ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा सोमवार को लघु सचिवालय ऊना में जिला स्तर पर पहली विशेष अदालत का आयोजन कर महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा से संबंधित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष, विद्या नेगी व सदस्य सरोज शर्मा, रीना पुंडीर व रीना दरोच ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने बताया कि कुल सूचीबद्ध 28 मामलों में से 12 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें याचिकाकर्ता व प्रतिवादी शामिल हुए। इन मामलों में अधिकतर घरेलू हिंसा, कार्य स्थल उत्पीड़न, पारिवारिक व यौन उत्पीड़न जैसे मामलों पर सुनवाई हुई। उन्होंने कहा आयोग शीघ्र ही दूसरी अदालत लगाएगा।
इस अवसर पर विद्या नेगी ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और पीड़ित महिलाओं को किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आयोग के समक्ष निःसंकोच संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर ऐसी अदालतें लगाने जा रहा है। इसी कड़ी में 11 व 12 फरवरी को ज़िला कांगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला में डिविज़नल कमिश्नर के कार्यालय में विशेष अदालत लगाने जा रहा है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि महिला उत्पीड़न की घटनाओं के विरुद्ध आगे आएं और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में सहयोग करें।
इस मौके पर हिमाचल महिला आयोग कार्यालय शिमला से सदस्य सचिव बुशरा अंसारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा , लॉ ऑफिसर यशपाल शर्मा, महिला थाना ऊना से सब-इंस्पेक्टर जमालदीन, निजी सचिव महिला आयोग दिलीप सिंह व राधिका सूद उपस्थित रहे।

राज्य महिला आयोग ने लगाई विशेष अदालत, महिला उत्पीड़न मामलों पर हुई सुनवाई
Disclaimer
All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.