लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 9वां बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 8 लाख, 8 हजार 736 करोड़ का बजट पेश किया है। बजट की शुरुआत मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपरा को महत्व दिया गया। इस बजट में शिक्षा, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना भी है। इस आयोजन की भव्यता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है, जिससे प्रयागराज में आधारभूत संरचना और सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2024-25 के बजट के सापेक्ष इसमें 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उत्तर प्रदेश के बजट के आकार में यह बढ़ोत्तरी राज्य के सामर्थ्य के अनुरूप है। यह बजट अर्थव्यवस्था को विस्तार देने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि कुल व्यय में 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर सम्मिलित है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश की जी.डी.पी. 12.89 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना भी है। इस आयोजन की भव्यता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है, जिससे प्रयागराज में आधारभूत संरचना और सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2024-25 के बजट के सापेक्ष इसमें 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उत्तर प्रदेश के बजट के आकार में यह बढ़ोत्तरी राज्य के सामर्थ्य के अनुरूप है। यह बजट अर्थव्यवस्था को विस्तार देने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि कुल व्यय में 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर सम्मिलित है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश की जी.डी.पी. 12.89 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।



