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  • सरेआम युवक ने 21 साल की लड़की की गोली मार की हत्या, रोंगटे खड़े कर देगा ये वीडियो

    सरेआम युवक ने 21 साल की लड़की की गोली मार की हत्या, रोंगटे खड़े कर देगा ये वीडियो

    मुबंईः महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोईसर इलाके में दिनदहाड़े एक युवक ने 21 साल की एक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं हत्या करने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मारने की कोशिश की लेकिन सफल ना होने पर उसने सीआईएसएफ की गाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बोइसर पुलिस के मुताबिक घटना टिमा हॉस्पिटल के सामने बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। बोईसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आरोपी श्रीकृष्ण यादव ने नेहा महतो (26) पर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली चलाई, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं युवती पर गोली चलाने के बाद आरोपी कृष्णा यादव ने सीआईएसएफ के गाड़ी के सामने कूद गया। इसमें उसे गंभीर चोटें आईं। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया है और पिस्टल भी बरामद कर लिया है।

    प्रेम प्रसंग का मामला

    दरअसल पालघर जिले के बोईसर कस्बे में बुधवार दोपहर एक युवक ने 21-वर्षीय एक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि युवक ने पहले युवती के सिर में गोली मारी फिर खुद को भी मारने की कोशिश की। लेकिन वीडियो में दिख रहा है कि पिस्टल में कुछ दिक्कत आने के कारण गोली फायर नहीं हुई। बाद में सीआईएसएफ वाहन के आगे कूद कर युवक ने खुद भी जान दे दी। पुलिस को आशंका है कि युवक-युवती के बीच प्रेम प्रसंग में यह घटना हुई। बोईसर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुरेश कदम ने बताया कि आरोपी श्रीकृष्ण यादव ने नेहा महतो (26) पर ‘प्वाइंट ब्लैंक रेंज’ से सिर में गोली मारी, जिसके बाद उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    अधिकारी ने कहा कि युवती पर गोली मारने के बाद कृष्णा यादव केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के वाहन के आगे कूद गया, जिस कारण उसे गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उसको अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। सुरेश कदम ने कहा कि युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि हमें शक है कि यह हत्या-आत्महत्या की घटना प्रेम प्रसंग का नतीजा है। हालांकि, मामले की जांच की जा रही है।

  • त्यूड़ी में लगाया जागरूकता शिविर  वताईं पंचायत की मतदाता सूचियां

    त्यूड़ी में लगाया जागरूकता शिविर वताईं पंचायत की मतदाता सूचियां

    ऊना/ सुशील पंडित: आगामी विधानसभा चुनावों के मध्यनज़र प्रत्येक नागरिक अपने वोट का प्रयोग कर सके इसके लिए स्वीप के तहत जिला के प्रत्येक पंचायत में आगामी 2 अक्तूबर को आयोजित होने वाली विशेष बैठकों में लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।  इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिकों को स्वीप अभियान के माध्यम से लोकतंत्र के उत्सव में अपनी स्वैच्छिक भागीदारी सुनिश्चित करने हेतू प्रेरित करना है। प्रत्येक ग्राम सभा की बैठकों में 1 अक्तूबर, 2022 की अहर्ता तिथि के आधार पर प्रकाशित फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को नागरिकों के समक्ष पढ़ा जाएगा ताकि किसी कारणवश वोट बनाने से वंचित नए मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने हेतू विशेषकर 18 से 21 वर्ष के युवा प्रारूप-6 पर आवेदन प्रस्तुत कर सके।
    मृत/दोहरे पंजीकृत/स्थानान्तरित मतदाताओं के नाम 1 अक्तूबर, 2022 की अहर्ता तिथि के आधार पर अपमार्जित करने हेतू प्रारूप-7 पर आवेदन प्रस्तुत कर सके। इसके अलावा मतदाता की विद्यमान प्रविष्टियों/फोटो पहचान पत्रों में किसी भी प्रकार की शुद्धि/स्थानान्तिरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज करने हेतू प्रारूप-6 प्रस्तुत कर सके। यह जानकारी देते हुए ब्लॉक से पहुंचे सोनिया महाजन व अनीता मैडम ने इस संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर  त्यूड़ी के प्रधान रीता देवी उप प्रधान व पूर्व उपप्रधान हरिमोहन,सरवन सैनी,वार्ड पंच रीना देवी,रमा कुमारी, राकेश कुमार, दर्शना देवी,सिलाई अध्यापिका किरणा कुमारी,आकाश शर्मा और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि तथा पंचायत सदस्य बैठकों के माध्यम से फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करवाने में सहयोग करें।
  • पीजीआई में बेहोशी की दवा से मरीजों की मौत के मामले में खुलासा

    पीजीआई में बेहोशी की दवा से मरीजों की मौत के मामले में खुलासा

    चंडीगढ़ः पीजीआई में बेहोशी की दवा प्रोपोफोल से मरीजों की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पीजीआई की इमरजेंसी स्थित गुप्ता मेडिकोज से खरीदी गई बेहोशी की दो दवाओं के नमूने क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में फेल पाए गए हैं। बीते 26 सितंबर को आई रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों दवाओं के सैंपल स्टैंडर्ड क्वालिटी के नहीं हैं। इस रिपोर्ट के आने से पूरे घटनाक्रम ने एक अलग मोड़ ले लिया है क्योंकि अब तक सिर्फ इमरजेंसी की दवा की दुकान से गलत दवा बेचे जाने से मरीजों की मौत की आशंका जताई जा रही थी जबकि स्थिति उससे भी ज्यादा गंभीर हो चुकी है।

    जांच में फेल पाए गए दो नमूने, खड़े होने लगे कई सवाल

    जांच में फेल पाए गए दोनों नमूनों में शामिल दवाओं की आपूर्ति मौजूदा समय में पीजीआई और जीएमसीएच-32 के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों में की जा रही है। इसका उपयोग मरीजों को बेहोश करने में अब भी हो रहा है। इस पूरे प्रकरण पर पीजीआई प्रशासन अब भी चुप्पी साधे है। पीजीआई प्रशासन ने अब तक न तो मामले में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट का खुलासा किया है और न ही संबंधित दवा की दुकान से मिले स्पष्टीकरण की रिपोर्ट सार्वजनिक की है। इससे कई सवाल खड़े होने लगे हैं।

    अचानक मौत के आंकड़े बढ़ने पर डॉक्टरों ने जताई थी आपत्ति 

    पीजीआई में 25 से 30 अगस्त के बीच में न्यूरो सर्जरी के मरीजों में सर्जरी के बाद अचानक मौत के मामले बढ़ने पर डॉक्टरों ने आपत्ति जताई थी। इसकी शुरुआती जांच में सामने आया था कि उन्हें दी गई बेहोशी की दवा के कारण यह समस्या हुई है।

    इसे गंभीरता से लेते हुए पीजीआई प्रशासन ने आनन-फानन जांच कमेटी गठित कर दिया था। वहीं यूटी प्रशासन के ड्रग इंस्पेक्टर ने गुप्ता मेडिकोज से दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। उस दौरान नमूना लेने आई टीम ने प्रोपोफोल सॉल्ट से बनी दो अलग-अलग कंपनियों की बेहोशी की दवा प्रोपोवैन और नियोरोफ के नमूने लिए थे। प्रोपोवेन निक्सी लैब में नियोरोफ नियॉन लैब में बन रही है।

    गुप्ता मेडिकोज के संचालक ने दे दिया था जवाब

    पीजीआई में प्रोपोफोल से मरीजों की मौत के मामले में मांगे गए स्पष्टीकरण के बाद इमरजेंसी स्थित गुप्ता मेडिकोज के संचालक ने 16 सितंबर को ही अपना जवाब सौंप दिया था। इसमें गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज रिपोर्ट के साथ डब्ल्यूएचओ की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज व संबंधित कंपनी से ली गई दवा की गुणवत्ता का प्रमाणपत्र संलग्न किया था लेकिन पीजीआई की क्लीनिकल जांच कमेटी की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार मामले में हुई मौतों पर कारणों की जांच के लिए एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया था। हालांकि, इस टीम के गठन के एक महीने गुजर जाने के बाद भी रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।

    जीएमसीएच-32 ने भी माना, दवा से हुआ कुछ मरीजों को नुकसान

    पीजीआई में मौत का मामला सामने आने के कुछ दिनों बाद जीएमसीएच-32 प्रशासन ने भी माना था कि उनके यहां भी प्रोपोफोल के प्रयोग से कुछ मरीजों को नुकसान हुआ है। जीएमसीएच-32 के तत्कालीन कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रो. जीपी थामी ने बताया था 29 अगस्त को सूचना मिली थी कि सर्जरी के बाद दो मरीजों की स्थिति बिगड़ गई है।

    सूचना के बाद दवा कंपनी ने ले लिए थे सारे स्टॉक वापिस 

    जांच में पाया गया कि दवा दो अलग-अलग जगहों से आपूर्ति की गई थी। इनमें से कुछ की शीशियों पर लिपिड की बूंदें मिली थीं। दोनों ही स्टॉक में से दो तिहाई शीशियों का इस्तेमाल किया जा चुका था लेकिन दो मरीजों पर इसका दुष्प्रभाव नजर आया। ऐसा होने पर संबंधित दवा कंपनी को सूचना दी गई और उसने सारे स्टॉक वापस ले लिए थे। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई। हालांकि उन दोनों मरीजों की किडनी और लीवर पर पड़े दुष्प्रभाव को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और उनकी अब छुट्टी भी हो चुकी है।

  • पंजाबः अवैध ढंग से चलाए स्कैन सेंटर पर सेहत विभाग ने दी दबिश, एक काबू

    पंजाबः अवैध ढंग से चलाए स्कैन सेंटर पर सेहत विभाग ने दी दबिश, एक काबू

    लुधियानाः सेहत विभाग की टीम ने वीरवार अवैध ढंग से चलाए जा रहे स्कैन सेंटर में दबिश दी। सेहत विभाग की यह दबिश करनैल सिंह नगर, गली नंबर 4 के एक घर में अवैध ढंग से चलाए जा रहे स्कैन सेंटर की दी गई। सेहत विभाग की टीम ने स्टिंग ऑपरेशन कर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को बरामद कर सील किया है। सिविल सर्जन डा. हतिंदर कौर के दिशा-निर्देश पर जिला परिवार भलाई अधिकारी डा. हरप्रीत सिंह ने टीम सहित मौके पर दबिश दी। इस सेंटर को करन मालड़ी नाम से एक व्यक्ति चला रहा था।

    बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति पहले कहीं प्राइवेट प्रेक्टिस करता होगा। मौके पर पुलिस टीम भी मौजूद रही। सेंटर से एक अल्ट्रासाउंड मशीन, एक टाउन, करंसी को बरामद किया गया है। जो व्यक्ति सेंटर चला रहा था, उसे हिरासत में ले लिया गया है। सिविल सर्जन डा. हतिंदर कौर ने बताया कि तकरीबन एक माह पूर्व उनके पास शिकायत आई थी कि उक्त इलाके की एक गली में अवैध ढंग से सेंटर चलाया जा रहा है, जहां भ्रूण जांच हो रही है। हालांकि सेहत विभाग की टीम ने इससे पहले भी स्टिंग चलाया था लेकिन कामयाबी उन्हें आज मिली है।

    यह भी पता चला है कि सेंटर में पिछले छह माह से भ्रूण जांच की जा रही है। हिरासत में लिए जाने वाले करन ने बताया है कि उसने इस मशीन को दिल्ली से साढ़े चार लाख रुपये में खरीदा था। अब तक वह 15 से 20 भ्रूण जांच कर चुका है लेकिन सेहत विभाग की टीम इस समय दौरान रोजाना एक से दो केस भ्रूण जांच किए जाने की बात का अंदाजा लगा रही है। सेहत विभाग ने मुताबिक सील की गई मशीन को पुलिस को सौंप दिया गया है, अगली कार्रवाई पुलिस करेगी।

    स्टिंग आप्रेशन के दौरान सेहत विभाग की टीम ने अपने ही एक महिला पेशेंट को सेंटर में भेजा था, पूरा सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ था। वीरवार जैसे ही पेशेंट सेंटर पहुंची तो थोड़े समय बाद सेहत विभाग टीम भी पुलिस के साथ वहां पहुंच गई। मौके पर मशीन चल रही थी। जिला परिवार भलाई अधिकारी डा. हरप्रीत सिंह ने कहा कि सेंटर से 20 हजार रुपये की करंसी बरामद कर ली गई है जबकि 10 हजार रुपये अभी भी पेंडिंग है। उन्होंने बताया कि अवैध ढंग से सेंटर चलाने वाले व्यक्ति ने कबूला है कि वह भ्रूण जांच के लिए 20 हजार रुपये से 40 हजार रुपये तक लेता था।

  • युवा मोर्चा की ऊना मंडल इकाई का हुआ विस्तार 

    युवा मोर्चा की ऊना मंडल इकाई का हुआ विस्तार 

    ऊना/सुशील पंडित: भारतीय जनता युवा मोर्चा की ऊना मंडल इकाई का विस्तार कर दिया गया है। वीरवार को मंडल अध्यक्ष रवि जैलदार ने वित्त आयोग अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल की मौजूदगी में कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए युवाओं को पदभार सौंपा। जानकारी देते हुए भाजयुमो मंडल अध्यक्ष रवि जैलदार ने बताया कि अनीस ठाकुर व सुखविंदर चौधरी को महासचिव, अंकु राणा बहडाला, मनी ठाकुर जनकौर, संजीव वर्मा संतोषगढ़, सुनील कुमार छतरपुर, सतीश कुमार खानपुर, पवन सैनी लाल सिंगी, नव सैनी लाल सिंगी, विकास पूरी ऊना, अमन सैनी अरनियाला लोअर , अरुण ठाकुर अरनियाला व सुखविंदर बसोली को उपाध्यक्ष ,  विवेक चौधरी नंगड़ा , अभय चौधरी बराना , भूपिंदर कुठार , कृष्ण चौधरी जनकोर , महेश थिंद देहलां , प्रिंस मैहतपुर , हरीश नंगड़ा , अमन नंगड़ा, साहिल चौधरी खानपुर को सचिव, विनोद बहडाला, गुरचरण देहलां, दीपक बनगढ़, राहुल बनगढ़ ,इक़बाल जनकौर, मनीष कुमार बसोली, रजत जोशी सुनेहरा को संयुक्त सचिव,  नरिंदर ठाकुर को कोषाध्यक्ष, गौरव राणा व हेमंत सहोड़ को सोशल मीडिया प्रभारी का कार्यभार सौंपा गया। कार्यकारिणी सदस्य प्रताप राणा बहडाला, गौरव बराना, नवदीप छतरपुर, निमिष कुठार खुर्द, अभिषेक भडोलियाँ खुर्द , सौरव मेनन लोअर देहलां और सिद्धार्थ ठाकुर जनकौर को शामिल किया गया। इस मौके पर मंडल महामंत्री युवा मोर्चा रुपिंदर सिंह देहल , उपाध्यक्ष जसविंदर मोनू , मयंक ठाकुर मिंकू , जिला भाजयुमो उपाध्यक्ष  जयवीर ठाकुर , सचिव विकास कुमार , जिला सोशल मीडिया प्रभारी उधय रायजादा , ऊना शहरी इकाई अध्यक्ष साहिल बाली महासचिव शिवम सैनी , मैहतपुर शहरी इकाई अध्यक्ष आकाश राणा , महासचिव शिवांश दुवेदी , संतोषगढ़ महामंत्री तरुण पूरी उपाध्यक्ष रजत चब्बा , रजत रज्जी , धीरज मेहराल , विक्की सैनी समेत अन्य युवा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

  • पंजाबः कांग्रेसी सासंद को गैंगस्टर की ओर से फोन पर मिली धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप

    पंजाबः कांग्रेसी सासंद को गैंगस्टर की ओर से फोन पर मिली धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप

    लुधियानाः पंजाब में गैंगस्टरों की ओर से वीआईपी लोगों को लगातार धमकी भरे फोन आ रहे है। वहीं आज गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया नामक गैंगस्टर की तरफ से व्हाट्सएप कॉल के जरिए कांग्रेसी सासंद रवनीत बिट्टू को धमकी भरा फोन आने का मामला सामने आया है। इस मामले की जानकारी सासंद बिट्टू ने खुद दी है।

    बिट्टू ने बताया कि उन्हें इंटरनैशनल नंबर से गैंगस्टर्स के धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जग्गू भगवानपुरिया नामक गैंगस्टर की तरफ से व्हाट्सएप पर कॉल कर धमकियां दी जा रही हैं। बता दें कि रवनीत बिट्टू पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। सांसद बिट्टू को धमकियां मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। 

  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई चौकीमनियार के अध्यक्ष बने शिवम् व इकाई मंत्री बने पंकज 

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई चौकीमनियार के अध्यक्ष बने शिवम् व इकाई मंत्री बने पंकज 

    ऊना/सुशील पंडित : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई चौकीमनियार  में नव कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिस में अभाविप के कार्यकर्ताओं को नए दायित्व सौंपे गए। इस में चुनाव अधिकारी के रूप में अरूण व मुख्य वक्ता के रूप में पंकज ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब जब देश को ज़रूरत पड़ी उस समय केवल एक ही छात्र संगठन देशहित में आगे बढ़ कर आया वो भी केवल विद्यार्थी परिषद।  गत दिनों में अभाविप द्वारा पुरे प्रदेश में एक लाख से ऊपर पौधे रोपे गए।
    आज मौसम परिवर्तन हमारे लिए एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। भविष्य में हमें इस से बचने के लिए आज ही सख़्त कदम उठाने होंगे।  उन्होंने इकाई गठन करते हुए बताया की इकाई अध्यक्ष शिवम् व इकाई मंत्री पंकज तथा आर्यन, वासुदेव , राहुल को उपाध्यक्ष व कुनाल , अंश को सह सचिव, बीए प्रमुख यश ; सह प्रमुख काजल बी.कॉम प्रमुख द्रुव, खेल प्रमुख साहिल, एनएसएस प्रमुख वासुदेव, स्टूडेंट्स फ़ॉर सेवा प्रमुख शुभम, सोशल मीडिया प्रमुख अमन तथा इकाई सदस्य मधु, ज्योति, सुमित आदि कार्यकर्ता रहेंगे।
  • बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट द्वारा ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन

    बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट द्वारा ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन

    जालंधर/विजय: बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट ने ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ के अवसर पर इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया। टॉक का उद्देश्य हृदय रोगों के बारे में छात्रों को जागरूक करना था। इस सत्र के लिए रिसोर्स पर्सन डॉ.  विवेक राणा (हृदय रोग विशेषज्ञ, इनोसेंट हार्ट्स मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल) थे।

    सत्र की शुरुआत मिस  मनप्रीत कौर (असिस्टेंट प्रो. स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस) द्वारा स्वागत भाषण से हुई। डॉ. विवेक राणा ने छात्रों को हृदय रोगों के कारणों, लक्षणों और उपचार से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भारत में हृदय रोग बढ़ने का प्रमुख कारण अस्वस्थ जीवन शैली है और हम सभी को स्वस्थ आहार लेने की आदतों का पालन करना चाहिए, जो शरीर में शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और मानव हृदय को स्वस्थ रखता है। डॉ. राणा ने हृदय रोग के रोकथाम के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी, जिससे छात्र शरीर के तनाव के स्तर को कम करने के लिए नियमित व्यायाम और ध्यान की आदत को अपनाने के लिए प्रेरित हुए।

    डॉ. शैलेश त्रिपाठी (ग्रुप डायरेक्टर) ने छात्रों के साथ बहुमूल्य जानकारी और अपने अनुभव को साझा करने के लिए डॉ. विवेक राणा का धन्यवाद किया।

  • टीवी मुक्त हिमाचल अभियान के तहत ग्रामीण किए जागरूक

    टीवी मुक्त हिमाचल अभियान के तहत ग्रामीण किए जागरूक

    ऊना/सुशील पंडित: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से नटराज कला मंच नादौन के कलाकारों ने टीवी मुक्त हिमाचल अभियान के तहत ग्राम पंचायत हरोली व दुलैहड़ में गीत संगीत और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कलाकारों ने बताया कि क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है जो आमतौर पर फेफड़ों पर हमला करती है। फेफड़ों की टीवी एक मरीज से दूसरे लोगों में खांसने या छींकने से फैलती है। टीवी बाल, नाखून और दांत को छोड़कर शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है।
    अगर किसी को 2 सप्ताह से अधिक खांसी है या शाम के समय बुखार आ रहा हो या भूख नहीं लग रही हो, बजन लगातार कम हो रहा हा,े रात को पसीना आना, छाती में दर्द होना व खांसी में खून आने की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बलगम चेक करवाएं। टीवी की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनों से फ्री की जाती है। उन्होंने बताया कि टीवी लाईलाज बीमारी नहीं है इसका इलाज पूर्णतया संभव है  सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीवी के लिए डॉट्स की दवाई मुफ्त उपलब्ध है। 6 महीने तक लगातार दवाई खाने से टीवी ठीक हो जाती है और दवाई बीच में छोड़ने पर 2 साल खानी पड़ती है। टीवी के मरीजों को हर महीने पोषण आहार के लिए 500 रूपये दिए जाते हैं। इसके अलावा  बिगड़ी हुई टीवी के मरीजों को 500 प्रति महीने 2 साल तक एनटीईपी द्वारा तथा 1500 रुपए प्रतिमाह मुख्यमंत्री क्षय निवारण योजना द्वारा दिया जाता है।  इस अवसर पर ग्राम पंचायत दुलैहड के प्रधान नंद किशोर, उप प्रधान पवन राणा, वार्ड सदस्य पूनम, नीलम, रशीदा, बीना, बलदीप कौर और हरोली हेल्थ सुपरवाइजर महेंद्र कुमार सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
  • अब  मुकेश अंबानी को मिलेगी Z+ सिक्योरिटी

    अब मुकेश अंबानी को मिलेगी Z+ सिक्योरिटी

    नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक मुकेश अंबानी को अब Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दे दी गई है। अब तक उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी। इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी को खतरा है, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। पेमेंट बेसिस पर उनकी सुरक्षा को बढ़ाया गया है। मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटक मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को मजबूत करने पर काफी दिनों से विचार चल रहा था।

    58 कमांडो की सुरक्षा में रहेंगे उद्योगपति

    सुरक्षा की येलो बुक के मुताबिक जिस वीवीआईपी को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी जाती है, इनके चारों तरफ कड़ा सुरक्षा का पहरा होता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 58 कमांडो Z+ कैटेगरी की सुरक्षा में तैनात होते हैं। इसके अलावा 10 आर्म्ड स्टैटिक गॉर्ड, 6 PSO, 24 जवान 2 एस्कॉर्ट में राउंड द क्लॉक, 5 वॉचर्स दो शिफ्ट में रहते हैं, एक इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर इंचार्ज के तौर पर तैनात रहता है। वीआईपी के घर आने-जाने वाले लोगों के लिए 6 फ्रीस्किंग और स्क्रीनिंग करने वाले तैनात रहते हैं। इसके साथ ही राउंड द क्लॉक ट्रेंड 6 ड्राइवर होते हैं।

    अंबानी की सुरक्षा हटाने के खिलाफ दाखिल हुई थी याचिका

    सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार को मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों को मुंबई में सुरक्षा कवर जारी रखने की अनुमति दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार को सुरक्षा देने के खिलाफ त्रिपुरा हाई कोर्ट में दाखिल याचीका को खारिज करने का आदेश दे दिया था।

    उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों को मुंबई में सुरक्षा कवर देने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को त्रिपुरा हाई कोर्ट में चुनोती दी गई थी, जिसमें हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को गृह मंत्रालय के पास रखी और मूल फाइल पेश करने का निर्देश दिया था। जिसके आधार पर अंबानी परिवार को सुरक्षा दी गई थी। इसके खिलाफ केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचीका दाखिल की थी। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और जस्टिस कृष्ण मुरारी और हेमा कोहली की पीठ ने अंबानी की सुरक्षा को चुनौती देने वाली त्रिपुरा हाई कोर्ट के समक्ष लंबित जनहित याचिका पर कार्यवाही को रद्द कर दिया।

    हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में दी थी चुनौती 

    केंद्र ने अंबानी परिवार के सुरक्षा ब्योरे की मांग करने वाले हाई कोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया था कि उच्च न्यायालय ने मुंबई में अंबानी को सुरक्षा मुहैया कराने के आधार पर खतरे की आशंका का ब्योरा मांगा था। सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि मुंबई में एक परिवार को दी गई सुरक्षा का त्रिपुरा सरकार से कोई लेना-देना नहीं है और उच्च न्यायालय के पास जनहित याचिका पर विचार करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी जिसमें सरकार से कहा गया था कि वह अंबानी परिवार की धमकी की धारणा और उसके द्वारा तैयार की गई आकलन रिपोर्ट के संबंध में गृह मंत्रालय (एमएचए) की ओर से रखी गई मूल फाइल को रखे।