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  • हरियाणा विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर सम्मानपूर्वक प्रस्ताव पारित

    हरियाणा विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर सम्मानपूर्वक प्रस्ताव पारित

    चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर प्रदेशभर में कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस आयोजन समिति, सभी जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों और नागरिक संस्थाओं का आभार व्यक्त किया गया। इस संबंध में एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावा, सदन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने 25 नवम्बर को ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में आयोजित विशाल समागम में गुरुजी को नमन किया और अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के लिए सरकारी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद चर्चा के दौरान सदन में बोल रहे थे।

    नायब सिंह सैनी ने नवम पातशाह ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस के संबंध में अपनी, हरियाणा सरकार की तथा हरियाणा के जन-जन की भावनाएं प्रस्तुत करते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और बलिदान भारतीय सभ्यता की उस आत्मा का प्रतीक है, जिसने सत्य, धर्म और मानव गरिमा की रक्षा के लिए स्वयं को न्योछावर करना स्वीकार किया, लेकिन अन्याय व अधर्म के सामने झुकना कभी स्वीकार नहीं किया।

    उन्होंने कहा कि गत 25 अगस्त, 2025 को इसी सदन में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया था कि जन-जन को प्रेरित करने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को पूरे प्रदेश में गरिमा और गौरवपूर्ण तरीके से मनाया जाएगा। यह प्रस्ताव हरियाणा की धरती की उस परंपरा का विस्तार था, जिसने हमेशा गुरुओं, संतों और महापुरुषों के आदर्शों को अपने सामाजिक जीवन में अपनाया है। इसी संकल्प को साकार करने के लिए गत 3 नवम्बर को चंडीगढ़ में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सभी राजनीतिक दलों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी वर्ष के आयोजन को भव्य बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

    इस बैठक में निर्णय लिया गया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, हरियाणा सरकार सहयोग करेगी। इसके अलावा, यह भी निर्णय लिया गया था कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित चार यात्राएं जिस—जिस मार्ग और क्षेत्र से गुजरेंगी या रात को यात्राओं का ठहराव होगा, वहां सभी दलों के नेता इन यात्राओं का स्वागत करेंगे।

    उन्होंने कहा कि यह सर्वदलीय बैठक हरियाणा की लोकतांत्रिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का सुंदर उदाहरण बनी, जिसमें राजनीति से ऊपर उठकर सभी द्वारा हमारे गौरवशाली इतिहास और विरासत के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सभी विपक्षी सदस्यों व नेताओं ने अपने सुझाव दिए थे और इन सुझावों पर काम किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में अनेक आयोजन किए। इनका उद्देश्य गुरु साहिब को नमन करना तथा नई पीढ़ी को गुरु साहिब के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके बलिदान से प्रेरित करना भी था। पूरे नवंबर के महीने में पूरे प्रदेश में श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान के प्रति श्रद्धा और चेतना का एक निरंतर प्रवाह देखने को मिला।

    श्री गुरु साहिब के बलिदान को समर्पित पहली पावन यात्रा सिरसा जिले के रोड़ी से 8 नवंबर को रवाना की थी। इसके बाद पिंजौर, फरीदाबाद और सढौरा से भी विशाल यात्राएं निकाली गईं। इन चारों यात्राओं में हर कोने से लगभग डेढ़ लाख लोगों ने भागीदारी की गुरु जी को नमन किया। ये यात्राएं 20 जिलों के 500 से अधिक गांवों से होकर गुजरी और गुरु साहिब के संदेश को जन-जन तक पहुंचाती हुई ये यात्राएं 24 नवम्बर को धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र पहुंचीं। इन यात्राओं का हर धर्म और हर वर्ग के लोगों ने हर गांव, हर शहर में राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक विचार धाराओं से ऊपर उठकर बढ़-चढ़कर स्वागत किया।

     

     

    ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में 25 नवम्बर को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन प्रकाश में आयोजित विशाल समागम ने हमारे संकल्प को एक नई आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। इस समागम में प्रदेश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु जी को नमन किया। उस दिन भगवान श्री राम की जन्म भूमि अयोध्या से लेकर भगवान श्री कृष्ण की कर्मभूमि कुरुक्षेत्र तक एक विशेष आस्था का प्रवाह देखने को मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस प्रवाह के विशेष संवाहक बने।

    प्रधानमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित भारत सरकार द्वारा जारी किए गए एक सिक्के, एक डाक टिकट और हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इन सभी ने इस आयोजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

    उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 350 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 23 हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। गुरुजी की शिक्षाओं से बच्चों को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी स्कूलों में संस्कृत, हिन्दी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषाओं में निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें 3 लाख 50 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसी तरह, गुरु जी के जीवन पर एक राज्य स्तरीय कहानी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। यह भावी पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का एक सफल प्रयास रहा।

    इसके अलावा, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा में राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया गया। वहीं, गुरु जी के नाम पर एक चेयर स्थापित करने का निर्णय लिया। यह चेयर शोध और अध्ययन के माध्यम से उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रखने का माध्यम बनेगी।

    उन्होंने कहा कि गुरुजी की याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अंबाला का नामकरण श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर किया गया। इसी प्रकार, टोहाना-जींद-धमतान साहिब सड़क का नाम श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया। इसी कड़ी में, करनाल में आयोजित ‘हिन्द की चादर’ मैराथन, में लगभग 80 हजार लोगों ने भाग लिया। साथ ही, बढ़खालसा में दादा कुशाल सिंह दहिया जी के बलिदान स्थल पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह ने उस वीर नायक को सम्मान दिया। विभिन्न कार्यक्रमों में भाई जैता जी, भाई दयाला जी, भाई सती दास जी और भाई मती दास जी के अद्वितीय बलिदानों को स्मरण कर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी गई।

    यमुनानगर जिले के कलेसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन विकसित करने का निर्णय लिया। वहां पौधारोपण कर वन्य जीव संरक्षण ब्लॉक का निर्माण किया गया और श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वार का निर्माण भी किया गया। यमुनानगर जिले के ही किशनपुरा में गुरु तेग बहादुर कृषि महाविद्यालय खोलने की घोषणा कर श्री गुरु साहिब के नाम को शिक्षा और कृषि से जोड़ा गया।

    25 नवम्बर को विशाल समागम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुजी को नमन किया। उसी दिन उनका अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी शामिल होना हरियाणा के लिए गौरव का क्षण था। उन्होंने महाभारत थीम पर आधारित ‘अनुभव केंद्र’ और भगवान श्री कृष्ण जी के पवित्र शंख के नाम पर ‘पंचजन्य स्मारक’ का लोकार्पण किया। इसके बाद 28 नवंबर को प्रधानमंत्री ने उडुपी में अनुभव केंद्र की प्रशंसा करते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की। उन्होंने 30 नवंबर को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी इसका उल्लेख किया। यह हरियाणा के लिए अत्यंत गर्व और गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सदन की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापन पत्र जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में स्कूलों में निबंध प्रतियोगिताएं आरंभ कर दी गई हैं ताकि साहिबजादों के जीवन से बच्चों को प्रेरणा मिले। हरियाणा केवल वीरों की भूमि नहीं, बल्कि गुरुओं की भी धरती है। लगभग सभी सिख गुरुओं ने अपने पावन चरणों से हरियाणा की धरती को पवित्र किया है। उनकी याद में जगह-जगह पर गुरु घर बने हुए हैं। प्रदेश की जनता में गुरुओं के प्रति गहन श्रद्धा है। इसी श्रद्धा का प्रवाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस कार्यक्रमों में देखने को मिला। प्रदेश के हर गांव, हर शहर और कोने-कोने से लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

    हमारा दायित्व है कि हम अपनी नई पीढ़ियों को श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश, उनके आदर्शों और उनके निर्भीक जीवन से प्रेरित करते रहें। इसलिए वे हरियाणा सरकार की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस के कार्यक्रमों में राजनीतिक मतभेदों तथा धार्मिक अंतरों से ऊपर उठकर पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए सभी प्रदेशवासियों, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, श्री गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस आयोजन समिति, सभी जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों और नागरिक संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने सदन से सरकारी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने का अनुरोध किया और उनके अनुरोध पर प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।

     

  • एसडीएम ऊना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा बैठक आयोजित

    एसडीएम ऊना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा बैठक आयोजित

    जिला में बैंकों ने सितम्बर तिमाही में बांटे 1858.44 करोड़ के ऋण

    ऊना/सुशील पंडित: जिला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा बैठक आज(वीरवार) को एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल की अध्यक्षता में बचत भवन ऊना में आयोजित हुई। इस दौरान एसडीएम ने बैंकों को वार्षिक ऋण योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के निर्देश दिए ताकि लोगों की आर्थिक जरूरतों को पूर्ण किया जा सके। उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर शिक्षा ऋण प्रदान करने और सरकारी योजनाओं के तहत ऋण आवेदनों को मंजूरी प्रदान करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही किसानों को लाभान्वित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को कृषि कार्ड वितरित, कृषि औजारों हेतु ऋण प्रदान करने तथा लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहित करने को भी कहा।

    मित्तल ने बैंकों की वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत की गई उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण की कम उपलब्धि पर चिंता जताई। उन्होंने सभी बैंकों को जमा-ऋण अनुपात बढ़ाने और प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने  के  निर्देश  दिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों और नीतियों का पालन करते हुए बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अधिक से अधिक लोगों को ऋण योजनाओं का लाभ मिले, जिससे आमजन और उद्यमियों को लाभ पहुंच सके। उन्होंने सभी बैंको को निर्देश दिए कि सरकार प्रायोजित योजनाओं के तहत ऋण आवेदनों को समय पर मंजूरी दें। इसके अलावा बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों के साथ आए दिन हो रही धोखाधड़ी के लिए उचित कदम उठाने तथा अधिक से अधिक ग्राहकों को जागरूक करने एव सतर्कता बरतने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।

    एसडीएम ने दूसरी तिमाही में बैंकों द्वारा लक्ष्यों के बदले उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला के बैंकों ने मार्च 2026 तक 3167.11 करोड़ के ऋणों के वार्षिक लक्ष्य के बदले में सितम्बर तिमाही तक 1858.44 करोड़ के ऋण वितरित किए। बैंकों की जमा राशि 16377.99 करोड़ हो गयी है, इसमें 13.76 प्रतिशत वार्षिक दर से वृद्धि हुई है जबकि ऋण  12.85 प्रतिशत की दर से बढ़ कर 4961.55 करोड़ हो गया है। जिला का ऋण जमा अनुपात वर्ष में 30.29 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बैंकों का ऋण जमा अनुपात सुधारने के लिए बैंकों और सरकारी विभागों को भरसक प्रयत्न करने के निर्देश दिए।

    इसके साथ ही, आरबीआई द्वारा चलाये जा रहे आपका पैसा आपका अधिकार अभियान को ग्राहकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि बैंकों में पड़ी अनक्लेम्ड राशि लाभार्थियों को समय पर उपलब्ध हो सके। एसडीएम ने बताया कि बैंकों ने 30 जून, 2025 तक किसानों को 54,185 कृषि कार्ड बांटे हैं। बैकों ने सितम्बर तिमाही के दौरान 468.44 करोड़ के कृषि ऋण, 11.89 करोड़ शिक्षा ऋण और 128.13 करोड़ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण वितरित किए हैं। उन्होंने बैंकों को जनता के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हर संभव मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीडी अनुपात को बढ़ाने के लिए जिला के बैंकों को ऋण वितरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए तथा खराब ऋण की समय पर रिकवरी सुनिश्चित करने को कहा।

    बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक से जिला अग्रणी अधिकारी राहुल जोशी, मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक संजीव कुमार सक्सेना, डीडीएम नाबार्ड सबरिना राजवंशी, आरसेटी निर्देशक सुधीर कुमार शर्मा सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों तथा सरकारी/गैरसरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।

  • Punjab News: दुकान में NRI के पर्स से 2 हजार पाउंड और 50 हजार की नगदी लेकर ठग महिलाएं फरार, देखें CCTV

    Punjab News: दुकान में NRI के पर्स से 2 हजार पाउंड और 50 हजार की नगदी लेकर ठग महिलाएं फरार, देखें CCTV

    होशियारपुरः जिले में दुकान पर बच्चे के साथ शापिंग करने गई एनआरआई महिला के पर्स से पैसे चोरी की घटना सामने आई है। जहां महिला बच्चे के साथ कपड़े की दुकान पर शॉपिंग कर रही थी। इस दौरान वह फोन में व्यस्त थी, तभी उसके पर्स के पास 2 ठग महिलाएं आती है, जिसमें से एक महिला एनआरआई महिला के पर्स से पैसे चोरी कर लेती है। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक पिंक कपड़े पहनी महिला और दूसरी रेड कपड़े पहनी महिला दुकान में आती है।

    जहां दुकान के काउंटर पर एनआरआई महिला ने पर्स रखा हुआ था और पर्स के पास ही बच्चा बैठ हुआ था। इस दौरान एनआरआई महिला फोन पर व्यस्त होती है और बच्चे को टोपी दिखा रही थी, तभी पिंक रंग के कपड़े पहनी महिला पर्स के पास पहुंचती है और बड़ी चालाकी से एनआरआई महिला के पर्स से पैसे चुरा लेती है। इसी दौरान दूसरी महिला दुकानदार को बातों में उलझाने में व्यस्त हो जाती है। घटना को अंजाम देकर दोनों ठग महिलाए मौके से फरार हो गई।

    घटना का उस समय एनआरआई महिला को पता चला जब उसने दुकानदार को पैसे देने के लिए पर्स खोला तो पर्स में देखा पैसे गायब थे। जिसके बाद दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे चैक किए गए तो पता चला कि ग्राहक बनकर आई 2 महिलाएं पर्स से पैसे चोरी करके फरार हो गई। पीड़ित महिला ने घटना की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित एनआरआई महिला ने बताया कि ठग महिलाएं 2 हजार पाउंड और 50 हजार भारतीय करंसी लेकर फरार हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • प्रदेश सरकार का रवैया शुरू से ही कर्मचारी विरोधी रहा: भाजपा 

    प्रदेश सरकार का रवैया शुरू से ही कर्मचारी विरोधी रहा: भाजपा 

    ऊना/सुशील पंडित: प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता के हितों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। यह तीखा आरोप भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक राजीव वशिष्ट, पूर्व कर्मचारी नेता यशपाल रायजादा, हरगोविंद, अजय पराशर, शिव कुमार मैहन व अशोक धीमान ने गुरुवार को जारी एक संयुक्त प्रेस बयान में लगाया। नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार का रवैया शुरू से ही कर्मचारी विरोधी रहा है और कर्मचारियों की जायज मांगों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्षों से अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासनों की राजनीति कर रही है। वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हजारों कर्मचारियों को आज तक संशोधित लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त संशोधित वेतनमान की बकाया राशि भी अब तक लंबित पड़ी है, जो सरकार की असंवेदनशीलता और वित्तीय कुप्रबंधन को उजागर करती है।

    नेताओं ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने कर्मचारियों, पेंशनरों और जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे, लेकिन सत्ता में आए तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी एक भी वायदा धरातल पर साकार नहीं हुआ। आज हालात यह हैं कि कर्मचारी, पेंशनर और आम नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। महंगाई आसमान छू रही है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ भी खुला खिलवाड़ किया गया है। कांग्रेस ने चुनाव से पूर्व 5 लाख युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि युवा बेरोजगारी की मार झेलते हुए सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। रोजगार सृजन के नाम पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

    महिलाओं के साथ भी कांग्रेस सरकार ने छल किया है। चुनावी मंचों से 1500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा करने वाली सरकार आज महिलाओं को उनका हक देने में असफल रही है। वहीं दूसरी ओर बिजली के दाम लगातार बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे हर वर्ग त्रस्त है।

    नेताओं ने कर्मचारी संगठनों के कुछ तथाकथित नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता कर्मचारियों की आवाज बनने के बजाय सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं। ऐसे नेता केवल अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति में लगे हैं और उन्हें कर्मचारियों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।

    भाजपा नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने शीघ्र ही कर्मचारियों, पेंशनरों और युवाओं की लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो भाजपा कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस सरकार को उसकी कर्मचारी विरोधी नीतियों का करारा जवाब दिया जाएगा।

  • आईआईआईटी ऊना द्वारा केंद्रीय विद्यालय सलोह में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर जागरूकता सत्र का आयोजन

    आईआईआईटी ऊना द्वारा केंद्रीय विद्यालय सलोह में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर जागरूकता सत्र का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना ने पीएम केंद्रीय विद्यालय, सलोह में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – AI) के क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों पर केंद्रित एक करियर जागरूकता एवं मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में कक्षा IX से XII तक के लगभग 90 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चर्चाओं एवं संवाद में सक्रिय रूप से सहभागिता की।

    इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें तकनीक-प्रधान दुनिया में सूचित शैक्षणिक और करियर निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। सत्र के दौरान “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में सही करियर का चयन” विषय पर एक संवादात्मक व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को AI की मूल अवधारणाओं, इसके वास्तविक जीवन में उपयोग और इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों से परिचित कराया गया।

    संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने तनाव प्रबंधन, एकाग्रता बनाए रखने, शैक्षणिक दबाव से निपटने और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं व भविष्य के करियर की तैयारी के दौरान लक्ष्य निर्धारण से संबंधित कई प्रश्न पूछे। सत्र की संसाधन व्यक्ति डॉ. निश्ता हुड्डा, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग, आईआईआईटी ऊना ने समय प्रबंधन, आत्म-अनुशासन, निरंतर सीखने और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देते हुए इन प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने योग, ध्यान, माइंडफुलनेस, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित दिनचर्या को तनाव प्रबंधन और एकाग्रता बढ़ाने के प्रभावी उपायों के रूप में रेखांकित किया। सत्र में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान कौशल और अनुकूलन क्षमता के विकास पर भी जोर दिया गया, जिन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संबंधित क्षेत्रों में सफलता के लिए आवश्यक माना जाता है। विद्यार्थियों को अपनी रुचियों और क्षमताओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें उपयुक्त करियर मार्ग से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    यह पहल उन्नत भारत अभियान, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विद्यार्थियों में समग्र विकास और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

    पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और AI से जुड़े करियर विकल्पों तथा एकाग्रता और प्रेरणा बनाए रखने की रणनीतियों को समझने में गहरी रुचि व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण में हुआ, जिसने करियर जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य और सूचित निर्णय-निर्माण को समग्र शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में बढ़ावा देने के प्रति आईआईआईटी ऊना की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

  • Punjab News: कार से टक्कर के बाद पलटी सवारियों से भरी बस, कई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: कार से टक्कर के बाद पलटी सवारियों से भरी बस, कई घायल, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः फिरोजपुर फाजिल्का मुख्य मार्ग पर पड़ते खाई टी प्वाइंट पर कार और पंजाब रोडवेज की बस में टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि हादस में कार पलट गई। इस घटना के दौरान दोनों वाहन चालकों को मामूली चोटें लगी हैं। गनीमत यह रही कि किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पंजाब रोडवेज फिरोजपुर की बस फिरोजपुर से फाजिल्का की तरफ जा रही थी, उसी समय एक वैनयू कार मदमोट से जालालाबाद साइड को जाने के लिए सड़क पर चढ़ रही थी कि पीछे से आ रही बस के साथ कार की टक्कर हो गई। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस और एम्बुलेंस को दे दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। मौके पर 2 एम्बुलेंस की मदद से घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

    मामले की जानकारी देते हुए सुखदेव सिंह ने बताया कि कार चालक शादी से फिरोजपुर से आ रहे थे और ममदोट जाने के लिए गाड़ी धीरे करके मोड़ने लगा, तभी तेज रफ्तार बस ने कार में टक्कर मार दी। इस घटना में कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में परिवार के 4 से 5 लोगों को चोटे आई है, वहीं घटना में गाड़ी डैमेज हो गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि टी प्वाइंट पर यह हादसा हुआ है। जहां पीछे से आई बस ने कार में टक्कर मार दी। इस घटना में बस में सवार सवारियों को चोटे आई है। घटना में ड्राइवर की टांग टूट गई है और उसे उपचार के लिए अस्पताल भर्ती करवाया गया। घायलों के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी।

  • 7 वर्षीय बच्चे से कुकर्म, 65 वर्षीय पुजारी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    7 वर्षीय बच्चे से कुकर्म, 65 वर्षीय पुजारी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    देवरियाः उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय बच्चे से कुर्कम करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया 65 वर्षीय आरोपी मंदिर का पुजारी है। आरोपी पुजारी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15 दिसंबर को सूचना मिली थी 65 वर्षीय व्यक्ति द्वारा 7 वर्षीय बच्चे से कुकर्म किया गया। मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी पुजारी रमेशचंद्र पुरी बिहार के सीवान जिले के गुठनी थाना क्षेत्र के ताली गांव का निवासी है। वह पिछले लगभग 20 वर्षों से बनकटा थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित मंदिर में पुजारी के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार दिन के समय पुजारी गांव के ही 7 वर्षीय बालक को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में बुलाया। आरोप है कि उसने कमरे में बच्चे के साथ अप्राकृतिक कुकर्म किया। काफी देर तक पुजारी का कमरा बंद रहने और बच्चे के अंदर होने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ।

    ग्रामीणों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने कुंडी तोड़कर दरवाजा खोला। दरवाजा खुलने पर पुजारी ग्रामीणों से उलझने लगा। कमरे से बाहर आने के बाद बच्चे ने रोते हुए ग्रामीणों को पुजारी की करतूत के बारे में बताया। जिसके बाद घटना की सूचना तत्काल बनकटा पुलिस को दी गई। पुलिस ने बालक की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक विधिक प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं और जांच जारी है।

  • ‘गुरु के लंगर’ सेवा में भाग लेकर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया योगदान

    ‘गुरु के लंगर’ सेवा में भाग लेकर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया योगदान

    शिमला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज आईजीएमसी शिमला में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की पुण्य स्मृति में ‘ऑलमाईट ब्लेसिंग्ज संस्था’ द्वारा वर्षों से संचालित ‘गुरु के लंगर’ सेवा में सहभागिता कर सेवा कार्य किया।

    इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘गुरु के लंगर’ जैसी सेवाएं निस्वार्थ भाव से मानवता की सच्ची मिसाल प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि इस सेवा के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों को प्रेम, सम्मान और आत्मीयता के साथ भोजन उपलब्ध करवाया जाता है, जो समाज में सेवा और करुणा की भावना को सुदृढ़ करता है।

    अग्निहोत्री ने ‘ऑलमाईट ब्लैसिंग्ज संस्था’ के संस्थापक सरबजीत सिंह बॉबी की सराहना करते हुए कहा कि वे पिछले 11 वर्षों से पूर्ण समर्पण और सेवा भावना के साथ इस महान मानवीय कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और सेवा, सहयोग व संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उप-मुख्यमंत्री ने संस्था से जुड़े सभी सेवाभावियों को इस पुनीत कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार ऐसे सामाजिक और मानवीय प्रयासों को सदैव प्रोत्साहित करती रहेगी।

  • Punjab News: महिला के अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: महिला के अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मोगाः जिले के लोहारा के खेतों में महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, 12 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव लोहारा के खेतों में दबी हुई एक महिला की लाश मिली थी। मृतका की पहचान गुलफशा पत्नी आरिफ, निवासी कैराना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई, जो फिलहाल एसआर भट्ठा, लोहारा में रह रही थी। इस मामले में डीएसपी धर्मकोट जसविंदर सिंह की निगरानी में पुलिस, फोरेंसिक टीम, सीआईए मोगा और तकनीकी टीमों द्वारा जांच शुरू की गई।

    मृतका के पिता अली मोहम्मद के बयान पर थाना कोट ईसे खां में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नंबर 276 धारा 103 व 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान 17 दिसंबर 2025 को पुलिस ने आरोपी 45 वर्षीय अमरूदीन पुत्र रहमत, निवासी जिला शामली (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी शिव भट्ठा, गांव चुग्घा, जिला मोगा को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि हत्या वाले दिन वह अपनी बेटी से मिलने एसआर भट्ठा लोहारा आया था। उसी दिन मृतका का अपने पति से घरेलू विवाद हुआ था। आरोपी ने नशे की हालत में महिला को उत्तर प्रदेश छोड़ने का झांसा दिया और रास्ते में खेतों में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने महिला का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में दबा दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे आज माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।

  • IA&AS अधिकारियों के क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का उद्घाटन, राज्यपाल ने किया शुभारंभ

    IA&AS अधिकारियों के क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का उद्घाटन, राज्यपाल ने किया शुभारंभ

    शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने गुरुवार को शिमला के यारोज में भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा (आईएएंडएएस) के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने युवा अधिकारियों से संवैधानिक मूल्यों, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया, ताकि वे देशभर में लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा द्वारा स्थापित उच्च मानकों के सच्चे संरक्षक बन सकें।

    राज्यपाल ने अधिकारियों से मर्यादा बनाए रखने तथा ज़मीनी स्तर पर वित्तीय जवाबदेही और रिपोर्टिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। राज्यपाल ने अकादमी की 1950 में स्थापना से जुड़ी समृद्ध विरासत का स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी (एनएएए) ने देश में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और सुशासन को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान से व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए गर्व की बात है।

    राज्यपाल ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखाकार (सीएजी) के संवैधानिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्था सबसे महत्त्वपूर्ण संवैधानिक संस्थानों में से एक मानी जाती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को बताया कि अब वे ऐसे संगठन से जुडे़ हैं, जो सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा करता है और प्रशासन में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

    राज्यपाल ने कहा कि एक ऑडिटर के रूप में आपकी भूमिका केवल वित्तीय जांच तक ही सीमित नहीं। आपके द्वारा सम्पन्न प्रत्येक लेखा व्यवस्थित सुधार सुनिश्चित करते हुए प्रणालीगत सुधार का मार्ग प्रशस्त करने के अलावा जनसेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भूटान और मालदीव के अधिकारी भी शामिल हैं।

     

    शुक्ल ने 21वीं सदी में सतत् सीखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ज्ञान और अनुकूलन क्षमता ही पेशेवर उत्कृष्टता की कुंजी हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अकादमी के संसाधनों का भरपूर उपयोग कर अपनी बौद्धिक और व्यावसायिक क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

    राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक एस. आलोक ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को शपथ भी दिलाई। निदेशक पुष्पलता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) पुरुषोत्तम तिवारी, प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) सुशील कुमार ठाकुर, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।