Blog

  • 16 साल से लंबित एसिड अटैक मामले में SC सख्त, केंद्र को दिए निर्देश

    16 साल से लंबित एसिड अटैक मामले में SC सख्त, केंद्र को दिए निर्देश

    नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में लंबित पड़े एसिड अटैक मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी उच्च न्यायालयों से विस्तृत आंकड़े तलब किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 2009 में दर्ज एक एसिड अटैक मामले में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट में हो रही धीमी सुनवाई पर कड़ी नांराजगी जताई। उन्होंने कहा है कि 2009 का ट्रायल अब तक चल रहा है, यह शर्म की बात है।

    16 साल से लंबित एसिड अटैक ट्रायल पर सीजेआई सूर्यकांत बेहद नाराज हुए। उन्होंने इसे शर्मनाक करार देते हुए कहा कि कानूनी सिस्टम का मजाक बना रखा है। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति में न्यायालय की पीठ की अध्यक्षता कर रहे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में देरी पीड़ितों के साथ अन्याय है और न्याय प्रणाली की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है।

    मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति में न्यायालय की पीठ की अध्यक्षता कर रहे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में देरी पीड़ितों के साथ अन्याय है और न्याय प्रणाली की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है। बता दें कि भारत में हर साल 200 से ज्यादा महिलाएं एसिड अटैक का शिकार बनती हैं।

    यह सरकारी आंकड़ा है, लेकिन असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, ये मामले दर्ज किए जाते हैं, लेकिन कई अनदेखे रह जाते हैं। 2023 के एनसीआरबी डेटा के आधार पर देश में 207 मामले दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2022 के 202 मामलों से थोड़ी अधिक है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 124 के तहत एसिड अटैक के आरोपियों को न्यूनतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसमें अधिकतम उम्रकैद हो सकती है।

     

  • Punjab News: लोगों ने पकड़े 2 फोन स्नेचर, जमकर की धुनाई, देखें वीडियो

    Punjab News: लोगों ने पकड़े 2 फोन स्नेचर, जमकर की धुनाई, देखें वीडियो

    अमृतसरः शहर के बटाला रोड पर देर रात उस समय हंगामा हो गया जब सेलिब्रेशन मॉल के बाहर व्यक्ति से 2 युवकों ने फोन छीनने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद सड़क पर निकलने वाले लोगों ने मिलकर दोनों की सरेआम पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बड़ी मुश्किल से दोनों युवकों को भीड़ से छुड़ाया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    CLICK HERE TO WATCH VIDEO

    जानकारी मुताबिक, बटाला रोड पर देर रात सेलिब्रेशन मॉल के बाहर व्यक्ति किसी काम से जा रहा था कि इस दौरान 2 युवकों ने उस व्यक्ति से फोन छीन लिया और भागने की कोशिश करने लगे। पीड़ित युवक ने इस दौरान हिम्मत करते हुए युवकों को पकड़ लिया और शोर मचा दिया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और युवकों से मारपीट करनी शुरू कर दी। इस दौरान करीब 30 मिनट तक हंगामा होता रहा। जिस व्यक्ति को कुछ पता भी नहीं था उन्होंने भी उन युवकों को बुरी तरह पीटा। एक युवक तो बेसबैट से युवकों को धमकाता हुआ नजर आया। यह नजारा देखकर किसी ने बीच-बचाव की कोशिश तक नहीं की। करीब आधे घंटे बाद पुलिस को मामले की सूचना मिली और वह मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को हिरासत में लिया। दूसरी ओर, बटाला रोड पर हुई इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या भीड़ द्वारा न्याय करना सही है या कानून का हाथ ही भरोसेमंद है। चाहे बाद में कोई और बात हो, लेकिन इस तरह से सभी लोगों द्वारा युवकों को पीटना सही है। यह सवालियां निशान खड़े कर रहा है। उधर, अमृतसर पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी कार्रवाई जारी है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
  • मंगूफली से भी हो सकते है यह Side Effects, इन लोगों को बनाकर रखनी चाहिए दूरी

    मंगूफली से भी हो सकते है यह Side Effects, इन लोगों को बनाकर रखनी चाहिए दूरी

    हेल्थः सर्दियों में मूंगफली खाने का अपना ही अलग मजा है और इसका एक फायदा यह भी है कि इसे खाने से अंडे-काजू से भी ज्यादा प्रोटीन शरीर को मिलता है। जैसे हर चीज के फायदे और नुकसान होते हैं, उसी तरह मूंगफली के भी कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं।

    मूंगफली हाई-कैलोरी स्नैक है। एक छोटी कटोरी मूंगफली में लगभग 250-300 कैलोरी होती है। सर्दियों में भूख ज्यादा लगती है, ऐसे में लोग चटकारे लेते-लेते जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। लगातार ओवरईटिंग करने से वजन तेजी से बढ़ सकता है। खासकर पेट और कमर के पास चर्बी जमा हो जाती है। वजन कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो एक दिन में एक मुट्ठी से ज्यादा न खाएं।

    मूंगफली तासीर में गर्म होती है और भारी भी। इसलिए ज्यादा खाने पर पेट फूलना, गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं होना काफी आम है। जिन लोगों का डाइजेशन कमजोर है या जिन्हें बार-बार गैस बनती है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। भुनी हुई मूंगफली कच्ची की तुलना में ज्यादा भारी पड़ती है।

    जिन लोगों की स्किन पहले से ऑयली है या जिन्हें मुंहासों की समस्या रहती है, उनके लिए ज्यादा मूंगफली खाना खतरनाक हो सकता है। इसमें मौजूद नेचुरल ऑयल से शरीर में सीबम प्रोडक्शन बढ़ सकता है, जिससे पिंपल्स उभरने लगते हैं।

    मूंगफली खाने से भी कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, इसके लक्षण हल्के या गंभीर भी हो सकते हैं। जैसे खुजली, लाल चकत्ते, गला सूजना, सांस लेने में दिक्कत या उलटी आना। जिन लोगों को इससे एलर्जी होती है, उन्हें मूंगफली और इससे बनी चीजें (पीनट बटर, चिक्की) बिल्कुल नहीं खानी चाहिए।

    अगर आप नमक लगी हुई मूंगफली खाते हैं, तो उसमें सोडियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ज्यादा सोडियम हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए खतरा हो सकता है। रोज नमकीन मूंगफली खाने से बीपी बढ़ सकता है, पानी रिटेंशन हो सकता है और दिल पर भी दबाव पड़ सकता है। अधिक सोडियम की वजह किडनी पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

  • पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन ने आसिम मुनीर पर लगाए गंभीर आरोप

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन ने आसिम मुनीर पर लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों भूचाल मचा हुआ है। इसी बीच अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान ने एक बड़ा बयान दे दिया है। अलीमा खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की विचारधारा को लेकर कई गंभीर दावे कर दिए हैं। इसके बाद अब पाकिस्तान में एक नया विवाद खड़ा हो चुका है।

    आसिम मुनीर की सोच है बहुत खराब

    अलीमा ने एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख की सोच बहुत कठोर और कट्टरपंथी है। उनकी मानसिकता भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण है। यही कारण है कि वो सीमा के आस-पास बढ़ते हुए तनाव को प्रोत्साहित करते हैं। अलीमा ने यह दावा किया है जो भी लोग मुनीर की मानसिकता से सहमतन हीं होते उन्हें निशाना बना लिया जाता है। यही रवैया पाकिस्तान की राजनीति को खराब कर रहा है।

    भारत के प्रति इमरान का रुख था अच्छा

    अलीमा खान के अनुसार, इमरान खान हमेशा से ही भारत के प्रति पॉजिटिव रुख रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई ने कई बार भारत से बातचीत करने की कोशिश की और भारतीय नेतृत्व और बीजेपी से रिश्ते सुधारने के लिए कई जरुरी कदम भी उठाए। अलीमा के अनुसार, पाकिस्तान में जब भी कठोर मानसिकता वाला नेतृत्व सत्ता में आता है तो भारत-विरोधी माहौल बनाया जाता है।

    बेटों को है पिता की चिंता

    इमरान खान की बहन के अलावा उनके बेटे कासिम खान और सुलेमान खान ने भी पाकिस्तान पर हुक्मरानों के आरोप लगाए हैं। हाल ही में उन्होंने एक बयान में यह कहा था कि उन्हें अपने पिता की जान को लेकर काफी चिंता है। दोनों बेटों का यह कहना था कि उन्हें डर है कि सरकार इमरान खान की सेहत से जुड़ी कोई अहम जानकारी उनसे छिपा रही है जो सामान्य नहीं हो सकती। कासिम और सुलेमान ने कहा था कि उनको पिछले 47 दिनों से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद अपने पिता की हालत के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई थी।

    इमरान खान ने भेजा था जेल से संदेश

    इमरान खान ने भी जेल से संदेश भेजा था। इसमें उन्होंने सेना प्रमुख पर तीखा हमला किया था। उन्होंने यह आरोप लगाया था कि जनरल मुनीर पाकिस्तान को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं और उन्हीं के कारण से देश गहरे संकट में जा रहा है। इमरान का यह कहना है कि वो जिस तरह का दबाव और प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार करने लायक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जेल में उनके साथ कुछ हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख की होगी।
  • Punjab News: Golden Temple पहुंचे डेरा राधा स्वामी सत्संग के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों, देखें Live

    Punjab News: Golden Temple पहुंचे डेरा राधा स्वामी सत्संग के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों, देखें Live

    अमृतसरः श्री हरिमंदिर साहिब में आज डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पहुंचे। जहां वह श्री हरमंदिर साहिब पहुंचकर नतमस्तक हुए। इस अवसर पर उनके साथ सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं डेरा बाबा के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने गोल्डन टेंपल की परिक्रमा की। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा के साथ नमन करते हुए सरबत के भले की अरदास की।

    बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो के आगमन के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रंबंध किए गए और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स उनके साथ मौजूद रही, ताकि संप्रदाय की सुरक्षा और यात्रा सुचारू रूप से पूरी हो सके। सुबह सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचकर वह सीधे दर्शन-दीदार के लिए गए और गुरबाणी कीर्तन सुनने के बाद नतमस्तक हुए।

    उनकी मौजूदगी देखकर संकीर्तन में भी उत्साह देखा गया। लेकिन बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो ने मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत से परहेज़ किया। दर्शन के बाद वह अपने काफिले के साथ वापिस रवाना हो गए। इस दौरे को पूरी तरह धार्मिक माना जा रहा है। उन्होंने किसी भी प्रकार के बयान या टिप्पणी से परहेज़ किया।

  • Punjab News: IPS और PPS अधिकारियों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    Punjab News: IPS और PPS अधिकारियों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    मोहालीः पंजाब पुलिस के 4 अधिकारियों की नई नियुक्तियां आज की गईं। विजिलेंस में तैनात वरिंदर सिंह बराड़ को फाजिल्का के एसएसपी पद पर इस आरोप के चलते निलंबित कर दिया गया था कि उनके अधीनस्थ भ्रष्टाचार में लिप्त थे। वहीं जगत प्रीत सिंह लुधियाना में एसएसपी विजिलेंस थे और कथित तौर पर कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु को गिरफ्तार ना करने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब वह दोबारा से विजिलेंस में वापस आ गए।

  • Jalandhar News: मीटर को लेकर डेढ़ साल से व्यक्ति काट रहा चक्कर, SDO और JE पर लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    Jalandhar News: मीटर को लेकर डेढ़ साल से व्यक्ति काट रहा चक्कर, SDO और JE पर लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: केंद्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी ने बिजली विभाग के निजी कारिंदों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए है। पीड़ित कुलदीप सिंह का कहना हैकि वह पिछले डेढ़ साल से घर में नया बिजली मीटर लगवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग से जुड़े कुछ निजी कारिंदों द्वारा 18 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने निजी करिंदों द्वारा रिश्वत मांगने को लेकर विभाग के एसडीओ और जेई की मिली भुगत के आरोप लगाए है।

    पीड़ित का आरोप है कि कारिंदे खुलेआम धमकी देते हैं कि पैसे दिए बिना मीटर नहीं लगाया जाएगा। कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में बिजली विभाग के दफ्तर के चक्कर काटकर थक गए है, लेकिन अब तक उनका मीटर नहीं लगाया जा रहा। इस मामले को लेकर वह सरकार के कई विभागों, अधिकारियों और शिकायत पोर्टल्स पर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

    कुलदीप सिंह ने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उसके मीटर के पेपर रद्द कर दिए। उनका कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें प्राइवेट लोगों से मिली है। कुलदीप सिंह का कहना हैकि प्राइवेट बंदे मेरे पास आए उन्होंने कहा आप जितनी बार मर्जी बिजली दफ्तर के चक्कर लगा लें, लेकिन आपका मीटर नहीं लगेगा। कुलदीप सिंह का कहना है कि उसका पत्नी के विवाद चल रहा है।

    इस बात के बारे में एसडीओ को कहां से पता चली है। उनका आरोप है कि सब लोग मिले हुए है। पीड़ित ने प्रशासन और पंजाब सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। दूसरी ओर, इस मामले को लेकर जब बिजली विभाग के एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह किसी एजंट के पास फंस गए होंगे। लेकिन उनके द्वारा कोई पैसे की मांग नहीं की गई है।

  • Punjab News: मेडिकल अधिकारी-टेक्नीशियन गिरफ्तार, नशा तस्करी का रैकेट चलाने के लगे आरोप

    Punjab News: मेडिकल अधिकारी-टेक्नीशियन गिरफ्तार, नशा तस्करी का रैकेट चलाने के लगे आरोप

    लुधियानाः शहर स्थित सेंट्रल जेल में तैनात एक मेडिकल अधिकारी और एक टेक्नीशियन को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों जेल के भीतर नशा सप्लाई करने का रैकेट चला रहे थे और इसके बदले परिजनों से UPI के माध्यम से पैसे वसूलते थे। थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद जेल में तैनात आधा मेडिकल स्टाफ फरार बताया जा रहा है। आरोपियों की पहचान डॉ. प्रिंस (मेडिकल ऑफिसर) और जसपाल शर्मा (टीबी टेक्नीशियन) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई एक महीने की जांच के बाद की गई।

    जांच अधिकारी ASI दिनेश कुमार के अनुसार, 27 अक्टूबर को जेल स्टाफ को हवालातियों से 117 नशीले कैप्सूल और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इसके बाद डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जगजीत सिंह की शिकायत पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और जेल एक्ट की धारा 52A (1) के तहत FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने हवालाती रवि कुमार, अमनदीप कुमार, अजय कुमार, उबैद मसीह और गुलशन को गिरफ्तार किया था।

    हवालाती से पूछताछ में डॉ. प्रिंस और टेक्नीशियन जसपाल शर्मा के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को निगरानी में लेकर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों इनमेट्स को नशा पहुंचाने के बदले उनके परिजनों से UPI के जरिए पैसे लेते थे और कई बार इलाज के नाम पर उन्हें सिविल अस्पताल रेफर कर पैसे वसूलते थे। ASI ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। जांच के दौरान और लोगों के संलिप्त होने की आशंका है। वहीं 17 जनवरी 2024 को भी असिस्टेंट जेल सुपरिंटेंडेंट गगनदीप शर्मा और सतनाम सिंह को इसी तरह के ड्रग सप्लाई रैकेट में गिरफ्तार किया गया था। वे भी इनमेट्स से UPI के माध्यम से पैसे ले रहे थे।

  • Punjab News: मंत्री धालीवाल का अकाली दल पर हमला, विक्रम मजीठिया को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो

    Punjab News: मंत्री धालीवाल का अकाली दल पर हमला, विक्रम मजीठिया को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो

    अमृतसरः आम आदमी पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अकाली दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति की चल रही चुनाव प्रक्रिया में पंजाब सरकार की ओर से किसी के साथ भी कोई दबाव या धक्केशाही नहीं हो रही और हर नागरिक को चुनाव लड़ने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है।

    धालीवाल ने विक्रम मजीठिया की जमानत अर्जी पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रद किए जाने को बड़ा झटका बताते कहा कि कोर्ट ने विजिलेंस (जांच) द्वारा पेश किए गए सबूतों को गंभीर माना है। उन्होंने उजागर किया कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध नहीं, बल्कि ड्रग माफिया से जुड़े सच को सामने लाने की जरूरत है।

    धालीवाल ने बताया कि मजीठिया मामले में लगभग 540 करोड़ रुपये के लेन-देन के सबूत हैं, जिन्हें नशे की तस्करी से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस मामले पर कार्रवाई नहीं की, जिससे पंजाब के कई युवा नशे की चपेट में आ गए। आज मान सरकार ने हिम्मत दिखाकर इस ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। चुनाव संबंधी आरोपों को खारिज करते धालीवाल ने कहा कि कागज रद्द होने या अन्य मसलों पर अकाली दल और अन्य पार्टियों द्वारा किए जा रहे दावे सिर्फ ड्रामेबाजी हैं। सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रही है और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शांति-चैन के साथ चल रही है।

  • पुलिस से भिड़े ग्रामीण, जमकर चले ईंट-पत्थर और आसू गैस के गोले, थाना प्रभारी सहित 25 कर्मी घायल, देखें वीडियो

    पुलिस से भिड़े ग्रामीण, जमकर चले ईंट-पत्थर और आसू गैस के गोले, थाना प्रभारी सहित 25 कर्मी घायल, देखें वीडियो

    सरगुजाः जिले के अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। गुलेल से भी हमला किया। हमले में एएसपी थाना प्रभारी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 12 से ज्यादा ग्रामीणों को भी चोट आई है। हालात को काबू करने पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। थाना प्रभारी को अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, एसईसीएल के अमेरा खदान के विस्तार के लिए परसोढ़ी गांव की जमीनें साल 2001 में अधिग्रहित की गई है। ग्रामीण अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी करीब 500 की संख्या में पुलिस बल के साथ जमीन अधिग्रहण के लिए पहुंचे थे।

    वहीं एसईसीएल प्रबंधन का कहना है कि परसोडीकला के ग्रामीणों को अब तक लगभग 10 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। जिला आरएंडआर समिति की सहमति से रोजगार भी प्रदान किया जा रहा है, लेकिन जैसे ही खनन परसोडीकला की ओर बढ़ा, कुछ असामाजिक तत्वों ने ग्रामीणों को फिर से उकसाया, जिन्होंने अधिग्रहीत भूमि खाली करने से इनकार कर दिया।

    ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, गुलेल से हमला किया। इसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी ग्रामीणों पर पत्थर चलाए। पत्थरबाजी में एएसपी अमोलक सिंह, एसडीओपी ग्रामीण, धौरपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह सहित 25 पुलिसकर्मियों को चोट आई है। थाना प्रभारी अश्वनी सिंह को ज्यादा चोट लगने के कारण अंबिकापुर रेफर किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस की ओर से भी पत्थर चलाए गए। इसमें 12 से ज्यादा ग्रामीणों को चोटे आई है। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    ग्रामीणों ने बताया कि अमेरा खदान के लिए साल 2001 में भूमि अधिग्रहण हुआ। अब तक मात्र 19% किसानों ने ही मुआवजा लिया है। किसानों को अब तक न नौकरी मिली, न सभी को मुआवजा। 3 माह पहले अधिग्रहित जमीन पर बुलडोजर चलाया गया था, जिसके बाद ग्रामीण अपनी फसल और जमीन की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बैठक कर निर्णय लिया है कि वे अपनी जमीनें नहीं देंगे। इसके बावजूद प्रशासन जमीन पर जबरदस्ती कब्जा दिलाने पर अड़ा है। इसके कारण यह तनाव की स्थिति बनी है।

    इस घटना पर टीएस सिंहदेव ने एक्स पर लिखा- सरकार जिनकी प्रतिनिधि है, उन्हीं पर लाठियां बरसा रही है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम परसोडीकला का दृश्य लोकतंत्र को शर्मिंदा करने वाला है। जहां गुजरात की एक निजी कंपनी से सरकारी खदान में उत्खनन कराया जा रहा है और विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों पर पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस बरसाई गई। उन्होंने लिखा- यही है वह ‘गुजरात मॉडल’, जिसे देश वाराणसी और अयोध्या में भी देख रहा है। जहां स्थानीय लोगों के रोजगार और संसाधनों पर बाहर की कंपनियों और लोगों का कब्ज़ा कराया जा रहा है, और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी कर दी गई है। सरकार का काम जनता की रक्षा करना है, उन्हीं पर लाठियां चलाना नहीं। छत्तीसगढ़ के लोगों के हक, जमीन और भविष्य का इस तरह दमन नहीं किया जा सकता।