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  • जनता करें अनुराग से सवाल, हमीरपुर को आने वाली ट्रेन कहां है: सुक्खू

    जनता करें अनुराग से सवाल, हमीरपुर को आने वाली ट्रेन कहां है: सुक्खू

    कहा, रायजादा मेरा छोटा भाई, मैंने ही उतारा चुनाव मैदान में, ठोक बजा कर डालो वोट

    ऊना/सुशील पंडित : हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से लगातार 4 बार सांसद बनकर दिल्ली जा चुके अनुराग ठाकुर को पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने क्षेत्र के लिए क्या किया है। हमीरपुर को आने वाली ट्रेन कहां है। क्यों हमीरपुर की जनता को ट्रेन के नाम पर भ्रमित करके वोटें बटोरकर जीत हासिल करने के बाद पूरे 5 साल गायब रहे। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेसी प्रत्याशी सतपाल सिंह रायजादा के पक्ष में हमीरपुर के विभिन्न विस क्षेत्रों में ताबड़तोड़ जनसभाओं के दौरान कही। 

    सीएम सुक्खू ने कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए अनुराग कहते फिर रहे हैं कि प्रदेश सरकार ने रुपए नहीं दिए, लेकिन वह यह भूल किए कि मेरी सरकार को महज 15 माह हुए हैं। उससे पहले वह केंद्र की मोदी और प्रदेश की जयराम सरकार को डबल इंजन की सरकार कहते फिरते थे। अनुराग यह डबल इंजन दौड़ा नहीं पाए और खुद भी हांफ गए हैं। सुक्खू ने कहा कि मेडिकल कॉलेज मैं लेकर आया, लेकिन हर बार की तरह दूसरों के कार्यों का श्रेय लेने की दौड़ लगाने में माहिर अनुराग कहने लगे कि वह स्वयं मैडिकल कॉलेज लाए हैं। यदि यह अनुराग लाए होते तो उस कॉलेज का नाम डा. राधा कृष्ण मैडिकल कॉलेज नहीं रखा जाता।

    अनुराग सबसे अधिक झूठ बोलने वाले व्यक्ति हैं। जनता को उनसे 4 बार सांसद रहने का रिपोर्ट कार्ड मांगना चाहिए, जोकि वह इस चुनाव में जनता के सामने नहीं रख पा रहे हैं। दूसरों के कार्यों को अपना बताकर अनुराग इस बार जीत नहीं हासिल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि सतपाल रायजादा मेरा छोटा भाई है और मैंने ही चुनाव मैदान में उतारा है। यह साधारण व्यक्ति है, जहां भी मिलेगा वहीं आपके साथ बैठ जाएगा। दूसरी ओर सांसद अपने कपड़ों में दाग न लग जाए ऐसा ख्याल रखते हैं, लेकिन रायजादा को कपड़ों की नहीं जनता की फिक्र रहती है। जनता से अनुरोध है कि ठोक बजाकर रायजादा को वोट करें। 

    जब केंद्र ने दिए महज 1000 तब भी अनुराग नहीं खोल पाए मुंह: रायजादा
    कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर ने हमेशा हर बात पर चुप्पी साध रखी है। न केंद्र में वह आपदा के समय बोल पाए और न ही एनपीएस का रुपया वापिस लाने को लेकर बात कर पाए हैं व न ही अग्रिवीर योजना के खिलाफ मुंह खोला। वह संसदीय क्षेत्र को अपना नहीं मानते हैं। अनुराग ठाकुर ने हर बार संसदीय क्षेत्र में रेल का ड्रामा किया है। रेल लाइन हमीरपुर तक पहुंचाने को ड्रीम प्रोजेक्ट बताते रहे, लेकिन एक इंच भी रेल लाइन ऊना से हमीरपुर की ओर नहीं बिछ पाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए महज 1000 रुपए दिए और अनुराग अपनी ही केंद्र सरकार में इसके लिए नहीं बोल पाए। रायजादा ने कहा कि जनता आशीर्वाद देती है, तो वह हमीरपुर तक रेल लाइन पहुंचाएंगें। न केवल जनता की पुरानी मांग को पूरा किया जाएगा बल्कि अनुराग के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी मैं पूरा करूंगा।

    कामों का झूठा श्रेय लेकर अनुराग इस बार नहीं पहुंच पाएंगे संसद: मुकेश
    उधर, ऊना में आम आदमी पार्टी और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली और सतपाल रायजादा को मजबूत उम्मीदवार बताया। इस मौका पर अग्रिहोत्री ने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर ने कभी संसदीय क्षेत्र की बात दिल्ली में नहीं की। संसदीय क्षेत्र तो छोड़ो वह अपने गृह जिला हमीरपुर तक के लिए कुछ नहीं कर पाए। न वहां के लिए ट्रेन चला पाए और न ही रेल लाइन बिछा पाए। दूसरों की उपलब्धियों को अपना बताने में लगे हुए हैं। अग्रिहोत्री ने कहा कि सलोह की ट्रिपल आईटी को अनुराग अपना बता कर झूठ का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन इसमें उनका कोई योगदान नहीं है बल्कि वह इसके यहां स्थापित होने के विरोध में थे। इस बार झूठ के सहारे अनुराग की नैया पार नहीं लग पाएगी और जीत कांग्रेस के प्रत्याशी सतपाल सिंह रायजादा की ही होगी।
  • व्यय पर्यवेक्षक ने बंगाणा में राजनीतिक उम्मीदवारों और अधिकारियों के साथ की बैठक

    व्यय पर्यवेक्षक ने बंगाणा में राजनीतिक उम्मीदवारों और अधिकारियों के साथ की बैठक

    चुनावी व्यय की निगरानी को लेकर दिए आवश्यक दिशा निर्देश


    ऊना/ सुशील पंडित : भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा ऊना जिले के गगरेट और कुटलैहड़ विधानसभा उप चुनावों के लिए नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक आईआरएस अधिकारी मीनू सिंह बिष्ट ने मंगलवार को बंगाणा में प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजनितिक दलों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को चुनावी व्यय की निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सभी को निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का पूरा पालन तय बनाने को कहा। बैठक में निर्वाचन अधिकारी एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल तथा व्यय निगरानी के लिए गठित दलों के सदस्य उपस्थित रहे।

    व्यय निगरानी दल पूरी सजगता से करें कार्य
    मीनू विष्ट ने  निष्पक्ष चुनाव संपन्न करवाने के लिए सभी अधिकारियों से अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा। उन्होंने किसी भी पार्टी द्वारा या निर्दलीय उम्मीदवार के द्वारा खर्च का पूरा ब्यौरा कैश रजिस्टर में चढ़ाना अनिवार्य होगा। किसी भी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार का खर्चा निर्वाचन आयोग की शर्तों और लिमिट के अनुसार ही होगा। चुनाव का खर्च रजिस्टर अकाउंट से ही होगा अन्य किसी भी अकाउंट से नहीं होगा। कैश रजिस्टर डे टू डे रजिस्टर और बैंक रजिस्टर को हर दिन अपडेट करना होगा। व्यय पर्यवेक्षक मीनू सिंह बिष्ट ने कहा कि सभी प्रत्याशी चुनाव पर होने वाले खर्च को व्यय रजिस्टर में दर्शाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए कोई भी प्रत्याशी 40 लाख से अधिक की राशि खर्च नहीं कर सकता है।

    वहीं, सोनू गोयल ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा उपनिर्वाचन के तहत विभिन्न क्षे़त्रों में निगरानी टीमें तैनात की गई हैं तथा इस दौरान वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है ताकि चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार आदर्श आचार संहिता की अनुपालना की जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों द्वारा प्रचार के खर्चे का सही तौर आकलन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा इसे शैडो रजिस्टर में दर्शाया जा रहा है।

    व्यय पर्यवेक्षक से कर सकते हैं चुनावी व्यय संबंधी शिकायत
    बता दें, ऊना जिले के गगरेट और कुटलैहड़ विधानसभा के उप चुनावों में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की अधिकारी मीनू सिंह बिष्ट को व्यय पर्यवेक्षक  नियुक्त किया है। मीनू सिंह बिष्ट 2011 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। उपचुनावों में व्यय से संबंधित किसी शिकायत अथवा सुझाव को लेकर कोई भी व्यक्ति व्यय पर्यवेक्षक मीनू सिंह बिष्ट के मोबाइल नम्बर 9317644760 अथवा लैंडलाइन नंबर 01975-292371 पर उनसे संपर्क कर सकता है।
  • रंग लाए ऊना जिला प्रशासन के प्रयास

    रंग लाए ऊना जिला प्रशासन के प्रयास

    जलग्रां टब्बा वासियों ने खत्म किया धरना प्रदर्शन, वापिस ली चुनावों के बहिष्कार की बात


    लोगों का ऐलान…बढ़चढ़ कर करेंगे मतदान


    ऊनासुशील पंडित: ऊना जिले के जलग्रां टब्बा के वार्ड 5 के निवासियों में रेलवे ओवर ब्रिज की अटकी मांग को लेकर व्याप्त रोष को समाप्त करने तथा उन्हें मतदान में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित करने को लेकर जिला प्रशासन के प्रयास रंग लाए हैं। प्रशासन की पहल पर वहां लोगों ने लोकसभा चुनावों के बहिष्कार का धरना प्रदर्शन आज मंगलवार को समाप्त कर दिया तथा मतदान में बढ़चढ़ कर भाग लेने का ऐलान किया।


    जिला निर्वाचन अधिकारी उपायुक्त ऊना जतिन लाल के निर्देश पर प्रशासन की ओर से एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम के साथ मंगलवार को ग्राम पंचायत जलग्रां टब्बा के वार्ड 5 का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जाकर स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें समाधन को लेकर आश्वसत किया। इस दौरान रेलवे के सीनियर अभियंता व लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता उनके साथ रहे।


    एसडीएम ने रेलवे के सीनियर इंजीनियर को ओवर ब्रिज का प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा अप्रोच रोड़ का कार्य पहले ही अवार्ड किया जा चुका है। एसडीएम ने पंचायत सचिव को निर्देश दिए कि वे रेलवे ओवर ब्रिज के समीप जिन लोगों की जमीन लगती है, उनकी एनओसी लेना सुनिश्चित बनाए।


    प्रशासन के सकारात्मक कदमों से बना विश्वास
    वहीं, जलग्रां टब्बा वार्ड 5 के निवासी यशपाल ने बताया कि रेलवे ओवर ब्रिज के अभाव में उन्हें बहुत समस्याएं झेलनी पड़ रही थीं, ओवर ब्रिज की समस्या के चलते ही ग्रामवासियों ने धरना प्रदर्शन पर बैठकर लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासन के सकारात्मक कदमों से उनका विश्वास बना है तथा आशा बढ़ी है । उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यहां के सभी लोगों ने लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेने के लिए आम सहमति से फैसला लिया है।


    यशपाल ने बताया कि स्थानीय लोगों की बहुत लम्बे समय से ओवर ब्रिज की मांग थी, जिसके पूरा न होने से उन्हें बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ओवर ब्रिज के अभाव में लोगों को जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करके आना पड़ता था। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल आने-जाने, मरीजों को अस्पताल आने-जाने, पंचायत घर जाने सहित अन्य कार्य करने के लिए रेलवे पटरी से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके चलते हर समय किसी भी अप्रिय घटना होने का डर रहता है।


     यशपाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा स्थानीय लोगों की दिक्कतों को सुनने और आश्वसत करने के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया है। उन्होंने कहा  कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए लोकसभा चुनावों में स्थानीय लोग बढ़चढ़ भाग लेंगे ताकि लोकतंत्र की आवाज़ को बुलंद किया जा सके। इस अवसर पर समस्त स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे।


    वहीं, एसडीएम विश्व मोहन देव चौहान ने लोगों के मतदान में भाग लेने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर एक वोट कीमती है । संबंधित विभागों को ओवर ब्रिज के काम को समयबद्ध करने को कहा गया है। जलग्रां टब्बा वासी इससे आश्वस्त हैं तथा लोकतंत्र के महापर्व में भागीदारी को लेकर उत्साहित हैं।

  • महंगाई की मार : आसमान छू रहे सब्जियों और दालों के दाम

    महंगाई की मार : आसमान छू रहे सब्जियों और दालों के दाम

    नई दिल्ली : उत्तर भारत के राज्यों में इस समय गर्मी से बुरा हाल है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में तापमान 45 डिग्री के पार जा चुका है। प्रचंड गर्मी के साथ ही लू भी चल रही है। इसका सीधा असर सब्जियों और दालों की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ महीनों से मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने के चलते सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब इस झुलसाती गर्मी ने कीमतों में उबाल ला दिया है। आलू, टमाटर, प्याज, अदरक और लहसुन के भाव तेजी से बढ़े हैं। इससे लोगों की रसोई का बजट काफी बढ़ गया है। 

    सब्जियों की महंगाई सबसे अधिक अस्थिर होती है। यह अनियमित मौसम जैसे- लू, भारी बारिश और फसल खराब होने जैसे कारणों के चलते बढ़ती है। जब खराब मौसम होता है, तो सप्लाई प्रभावित होती है और भाव बढ़ जाते हैं। हालांकि, ओवरऑल खुदरा महंगाई अप्रैल में 11 महीने के निचले स्तर 4.8 फीसदी पर आ गई लेकिन सब्जियों और दालों के भाव लगातार ऊपर बने हुए हैं। दाल और सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई धीमी है। खराब मौसम से सब्जियों की कीमतों पर काफी असर पड़ता है। लू चलती रही, तो कीमतें काफी बढ़ जाएंगी।

  • पीठासीन, सहायक पीठासीन व मतदान अधिकारियों की दूसरी रिहर्सल 23- 24  मई  को

    पीठासीन, सहायक पीठासीन व मतदान अधिकारियों की दूसरी रिहर्सल 23- 24  मई  को

    ऊनासुशील पंडित :लोकसभा चुनावों और दो विधानसभा उप चुनावों को लेकर तैनात किए गए मतदान कर्मियों के लिए दूसरे चरण की रिहर्सल 23-24 मई को होगी। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त जतिन लाल ने दी।


    उन्होंने बताया कि 41 चिंतपूर्णी निर्वाचन क्षेत्र(एससी) में नियुक्त किए गए पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारियों के लिए दूसरे चरण की रिहर्सल 23 मई को तथा मतदान अधिकारियों की 24 मई को महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज अम्ब, 42 गगरेट निर्वाचन क्षेत्र के लिए पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारियों की रिहर्सल 23 मई को और पोलिंग अधिकारियों की 24 मई को डॉ बीआर अम्बेडकर, राजकीय पॉलिटेक्निक, अम्बोटा में होगी। 43 हरोली निर्वाचन क्षेत्र के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारियों की 23 मई को और मतदान अधिकारियों की 24 मई को कौशल विकास केंद्र पालकवाह में, 44 ऊना निर्वाचन क्षेत्र के लिए पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारियों की दूसरे लेवल की टेªनिंग 23 मई को और पोलिंग ऑफिसर की 24 मई को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऊना और 45 कुटलैहड़ निर्वाचन क्षेत्र में तैनात पीठासीन अधिकारी और सहायक पीठासीन अधिकारियों के लिए दूसरे चरण की रिहर्सल 23 मई को तथा मतदान अधिकारियों की 24 मई को एबीवी राजकीय डिग्री कॉलेज बंगाणा में होगी।

  • पंजाबः पूर्व DGP वीके भावरा की याचिका पर केंद्र, पंजाब सरकार और डीजीपी को नोटिस जारी

    चंडीगढ़ः  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पूर्व डीजीपी वीके भावरा मामले में पंजाब सरकार, केंद्र सरकार व डीजीपी गौरव यादव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक सिब्बल व दीपक मनचंदा ने यह आदेश पंजाब के पूर्व डीजीपी वीके भावरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है। दरअसल, भावरा ने अपनी याचिका में पिछले दिनों केंद्रीय एडमिनिस्ट्रेशन ट्रिब्यूनल (कैट) द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी है जिसमे कैट ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की नियुक्ति को सही ठहराते हुए भावरा की याचिका को खारिज कर दिया था।

    वी के भावरा ने गौरव यादव की नियुक्ति के खिलाफ कैट में दाखिल याचिका में कहा था कि गौरव यादव की डीजीपी पद पर नियुक्ति यूपीएससी के प्राविधान और प्रक्रिया के तहत नही की गई है इतना ही नहीं इस नियुक्ति पर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी पंजाब सरकार को पत्र लिख डीजीपी पद पर तय नियमों के तहत नियुक्ति करने की बात कह चुका है। याचिका के अनुसार भावरा 1987 बेच के हैं तो गौरव यादव 1992 बेच के आईपीएस अधिकारी है , इस लिहाज से गौरव यादव उनसे जूनियर हैं और इस नियुक्ति में सिनियोरिटी को दरकिनार किया गया है।

    पंजाब एक बॉर्डर स्टेट हैं और बेहद संवेदनशील भी इसलिए यहां डीजीपी के पद पर तय प्रक्रिया के तहत ही नियुक्ति की जानी चाहिए। किसी को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए। कैट ने पिछले दिनों भावरा की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि हालांकि गौरव यादव जुलाई 2022 से इस पद पर हैं और उनकी नियुक्ति को करीब 2 साल हो चुका है, लेकिन उनकी नियुक्ति के खिलाफ पिछले साल करीब एक साल बाद यह याचिका दाखिल की गई थी। जिसे देरी से याचिका दाखिल करने के आधार पर खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट में दायर याचिका मेें भावरा ने कहा कि कैट ने गलत तथ्यों के आधार पर उसकी याचिका को देरी से दाखिल करने के आधार पर खारिज किया है जो उचित नहीं है।

    कोर्ट से आग्रह किया गया कि वह कैट के आदेश को रद्द कर डीजीपी गौरव यादव की जगह उन्हे डीजीपी (हेड ऑफ फोर्स) नियुक्त करने के आदेश दे। बता दें, गौरव यादव पंजाब पुलिस के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हैं। वह 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और डीजीपी वीरेश कुमार भावरा को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद उन्हें कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है।यादव पंजाब पुलिस विभाग में कार्यवाहक डीजीपी के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पहले अधिकारी हैं। ध्यान रहे कि भावरा की सेवानिवृत्ति इसी माह 31 मई को है जबकि गौरव यादव 30 अप्रैल 2029 तक सेवा में रहेंगे । हाई कोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी।

  • NIA ने आतंकी अर्श डल्ला के खिलाफ लिया एक्शन

    चंडीगढ़ः राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पंजाब और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की साजिश का हिस्सा बने कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी अर्शदीप सिंह और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। यह कार्रवाई पंजाब और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए अर्श डल्ला द्वारा संचालित स्लीपर सेल को नष्ट करने के लिए है।कनाडा स्थित अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और उसके भारतीय एजेंटों हरजीत सिंह उर्फ हैरी मौर, रविंदर सिंह उर्फ राजविंदर सिंह उर्फ हैरी राजपुरा और राजीव कुमार उर्फ शीला पर एनआईए विशेष अदालत, नई दिल्ली में आरोप पत्र दायर किया गया है।

    डल्ला के तीनों सहयोगी उसके निर्देश पर भारत में एक बड़ा आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट चला रहे थे। एनआईए ने कहा कि आरोपी मौर और राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे और उन्हें राजीव कुमार द्वारा पनाह दी जा रही थी। तीनों ने डल्ला के निर्देश पर और उससे प्राप्त धन से कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाई थी। मौर और राजपुरा गिरोह के शूटर थे और उन्हें लक्षित हत्याओं को अंजाम देने का काम सौंपा गया था, जबकि राजीव कुमार उर्फ शीला को हैरी मौर और हैरी राजपुरा को शरण देने के लिए अर्श डल्ला से धन मिल रहा था।

    एनआईए की जांच से यह भी पता चला है कि कुमार डल्ला के निर्देश पर अन्य दो के लिए रसद सहायता और हथियारों की व्यवस्था भी कर रहा था। जांच एजेंसी ने मौर और राजपुरा को 23 नवंबर, 2023 को और कुमार को 12 जनवरी, 2024 को गिरफ्तार किया था।

  • कनाडा से बाहर निकाले जाएंगे सैकड़ों भारतीय छात्र !

    कनाडा से बाहर निकाले जाएंगे सैकड़ों भारतीय छात्र !

    नई दिल्ली : कनाडा के एक प्रांत प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में सैकड़ों भारतीय छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे है। क्योंकि प्रांतीय आव्रजन नियमों में अचानक बदलाव के बाद उन्हें जबरन भारत भेजा जा रहा है। हालाँकि भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि उसके पास इस मुद्दे पर कोई रिपोर्ट या अपडेट नहीं है। कनाडा में प्रिंस एडवर्ड आइलैंड ने आप्रवासियों को सीमित करने के लिए अपनी आप्रवासन नीति में बदलाव किया है और आव्रजन नियमों में अचानक बदलाव के खिलाफ कनाडा में भारतीय छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि भारत सरकार ने  इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिलने से इनकार किया है कि सैकड़ों लोगों को कनाडा से निर्वासन का सामना करना पड़ेगा। 

    इसको लेकर चल रहा भारतीय छात्रों का विरोध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगे क्योंकि यह “अभी या कभी नहीं” वाली स्थिति है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा “बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए कनाडा गए हैं। यह आंकड़ा काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन हमने निर्वासन का सामना करने वाले   छात्रों को नहीं देखा है। हमारे पास इस पर कोई अपडेट नहीं है। हमें जानकारी नहीं है। हो सकता है कि एक मामला यहां या एक मामला वहां, लेकिन जहां तक कनाडा में छात्रों का सवाल है तो हमें कोई बड़ी समस्या नहीं दिख रही है। प्रदर्शनकारी भारतीय छात्रों ने 23 मई को एक असेंबली बैठक बुलाई, जो 175 रिचमंड स्ट्रीट, चार्लोटटाउन, प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, कनाडा में होगी।

    कनाडा के एक प्रांत प्रिंस एडवर्ड आइलैंड ने अप्रवासियों की संख्या कम करने के लिए हाल ही में अपने प्रांतीय नामांकित कार्यक्रम (पीएनपी) के नियमों में बदलाव किया है। अप्रवासियों की एक बड़ी संख्या इसके स्वास्थ्य देखभाल और आवास बुनियादी ढांचे पर दबाव डाल रही थी। प्रदर्शनकारी भारतीयों ने प्रांतीय कनाडाई सरकार पर आव्रजन नियमों को अचानक बदलने और उन्हें कार्य परमिट देने से इनकार करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेजुएट होने के बावजूद इन छात्रों को अब निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय प्रदर्शनकारी वर्क परमिट के विस्तार और आव्रजन नीतियों में हाल के बदलावों की समीक्षा की मांग कर रहे हैं

  • पंजाबः छुट्टियों के बावजूद खुले मिले कुछ स्कूल, 3 को नोटिस जारी 

    नवांशहरः बढ़ते तापमान के कारण सरकारी/अर्ध-सरकारी/निजी/सहायता प्राप्त/गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टियों के बावजूद स्कूल खुले रखने पर जिला प्रशासन ने सख्त नोटिस लेते हुए 3 निजी स्कूलों को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (एसई) अर्चना अग्रवाल ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण राज्य के सभी सरकारी/अर्धसरकारी/निजी/सहायता प्राप्त/गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में 21 मई 2024 से बच्चों की छुट्टियां और स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए है।

    इसके बावजूद शिकायत मिली कि स्कॉलर पब्लिक स्कूल लधाना झीका, सतलुज पब्लिक स्कूल बंगा और भगवान महावीर पब्लिक स्कूल बंगा ये 3 निजी स्कूल खोले गए हैं, जो सरकारी आदेशों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है और संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। डिप्टी कमिश्नर नवजोत पाल सिंह रंधावा ने कहा कि बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों को स्वास्थ्य देखभाल की अधिक जरूरत है। स्वास्थ्य देखभाल को लेकर पहले ही हेल्थ एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद उक्त निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

  • बदमाशों ने व्यापारी को किया किडनैप, हाथ-पैर बांधकर की मारपीट

    बदमाशों ने व्यापारी को किया किडनैप, हाथ-पैर बांधकर की मारपीट

    नोएडाः हरियाणा के बिजनेसमैन का 4 बदमाशों ने उसी की स्कॉर्पियो में किडनैप कर उसके हाथ-पैर बांधकर रातभर घुमाते रहे। बताया जा रहा है किATM का पिन लेने के लिए उसकी बदमाशों ने जमकर पिटाई भी की। जिसके बाद बदमाश मंगलवार सुबह उसे लेकर हरियाणा से नोएडा पहुंचे। एक्सप्रेस-वे पर पुलिस गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। बिजनेसमैन को जैसे ही पता कि आसपास पुलिस है, उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। पकड़ाने के डर से बदमाश घबरा गए। हड़बड़ाहट में स्कॉर्पियो डिवाइडर में ठोंक दी। पुलिस जब तक स्कॉर्पियो तक पहुंची, तब तक बदमाश गाड़ी छोड़कर भाग गए। पुलिस ने बिजनेसमैन को छुड़ाया और अस्पताल में भर्ती कराया।

    हरियाणा के बल्लभगढ़ की मुकेश कॉलोनी में रहने वाले राजीव मित्तल सोमवार रात को किसी काम से घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान 2 बदमाशों ने स्कूटी से उनकी स्कॉर्पियो में टक्कर मार दी।टक्कर लगने के बाद राजीव स्कॉर्पियो से उतरे। उनकी बदमाशों से कहासुनी हो गई। तभी पीछे से 2 और बदमाश आ गए। उन्हें मारा-पीटा। उनके हाथ-पैर बांध कर ​​​​स्कॉर्पियो में डाल दिया। बदमाश रातभर उन्हें इधर से उधर घुमाते रहे। UPI और ATM से बदमाशों ने पैसे निकालने की कोशिश की। मगर, हर बार उन्होंने पिन गलत बता दिया। 3 बार पिन गलत बताने से कार्ड ब्लॉक हो गया। UPI भी बंद हो गया। मंगलवार सुबह बदमाश बिजनेसमैन को लेकर नोएडा पहुंचे। नॉलेज पार्क थाना की पुलिस कारों को रोककर चेक कर रही थी।

    पुलिस को देख कर राजीव चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर पुलिसवालों ने सड़क पर बैरिकेड्स लगा दिए। यह देखकर बदमाश घबरा गए। वे भागने लगे तो स्कॉर्पियो डिवाइडर में ठुक गई। यह देख पुलिसवाले और आस-पास के लोग दौड़कर गाड़ी के पास आने लगे। यह देखकर चारों बदमाश गाड़ी छोड़कर भाग गए। पुलिस वाले स्कॉर्पियो के पास पहुंचे अंदर देखा तो एक व्यक्ति स्कॉर्पियो में बैठा दिखा जिसके हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने कारोबारी के हाथ-पैर खोलकर नीचे उतारा। बिजनेसमैन घबराया हुआ था। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। पुलिस ने गांव वालों से चादर मंगवाई। थोड़ी देर तक उन्हें जमीन पर लिटा दिया। फिर उन्हें अस्पताल ले गए।

    राजीव ने पुलिस को बताया कि मेरा पार्किंग के ठेके का बिजनेस है। सोमवार देर रात बदमाशों ने मुझे किडनैप किया। रातभर मारते रहे। उन्होंने ATM के पिन मांगे, लेकिन मैंने उन्हें गलतपिन बताया। जब ATM ब्लॉक हो गया, तो मुझे जान से मारने की धमकी दी। राजीव के भाई संजीव ने बताया कि पूरी रात हम लोग भाई को ढूंढते रहे। पुलिस को सूचना दी। सुबह ग्रेटर नोएडा से फोन आया, तब जाकर जान में जान आई। नोएडा पुलिस की सतर्कता की वजह से भाई की जान बच गई। पुलिस अफसरों का कहना है कि स्कॉर्पियो की डिवाइडर से टक्कर के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस CCTV के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।