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  • बड़ा हादसा: बच्चों से भरा पलटा ट्रैक्टर, कई घायल, देखें वीडियो

    बड़ा हादसा: बच्चों से भरा पलटा ट्रैक्टर, कई घायल, देखें वीडियो

    बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के मुडिया 87 गांव में धान की रोपाई के लिए जा रहे बच्चों से भरा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे ट्रैक्टर के नीचे दब गए। कई बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रैक्टर पर बड़ी संख्या में बच्चे सवार थे, जो खेतों में धान की रोपाई के काम के लिए जा रहे थे। रास्ते में अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। हादसा इतना तेज था कि ट्रैक्टर पर बैठे बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई बच्चे उसके नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

    ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर के नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां गंभीर रूप से घायल बच्चों का इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है। बच्चों के परिजन भी अस्पताल और घटनास्थल की ओर पहुंच गए। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकृत जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

     

  • Punjab News: 5.557 किलो हेरोइन 2 आधुनिक पिस्टल सहित 4 तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 5.557 किलो हेरोइन 2 आधुनिक पिस्टल सहित 4 तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसर: पंजाब पुलिस के द्वारा नशा और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सीमा पार से चल रहे ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास में से कुल 5.557 किलोग्राम हेरोइन और दो आधुनिक पिस्तौल बरामद किए हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान में स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में था। सीमा पार से ड्रोनों के जरिए हेरोइन और हथियार भारतीय क्षेत्र में भेजे जाते थे।

    इन्हें पहले से तय जगहों पर रिसीव करके पंजाब और बाकी इलाकों में आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आकाश संधु, सुनील सरोज, हरविंदर उर्फ चमकौर और वंश सिंह भी शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपियों का पहले ही आपराधिक रिकॉर्ड है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, नशा तस्करी और कई सारे गंभीर मामले दर्ज हैं। चौथे आरोपी का नाम वंश सिंह है जो कि पेशे से टैक्सी ड्राइवर है। इसका पहले कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था परंतु पैसे के लालच में वह इस नेटवर्क के जरिए जुड़ गया। पुलिस के अनुसार यह पूरा ऑपरेशन डीसीपी इनवेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह की निगरानी में एडीसीपी जगविंदर सिंह, एसीपी इंदरजीत सिंह, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अमोलकदीप सिंह और उनकी टीम ने अंजाम दिया है।

    पूछताछ के दौरान पुलिस ने पहले आकाश संधू के पास से 192 ग्राम हेरोइन बरामद की है। उसकी निशानदेही पर और 776 ग्राम हेरोइन मिली है। इसके बाद सुनील सरोज को भी गिरफ्तार करके उसके पास से 4 किलो 589 ग्राम हैरोइन बरामद हुई है। जांच को आगे बढ़ाते हुए हरविंदर सिंह और वंश सिंह को भी काबू कर लिया गया है इनके पास से एक गलॉक 9MM पिस्तौल और एक. 30 बोर स्टार मेड पिस्तौल भी बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में थाना इस्लामाबाद और थाना छेहरटा में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।

     

  • Sohail संग तलाक पर Seema Sajdeh ने तोड़ी चुप्पी, बेटे योहान का ऐसा था रिएक्शन

    Sohail संग तलाक पर Seema Sajdeh ने तोड़ी चुप्पी, बेटे योहान का ऐसा था रिएक्शन

    मनोरंजन: सोहेल खान और सीमा सजदेह एक समय पर बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर कपल थे। सीमा और सोहेल ने साल 1998 में शादी रचाई थी। शादी के बाद कपल ने दो बेटों का स्वागत किया परंतु 24 साल बाद दोनों को तलाक लेकर अलग हो गए थे। सोहेल सीमा के तलाक से फैंस को भी काफी बड़ा झटका लगा था। अब सीमा ने बताया है कि उनके सेपरेशन पर उनके बेटों का कैसा रिएक्शन था इस पर अब एक्ट्रेस खान ने खुद बात की है।

    सीमा सजदेह ने तलाक पर की बात

    अलायंस में जाने से पहले एक इटंरव्यू में उन्होंने पर्सनल लाइफ को लेकर खुलासे किए हैं। सीमा से पूछा गया कि उनके तलाक पर बच्चों का कैसा रिएक्शन था। सीमा ने बताया कि उनके बड़े बेटे निर्वान खान ने उनके और सोहेल के तलाक को काफी अच्छे से डील किया था क्योंकि निर्वान ने पास से अलग होते हुए देखा था जबकि उनका छोटा बेटा योहान उस समय काफी छोटा था इसलिए बड़े बेटे निर्वान ने सिचुएशन को उनके छोटे बेटे से ज्यादा काफी अच्छे तरीके से समझाया है। सीमा ने यह बताया कि शुरुआत में उनके बेटे योहान को बहुत गुस्सा आता था परंत समय के साथ वो शांत भी हो गया।

    सोहेल काफी लो फील कर रहे थे

    सीमा से आगे यह भी पूछा गया था कि उनके बच्चों ने या दूसरे लोगों ने कभी उनसे मुश्किल सवाल पूछा है तो उस पर उन्होंने बताया कि सेपरेशन के बाद एक दफा वो काम से कहीं जा रही थी। तब सोहेल काफी लो फील कर रहे थे। तब योहान ने सीमा से पूछा था कि क्या वो अपने पापा के साथ रुक सकता है।

    बेटे के सवाल से शॉक्ड हो गई थी सीमा

    सीमा ने जब अपने बेटे से सोहेल के साथ रुकने का कारण पूछा था तो योहान ने कहा था कि – मम्मा आप तो ठीक लग रही हो पर पापा काफी उदास हैं। आप ठीक क्यों हैं? इस पर सीमा ने यह कहा कि बेटे के इस सवाल के बाद उन्हें काफी गिल्टी फील हुआ ता। सीमा ने कहा था कि वो इस पल को कभी भी भूल नहीं सकती। बता दें कि सीमा सजदेह और सोहेल खान इन दिनों एक साथ अलायंस में दिख रहे हैं। इस शो में उनके अलावा कुशाल टंडन समेत कई और एक्टर्स भी हैं। दोनों को एक साथ देखकर फैंस काफी शॉक्ड भी हैं।  
  • बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम; सम्मान, देखभाल और कानूनी संरक्षण होगा सुनिश्चित

    बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम; सम्मान, देखभाल और कानूनी संरक्षण होगा सुनिश्चित

    चंडीगढ़: राज्य के प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन उपलब्ध कराने की पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज यहां कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि “माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” एक ऐतिहासिक कानून है, जो बुजुर्गों को असहायता और आर्थिक असुरक्षा से बचाने के लिए मजबूत कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।

    डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि जो माता-पिता स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, उनकी देखभाल करना उनकी संतान और उत्तराधिकारियों की कानूनी एवं नैतिक जिम्मेदारी है। यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाते हुए सरल, सुलभ और समयबद्ध व्यवस्था के माध्यम से मासिक भरण-पोषण भत्ता प्राप्त करने का अधिकार देता है, ताकि उन्हें मानसिक परेशानी और अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से गुजरना न पड़े तथा शीघ्र न्याय मिल सके।

    बुजुर्गों की तत्काल सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष सुविधा का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि “पंजाब सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए ‘एल्डर लाइन’ (राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 14567) का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की मानसिक, कानूनी अथवा शारीरिक परेशानी का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिक इस निःशुल्क हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। यह केवल एक हेल्पलाइन नंबर नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए भरोसेमंद सहारा है, जहां उनकी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया जाता है।”

    कानूनी अधिकारों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और जागरूकता को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए डॉ. बलजीत कौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बुजुर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) और समाज की प्रतिष्ठित हस्तियों का भी सक्रिय सहयोग लिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार समय-समय पर राज्य स्तरीय विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं तथा निःशुल्क चिकित्सा जांच उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।

    डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि “माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” के अंतर्गत भरण-पोषण अथवा कानूनी संरक्षण प्राप्त करने के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अपने जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अथवा संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम इस अधिनियम के तहत मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के रूप में कार्य करते हैं और वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हैं।

    उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए आवेदन स्वयं बुजुर्गों के अलावा उनके अधिकृत प्रतिनिधि अथवा किसी मान्यता प्राप्त स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) द्वारा भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ बन जाती है।

    मंत्री ने कहा कि इस कानून में वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई बुजुर्ग अपनी देखभाल की शर्त पर अपनी संपत्ति किसी व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करता है और वह व्यक्ति अपने दायित्व का पालन नहीं करता, तो मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल को उस संपत्ति के हस्तांतरण अथवा पंजीकरण को निरस्त करने का अधिकार प्राप्त है। इसके अतिरिक्त राज्य में वृद्धाश्रमों की स्थापना तथा भरण-पोषण अधिकारियों की नियुक्ति जैसे विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।

    राज्य के लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि परिवार के बुजुर्ग हमारी जीवन-यात्रा की मजबूत नींव हैं। उनकी सेवा और देखभाल करना केवल कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों का भी अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर समय प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक, आत्मनिर्भर और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें।

  • क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते फूल जाती हैं सांस? इस बीमारी का हो सकता है लक्षण

    क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते फूल जाती हैं सांस? इस बीमारी का हो सकता है लक्षण

    सेहत: सीढ़िया चढ़ने समय कई लोगों की सांस फूल जाती है पंरतु इस चीज को कभी भी सामान्य नहीं समझना चाहिए। कई बार इस तरह की कमजोरी बढ़ते वजन या फिटनेस की कमी के कारण से भी होती है परंतु यदि थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ने पर ही आपकी सांस फूलती है तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

    दिल से जुड़ी बीमारियां हो सकती है कारण

    दिल से जुड़ी बीमारियां होने पर आपकी सांस फूल सकती है। जब आपका दिल ठीक से काम नहीं करता है तो शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने में दिक्कत होती है। ऐसे में थोड़ी मेहनत करने पर भी सांस तेज चलने लगती है। इसके अलावा सांस फूलने का अलग कारणों में से अस्थमा की बीमारी भी शामिल है। इसके अलावा खून की कमी एनीमिया भी इसका कारण हो सकती है। वजन ज्यादा होने से, रोज एक्सरसाइज न करने पर भी सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूल सकती है।

    डॉक्टर से कब मिलें

    यदि यह परेशानी बार-बार हो रही है जैसे कि थोड़ी सी मेहनत में ही सांस फूलने लगती है, सीने में दर्द, चक्कर आए या आराम करने के बाद भी सांस सामान्य न हो तो डॉक्टर के साथ मिलें। ऐसे में डॉक्टर आपको दवाई भी दे सकते हैं।

    समस्या से कैसे करें बचाव

    इससे बचने के लिए आपको रोज हल्की एक्सरसाइज करें। हेल्दी फूड खाएं, इसके साथ ही आप वजन को अच्छा रखें। यदि आप पहले से दिल या फेफड़ों की कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार, इलाज करवाएं। सांस फूलना, हर बार किसी गंभीर बीमारी का ही संकेत नहीं होता ऐसे में घबराएं न यदि यह समस्या आपको बार-बार हो तो इसको हल्के में न लें।    
  • CJP के संस्थापक Abhijeet Dipike पर महिला ने सरेआम फेंकी स्याही, Viral हुआ Video

    CJP के संस्थापक Abhijeet Dipike पर महिला ने सरेआम फेंकी स्याही, Viral हुआ Video

    नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर अब एक महिला के द्वारा स्याही फेंकी गई है। महिला ने उन पर स्याही भी फेंकी और उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस घटनाक्रम के बाद हंगामा मच गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें यह साफ नजर आ रहा है कि महिला कैसे अचानक ही दीपके के पास पहुंचती है और इंक फेंक देती है। ये पूरी घटना उस समय हुई जब दीपके प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और वहां पर मौजूद लोगों से बातचीत कर रहे थे।

    सीजीपी के फाउंडर पर फेंकी गई इंक

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार की सुबह से ही माहौल गरम है। सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर 21 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को उठाया गया है। उन्हें पुलिस के द्वारा सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया। जैसे ही यह सारी घटना हुई तो खुद अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया। इसी बीच दिन में अचानक से एक महिला ने आकर उन पर स्याही फेंक दी।

    वॉलंटियर्स ने पकड़ा

    अभिजीत दीपके पर स्याही उस दौरान फेंकी गई जब वो अपने समर्थकों के साथ थे। इस दौरान आरोप है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश भी की हालांकि महिला को तुरंत ही वहां मौजूद वॉलंटियर्स ने पकड़ लिया। इस घटनाक्रम से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया था।

    अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं अभिजीत दीपके

    सामाजिक कार्यकर्ताओं सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर में स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल में ले जाए जाने के तुंरत बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु कर दी है। दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने कहा कि मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हूं। दीपके की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष भी अपनी भूख हड़ताल अभी तक जारी रखे हुए हैं।

    इस वजह से आंदोलन कर रही है सीजीपी

    पुलिस ने कहा है कि वांगचुक को जरुरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में ले जाया गया है। उसने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन स्थान खाली करने की अपील की है। वांगचुक नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद के चलते कथित तौर पर कुछ छात्रों की मौत के विरोध में 28 जून से कॉजपा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।    
  • बेटे के किडनैपिंग मामले में पिता का आया बयान, देखें वीडियो

    बेटे के किडनैपिंग मामले में पिता का आया बयान, देखें वीडियो

    लुधियानाः सुंदर नगर महावीर जैन कॉलोनी की रहने वाली एक मां ने अपने ही पति और ससुराल वालों पर 4 साल के मासूम बेटे सुवास को किडनैप करने का आरोप लगाया था, जिसकी मां ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी बनाई थी। जिसमें मां अपने बच्चे के किडनैप करने के आरोप लगा रही थी।

    वहीं अब मासूम सुवास के पिता का बयान सामने आया है, जहां वह अपनी कार में बैठकर वीडियो बनाते है और अपने बेटे सुवास को दिखाते है, और उसका हाल-चाल पूछते है। वीडियो में पिता लोगों से कहते हैं कि आप लोग एक साइड की स्टोरी सुनकर विश्वास न करे। आप लोगों को दोनों साइड की स्टोरी जाननी चाहिए। इस दौरान पति अपनी पत्नी और उसके मां-बाप पर आरोप लगाता है और बताता है कि उसकी पत्नी के घर से किसी ने उसको बताया था कि बच्चा कराटे क्लास में है आप उसे वहां से ले ले।

    वीडियो में पिता बताता है कि मेरा मेरी पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा है। मुझे मेरे बेटे से मिलने से कोई नहीं रोक सकता। मैंने अपना बच्चा किडनैप नहीं किया है। इस दौरान पिता वीडियो में रो पड़ता है और पत्नी के पिता पर आरोप लगाता है कि मेरे ससुर ने मुझे ये तक धमकी दी है कि मैं तेरा तेरे बेटे से डीएनए तक खत्म करवा दूंगा। वहीं लोगों से अपील करता है कि आप लोग एक बात सुनकर किसी पर विश्वास मत करें। दोनों पक्षों को सुनो और अपनी प्रतिक्रिया दें।

     

     

     

     

  • Nelson Mandela Day का 67 मिनट से है खास Connection, जानें इस दिन की खासियत

    Nelson Mandela Day का 67 मिनट से है खास Connection, जानें इस दिन की खासियत

    नई दिल्ली: हर साल 18 जुलाई को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और महान समाजसेवी नेल्सन मंडेला का याद करने के लिए नहीं बल्कि उनके जीवन से मोटिवेशन लेने का भी अवसर होता है। नेल्डन मंडेला ने अपना पूरा जीवन समानता, न्याय, शांति और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। यही कारण है कि इस दिन दुनिया भर के लोगों से यह अपील की जाती है कि वो कम से कम 67 मिनट समाज सेवा के लिए जरुर दें। दूसरों की मदद करें। समाज के लिए कुछ अच्छा करें। इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे का संदेश यही है कि यदि हर व्यक्ति थोड़ा सा समय भी दूसरों की मदद के लिए निकालें तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

    67 मिनट सेवा होती है खास

    नेल्सन मंडेला डे पर 67 मिनट सेवा पर सबसे खास मानी जाती है। यह नेल्सन मंडेला के समाज और मानवता के लिए किए गए 67 के साल योगदान का प्रतीक है। उन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय, मानवाधिकार और लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया था। उनके इसी योगदान को सम्मान देने के लिए 2009 में 67 Minutes Of Service अभियान शुरु किया गया है। इसके अंतर्गत लोगों से अपील की जाती है कि वो 18 जुलाई को अपने दिन के कम से कम 67 मिनट किसी अच्छे काम जैसे जरुरतमंदों की मदद करने, सफाई अभियान में हि्ससा लेने,. पेड़ लगाने, बच्चों को पढ़ाने या किसी सामाजिक सेवा में लगाएं। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि थोड़ी सी कोशिश भी समाज में बड़ा और पॉजिटिव बदलाव ला सकती है।

    आखिर क्यों मनाया जाता है इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे?

    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नवंबर 2009 में 18 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे घोषित किया था। पहला आधिकारिक आयोजन 18 जुलाई 2010 को मंडेला के 92वें जन्मदिन पर किया गया है। इस दिन का उद्देश्य लोगों का यह याद दिलाना है कि हर व्यक्ति समाज में पॉजिटिव बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

    आखिर कौन थे नेल्सन मंडेला?

    नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका के म्वेजो गांव में हुआ था। वो 1994 से 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे हैं और देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने रंगभेद के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और अश्वेत लोगों को बराबरी का अधिका दिलवाने के लिए पूरी जिंदगी काम किया है। इस संघर्ष के दौरान उन्होंने करीबन 27 साल तक जेल में भी बिताए थे परंतु अपने सिद्धांतों से वह पीछे नहीं हटे। साल 1993 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।  
  • Periods को लेकर Jasmine Sandlas ने किया बड़ा खुलासा, पेरेंट्स को दी ये सलाह

    Periods को लेकर Jasmine Sandlas ने किया बड़ा खुलासा, पेरेंट्स को दी ये सलाह

    मनोरंजन: धुरंधर फिल्म में शरारत गाने से लोगों के दिलों पर राज करने वाली जैस्मिन सैंडल्स आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक्ट्रेस अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती है। अब हाल ही में जैस्मिन ने अपने पीरियड्स से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने कभी भी उन्हें पीरियड के बारे में नहीं बताया। उन्हें स्कूल में इसके बारे में पता चला था।

    मुझे नहीं पता था मम्मी को कैसे बताऊं

    एक पॉडकास्ट के दौरान जैस्मिन ने अपने पहले पीरियड पर बात की। उन्होंने बताया कि – मां ने कभी पीरियड के बारे में बताया ही नहीं था। जब स्कूल में बताया गया तो मैं आखिरी बेंच पर दोस्तों के साथ मस्ती कर रही थी। जब मुझे पहली बार पीरियड्स हुए तो मैं न्यू जर्सी में थी सही तरीके से समझाया नहीं गया था इसलिए शुरुआत में मुझे लगा कि शायद मुझे कैंसर हो गया है और मैं मर रही हूं। णुझे लगा कि मैं मम्मी को कैसे बताऊं उन्हें कैसा लगेगा। सिंगर ने कहा कि सबसे ज्यादा बुरा यही होता है कि बच्ची को पता भी नहीं है कि ये एक नॉर्मल चीज है। बहुत ही खूबसूरत चीज है। उन्होंने कहा कि अब मैं एक मैच्योर महिला हूं। तो समझ सकती हूं कि पीरियड होना आखिर कितना डरावना हो सकता है। पहली बार ये बिल्कुल भी किसी बड़ी गलती की तरह लगता है। मैं 7 क्लास में थी उस समय मुझे पीरियड आया था।

    पेरेंट्स को बच्चों को बताना चाहिए

    आगे सिंगर ने कहा कि – ‘फैंस उनकी बात से सहमत दिख रहे हैं’। इस पर यूजर ने कहा कि – ‘सच में पेरेंट्स को बच्चों को पीरियड्स बारे में बताना चाहिए’। एक ने कहा कि – ‘जैस्मिन कितनी आमिर हैं 7 क्लास में वो न्यू जर्सी में थी’। एक ने कहा कि – ‘मेरे एक दोस्त को भी ऐसा लगा था कि वो मरने वाली है’।        
  • अभिषेक बनर्जी के अवैध दफ्तर और पांच मंजिला मकान पर चली जेसीबी

    अभिषेक बनर्जी के अवैध दफ्तर और पांच मंजिला मकान पर चली जेसीबी

    कोलकाताः सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के अवैध रूप से निर्मित कार्यालय को ध्वस्त करने के लिए जेसीबी से दफ्तर और पांच मंजिला मकान गिराया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी का ये दफ्तर अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित है। प्रशासन ने इस बिल्डिंग को तोड़ने के लिए पहले भी नोटिस जारी किया था लेकिन इस पर अभिषक बनर्जी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद शनिवार को प्रशासन ने इस इमारत को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    सांसद अभिषेक बनर्जी का ये ऑफिस साउथ 24 परगना में स्थित है। तृणमूल कांग्रेस के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के MP ऑफिस को अवैध निर्माण के आरोप में तोड़े जाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

    इस मकान के सामने जैसे ही सुबह-सुबह बुलडोजर पहुंचा, स्थानीय लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता और TMC कार्यकर्ता भी यहां जमा हो गए। स्थिति तनावपूर्ण होता देख प्रशासन को ज्यादा सुरक्षाकर्मी बुलाने पड़े।

    सुरक्षा के लिहाज से यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इससे पहले प्रशासन ने एक नोटिस चिपकाकर आरोप लगाया था कि यह इमारत बिना मंज़ूरी के बनाई गई थी. विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से यह कार्यालय बंद था। जिला प्रशासन का दावा है कि यह कार्यालय अवैध रूप से बनाया गया था।