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  • मुख्यमंत्री ने कजाकिस्तान एक्सपोजर विजिट पर गए आईटीआई विद्यार्थियों से बातचीत की

    मुख्यमंत्री ने कजाकिस्तान एक्सपोजर विजिट पर गए आईटीआई विद्यार्थियों से बातचीत की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कजाकिस्तान के एक्सपोजर विज़िट पर गए हिमाचल प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षुओं से शुक्रवार सायं दूरभाष पर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभव और उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षुओं को इस अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कहा कि ऐसे शैक्षणिक दौरे विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    सुक्खू ने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं के लिए विदेश में एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया है। इससे पहले सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी शैक्षणिक एवं एक्सपोजर यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है और भविष्य में भी यह पहल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर दौरे आयोजित करने पर विचार कर रही है ताकि वे वैश्विक स्तर पर आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का अनुभव प्राप्त कर सकें और हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बना सकें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित और विदेश में रोजगार के सुरक्षित अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल की स्थापना की है। उन्होंने विद्यार्थियों से निगम में पंजीकरण करवाने का आग्रह किया ताकि उन्हें विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें। यह पहल नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को फर्जी ट्रैवल एजेंट से बचाने के साथ-साथ उन्हें विदेशों में वास्तविक और बेहतर वेतन वाली नौकरियों तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री को प्रशिक्षुओं द्वारा देखे गए शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और बहुमूल्य सीख प्राप्त हुई है।

    विद्यार्थियों ने इस अनूठे अवसर के लिए मुख्यमंत्री आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस एक्सपोजर विजिट ने उनके दृष्टिकोण का विस्तार और उनकी तकनीकी समझ को समृद्ध किया है तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान किया है जो भविष्य के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।

     

  • बाइक की टक्कर मार बिजली के पोल से टकराई कार, टूटा ट्रांसफार्म, स्कूली बच्चे घायल देखें वीडियो

    बाइक की टक्कर मार बिजली के पोल से टकराई कार, टूटा ट्रांसफार्म, स्कूली बच्चे घायल देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः कुराली के अधीन आते गांव सिसवा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। दरअसल, तेज रफ्तार कार सवार ने बाइक में टक्कर मार दी। जिसके बाद कार का संतुलन बिगड़ गया और कार बिजली के पोल से टकराकर पलट गई। इस घटना में ट्रांसफार्म गिरकर टूट गया। वहीं बिजली के पोल भी टूट गए। बताया जा रहा है कि कार में स्कूल के 4 बच्चे सवार थे जिनकी उम्र 17 से 20 साल बताई जा रही है। इस घटना में बच्चे भी घायल हुए है और उनकी टांगों में चोटें आई है।

    घायल बच्चों को उपचार के लिए कुराली के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और मामले की सूचना कुराली पुलिस को दी गई। मिली जानकारी के अनुसार कार के सामने एक मोटरसाइकिल सवार आ रहा था जिसने सड़क पर बने कट से मुड़ना था। ऐसे में जब बाइक सवार मुड़ा तो कार सवार ने संतुलन खो दिया और वह कार सीधे जाकर मोटरसाइकिल से जा टकराई। जिसके बाद दोनों मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।

    इस घटना में कार खंभे में जाकर पलट गई। राहगीरों ने चारों कार सवारों को बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना में कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में बड़ा हादसा होने से टल गया। वहीं बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक और कार को कब्जे में ले लिया है और थाने ले जाया जा रहा है।

     

  • बागवानों को सेब खरीद बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी: मुख्यमंत्री

    बागवानों को सेब खरीद बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी: मुख्यमंत्री

    खरीद प्रक्रिया के डिजिटलीकरण के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज बागवानी विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के अंतर्गत वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सेब उत्पादकों के खातों में भेज दिए हैं। एमआईएस के अंतर्गत 30 बैग तक सेब बेचने वाले उत्पादकों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है जबकि 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले उत्पादकों को भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए राज्य सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वर्तमान सीजन में एमआईएस के तहत सेब खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी। सेब उत्पादकों को पोर्टल पर आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी देकर पंजीकरण करवाना होगा। इसके साथ ही वे अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। खरीद और भुगतान की स्थिति से संबंधित जानकारी उत्पादकों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। मुख्यमंत्री ने खरीद सीजन के दौरान सभी संग्रहण केंद्रों (कलेक्शन सेंटर) पर उत्पादकों की सहायता के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है ताकि बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके। हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, बागवानी सचिव सी. पॉलरासु, निदेशक डिजिटल प्रौद्यागिकी एवं नवाचार डॉ. निपुण जिंदल, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, बागवानी निदेशक सतीश कुमार तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।  
  • Punjab News: CP की कोठी पास कोर्टयार्ड होटल में लगी आग, खाली करवाया इलाका, देखें वीडियो

    Punjab News: CP की कोठी पास कोर्टयार्ड होटल में लगी आग, खाली करवाया इलाका, देखें वीडियो

    अमृतसरः मॉल रोड में पुलिस कमिश्नर की कोठी के नजदीक स्थित कोर्टयार्ड होटल में आज आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध होटल कोर्टयार्ड के जनरेटर सेट में धमाके के बाद भयानक आग लग गई। इस घटना के दौरान आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। लोगों द्वारा घटना की सूचना दमकल विभाग, पुलिस विभाग और बिजली विभाग को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

    स्थिति की गंभीरता देखते हुए इलाके की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके को खाली करवाया गया। लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई है। मौके पर पहुंचे बिजली बोर्ड के जेई शशिकांत ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार होटल का जनरेटर सेट ओवरहीट होने के कारण आग लगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति तुरंत बंद करवाई गई।

    आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की लगभग 6 गाड़ियां मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने लंबे समय तक मशक्कत कर आग के फैलने को रोकने की कोशिश की। इस दौरान मॉल रोड पर ट्रैफिक जाम होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। फिलहाल इस घटना में हुए नुकसान का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सका है। फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने और जांच पूरी होने के बाद ही नुकसान और आग लगने के सटीक कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • Jalandhar पहुंचे PM Modi, किया कैंट सहित 4 रेलवे स्टेशनों का उद्धघाटन, देखें Live

    Jalandhar पहुंचे PM Modi, किया कैंट सहित 4 रेलवे स्टेशनों का उद्धघाटन, देखें Live

    रविदास एक्सप्रेस रेलगाड़ी को दिखाएंगे हरी झंडी

    जालंधर, ENS: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर के 20 राज्यों के 75 पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इस दौरान वह कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे और लोगों ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। लोगों में पीएम मोदी को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ रवनीत बिट्टू दिखाई दिए। उन्होंने सीर गोवर्धनपुर वाराणसी एक्सप्रेस (अमृतसर के छेहर्टा से वाराणसी तक) में स्कूली बच्चों से बात की। इसके बाद वह ट्रेन में ही डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास से मिले। आज वह कैंट रेलवे स्टेशन से ही श्री आनंदपुर रेलवे स्टेशन, मोहाली रेलवे स्टेशन और श्रीमुक्तसर साहिब रेलवे स्टेशन का उद्धघाटन करेंगे। इसी के साथ ही पीएम मोदी रविदास एक्सप्रेस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे। ऐसे में इन स्टेशनों को आधुनिक और यात्री-अनुकूल सुविधाओं में बदला गया है। ‘विरासत भी, विकास भी’ की भावना से पुनर्निर्मित इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला को दर्शाने वाले तत्व शामिल किए गए हैं। यह विश्व के सबसे बड़े स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक में एक और बड़ी उपलब्धि है।

    125 करोड़ की लागत से तैयार कैंट स्टेशन

    110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। अब इसमें कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
    • दोहरी ऊंचाई वाला एयर कॉनकोर्स (36 मीटर चौड़ा, 1,770 वर्ग मीटर क्षेत्र)
    • भारी स्टील की प्लेटफॉर्म छत
    • 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ
    • 6 और 9 मीटर चौड़े दो नए फुट ओवर ब्रिज
    • फिसलन रोधी फर्श, ऊर्जा-कुशल LED लाइटिंग
    • शहर के दोनों ओर से प्रवेश द्वार
    • 4,855 वर्ग मीटर का विशाल पार्किंग क्षेत्र
  • अत्याधुनिक व उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का उभरता केंद्र बना हिमाचल: Naresh Chauhan

    अत्याधुनिक व उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का उभरता केंद्र बना हिमाचल: Naresh Chauhan

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए की गई 2,432 नियुक्तियां

    शिमला: मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण विरासत में मिलने के बावजूद सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के अपने संकल्प पर अडिग रही है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने आधुनिक तकनीक के समावेश, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार और श्रमशक्ति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 70 स्वास्थ्य संस्थानों को ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थान’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि लोगों को उनके घर-द्वार के समीप ही गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सरकार अस्पतालों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस कर रही है। सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैैं। आईजीएमसी शिमला और एआईएमएसएस चमियाना में यह सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। वहीं जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई, पीईटी स्कैन, सीटी स्कैन तथा आधुनिक कैंसर उपचार प्रणाली स्थापित की जा रही है। साथ ही 16 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को भी बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ट्रॉमा, कैंसर और क्रिटिकल केयर सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और एम्स दिल्ली की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जायका) के सहयोग से स्वास्थ्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। प्रथम चरण के तहत लगभग 1,710 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनमें अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य अधोसंरचना का विकास शामिल है। वहीं द्वितीय चरण के लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक बाल चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक दंत चिकित्सालय तथा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों को और अधिक सशक्त बनाने का प्रावधान है। नरेश चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रमशक्ति को सुदृढ़ करने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, नर्सों, पैरामेडिकल तथा अन्य सहायक कर्मचारियों सहित कुल 2,432 नियुक्तियां की गई हैं। इसके अतिरिक्त 218 वरिष्ठ रेजिडेंट एवं ट्यूटर विशेषज्ञ के पद भी सृजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों के मानदेय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है ताकि प्रदेश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए चिकित्सा शिक्षा का भी व्यापक विस्तार किया गया है। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर चिकित्सा (पीजी) सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 597 करना प्रस्तावित है। इसके अलावा बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, एनेस्थीसिया तथा ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है ताकि भविष्य के लिए कुशल स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। नरेश चौहान ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर वित्तीय अव्यवस्था छोड़कर गई थी, जिसके कारण हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में अनियमितताएं तथा वित्तीय देनदारियां बढ़ गई थीं। उपचार पैकेज और सर्जरी दरों के निर्धारण के लिए कोई वैज्ञानिक व्यवस्था नहीं थी, जिससे वित्तीय अनुशासन प्रभावित हुआ और भुगतान में देरी हुई। वर्तमान सरकार ने इन सभी कमियों को दूर करने तथा पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी प्रतिपूर्ति प्रणाली के माध्यम से सुव्यवस्थित कर रही है ताकि दावों का समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए हाल ही में 212 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं तथा हिमकेयर और आयुष्मान भारत के लंबित भुगतान भी शीघ्र जारी किए जाएंगे। नरेश चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र में व्यापक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें तथा प्रदेश को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।  
  • राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत आवेदक के लिए आयु सीमा बढ़ाई गई

    राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत आवेदक के लिए आयु सीमा बढ़ाई गई

    शिमला: रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-2023 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 23 से 45 वर्ष के स्थान पर 23-50 वर्ष कर दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

    पात्र आवेदकों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 23 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। सभी इच्छुक आवेदक अपना आवेदन ऑनलाइन पोर्टल https://etaxihpdt.org/home पर कर सकते हैं। जिन आवेदनकर्ताओं ने 2 जून, 2026 से 16 जून, 2026 के बीच इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सभी पात्र एवं इच्छुक आवेदकों को इस अवसर का लाभ उठाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करने का आग्रह किया।

     

  • Jalandhar News: सिक्योरिटी मामले में MP Harbhajan Singh को कोर्ट से लगा झटका

    Jalandhar News: सिक्योरिटी मामले में MP Harbhajan Singh को कोर्ट से लगा झटका

    जालंधर, ENS: भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी वह राज्यसभा सदस्य पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाल करने के लिए दायर उनकी याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने का फैसला उनके आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने के कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया था। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि 3 मार्च 2026 को हुई सुरक्षा समीक्षा समिति की बैठक में ही हरभजन सिंह की पंजाब पुलिस सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया गया था।

    उस समय वे हाल ही में आम आदमी पार्टी का हिस्सा थे। हरभजन सिंह ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि राज्यसभा सदस्य होने के नाते उन्हें पहले करीब 25 पंजाब पुलिस कर्मियों की सुरक्षा दी गई थी। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पार्टी छोड़ने के बाद 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली। उन्होंने यह भी बताया कि जालंधर स्थित उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ और ‘गद्दार’ लिखे पोस्टर लगाए गए, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि घर के बाहर विरोध प्रदर्शन होना या ‘गद्दार’ कहे जाने को वास्तविक सुरक्षा खतरा नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी नोट किया कि हरभजन सिंह को पहले से ही केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा Y-प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि सुरक्षा केवल इसलिए वापस ली गई थी क्योंकि हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी। इस आधार पर अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

  • महाकाल के दर्शन करके लौट रहे आर्मी जवान की सड़क हादसे में मौत, कार के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    महाकाल के दर्शन करके लौट रहे आर्मी जवान की सड़क हादसे में मौत, कार के उड़े परखच्चे, देखें वीडियो

    हादसे में पत्नी और दो मासूम बच्चे घायल

    कानपुरः जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर के दर्शन कर पूरे परिवार के साथ कार से वापस लौट रहे भारतीय सेना के एक जवान की अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से मौत हो गई। मृतक आर्मी जवान की पहचान 36 वर्षीय अजय यादव के रूप में हुई है। इस भीषण हादसे में जवान की पत्नी, मासूम बेटा-बेटी और उनका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। चीख-पुकार के बीच सूचना पर पहुंची पीआरवी 112 पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, कानपुर नगर के ककवन क्षेत्र के जूड़ा निवादा निवासी अजय कुमार पुत्र शिवराम सिंह भारतीय सेना में कार्यरत थे। उनकी वर्तमान तैनाती कलकत्ता (कोलकाता) में थी और वे इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे। अजय अपने पूरे परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन गए थे। बुधवार/बृहस्पतिवार की दरमियानी रात वे ट्रेन से वापस लौटे, जहां उनका चचेरा भाई संदीप (27) निवासी कल्याणपुर उन्हें अपनी कार से लेने उरई रेलवे स्टेशन गया था। उरई स्टेशन से अजय अपनी पत्नी पूजा (31), बेटी सोना (8), बेटे राघव (6) और भाई संदीप के साथ कार से वापस कानपुर अपने घर लौट रहे थे। कार अभी सचेंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर ओरिएंट रिसोर्ट के सामने पहुंची ही थी कि तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कार हाईवे किनारे जा गिरी। हादसे के बाद कार के भीतर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार का दरवाजा काटकर सभी को बाहर निकाला। हादसे में आर्मी जवान अजय कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी, दोनों मासूम बच्चे और भाई लहूलुहान होकर तड़प रहे थे। पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत चकरपुर स्थित शांति हॉस्पिटल में भर्ती कराया। सचेंडी थाना पुलिस ने बताया कि मृतक जवान अजय कुमार के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक के पैतृक गांव जूड़ा निवादा में मातम पसर गया है।
  • गणना प्रपत्र भरने और जमा कराने के लिए 19 जुलाई को सभी मतदान केंद्रों पर एक दिवसीय SIR विशेष शिविर लगाया जाएगा: मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा

    गणना प्रपत्र भरने और जमा कराने के लिए 19 जुलाई को सभी मतदान केंद्रों पर एक दिवसीय SIR विशेष शिविर लगाया जाएगा: मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का घर-घर गणना चरण इस समय पूरे पंजाब में जारी है और यह 3 अगस्त तक चलेगा। इस प्रक्रिया को और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 19 जुलाई (रविवार), 2026 को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि मतदाता अपने गणना प्रपत्र भरकर वहीं जमा कर सकें।

    राज्य के मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा, “यदि आपने अभी तक अपना गणना प्रपत्र नहीं भरा है, तो तुरंत अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करें अथवा इस विशेष शिविर के दौरान अपने निकटतम मतदान केंद्र पर जाकर प्रपत्र भरें और जमा करें। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम 13 अगस्त, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल हो, यह सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने आगे बताया कि इस विशेष शिविर के दौरान सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे और मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने तथा जमा कराने की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।