शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कजाकिस्तान के एक्सपोजर विज़िट पर गए हिमाचल प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षुओं से शुक्रवार सायं दूरभाष पर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभव और उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षुओं को इस अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कहा कि ऐसे शैक्षणिक दौरे विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सुक्खू ने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं के लिए विदेश में एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया है। इससे पहले सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी शैक्षणिक एवं एक्सपोजर यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है और भविष्य में भी यह पहल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर दौरे आयोजित करने पर विचार कर रही है ताकि वे वैश्विक स्तर पर आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का अनुभव प्राप्त कर सकें और हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बना सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित और विदेश में रोजगार के सुरक्षित अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल की स्थापना की है। उन्होंने विद्यार्थियों से निगम में पंजीकरण करवाने का आग्रह किया ताकि उन्हें विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें। यह पहल नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को फर्जी ट्रैवल एजेंट से बचाने के साथ-साथ उन्हें विदेशों में वास्तविक और बेहतर वेतन वाली नौकरियों तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री को प्रशिक्षुओं द्वारा देखे गए शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और बहुमूल्य सीख प्राप्त हुई है।
विद्यार्थियों ने इस अनूठे अवसर के लिए मुख्यमंत्री आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस एक्सपोजर विजिट ने उनके दृष्टिकोण का विस्तार और उनकी तकनीकी समझ को समृद्ध किया है तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान किया है जो भविष्य के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।



वर्तमान सीजन में एमआईएस के तहत सेब खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी। सेब उत्पादकों को पोर्टल पर आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी देकर पंजीकरण करवाना होगा। इसके साथ ही वे अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। खरीद और भुगतान की स्थिति से संबंधित जानकारी उत्पादकों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने खरीद सीजन के दौरान सभी संग्रहण केंद्रों (कलेक्शन सेंटर) पर उत्पादकों की सहायता के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है ताकि बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके। हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, बागवानी सचिव सी. पॉलरासु, निदेशक डिजिटल प्रौद्यागिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, बागवानी निदेशक सतीश कुमार तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।






