ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने हीटर और अंगीठी के सुरक्षित उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए हीटर और अंगीठी का असुरक्षित उपयोग गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इन उपकरणों के उपयोग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें और अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संपर्क करें।
बंद कमरे में हीटर या अंगीठी का उपयोग न करें
हीटर या अंगीठी का उपयोग करते समय कमरे में उचित वेंटिलेशन होना आवश्यक है। बंद कमरे में इनका उपयोग करने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं, जो दम घुटने या मृत्यु का कारण बन सकती हैं। खासकर रात में सोते समय हीटर या अंगीठी को बंद कर देना चाहिए।
अंगीठी का सीमित और सुरक्षित उपयोग करें
अंगीठी का उपयोग सीमित मात्रा में करें और इसे सही तरीके से जलाएं। इससे निकलने वाला धुआं और गैस स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं।
हीटर की नियमित जांच और मरम्मत करें
इलेक्ट्रिक और गैस हीटर को समय-समय पर जांचें और खराब उपकरणों का उपयोग न करें। पुराने या क्षतिग्रस्त उपकरण आग या अन्य खतरों का कारण बन सकते हैं।
परिवार के सदस्यों को जागरूक करें
बच्चों और बुजुर्गों को हीटर और अंगीठी के दुष्प्रभाव और सुरक्षित उपयोग के तरीकों के बारे में जानकारी दें। इससे अनहोनी घटनाओं से बचा जा सकता है।
कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता के लक्षण पहचानें
चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, उलझन, या सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत ताजा हवा में जाएं और चिकित्सा सहायता लें।
सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें
उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपने आस-पास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

सर्दियों में हीटर और अंगीठी के सुरक्षित उपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
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