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  • Russian Girls की सुंदरता के जानें ये 5 सीक्रेट्स, क्यों होती है इतनी चमकदार और खूबसूरत !

    Russian Girls की सुंदरता के जानें ये 5 सीक्रेट्स, क्यों होती है इतनी चमकदार और खूबसूरत !

    Beauty Tips: दुनिया भर में रूसी महिलाओं की सुंदरता हमेशा से चर्चा का विषय रही है। उनकी चमकदार त्वचा, घने बाल और खूबसूरत फीचर्स किसी का भी ध्यान आकर्षित करने में सक्षम हैं। भारत में भी रूसी महिलाओं की खूबसूरती की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। सवाल उठता है कि आखिर क्या कारण हैं जो रूसी महिलाओं को इतनी खास और आकर्षक बनाते हैं?

    1. जेनेटिक डायवर्सिटी (Genetic Diversity):
    रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, जहां विभिन्न एथनिक ग्रुप्स के लोग रहते हैं। इस जेनेटिक डायवर्सिटी के कारण रूसी महिलाओं में अलग-अलग आनुवंशिक गुण पाए जाते हैं, जो उनके लुक को अनोखा और खूबसूरत बनाते हैं। अलग-अलग नस्लों के मिश्रण से उनकी त्वचा, बाल, और चेहरे के फीचर्स में विविधता देखने को मिलती है, जो उन्हें विशिष्ट बनाती है।

    2. पोषक तत्वों से भरपूर डाइट (Healthy Diet):
    रूस की पारंपरिक डाइट में ऐसे कई पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा, बाल, और शरीर के अन्य अंगों के लिए फायदेमंद होते हैं। विटामिन्स, मिनरल्स, और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह डाइट रूसी लोगों की स्किन को हेल्दी और चमकदार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा, ताजे फल, सब्जियां, और डेयरी उत्पाद भी उनकी खूबसूरती को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

    3. साफ-सुथरा पर्यावरण (Environmental Factors):
    रूस का ठंडा और साफ-सुथरा वातावरण भी रूसी महिलाओं की सुंदरता में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ठंडी जलवायु में त्वचा पर धूल-मिट्टी और प्रदूषण का असर कम पड़ता है, जिससे स्किन हेल्थ में सुधार होता है। ठंडी हवा और साफ वातावरण त्वचा को प्राकृतिक रूप से साफ और मुलायम बनाए रखते हैं।

    4. सांस्कृतिक प्रभाव (Cultural Influences):
    रूसी संस्कृति में सुंदरता और स्वच्छता का बहुत महत्व है। रूसी महिलाएं अपनी त्वचा और बालों की देखभाल के लिए नियमित रूप से स्किनकेयर और हेयरकेयर रूटीन का पालन करती हैं। योग, मेडिटेशन, और अन्य स्वास्थ्यकर आदतें उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा होती हैं, जो उनकी सुंदरता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करती हैं।

    5. उम्र के साथ बढ़ती सुंदरता (Beauty that Matures with Age):
    कई साइंटिफिक स्टडीज ने यह साबित किया है कि रूसी महिलाओं की सुंदरता उम्र के साथ और भी निखरती है। यह उनकी हेल्दी लाइफस्टाइल, बैलेंस्ड डाइट, और खुद की देखभाल की आदतों के कारण होता है। उम्र बढ़ने के साथ भी उनकी त्वचा और बालों की चमक बरकरार रहती है, जो उन्हें और भी आकर्षक बनाता है।

    रूसी महिलाओं की यह प्राकृतिक सुंदरता और उनकी त्वचा की मुलायमियत उनकी जीवनशैली, पर्यावरण, और जीन का मेल है, जो उन्हें पूरी दुनिया में खास बनाता है। इन सभी कारणों की वजह से ही रशियन ब्यूटी का जिक्र हमेशा से विशेष होता है।

  • Punjab : महिला ने ससुरालियों पर धमकी देने का लगाया आरोप, देखें वीडियो

    Punjab : महिला ने ससुरालियों पर धमकी देने का लगाया आरोप, देखें वीडियो

    लुधियाना। शहर से एक कपड़ा कारोबारी की बेटी को उसके ससुराल पक्ष से धमकी देने का मामला सामने आया है। जहां पीड़िता ने आरोप लगाते हुए का कि वह बाजार जाती है कि अज्ञात लोग उसका पीछा करते है। कई बार वह थाना में शिकायत भी दे चुकी है कि आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करे लेकिन पुलिस हर बार उन्हें आश्वासन दे देती है। पर गिरफ्तार नहीं करती है। इसके बाद पीड़ित महिला ने बताया कि 13 साल बाद हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज किया लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं किया।

    जानकारी देते हुए पीड़ित महिला ने कहा कि उसकी शादी 2004 में हेमंत सराफ के साथ हुई थी। उनके दो बच्चे है। साल 2011 में ब्रेन हेम-रेज के कारण हेमंत की मौत हो गई। उसके पति का भाई रवि के साथ साझा कारोबार था। महिला ने कहा कि मौत के 15 दिन बाद ही उसके जेठ और जेठानी ने नकली फर्म बनाकर उसके पति की सारी जायदाद हड़प कर ली।

    जिसके बाद पहले सैशन कोर्ट में केस लगाया लेकिन लंबी प्रक्रिया और राजनीतिक दबाव के तले जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने हाईकोर्ट में केस दायर किया। हाईकोर्ट ने हेमंत के लेन-देन और फर्म की स्टेटमेंट चैक करवाई तो मामला गोलमाल निकला। सुमिता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने जेठ रवि सराफ और जेठानी रीतू सराफ के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    वहीं आरोप लगाते हुए कहा कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर रहकर उस पर राजीनामा करने के दबाव बना रहे है। उसके घर का सारा खर्च उसके पिता उठा रहे है। जिस तरह से उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही है इससे उसके बच्चे और पिता भी सहमे हुई है। यदि पुलिस प्रशासन ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया तो आने वाले समय में पुलिस थाना के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल से मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

    इधर मामले संबंधी थाना डिवीजन नंबर 3 के एसएचओ अमृतपाल ने कहा कि मामले की वह जांच कर रहे है। मामले के मुताबिक जो भी कार्रवाई होगी जरूर की जाएगी।

  • हर दिन Gym जाने वाले रहे सावधान हो सकती हैं ये 5 गंभीर बीमारियां, जानें

    हर दिन Gym जाने वाले रहे सावधान हो सकती हैं ये 5 गंभीर बीमारियां, जानें

    Health Tips: जिम में वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन अगर सावधानी नहीं बरती जाए तो इससे कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। यहां जानें उन पांच बीमारियों के बारे में जो जिम जाने से हो सकती हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

    1. मांसपेशियों में खिंचाव और चोट:
    जिम में वर्कआउट के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव या चोट लगने का खतरा रहता है। भारी वजन उठाने या गलत तरीके से एक्सरसाइज करने पर यह समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए सही तकनीक और उचित ट्रेनिंग का पालन करें। वॉर्म-अप करना न भूलें और वजन उठाने में जल्दबाजी न करें।

    2. हृदय संबंधी समस्याएं:
    बहुत अधिक और तीव्र वर्कआउट करने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक या अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है या आप पहले से हृदय संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं, तो वर्कआउट के दौरान सावधानी बरतें और अपने फिटनेस स्तर के अनुसार एक्सरसाइज करें।

    3. डिहाइड्रेशन:
    जिम में पसीना बहाने के दौरान शरीर से बहुत सारा पानी निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए वर्कआउट के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें। इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय पदार्थों का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है।

    4. जिम संक्रमण:
    जिम में बहुत से लोग वर्कआउट करते हैं, जिससे उपकरणों और सतहों पर बैक्टीरिया और वायरस का जमाव हो सकता है। इससे त्वचा संक्रमण, फंगल इन्फेक्शन और अन्य संक्रामक बीमारियां हो सकती हैं। इससे बचने के लिए जिम के उपकरणों को इस्तेमाल से पहले और बाद में सैनिटाइज करें, अपने व्यक्तिगत तौलिये का इस्तेमाल करें, और जिम के बाद अच्छे से नहाएं।

    5. अत्यधिक थकान और तनाव:
    बहुत अधिक वर्कआउट करने से शरीर और मन दोनों पर अतिरिक्त तनाव पड़ सकता है, जिससे अत्यधिक थकान और तनाव की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए अपने वर्कआउट प्लान में रेस्ट डे शामिल करें, पर्याप्त नींद लें और अपनी डाइट को संतुलित रखें।

    जिम में वर्कआउट करें, लेकिन ध्यान से:

    जिम में वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इससे जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। सही तकनीक का पालन करें, अपने शरीर की सीमाओं का ध्यान रखें, और किसी भी प्रकार की समस्या महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रखें, फिटनेस का मतलब है स्वस्थ रहना, न कि खुद को नुकसान पहुंचाना।

  • उपायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लिया हालात का जायजा,  प्रभावितों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा

    उपायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लिया हालात का जायजा,  प्रभावितों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा

    उपायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लिया हालात का जायजा,  प्रभावितों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा
    ऊना / सुशील पंडित : उपायुक्त जतिन लाल ने आज(रविवार) जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उपायुक्त ने सरकारी मशीनरी को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य तेजी से और प्रभावी रूप से जारी रखें ताकि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की तत्परता और प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
    रविवार को हुई भारी बारिश से ऊना जिले में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. बाढ़ की चपेट में आने से अलग अलग दुर्घटनाओं में (समाचार लिखे जाने तक) 12 लोगों की मृत्यु और 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। इसके अलावा, अनेक सरकारी परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, वहीं औद्योगिक इकाइयों और रिहायशी इलाकों में भी जलभराव से क्षति पहुंची है।
    उपायुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी और राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रभावित लोगों से संवाद किया और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करें।
    तत्परता से किया जा रहा प्रभावित परियोजनाओं की बहाली का कार्य
    उन्होंने बताया कि जिले में 335 बिजली के ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, और 11 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें से कुछ को आज शाम तक खोल दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बाढ़ के कारण जल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं को भी क्षति पहुंची है। हरोली उपमंडल में 22 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 21 को अन्य योजनाओं के माध्यम से बहाल किया जाएगा, जबकि एक योजना बाथरी को कल तक बहाल कर लिया जाएगा। ऊना और थानाकलां उपमंडलों में भी कई जल आपूर्ति और सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिन्हें कल तक बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। बाथू-बाथरी औद्योगिक क्षेत्र में खड्ड के पानी के प्रवेश से औद्योगिक इकाइयों को नुकसान हुआ है, और एक पेट्रोल पंप भी बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है। जिला प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य आपदा रिस्पॉन्स बल की एक टीम को कांगड़ा जिले से ऊना बुलाया गया है, जो हरोली उपमंडल में तैनात की गई है।
    बता दें,रविवार को हुई भारी बारिश के कारण ऊना जिले में व्यापक क्षति हुई है। बाथू-बाथरी में 3 प्रवासी बच्चियों (बिहार) की बाढ़ की चपेट आने से मृत्यु हो गई. शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेजा गया है.प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 10-10 हज़ार रुपये की सहायता मुहैया करायी गई है। वहीं बाढ़ की चपेट में आए एक व्यक्ति की तलाश जारी है। इसके अलावा, जैजों गांव (हिमाचल-पंजाब सीमा) के पास एक वाहन पानी के तेज बहाव में बह गया, इसमें सवार 12 लोगों में से 1 को बचा लिया गया है, 9 लोगों के शव बरामद किए हैं और 2 की तलाश जारी है। ये सभी लोग देहलां और भटोली गांव के निवासी थे और शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान की गई है।
  • Vinesh Phogat को अब इस तारिख को मिलेगा मेडल, CAS शाम 6 बजे तक सुनाएगा फैसला

    Vinesh Phogat को अब इस तारिख को मिलेगा मेडल, CAS शाम 6 बजे तक सुनाएगा फैसला

    नई दिल्ली। पेरिस ओलंपिक में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को 100 ग्राम वजन ज्यादा पाये जाने पर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने बुधवार को कुश्ती के फाइनल से पहले वजन ज्यादा होने का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलेगा या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है।

    अयोग्यता के खिलाफ दायर विनेश फोगाट की याचिका पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) ने फैसला सुनाने की तारीख बढ़ा दी है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के सूत्रों के मुताबिक CAS अब विनेश की अपील पर 13 अगस्त, मंगलवार शाम 6 बजे तक फैसला सुनाएगा।

  • गुड़-शहद को चीनी की जगह खाने वाले जान लें यह 7 नुकसान !

    गुड़-शहद को चीनी की जगह खाने वाले जान लें यह 7 नुकसान !

    • Health Tips: आजकल चीनी के नुकसान को देखते हुए लोग गुड़ और शहद जैसे प्राकृतिक विकल्पों का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि, ये शुगर अल्टरनेटिव्स प्राकृतिक हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। आइए जानते हैं गुड़ और शहद के संभावित नुकसान, ताकि आप इन्हें सोच-समझकर अपनी डाइट में शामिल कर सकें।
    1. कैलोरी की मात्रा ज्यादा गुड़ और शहद भले ही चीनी के मुकाबले ज्यादा पौष्टिक होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी की मात्रा भी अधिक होती है। अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो इनका अधिक सेवन आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। 2. रक्त शर्करा में वृद्धि गुड़ और शहद का सेवन करने से भी रक्त शर्करा स्तर बढ़ सकता है, खासकर अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं। शहद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से कम होता है, लेकिन यह शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। 3. दांतों की समस्याएं गुड़ और शहद में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो दांतों की सड़न और कैविटी का कारण बन सकती है। इसलिए, इन्हें खाने के बाद दांतों की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। 4. एलर्जी का खतरा कुछ लोगों को शहद से एलर्जी हो सकती है। शहद में पाए जाने वाले कुछ तत्वों से शरीर में रिएक्शन हो सकता है, जो एलर्जी के लक्षण पैदा कर सकता है, जैसे कि खुजली, सूजन, या सांस लेने में दिक्कत। 5. पाचन संबंधी समस्याएं गुड़ और शहद का अधिक सेवन करने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि पेट में दर्द, गैस, और अपच। 6. नकली शहद का खतरा बाजार में बिकने वाला शहद अक्सर मिलावटी होता है, जिसमें अतिरिक्त शर्करा मिलाई जाती है। यह न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, बल्कि इससे आपके शुगर लेवल पर भी असर पड़ सकता है। 7. सीमित पोषक तत्व गुड़ और शहद में कुछ पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इन्हें बहुत अधिक मात्रा में खाने से आपको आवश्यक विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाते। इन्हें संतुलित आहार के हिस्से के रूप में सेवन करना चाहिए, न कि मुख्य स्रोत के रूप में। सावधान रहें और संतुलित मात्रा में सेवन करें गुड़ और शहद के फायदे तो हैं, लेकिन इनके अत्यधिक सेवन से नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए, इन्हें अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में शामिल करें और किसी भी प्रकार की शुगर का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है।
  • बाथू में प्रवासी मजदूरों के दो बच्चे बहे, एक शव बरामद दूसरा लापता

    बाथू में प्रवासी मजदूरों के दो बच्चे बहे, एक शव बरामद दूसरा लापता

    ऊना/सुशील पंडित :जिला ऊना के हरोली औद्योगिक क्षेत्र बाथू में हुई भारी बारिश के कारण प्रवासी मजदूरों के दो बच्चे बह गए। जिनमें से 6 वर्षीय बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि 3 वर्षीय बालक लापता है। मृतक बच्ची की पहचान राशि के रूप में हुई है।
     डीएसपी हरोली मोहन रावत पुलिस की टीम सहित मौके पर पहुंचे।पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें बालक की खोजबीन में लगी हुई हैं और सभी संभावित स्थानों पर तलाश जारी है। बहीं जिलाधीश ऊना जतिन लाल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं।
  • इन 6 चीज़ो को अपनाकर मिनटों में सब होगा याद, बच्चे ही नहीं बड़े भी बन जाएंगे चैंपियन

    इन 6 चीज़ो को अपनाकर मिनटों में सब होगा याद, बच्चे ही नहीं बड़े भी बन जाएंगे चैंपियन

    Lifestyle: हमारी याददाश्त एक महत्वपूर्ण कौशल है, जो न केवल छात्रों के लिए, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए आवश्यक है। अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे पढ़ाई में अव्वल रहें या फिर आप खुद अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बेहतरीन प्रदर्शन करें, तो ब्रेन एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। ये एक्सरसाइज न केवल आपकी याददाश्त को तेज करती हैं, बल्कि मस्तिष्क को भी मजबूत बनाती हैं।

    1. मेमोरी गेम्स खेलें: मेमोरी से जुड़े खेल जैसे शतरंज, पजल्स, और क्रॉसवर्ड हल करना आपके दिमाग को तेज करता है। रोजाना कुछ समय निकालकर इन्हें खेलने से आपका ध्यान और स्मरण शक्ति दोनों ही बेहतर होते हैं।
    2. दिमागी एक्सरसाइज करें: मानसिक गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखें। जैसे नई भाषा सीखना, कोई नया स्किल अपनाना या फिर किताबें पढ़ना। ये सभी काम दिमाग को सक्रिय रखते हैं और इसकी क्षमता बढ़ाते हैं।
    3. मेडिटेशन और ध्यान: मेडिटेशन मस्तिष्क को शांत करता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाता है। रोजाना कुछ मिनटों के लिए मेडिटेशन करने से तनाव कम होता है और याददाश्त में सुधार होता है।
    4. व्यायाम करें: शारीरिक व्यायाम भी मस्तिष्क के लिए फायदेमंद होता है। नियमित रूप से योग, वॉकिंग या जॉगिंग करने से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता में सुधार होता है।
    5. अच्छी नींद लें: पर्याप्त नींद याददाश्त को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। अच्छी नींद लेने से दिमाग को आराम मिलता है और वह अधिक प्रभावी ढंग से काम करता है।
    6. संतुलित आहार लें: ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। आहार में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसे कि हरी सब्जियां, फल, नट्स, और बीज।

    इन आसान लेकिन प्रभावी ब्रेन एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, और देखिए कैसे बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े भी बन जाएंगे चैंपियन। थोड़ी सी मेहनत से आप अपनी और अपने परिवार की याददाश्त को सुधार सकते हैं, जिससे पढ़ाई और काम में बेहतर परिणाम मिलेंगे।

  • जेजों में हुए दर्दनाक हादसे पर भाजपा ने जताया गहरा शोक 

    जेजों में हुए दर्दनाक हादसे पर भाजपा ने जताया गहरा शोक 

    पीड़ित परिवारों की यथासंभव मदद की जाएगी: सत्ती 
    ऊना/ सुशील पंडित : पंजाब के होशियारपुर जिला के तहत पड़ते जेजों में ऊना जिला के भटौली और देहलां के लोगों के साथ पेश आए दर्दनाक हादसे पर ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, भाजपा के मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल महामंत्री अशोक धीमान, राहुल देव शर्मा, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत अप्पर देहलां के उप प्रधान रूपेंद्र सिंह देहल, भटोली की प्रधान हरपाल कौर, पूर्व प्रधान सतीश शर्मा और युवा नेता अजय चौधरी सहित तमाम भाजपा पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतत परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। विधायक ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को यथासंभव मदद प्रदान की जाए। काबिले गौर है कि रविवार को एक बारात में शामिल होने जा रहे तीन बहनों के परिवार भारी बारिश के चलते पंजाब के जेजों में बाढ़ की चपेट में आ गए। जिसके चलते कई लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है।
  • पूर्व विदेश मंत्री व कांग्रेस के कद्दावर नेता का निधऩ

    पूर्व विदेश मंत्री व कांग्रेस के कद्दावर नेता का निधऩ

    नई दिल्ली। लंबे समय से बीमार पूर्व विदेश मंत्री के नटवर सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। एक पारिवारिक सूत्र ने बताया कि नटवर सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वह पिछले कुछ हफ्तों से भर्ती थे। सूत्र ने कहा, ‘नटवर सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। उनके पुत्र अस्पताल में हैं। परिवार के कई अन्य सदस्य भी दिल्ली आ रहे हैं, जहां रविवार को नटवर सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।’

    कांग्रेस के पूर्व सांसद नटवर सिंह का जन्म 1931 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था। वह 2004-05 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में विदेश मंत्री पद पर काबिज थे। उन्होंने पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी सेवाएं दी थीं और 1966 से 1971 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े हुए थे।