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  • पंजाबः मंत्री के आदेश के बावजूद अधिकारी नहीं कर रहे LPU पर कार्रवाई, जाने पंचायती जमीन पर कितना किया कब्जा

    पंजाबः मंत्री के आदेश के बावजूद अधिकारी नहीं कर रहे LPU पर कार्रवाई, जाने पंचायती जमीन पर कितना किया कब्जा

    जालंधर, (वरुण): पंजाब में सीएम मान ने हाल ही में विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ से सटे मुल्लांपुर में 2828 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त करवाया। इस जमीन की कीमत का लगभग 300 करोड़ रुपए का सरकार ने दावा किया है। सीएम मान की ओर से पंचायती जमीन के कब्जे छुड़वाने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया था। उन्होंने कब्जाधारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कब्जे ने छोड़े तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन दूसरी ओर आप सरकार के अपने नेताओं पर पंचायती जमीन के कब्जे को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

    इसका ताजा मामला लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का सामने आया है। एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल है जो आप पार्टी के राज्य सभा के मेंबर भी है। एलपीयू  पर भी 6 कनाल 20 मरले की पंचायत की जमीन पर कब्जे का आरोप है। लेकिन सरकार इस यूनिवर्सिटी पर मेहरबान हो रही है। एक तरफ तो पूरे पंजाब में पंचायती जमीनों को छुड़ाया जा रहा था तो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने जो पंचायत से जमीन ले रखी है उसकी तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया या क्या जानबूझ कर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही?

    मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के आदेश के बावजूद नहीं रो रही कार्रवाई

    बता दें कि एलपीयू का मुद्दा पिछले महीन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के साथ अधिकारियों की बैठक में भी उठा था। हालांकि इस दौरान मंत्री की ओर से अधिकारियों को आदेश दिए थे कि यूनिवर्सिटी में जो लैंड कब्जे में है उसे भी मुक्त करवाया जाए। लेकिन इन सबके बावजूद किसी भी अधिकारी की हिम्मत नहीं हुई कि वह राज्य सभा मेंबर की एलपीयू यूनिवर्सिटी से कब्जा छुड़ा पाए। मंत्री के आदेश अब भी अधिकारियों ने छींके पर टांगे हुए हैं।

    यूनिवर्सिटी के कब्जे में 6 कनाल 20 मरले जमीन

    इस मामले को लेकर जिला पंचायत अधिकारी हरजिंदर सिंह से जब मीडिया ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कब्जे में 6 कनाल 20 मरले जमीन है। यह जमीन मुआफी की है। 1935 में रियासती काल के दौरान इसे गुरुघर को दिया गया था। लेकिन मौजूदा दौर में दस्तावेजों में यह जमीन नगर पंचायत हरदासपुर के नाम पर दर्ज है। गुरुघर ने यह जमीन आगे यूनिवर्सिटी को किस तरह से दी है इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लेकिन कागजों में यह जमीन हरदासपुर नगर पंचायत की है।

    उन्होंने कहा कि पंचायत यदि चाहे तो कब्जा छुड़ा सकती है। इसी बीच विशेषज्ञों का कहना है कि जो मुआफी की जमीन है जिसे मुआफी में मिली है उसका प्रयोग सिर्फ वही पर सकता है। उस जमीन को वह आगे पट्टे पर फिर बेच नहीं सकता। क्यों उसे उस जमीन का मालिकाना हक नहीं होता है। लेकिन इन सबके बावजूद अधिकारी कार्रवाई करने के लिए क्यों हिचकिचा रहे है। क्या आप सरकार एलपीयू से पंचायती जमीन का कब्जा छुड़वाएगी या फिर विपक्षों पर ही कार्रवाई करके वाहवाही लूटती रहेंगी। 

    इस जमीन से एलपीयू का नहीं है कोई लेन-देनः पीआरओ हरप्रीत 

    वहीं दूसरी ओर इस संबंध में एलपीयू के पीआरओ हरप्रीत ने पत्र जारी करते हुए जानकारी दी है। उन्होंने पंचायती जमीन को लेकर बताया कि इस जमीन से एलपीयू का कोई लेना देना नहीं है।  हरप्रीत ने बताया कि ग्राम पंचायत गांव हरदासपुर ने अपनी ओर से जारी पत्र में 9 मई 2022 में मानयोग ब्लॉक विकास और पंचायती अफसर फगवाड़ा को स्पष्टीकरण दिया हुआ है। जिसमें उन्होंने कहा कि उक्त भूमि गुरुद्वारा साहिब को वर्ष 1933 में माफ कर दी गई है और 1933 से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इसकी देखरेख कर रही है।

    ग्राम पंचायत गांव हरदासपुर ने भी अपने उक्त पत्र में स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि पर ग्राम पंचायत गांव हरदासपुर का कोई अधिकार नहीं है और ग्राम पंचायत गांव हरदासपुर का उक्त भूमि से कोई लेन-देन या तलक वास्ता नहीं है और न ही कभी होगा। ग्राम पंचायत गांव हरदासपुर के उक्त पत्र दिनांक 09 मई 2022 की एक प्रति भी इसके साथ संलग्न है। यहां यह भी स्पष्ट किया जाता है कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी फगवाड़ा का इस जमीन से कोई संबंध नहीं है। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति इस जमीन को सालाना ठेके पर खेती के लिए देती है।

    इस वर्ष हमने यह भूमि ग्राम हरदासपुर निवासी सरदार रवींद्र सिंह के पुत्र सरदार बीर सिंह को 26000 रुपये के वार्षिक ठेके पर दी हुई है और गुरुद्वारा सिंह सभा द्वारा सरदार रविन्द्र सिंह को जारी वार्षिक ठेके की रसीद संख्या 4163 दिनांक 23 जून 2022 की एक कॉपी भी साथ संलग्न है।

  • जालंधरः बच्चों से भरी स्कूल बस पलटी, कई बच्चे घायल

    जालंधरः बच्चों से भरी स्कूल बस पलटी, कई बच्चे घायल

    जालंधर, (वरुण/हर्ष) : जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक थाना सदर के अधीन आते गांव धीणा में एक निजी स्कूल बस के खेतों में पलटने का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बस में 12 के करीब बच्चे सवार थे। बताया जा रहा है कि बच्चों को मामूली चोटें लगी हैं। वहीं हादसे में घायल हुए बच्चों को निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई है। बता दें कि पिछले 1 माह में स्कूल बस हादसे के 4 से अधिक मामले सामने आ चुके है। वहीं दसूहा में हुए स्कूल बस में 1 बच्चे और बस कंडकटर की मौत होने का मामला भी सामने आया था। 

  • पंजाबः ​​​​​घर से कॉलेज गई स्टूडेंट को किडनेप कर बनाया बंधक, आरोपी काबू

    पंजाबः ​​​​​घर से कॉलेज गई स्टूडेंट को किडनेप कर बनाया बंधक, आरोपी काबू

    लुधियानाः जिले से बड़ी ख़बर सामने आई है। घर से कॉलेज के लिए गई छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। तलाश दौरान पता चला कि युवक ने उसे अगवा कर बंधक बना रखा है। अब थाना सदर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर एएसआई बलवीर सिंह ने बताया कि आराेपी की पहचान खन्ना के गांव खटड़ा की हीरा कालोनी निवासी गुरबख्श सिंह के रूप में हुई है।

    पुलिस ने गांव गिल स्थित जनता कालोनी निवासी बलविंदर सिंह की शिकायत पर उसके खिलाफ उक्त केस दर्ज किया। अपने बयान में उसने बताया कि 28 जुलाई को उसकी 20 वर्षीय बेटी ज्योति घर से माडल टाउन स्थित गुरु नानक कॉलेज पढ़ने के लिए गई थी। मगर वहां से लौट कर वापस नहीं आई। उसकी तलाश के दौरान पता चला कि आरोपी ने उसे अगवा कर किसी अज्ञात जगह पर बंधक बना रखा है।

  • पंजाबः सरकारी विभागों ने जारी किया अलर्ट, बाढ़ जैसे बने हालात

    पंजाबः सरकारी विभागों ने जारी किया अलर्ट, बाढ़ जैसे बने हालात

    पटियालाः पंजाब के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, पटियाला के ऊपरी हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से गांवों और कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। भारी बारिश को देखते हुए सरकारी विभागों ने अलर्ट जारी किया गया और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भोजन, बचाव और चिकित्सा सामग्री की अन्य व्यवस्था करने के लिए कहा गया। 

    बता दें कि बद्दी नदी ने 2019 में गोपाल कॉलोनी को प्रभावित किया था, जिसके बाद निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना करना पड़ा था। बद्दी नदी एक मौसमी ड्रेन है जो फतेहगढ़ साहिब के जलग्रहण क्षेत्र से निकलती है। बद्दी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि पटियाला शहर को मुख्य रूप से प्रभावित करने वाली छोटी नदी 7.30 फीट और खतरे का निशान 12 फीट है। पटियाला ड्रेनेज डिवीजन के अनुसार, गांव भांखरपुर के पास घग्गर का जल स्तर 1 फीट और खतरे का निशान 10 फीट है।

    अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) गौतम जैन ने कहा कि जिला प्रशासन ने विभिन्न सरकारी विभागों को अलर्ट पर रखा है। “घग्गर के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश हुई है। प्रशासन द्वारा सतर्कता बरती जा रही है। अगर पटियाला का कोई इलाका प्रभावित होता है तो किसी भी स्थिति से निपटने के इंतजाम किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा, “अब तक स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। पानी का स्तर बढ़ता हुआ दिखे तो प्रशासन को अलर्ट करें।

  • विधायकों को धमकी देने वाले 6 लोग गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े तार

    विधायकों को धमकी देने वाले 6 लोग गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े तार

    विधायकों को जान से मारने की धमकी और उनसे रंगदारी मांगने के आरोप में हरियाणा की एसटीएफ पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सतीश बालन ने यहां भोंडसी में एसटीएफ के मुख्यालय में मीडिया से कहा कि राज्य के चार विधायकों को कई फोन नंबरों से 24 से 28 जून तक ऐसे कॉल आए थे, जो पश्चिमी एशियाई देशों से थे और पाकिस्तान से संचालित थे।

    आईजीपी ने बताया कि पंजाब के कुछ पूर्व विधायकों को भी इन नंबरों से ऐसे ही धमकी भरे कॉल आए। फोन करने वाले ने उनसे मुंबई के लहजे और पंजाबी में बात की। उन्होंने बताया कि गिरोह के दो सदस्यों, बिहार के रहने वाले दुलेश आलम और उत्तर प्रदेश के बदरे आलम को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। चार अन्य अमित यादव, सादिक अनवर, सनोज कुमार, काश आलम को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया. ये सभी बिहार के रहने वाले हैं।

    आईजीपी ने बताया कि उनके पास से 55 एटीएम कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 56 सिम कार्ड, 22 पासबुक और चेक बुक, 3.97 लाख रुपये, एक एसयूवी, तीन डायरियां और एक रजिस्टर बरामद किया गया है। विधायकों को जान से मारने की धमकी देने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की गयी, जिसके बाद हरियाणा के पुलिस महानिदेशक पी के अग्रवाल ने ये मामले एसटीएफ को सौंप दिए।

    आईजीपी बालन ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने की एसटीएफ की रणनीति के तौर पर उसके कर्मी जानबूझकर गिरोह के निशाने पर आए, जिसके बाद उन्हें भी ऐसे ही धमकी भरे कॉल आने लगे। बालन ने बताया कि फोन करने वाले लोगों द्वारा मांगी गयी रंगदारी देने की आड़ में पुलिस दल ने उनके बैंक खातों की जानकारियां आदि दर्ज की, जिसके बाद मुंबई और मुजफ्फरपुर में छापे मारे गए। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एसटीएफ को 10 पाकिस्तानी निवासियों के बारे में भी पता चला, जिनके जरिए धमकी और वसूली के कॉल आए थे।

    आईजीपी ने कहा, ‘‘ये आरोपी किसी आपराधिक गिरोह या आतंकवादी संगठन के नहीं हैं। ये बहुत शातिर अपराधियों का गिरोह है, जो पेशेवर धोखाधड़ी, धन शोधन में शामिल हैं और पाकिस्तान, पश्चिम एशिया तथा भारत में इनके सदस्य हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन देशों में बैठै लोग पीड़ितों को ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में प्रवेश की आड़ में लुभाते हैं या कहते हैं कि उनकी लॉटरी निकली है या उनसे वसूली मांगते हैं तथा दुलेश या अमित द्वारा दी गई खाता संख्या में उन्हें पैसा डालने के लिए कहते थे।’’ बालन ने बताया कि इसके बाद दोनों एटीएम के जरिए पैसे निकालते या भारतीय खातों से अपने पाकिस्तानी गिरोह के सदस्यों के खातों में पैसे भेज देते थे।

  • पंजाबः कांग्रेस को बड़ा झटका, मेेयर सहित 6 पार्षदों आप में हुए शामिल

    पंजाबः कांग्रेस को बड़ा झटका, मेेयर सहित 6 पार्षदों आप में हुए शामिल

    होशियारपुरः पंजाब में नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के मुताबिक नगर निगम चुनाव से पहले होशियारपुर के मेयर सुरिंदर छिंदा ने अपने 6 पार्षदों के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़ आप पार्टी में शामिल हो गए है। केबिनेट मंत्री ब्रह्मशंकर जिंपा ने उन्हें पार्टी में ज्वाइन करवाया है। बता दें कि दोआबा में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। ये झटका आम आदमी पार्टी की तरफ से लग रहे हैं। वहीं मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के कई और नेता पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं। 

  • पंजाबः पुलिस को गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का इतने दिनों का मिला रिमांड 

    पंजाबः पुलिस को गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का इतने दिनों का मिला रिमांड 

    मोगाः फरीदकोट और मोगा पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई के रिमांड की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने मोगा पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई का ट्रांजिट रिमांड दिया गया। दरअसल, शहर में एक दिसंबर को डिप्टी मेयर अशोक धमीजा के भाई सुनील धमीजा पर जानलेवा हमला कराने के आरोपित कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को मोगा पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर आज लेकर पहुंची। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराने के बाद गैंगस्टर को मुख्य न्यायिक अधिकारी प्रीत सुखीजा की अदालत में पेश किया जहां से उसे 10 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।

    कोर्ट में बोला मुझे लारेंस- किसी वकील की नहीं जरूरत 

    अदालत में न्यायाधीश ने गैंगस्टर से पूछा कि क्या उसका कोई वकील है, या फिर सरकार वकील पैरवी के लिए चाहते हैं, लेकिन लारेंस बिश्नोई ने न्यायाधीश को कहा कि उसे किसी वकील की जरूरत नहीं है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अपने साथ अज्ञात स्थान पर लेकर रवाना हो गई। सुरक्षा को देखते हुए लारेंस बिश्नोई को मेडिकल के लिए मथुरादास सिविल अस्पताल ले जाने के बजाय ज्यूडिशियल कांप्लेक्स में ही सभी प्रकार की मेडिकल सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस में मेडिकल परीक्षण किया गया। उसके तत्काल बाद उसे सीजेएम की अदालत में ले जाया गया।

    बता दें कि बेदीनगर निवासी सुनील कुमार उर्फ सोनू धमीजा अपने बेटे प्रथम धमीजा के साथ नानक नगरी स्थित फाइनांस कंपनी से बाइक पर घर आ रहे थे। शिव डेयरी के पास बाइक सवार दो युवकों ने उन पर गोली चला दी। गोली प्रथम की टांग पर लगी। सुनील कुमार ने इसके बाद बाइक सवारों को पकड़ने की कोशिश की तो हमलावरों ने उसके सिर पर पिस्तौल की बट मारकर घायल कर दिया था। बाद में हमलावर के दूसरे साथी ने सुनील कुमार पर पिस्तौल से एक के बाद एक तीन फायर किए, लेकिन तीनों फायर मिस हो गए, इतनी देर में मौके पर एकत्रित लोगों ने हमलावरों में से एक लारेंस बिश्नोई गैंग के ही गैंगस्टर मोनू डांगर को दबोच लिया था, जबकि दूसरा साथी मौके से फरार हो गया था।

    जतिंदर नीला की हत्या की गोल्डी ने दी थी सुपारी 

    हरियाणा के सोनीपत निवासी गैंगस्टर मोनू डांगर पुत्र रामकुमार ने पुलिस के सामने खुलासा किया था कि उसके पास लारेंस बिश्नोई गैंग के कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का फोन आया था। गोल्डी ने जतिंदर नीला की हत्या करने की सुपारी दी थी, मोबाइल पर उसका फोटो भेजा था। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बुगीपुरा चौक अमृतसर निवासी जोधाजीत सिंह ने उसे 9 एमएम की लोडेड पिस्तौल दी। जोधाजीत ने ही एक दिन पहले रेकी की थी। पकड़े गए मोनू डांगर ने पुलिस को बताया था कि गैंगस्टर लोरेंस बिश्नोई ने जतिंदर धमीजा उर्फ नीला की हत्या के लिए उसे भेजा था, जतिंदर नीला हमले में घायल सुनील का छोटा भाई है, चेहरे से दोनों एक जैसे लगते हैं, इसी धोखे में जतिंदर नीला पर हमले की बजाय दोनों हमलावरों ने सुनील पर जानलेवा हमला किया था, संयोग से उस दिन जतिंदर नीला उन्हें नहीं मिला था, हमला सुनील पर हो गया था।

    लारेंस बिश्नोई, मोनू डांगर, जोधाजीत सिंह और गोल्डी बराड़ के किया केस में नामजद

    वहीं मोनू डांगर के साथ नीला की हत्या करने गया था, लेकिन मामला उलटा पड़ने पर मोनू डांगर को मौके पर पकड़ा गया, लेकिन जोधाजीत सिंह मौके से फरार हो गया था। गोल्डी बराड़ की धमीजा परिवार के जतिंदर नीला से दुश्मनी थी। थाना सिटी पुलिस ने इस केस में मोनू डांगर, जोधाजीत सिंह के अलावा गोल्डी बराड़ व लारेंस बिश्नोई को केस में नामजद किया था।

  • सितंबर तक मिलेगी डिस्काउंट वाली शराब, 2 माह तक लागू रखेगी नई पॉलिसी 

    सितंबर तक मिलेगी डिस्काउंट वाली शराब, 2 माह तक लागू रखेगी नई पॉलिसी 

    शराब विक्रेताओं और शराब के शौकीनों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में देसी शराब बेचने वाली सभी दुकानों को दो और महीने का एक्सटेंशन देने का आदेश जारी कर दिया। यानी केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को एक महीने बढ़ाते हुए L-3/33 लाइसेंस के तहत देसी शराब की बिक्री के लिए लाइसेंस अवधि को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है। आबकारी विभाग के महाप्रबंधक अजय कुमार गंभीर ने इसकी जानकारी दी। विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया कि दिल्ली में देसी शराब की आपूर्ति के लिए L-3/33 लाइसेंस को दो महीनों की एक और अवधि के लिए अर्थात 1 अगस्त 2022 से 30 सितंबर 2022 तक बढ़ाया जा रहा है।

    L-3 लाइसेंसधारी जो अपने पंजीकृत ब्रांडों की मौजूदा कीमत पर बिक्री करने के लिए 1 अगस्त 2022 से 30 सितंबर 2022 तक दो महीने की इस विस्तार अवधि का लाभ उठाने के इच्छुक हैं, उन्हें दो महीने का शुल्क यानी लाइसेंस शुल्क, बीडब्ल्यूएच शुल्क और जमा करना होगा। हालांकि, ऐसा गैर-नवीकरणीय लाइसेंस रखने वाला कोई भी व्यक्ति अपने लाइसेंस का विस्तार करने के लिए इस तरह के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होगा।

    बता दें, दिल्ली में चल रहीं शराब की निजी दुकानों का लाइसेंस 31 जुलाई को समाप्त हो रहा था। इसी के मद्देजनर दिल्ली सरकार ने निजी शराब की दुकानों को सितंबर तक खोलने की अनुमति दे दी है। क्योंकि सरकारी शराब की दुकानों को शुरू होने में अभी और वक्त लग सकता है। वहीं, इससे पहले शनिवार को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि मौजूदा विवाद के बीच दिल्ली फिर से नवंबर 2021 से पहले वाली पॉलिसी ही लागू करेगी। यानि दिल्ली में सरकारी शराब के ठेके फिर से चलेंगे और प्राइवेट ठेके बंद हो जाएंगे, लेकिन ऐसा करने के लिए एक कैबिनेट आदेश की जरूरत होगी और उसमें फिलहाल थोड़ा वक्त लगेगा।

  • राहतः एलपीजी के दामों में हुई कटौती, जानें नए रेट 

    राहतः एलपीजी के दामों में हुई कटौती, जानें नए रेट 

    चंडीगढ़ः महीने की शुरुआत में आम जनता के रहत की खबर सामने आई है। अगस्त माह शुरू होते ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में कटौती की गई है। नए रेट 1 अगस्त, 2022 से यानी आज जारी कर दिए गए। इंडियन ऑयल की ओर से आज जारी नए रेट के अनुसार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 36 रुपये की कमी की गई है। यह कमी पूरे देश में लागू होगी। कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य तौर पर होटल, रेस्तरां आदि में किया जाता है।

    नए रेट के जारी होने के बाद आज से दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर 2012.50 रुपये की जगह 1976.50 रुपये में मिलेगा। वहीं, कोलकाता में इसके दाम अब 2095.50 रुपये हो गए हैं। पहले यह 2132.00 रुपये में मिलता था। मुंबई में आज से कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत घटकर 1936.50 और चेन्नई में 2141 रुपये हो गई है।


    लुधियाना में एलपीजी गैस के व्यवसायिक सिलेंडर की कीमत में 36 रुपये की कमी आई है। 19 किलोग्राम के एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 2086 रुपये से कम होकर 2050 रुपये रह गई है। नई कीमत आज से लागू हो गई है। इसके अलावा सरकार ने एलपीजी के 14 किलोग्राम रसोई गैस के सिलेंडर के दाम में कोई फेरबदल नहीं किया है। रसोई गैस के सिलेंडर की कीमत 1080 रुपये पर स्थिर है।

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं

    घरेलू रसोई गैस के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले महीने यानी 6 जुलाई को घरेलू एलपीजी के दाम में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी। इस वृद्धि के बाद राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी 1,053 रुपये है। इससे पहले यह 1,003 रुपये थी।

    इस साल चार बाद घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। जून, 2021 से अबतक रसोई गैस सिलेंडर के दाम 244 रुपये तक बढ़ चुके हैं। इसमें से 153.50 रुपये की बढ़ोतरी मार्च, 2022 से की गई है।

    बता दें कि देश के अधिकांश शहरों में अब सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं दी जा रही है। लिहाजा अब लोगों को बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर ही खरीदना पड़ रहा है। सरकार सिर्फ उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों को ही एलपीजी सब्सिडी दे रही है। 

    गैस के दाम पिछले कुछ सालों में किस तरह बढ़े हैं, इस बात का अंदाजा ऐसे भी लगाया जा सकता है कि दिल्ली में 1 मार्च 2014 को सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 410.50 रुपये थी जो अब 1053 हो गई है।