकाश और सहायता भी प्रदान की जाती है। इस तरह की नीतियों का नतीजा है कि पंजाब पुलिस के जवान न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि व्यक्तिगत उत्कृष्टता हासिल करने में भी अग्रणी हैं। गुरसिमरन का उदाहरण इस बात को पुख्ता करता है कि पंजाब पुलिस अपने कर्मियों की प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ती।

    गुरसिमरन सिंह बैंस की सफलता की कहानी युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि पद चाहे छोटा हो या बड़ा, महत्व इस बात का है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति कितने समर्पित हैं। एक कांस्टेबल से फ्लाइंग ऑफिसर तक का सफर आसान नहीं रहा होगा, लेकिन गुरसिमरन ने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। उन्होंने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी और अपने वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार मार्गदर्शन प्राप्त किया। उनकी इस यात्रा में पंजाब पुलिस के अधिकारियों का सहयोग और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा है। यह सहयोग ही है जो किसी संगठन को महान बनाता है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि गुरसिमरन की सफलता पंजाब के हर नौजवान के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। चाहे वह शिक्षा हो, रोज़गार हो या खेल, सरकार युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरसिमरन जैसे युवा पंजाब का गौरव है और उनकी सफलता से पूरे प्रदेश का मस्तक ऊंचा हुआ है। उन्होंने सभी युवाओं से अपील की कि वे भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और कड़ी मेहनत से अपने सपनों को साकार करे।

    सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया है। लोगों ने गुरसिमरन को बधाई देते हुए उन्हें रोल मॉडल बताया है। कई युवाओं ने कमेंट करके अपनी प्रेरणा साझा की है और कहा है कि यह कहानी उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए प्रोत्साहित करती है। पंजाब पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने भी गुरसिमरन की इस उपलब्धि को विभाग के लिए गर्व का विषय बताया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसी सफलताएं विभाग की सकारात्मक छवि को मज़बूत करती है और अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करती है।

    पंजाब सरकार की गुड गवर्नेंस की नीति का यह एक शानदार उदाहरण है। जब सरकार अपने कर्मचारियों के विकास में निवेश करती है, तो परिणाम इसी तरह के होते है। पंजाब पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि अपने जवानों के व्यक्तित्व विकास में भी अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस कल्याण, आधुनिक उपकरण, बेहतर वेतन और प्रशिक्षण पर किया गया निवेश अब फल देने लगा है। विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रोत्साहन की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों के मनोबल और प्रदर्शन पर दिख रहा है।

    गुरसिमरन सिंह बैंस अब भारतीय वायुसेना में एक अधिकारी के रूप में देश की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उनका यह सफर न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है। डीजीपी पंजाब पुलिस ने अपने संदेश में कहा कि “गुरसिमरन, तुम्हारी उपलब्धि से मैं गर्व से भरा हुआ हूं। मैं दुनिया के शिखर पर हूं।” यह भावनात्मक संदेश इस बात का प्रतीक है कि पंजाब पुलिस अपने हर सदस्य को परिवार का हिस्सा मानती है। गुरसिमरन की इस सफलता से पंजाब सरकार की छवि एक संवेदनशील, प्रगतिशील और कर्मचारी-केंद्रित प्रशासन के रूप में और मज़बूत हुई है। यह कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और साबित करेगी कि सही नेतृत्व और माहौल में हर सपना पूरा हो सकता है।

  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: पंजाब में सड़कों का 5 साल रखरखाव और पंचायत की मंजूरी अनिवार्य, ठेकेदारों पर लगेगी कड़ी कार्रवाई

    गुणवत्ता से समझौता नहीं: पंजाब में सड़कों का 5 साल रखरखाव और पंचायत की मंजूरी अनिवार्य, ठेकेदारों पर लगेगी कड़ी कार्रवाई

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक सुधार लाने के उद्देश्य से ‘सीएम फ्लाइंग स्क्वाड’ की शुरुआत की है। अक्टूबर 2025 में शुरू हुई यह पहल 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की 16,209 करोड़ रुपये की विशाल योजना का हिस्सा है। इसका मकसद सड़क निर्माण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सड़क निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि सड़क घटिया गुणवत्ता की पाई गई या समय पर रखरखाव नहीं किया गया, तो संबंधित ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही हर ठेकेदार को 5 वर्ष तक सड़क की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखा जा सके। देश के कुछ राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश और झारखंड में जहां सड़क परियोजनाएं अक्सर देरी और खराब गुणवत्ता के चलते प्रभावित होती हैं, वहां पंजाब का यह मॉडल एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

    सरकार द्वारा गठित यह फ्लाइंग स्क्वाड पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर बना है, जो विभिन्न जिलों में आकस्मिक निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। विशेष रूप से 3,425 करोड़ रुपये की ग्रामीण लिंक रोड परियोजना पर इसकी कड़ी नजर है। जहां भी खराब निर्माण कार्य पाया गया, वहां तुरंत ठेकेदारों के अनुबंध रद्द किए गए। पंचायतों की संतुष्टि के बाद ही भुगतान जारी करने का नियम ठेकेदारों को जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

    अब तक सात जिलों में किए गए निरीक्षणों से पता चला है कि सड़कों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फ्लाइंग स्क्वाड की कार्रवाइयों ने ठेकेदारों को एक स्पष्ट संदेश दिया है—रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने में चूक पर ब्लैकलिस्टिंग तय है। इससे न सिर्फ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है। बेहतर संपर्क से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंच रहा है।

    पंजाब का यह सख्त और पारदर्शी मॉडल उन राज्यों के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है, जहां सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और ठेकेदारों की मनमानी एक आम समस्या है। असम, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी सड़कों का रखरखाव लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। पंजाब ने यह साबित किया है कि यदि रखरखाव को अनुबंध का अनिवार्य हिस्सा बना दिया जाए, तो सड़कें न केवल टिकाऊ बन सकती हैं बल्कि विकास भी निरंतर आगे बढ़ सकता है।

    इस पूरी प्रक्रिया में पंचायतों की भूमिका अहम है। ठेकेदारों को भुगतान तभी मिलेगा जब पंचायतें कार्य से संतुष्ट होंगी। यह नीति स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करती है और विकास की प्रक्रिया में लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण सड़कों के चलते शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले से अधिक सुगम हो रही है।

    अंततः, सीएम फ्लाइंग स्क्वाड पंजाब सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इस पहल ने ठेकेदारों को पूरी तरह जवाबदेह बनाकर सड़क निर्माण में गुणवत्ता के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे पंजाब न केवल अपने बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बढ़ रहा है, बल्कि यह सख्त नीति राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह पहल निश्चित रूप से पंजाब को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही है।

  • प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, जानें अब किस नाम से जाना जाएगा

    प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदला, जानें अब किस नाम से जाना जाएगा

    देश भर के राजभवनों का नाम भी बदलकर लोकभवन किया गया

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वहीं देश भर के राजभवनों के नाम भी बदले गए हैं। अब राजभवनों को लोकभवन के नाम से जाना जाएगा।

    प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही नई बिल्डिंग में किया जाएगा शिफ्ट
    बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही नई कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होगा। इस बिल्डिंग का नाम ही सेवा तीर्थ रखा गया है। नया कॉम्प्लेक्स, जो बनने के आखिरी स्टेज में है, पहले सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था।

    अधिकारियों ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ एक ऐसा वर्कप्लेस होगा जिसे सेवा की भावना दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है और जहां नेशनल प्रायोरिटीज़ आकार लेंगी, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पब्लिक इंस्टीट्यूशन्स में एक शांत लेकिन गहरा बदलाव हो रहा है।

    2016 में हुई शुरुआत
    इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी, जब PM MODI ने अपने आवास का नाम 7, रेस कोर्स रोड से बदलकर 7, लोक कल्याण मार्ग कर दिया था। इसके बाद एक कड़ी सी शुरू हो गई। 2022 में राज पथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया।

    जानें क्यों बदला गया राज भवन का नाम
    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई एक चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि राज भवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। इसलिए राज्यपालों और उप-राज्यपालों के कार्यालयों को अब लोक भवन और लोक निवास के नाम से जाना जाएगा।

  • पराली प्रदूषण में 94% कमी का बड़ा परिणाम, केंद्र ने मान सरकार के ‘पंजाब मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दी मंजूरी

    पराली प्रदूषण में 94% कमी का बड़ा परिणाम, केंद्र ने मान सरकार के ‘पंजाब मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दी मंजूरी

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने आज गर्व के साथ घोषणा की है कि राज्य ने खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को अभूतपूर्व 94% तक कम करने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यह सफलता भारत के लिए एक मिसाल है और यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में अपनाई गई किसान-प्रथम, विज्ञान-आधारित रणनीति कितनी प्रभावी है। जहाँ 2016 में 80,879 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर केवल 5,114 रह गई है, जो 2024 से 53% की कमी है। यह उपलब्धि एक दशक लंबे संघर्ष की परिणति है, जिसने पंजाब को वायु प्रदूषण, मिट्टी के क्षरण और व्यापक स्वास्थ्य समस्याओं में योगदानकर्ता के रूप में टैग किए जाने की छवि को पूरी तरह से बदल दिया है।

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पंजाब के इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की बात कहना, इस सफलता की महत्ता को और अधिक बल देता है। यह उपलब्धि एक सतत, विज्ञान-आधारित और किसान-प्रथम रणनीति के माध्यम से संभव हुई है, जिसने दंड के बजाय सहयोग और समाधान पर ध्यान केंद्रित किया है।

    सफलता के मूल मंत्र: सहयोग, समर्थन और समाधान, यह ऐतिहासिक बदलाव केवल इसलिए संभव हुआ है क्योंकि सरकार ने किसानों को सज़ा देने के बजाय, उन्हें सहयोगी बनाकर ठोस समाधान दिए हैं।

    आधुनिक मशीनरी की व्यापक तैनाती और रिकॉर्ड सब्सिडी के माध्यम से सफलता मिली। पराली प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी पहल फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) कार्यक्रम रही, जिसे 2018-19 में लॉन्च किया गया था। किसानों को लाखों की संख्या में हैप्पी सीडर्स, सुपर सीडर्स, मल्चर, एम.बी. हल और बेलर्स जैसी उन्नत मशीनें उपलब्ध कराई गईं। कृषि विभाग के निदेशक जसवंत सिंह ने बताया कि शुरुआत में मशीनें अपनाने की गति धीमी थी। हालाँकि, सरकार ने जब सुपर सीडर्स जैसी मशीनरी का वितरण बढ़ाया, तो किसानों ने इसे अपनाया। विशेष रूप से, छोटे किसानों के लिए मशीनरी खरीद पर 80% तक की भारी सब्सिडी प्रदान की गई, जो पहले 50% थी। 2018-19 में लगभग 25,000 मशीनों से शुरुआत करते हुए, 2025 तक 1.48 लाख से अधिक CRM मशीनें वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें 66,000 सुपर सीडर्स शामिल हैं। इन मशीनों ने पराली को मिट्टी में शामिल करने और गेहूँ की बुवाई करने की अनुमति दी।

    एक्स-सीटू समाधानों का महाअभियान चलाया गया: पराली अब बेकार नहीं, व्यापार है,कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट किया कि यह केवल मशीनें प्रदान करने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के बारे में है जहाँ किसान गैर-दहन प्रथाओं के लाभों को समझते हैं और यह उनकी दीर्घकालिक उत्पादकता तथा कई उद्योगों की सफलता में कैसे योगदान देता है। इन-सीटू समाधानों के साथ-साथ, सरकार ने एक्स-सीटू समाधान भी विकसित किए। बायोमास पावर प्लांट्स, पेपर मिल्स और बायो-सीएनजी प्लांट्स के नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया, जो सीधे किसानों से पराली खरीदते हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक और CRM कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जगदीश सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष अकेले, 27.6 लाख टन से अधिक पराली का उद्योगों द्वारा पुन: उपयोग किया गया, जबकि इस वर्ष अकेले 75 लाख टन (7.50 मिलियन टन) पराली को एकत्र करके औद्योगिक उपयोग के लिए पुन: उपयोग किया गया है। यह ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ दृष्टिकोण किसानों के लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत बन गया है। जसवंत सिंह ने पुष्टि की कि बायोमास पावर प्लांट्स, पेपर मिल्स और पैडी स्ट्रॉ पैलेट-मेकिंग यूनिट्स का बढ़ता नेटवर्क पंजाब की पराली प्रबंधन रणनीति का आधार बन गया है।

    ज़मीनी स्तर पर जागरूकता और भागीदारी का माहौल तैयार किया गया,गाँव-स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन कमेटियाँ बनाई गईं। डोर-टू-डोर किसान आउटरीच के तहत, कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने निरंतर जागरूकता अभियान चलाए। किसानों को उनकी मिट्टी के स्वास्थ्य और दीर्घकालिक उत्पादकता पर पराली जलाने के नुकसान के बारे में समझाया गया, जिससे उनकी मानसिकता में एक स्पष्ट और सकारात्मक बदलाव आया। जसवंत सिंह ने जिला नागरिक और पुलिस प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिन्होंने बिना रुके जागरूकता अभियान चलाए और नियमों को लागू किया। उन्होंने कहा कि सरकारी हस्तक्षेपों, मीडिया आउटरीच, पर्यावरण एनजीओ और शैक्षिक कार्यक्रमों का संयोजन महत्वपूर्ण रहा है, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और जिला-स्तरीय एजेंसियों ने एक साथ काम किया है। इसके साथ ही, सरकार ने समय पर फसल की खरीद और नकद प्रवाह की स्थिरता सुनिश्चित की, ताकि किसान जल्दबाजी में खेत साफ करने के लिए पराली जलाने को मजबूर न हों।

    सख्त निगरानी रखी गई, लेकिन दंड के बजाय समर्थन पर ध्यान केंद्रित किया गया। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग ने 2006 से ही सैटेलाइट ट्रैकिंग (PRSC) के माध्यम से निगरानी को मजबूत किया। NASA इमेजरी से समस्या की पहचान हुई थी। प्रवर्तन के मामले में, सरकार का फोकस समर्थन पर रहा, न कि केवल दंड पर। हालाँकि, नियमों को लागू करने के लिए केवल बार-बार और जानबूझकर उल्लंघन करने वाले किसानों के खिलाफ ही 1963 FIRs दर्ज की गईं। अतीत में पराली जलाने का समर्थन करने वाली किसानों की यूनियनों ने भी हाल के वर्षों में इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। खुड्डियां ने कहा कि किसानों की मानसिकता में एक स्पष्ट बदलाव आया है, वे अब मानते हैं कि पराली जलाना उनके दीर्घकालिक मिट्टी की उत्पादकता को नुकसान पहुँचाता है।

    यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के मार्गदर्शन में, किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लेकर चल सकती है। जसवंत सिंह ने कहा कि अब ध्यान मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि CRM मशीनरी सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचे। यह भारत का सबसे सफल प्रदूषण विरोधी अभियान बन गया है, जो पूरे देश को दिशा दे रहा है।

    यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के मार्गदर्शन में, किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लेकर चल सकती है। जसवंत सिंह ने कहा कि अब ध्यान मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि CRM मशीनरी सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचे। यह भारत का सबसे सफल प्रदूषण विरोधी अभियान बन गया है, जो पूरे देश को दिशा दे रहा है।

  • Jalandhar News: अकाली-भाजपा गठजोड़ को लेकर परगट ने कैप्टन सहित भाजपा नेताओं पर साधे निशाने, देखें वीडियो

    Jalandhar News: अकाली-भाजपा गठजोड़ को लेकर परगट ने कैप्टन सहित भाजपा नेताओं पर साधे निशाने, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया था। जहां उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आना है तो उन्हें अकाली दल के साथ गठजोड़ करना होगा। वहीं इस मामले को लेकर आज कार्यकारी प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह कैप्टन का निजी विचार है, लेकिन भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ेंगी।

    इसके बाद अब कैंट से विधायक परगट सिंह ने कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित भाजपा के मंत्रियों और नेताओं पर जमकर तंज कसे। विधायक परगट सिंह ने कहा कि उन्हें 2 बातें साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा किसी की कोई सुनवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के मंत्री और नेताओं सहित कैप्टन अमरेंद्र सिंह मोहर भी लगा रहे है।

    परगट सिंह ने कहा कि पंजाब भाजपा में किसी नेता की कोई सुनवाई नहीं है, चाहे वह किसानी मुद्दे पर बात हो या चंडीगढ़ की बता हो या फिर पंजाबी यूनिवर्सिटी की बात हो। परगट सिंह ने कहा कि भाजपा का काम हर चीज को सेट्रलाइजेशन करना है। वहीं अकाली दल का सवाल है वह रीजनल पार्टी है। उन्होंने कहा कि गठजोड़ के दौरान भी दोनों पार्टियों ने पंजाब के प्रति अपनी सहजता नहीं दिखाई।

  • Punjab News: एक्टिवा और कार की टक्कर में एक की मौत, वाहन के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    Punjab News: एक्टिवा और कार की टक्कर में एक की मौत, वाहन के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के साहनेवाल ढेलों रोड पर कार और एक्टिवा में भीषण सड़क हादसा हो गया। दरअसल, निरंकारी भवन के सामने सड़क हादसे में 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान पंकज रतन के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पंकज रतन रोज की तरह बेटे को काम पर छोड़कर एक्टिवा से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दिल्ली नंबर की एक तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक्टिवा के परखच्चे उड़ गए।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद पंकज रतन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के दौरान वह खून से लथपथ हो गए। घायल अवस्था में परिजन और स्थानीय लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं चश्मदीद सुयश ने बताया कि कार में दो युवक सवार थे। हादसा होते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कार में से एक युवक को तुरंत पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक पंकज रतन पहले एक कार एजेंसी में सेल्समैन का काम करते थे और अब एक प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत थे।

    उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा शिव रतन फैक्ट्री में काम करता है और बेटी अधिति रतन पढ़ाई कर रही हैं। हादसे की खबर सुनते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है और आरोपी कार ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे के सही कारणों का पता चल सके।

  • चिट्टे के खिलाफ जनजागरण अभियान को CM की मजबूती, नशे की संपत्तियों का ब्यौरा 10 दिसंबर तक अनिवार्य, प्रदेश भर में एंटी-चिट्टा वॉकथॉन की तैयारी

    चिट्टे के खिलाफ जनजागरण अभियान को CM की मजबूती, नशे की संपत्तियों का ब्यौरा 10 दिसंबर तक अनिवार्य, प्रदेश भर में एंटी-चिट्टा वॉकथॉन की तैयारी

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की छठी राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक गति एवं दिशा देने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश से चिट्टा और सभी मादक पदार्थों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। बैठक में राज्य सरकार के संबंधित विभागों के अतिरिक्त एन.सी.बी., ई.डी., डी.आर.आई, डाक विभाग और आर.पी.एफ. जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 234 अत्याधिक संवेदनशील पंचायतों में सीआईडी और पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। उन्होंने उपायुक्तों को इन पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिला में नियमित तौर पर नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला मंडलों एवं अन्य स्वयंसेवी संगठनों से प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी जिला प्रशासन को नशे से अर्जित की गई संपत्तियों की निशानदेही कर 10 दिसंबर तक सरकार को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन संपत्तियों को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा की तस्करी में 60 सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 5 को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि अन्य के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने चिट्टा तस्करी में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों का विवरण भी सरकार को 10 दिसंबर तक भेजने को कहा।

    उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एंटी चिट्टा वॉकथॉन जिला और सब डिवीजन स्तर पर भी आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में न केवल सख्त प्रवर्तन सुनिश्चित कर रही है बल्कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास तंत्र को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी सरकारी भर्तियों में ड्रग टैस्ट अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों-कॉलेजों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब और साथी शिक्षा कार्यक्रम को और सक्रिय बनाया गया है। प्रदेश में भांग की खेती पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फार्मा इकाइयों की सख्त जांच की जा रही है। उन्होंने अभियोजन निदेशालय को एनडीपीएस मामलों में तेज अपील निपटान, बरी मामलों की समीक्षा तथा दोषसिद्धि दर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब अधिकारियों की एसीआर में नशा नियंत्रण से जुड़े सप्लाई, डिमांड और हार्म रिडक्शन के मानक भी शामिल किए जाएंगे।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रदेश में ‘चिट्टा सूचना इनाम योजना’ आरम्भ करने जा रही है तथा चिट्टा की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग 112 नम्बर पर कॉल करके या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे सकते हैं। इनाम 30 दिन के भीतर दे दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से प्रदेश से मादक पदार्थ चिट्टा को खत्म करने के लिए अपना सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार युवाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले तीन वर्षों में 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5642 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए तथा 8216 गिरफ्तारियां एवं 36.657 किलो चिट्टा बरामद किया गया, जो पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीआईटी एनडीपीएस लागू किया गया है। 46 कुख्यात तस्कर हिरासत में लिए गए और 48 करोड़ रुपये की अवैध संपति जब्त की गई।

    हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने पंचायतों को रेड-येलो-ग्रीन वर्गों में बांटकर 12000 व्यक्तियों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय माना जा रहा है। बैठक में अवगत करवाया गया कि 17 व 18 नवम्बर को राज्यव्यापी नाका संचालन के दौरान 16,441 वाहन चेक किए गए, 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए तथा भारी मात्रा में नशे की सामग्री पकड़ी गई। 22 नवम्बर को 121 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई तथा दस शीर्ष तस्कर नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया गया। इसके अतिरिक्त 25 नवम्बर को शिक्षण संस्थानों के आसपास अभियान छेड़कर 41 परिसरों और 598 दुकानों की तलाशी की गई तथा 12 केस दर्ज और 385 चालान किए गए।

    बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी, राकेश कंवर, सुशील कुमार सिंघला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

  • Punjab News: नगर निगम को मिला नया मेयर, प्रवीण कुमार पीना को मिली जिम्मेदारी, देखें वीडियो

    Punjab News: नगर निगम को मिला नया मेयर, प्रवीण कुमार पीना को मिली जिम्मेदारी, देखें वीडियो

    मोगाः नगर निगम में मेयर बलजीत सिंह चानी के इस्तीफा देने से मेयर पद खाली हो गया था। वहीं अब नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। नगर निगम के विशेष कार्यक्रम में डिप्टी सीनियर मेयर प्रवीण कुमार पीना को कार्यकारी मेयर नियुक्त किया गया। इस मौके पर मौजूद रहे विधायक डॉ. अमनदीप अरोड़ा ने नव-नियुक्त कार्यकारी मेयर को बधाई दी और उनका मुंह मीठा करवाया।

    इस कार्यक्रम में डिप्टी मेयर सहित कई पार्षद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं। वहीं मेयर ने भी सभी को नगर के विकास की दिशा में मिलकर काम करने का भरोसा जताया। नगर निगम में नए मेयर की नियुक्ति के साथ शहर की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों में नई ऊर्जा देखने की उम्मीद की जा रही है।

  • Punjab News: Highway पर ट्रक और कार में हुई भीषण टक्कर, 3 घायल, खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    Punjab News: Highway पर ट्रक और कार में हुई भीषण टक्कर, 3 घायल, खुले एयरबैग, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः दिल्ली एयरपोर्ट से मुकेरियां जा रही कार की फगवाड़ा हाईवे पर ट्रक के साथ एक्सीडेंट हो गया। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के एयरबैग खुल गए। हादसे में गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा हाईवे पर स्थित पुल पर हुआ। घटना में कार में ड्राइवर सहित 4 लोग मौजूद थे। फगवाड़ा हाईवे पर खड़े ट्रक में कार चालक ने टक्कर मार दी। घटना में 3 लोग घायल हुए है। घायलों को लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं कार में सवार प्रदीप ने बताया कि ड्राइवर को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ है।

    व्यक्ति ने कहा कि एयरपोर्ट से गाड़ी किराये पर ली थी और सभी मुकेरियां जा रहे थे। वहीं मौके पर मौजूद सूरज ने बताया कि गाड़ी का बोल्ट टूट गया था और गाड़ी को ठीक करने के लिए सुबह से खड़ी है। इस दौरान कार सवार ने पीछे से आकर ट्रक में टक्कर मार दी। गाड़ी में 3 से 4 लोग सवार थे। वहीं मामले की जानकारी देते हुए अमरदीप सिंह खालसा ने बताया कि कपूरथला से लुधियाना जा रहे थे। इस दौरान फगवाड़ा हाईवे पर बने पुल पर यह हादसा हुआ है। जहां खड़े ट्रक में गाड़ी की टक्कर हो गई। घटना में ड्राइवर सहित 3 लोग घायल हुए है। घटना के दौरान कार में 4 लोग सवार थे। उन्होंने कहाकि एक घायल को वह खुद उपचार के लिए अस्पताल लेकर आए है।

    वहीं फॉर्च्यूनर गाड़ी चालक 2 घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर आया है। इस घटना में बुजुर्ग व्यक्ति को ज्यादा चोटें आई है और उसकी बाजू डेमैज होने की आंशका है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह घटना के दौरान मूकदर्शक ना बने, बल्कि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचाए। सुखविंदर सिंह ने कहाकि खड़े ट्रक में जब गाड़ी की टक्कर हो गई। जिसके बाद वह तुरंत मौके पर पहुंचा और लोगों की मदद से कार में सवार लोगों को बाहर निकाला। घटना में बुजुर्ग के सिर पर चोटें आई है। व्यक्ति ने कहाकि गाड़ी में सवार घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    मंदीप सिंह ने बताया कि वह बच्चे को लेकर आ रहे थे। इस दौरान खड़े ट्रक में कार की टक्कर हो गई। जिसके बाद उसने तुरंत घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। घटना के दौरान कार में ड्राइवर सहित 3 सवारियां मौजूद थी। गाड़ी दिल्ली से आ रही थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर की नींद की झपकी के कारण यह हादसा हुआ है। सवारियां गुरदासपुर की बताई जा रही है। घटना में सवारियों में महिला, उसका बेटा और व्यक्ति घायल हुए है। वहीं ड्राइवर को गंभीर चोटे आई है।

    अस्पताल में डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 3 घायल मरीज उनके पास उपचार के लिए आए है। घायलों की पहचान कीर्तन सिंह, हरजीत कौर और अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। तीनों की हालत सीरियस बनी हुई है। 2 मरीज गुरदासपुर के रहने वाले है। जबकि ड्राइवर नवांशहर का रहने वाला है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।