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  • पंजाबः सरपंच ने पंचायत सदस्य के घर में घुसकर चलाई गोलियां, गांव में दहशत का माहौल

    पंजाबः सरपंच ने पंचायत सदस्य के घर में घुसकर चलाई गोलियां, गांव में दहशत का माहौल

    गुरदासपुरः जिले के तिबड़ थाना क्षेत्र के बथुनगढ़ गांव के सरपंच ने देर रात को अपने साथियों के साथ मिलकर पंचायत सदस्य के घर पर फायरिंग कर दी। जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया। इस मामले को लेकर पुलिस ने सरपंच और उसके चार साथियों के खिलाफ तिबड़ थाने में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी गई शिकायत में गांव पंचायत के सदस्य गुरविंदर सिंह पुत्र प्यारा सिंह निवासी तलवंडी बथुनगढ़ ने बताया कि देर रात बजे सरपंच रंजोध सिंह ने उसका नाम लेकर गाली गालौच करते हुए उसके घर के ड्राइंग रूम की जाली के पास खड़ा हो गया।

    जब उसने जाली से सरपंच को देखा तो सरपंच के हाथ में पिस्तौल और बाकी साथियों के हाथों में किरपाण और दातर पकड़े हुए थे। पीड़ित ने बताया मुझे देखते ही सरपंच ने मार देने की नीयत से दरवाजे की जाली में से फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें से गोली जाली में से होती हुई ड्राइंग रूम में लगे पर्दे पर लगी। पंचायत सदस्य गुरविंदर सिंह के अनुसार उसने जैसे ही घर पर चढ़कर शोर मचाना शुरू किया तो आरोपी मुख्य सड़क पर खड़ी इनोवा कार नंबर पीबी 06..0058 में सवार होकर सभी मौके से फरार हो गए।

    पंचायत सदस्य ने कहा कि सरपंच रंजोध सिंह के खिलाफ गांव की ग्रांट और गांव की सरकारी जमीन से मिट्टी बेचने को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई है, जिसके चलते सरपंच उनके खिलाफ रंजिश रखता है। इसी वजह से यह हमला किया गया है। दूसरी ओर तिबड़ थाना के एसएचओ अमरीक सिंह ने बताया कि पंचायत सदस्य गुरविंदर सिंह की शिकायत पर सरपंच रंजोध सिंह व उनके दो भाइयों प्रभप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह के पुत्र तरसेम सिंह, जग्गा के पुत्र प्यारा सिंह व तरसेम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। 

  • पंजाबः अगवा हुए बच्चे को पुलिस ने किया बरामद, आरोपियों ने 50 हजार रुपए में कर दिया था सौदा

    पंजाबः अगवा हुए बच्चे को पुलिस ने किया बरामद, आरोपियों ने 50 हजार रुपए में कर दिया था सौदा

    लुधियानाः जिलें के दुगरी इलाके में बीते दिन मां और दादी के साथ मारपीट करके अगवा किए गए तीन माह के बच्चे को कमिश्नरेट पुलिस ने बठिंडा से बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस बच्चे का सौदा 50 हजार रुपये में किया गया था। अगवा करने के बाद बच्चे को बठिंडा में रहने वाले एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। उस व्यक्ति ने आगे किसी को बच्चा भेजना था। लुधियाना पुलिस ने इस मामले की जांच की और बच्चा सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है मगर अभी तक किसी के गिरफ्तार होने की पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस जल्दी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले से पर्दा हटाएगी।

    वीरवार को दुगरी इलाके में दिन-दहाड़े बाइक पर आए तीन बदमाशों ने एक घर में घुसकर तीन महीने के बच्चे को अगवा कर लिया था। बच्चे की मां नेहा ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनकी शादी साजन के साथ हुई थी। साजन का परिवार करीब 12 साल से शहीद भगत सिंह नगर इलाके में रह रहा है। उनका तीन महीने का एक बेटा निहाल है।

    पति सुबह करीब सात बजे काम पर गया था। वह अपनी सास के साथ घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान करीब दस बजे तीन युवक बाइक पर आए। आते ही उन्होंने नेहा और उसकी सास को पीटा और तीन महीने का बच्चा उनके हाथ से छीना और फरार हो गए। नेहा ने आरोपियों को रोकने की काफी कोशिश की। शोर सुन आसपास के लोग घरों से बाहर निकले।  

  • बोरीवली में गिरी 4 मंजिला इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका, देखें वीडियो

    बोरीवली में गिरी 4 मंजिला इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका, देखें वीडियो

    मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से बड़ी खबर सामने आ रही है। मुंबई के साईंबाबा नगर में आज चार मंजिला इमारत गिर गई है। इसके मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, बोरीवली वेस्‍ट इलाके के साईंबाबा नगर में यह बिल्डिंग गिरी है।

    अधिकारियों के अनुसार, पुरानी और जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में होने के चलते बिल्डिंग को खाली करा लिया गया था। फायरब्रिगेड ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनका अमला मौके पर मौजूद है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं कोई व्‍यक्ति मलबे में नहीं फंसा हुआ है।

    इमारत गिरने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पल भर में ये चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। फायर ब्रिगेड के मुताबिक सुबह बिल्डिंग में रहने वालों ने घर खाली कर दिया था। उन्हें अंदाज लग गया था कि हादसा हो सकता है।

  • पंजाबः स्कूल के पूर्व डायरेक्टर के साथ कमेटी के मैंबरों ने की मारपीट, वीडियो वायरल

    पंजाबः स्कूल के पूर्व डायरेक्टर के साथ कमेटी के मैंबरों ने की मारपीट, वीडियो वायरल

    लुधियानाः शहर में कस्बा पायल के गांव सिहोड़ा स्थित शहीदगढ़ पब्लिक स्कूल के पूर्व डायरेक्टर अजीत सिंह के साथ स्कूल की कमेटी के मैंबरों द्वारा की गई मारपीट की वीडियो काफी वायरल हो रही है। वीडियो में स्कूल की कमेटी के मैंबर खूब तैश में आते दिख रहे है। वह जमकर मारपीट भी कर रहे है।

    बताया जा रहा है कि मामूली बात को लेकर तैश में स्कूल की कमेटी के मैंबर मिलकर अजीत सिंह से मारपीट करते है। मारपीट के दौरान वह बुजुर्ग अजीत सिंह की पगड़ी उतार देता है। गांव के लोग अजीत सिंह के समर्थन में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल के कमेटी मैंबरों पर पुलिस कार्रवाई करे।

    वहीं इस मामले में पीड़ित अजीत सिंह ने कहा कि वे 17 वर्ष से संस्था से जुड़े हैं। 2 दिन पहले कमेटी के मैंबर जब स्कूल में आए तो उनके साथ तीन अन्य लोग भी अंदर आ गए। किसी मामूली बात को लेकर कमेटी के मैंबरों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी पगड़ी उतार दी और उनके केसों की बेअदबी की। वहीं मामले में कमेटी के एक मेंबर और पूर्व सरपंच ने कहा कि वह कमेटी के तीन सदस्यों के साथ स्कूल गए थे, जहां उन्होंने अजीत सिंह से आने का कारण पूछा तो उन्होंने गलत व्यवहार किया। इस मामले में एसएचओ गुरदीप सिंह बराड़ ने कहा कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया है। मामले की जांच करके बनती कार्रवाई की जाएगी।

  • पंजाबः सोशल मीडिया पर CP की फोटो लगाकर अधिकारियों से हो रही ठगी

    पंजाबः सोशल मीडिया पर CP की फोटो लगाकर अधिकारियों से हो रही ठगी

    लुधियानाः जिलें में जालसाजों के हौंसले इतने बढ़ गए है कि वे अब पुलिस कमिश्नर की फोटो वाट्सएप पर पोस्ट कर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को मैसेज भेज कर ठगी कर रहे हैं। ठगों के इस नए तरीके से सोशल मीडिया पर मैसेज के जरिए कई पुलिस अधिकारियों से वसूली की जा रही है। इसकी मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर कौस्तुभ शर्मा ने सख्त कदम उठाए है।

    कमिश्नर ने बताया कि उनके पास उनके एक पुलिस अधिकारी का फोन आया और उन्होंने कहा कि सर, एक नंबर से आपकी फोटो के साथ अमेजन रिचार्ज करने का मैसेज आया है और यह नंबर आपका नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को वाट्सएप पर भेजकर लिंक पर उनको क्लिक करने को कहा जा रहा है। आरोपी ने पुलिस अधिकारियों से उनको गिफ्ट कार्ड भेजने को भी कहा है।

    इसलिए सीपी ने पुलिसकर्मियों और शहरवासियों को ऐसे ठगों से बचने के की अपील की है। कमिश्नर ने साइबर क्राइम विंग को आरोपी का पता लगाने का भी आदेश दिया है। लोगों और पुलिसकर्मियों को धोखेबाजों से बचाने के लिए सीपी ने उसके मोबाइल में व्हाट्सएप स्टेटस इंस्टॉल कर उस पर लिखा कि अगर कोई व्हाट्सएप पर पैसे मांगकर पैसे मांगता है तो उसे पैसे न भेजें और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।

  • पंजाबः गेहूं घोटाले के आरोप में पनसब विभाग के डीएम ने गुरिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज करवाई FIR

    पंजाबः गेहूं घोटाले के आरोप में पनसब विभाग के डीएम ने गुरिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज करवाई FIR

    पटियालाः जिलें में करोड़ों का गेहूं घोटाले के मामले को लेकर पनसब के हलका इंचार्ज 1 गुरिंदर सिंह पर आरोप लगे हैं। आरोपों के तहत गुरिंदर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पनसब विभाग के डीएम ने गुरिंदर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। बता दें कि पनसप के इंचार्ज गुरिंदर सिंह ने 3 करोड़ 13 लाख रुपए का गेंहूं घोटाला किया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी गुरिंदर सिंह गेहूं को खुर्द-बुर्द करके परिवार सहित विदेश फरार हो गया है।

    पनसप के अन्य अधिकारी भी चिंतिंत हैं जो इस मामले के साथ जुड़े हुए हैं और गुरिंदर सिंह के संपर्क में हैं। गौरतलब है कि गुरिंदर सिंह इस गेहूं घोटाले में अकेला शामिल नहीं हो सकता। इसमें अन्य अधिकारियों के साथ देने की आशंका भी जताई जा रही है।

    जिक्रयोग्य है कि गुरिंदर सिंह पर 2 वर्ष पहले भी गेहूं के मामले में आरोप लगे थे परंतु उस समय पनसप विभाग ने कोई कार्रवाई न करते हुए इसे फिर दोबारा पनसप का इंचार्ज बना दिया जो पनसप विभाग की कार्रगुजारी पर अब एक सवाल खड़ा कर रहा है। गेंहू घोटाले को लेकर जांच जारी है और आरोपी गुरिंदर सिंह की तलाश की जा रही है।

  • जालंधरः डिप्टी सीएम सिसोदिया के घर रेड को लेकर गरमाई सियासत, देखें वीडियो

    जालंधरः डिप्टी सीएम सिसोदिया के घर रेड को लेकर गरमाई सियासत, देखें वीडियो

    जालंधर/वरुणः दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर में हुई सीबीआई रेड को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रवक्ता व विधायक परगट सिंह ने आप पार्टी पर निशाना साधा है। दो तरफा बयान देते हुए प्रगट सिंह ने कहा कि एक्साइज पॉलिसी को लेकर एलजी ने रिपोर्ट दायर की थी और सीबीआई इंक्वायरी की मांग भी की थी।

    अगर ऐसी पॉलिसी में मैनिपुलेशन की गई है तो इसकी जांच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए और दूसरी तरफ भाजपा पर निशाना साधते कहा कि देश की एजेंसियों को मिस यूज न करे। उसके खिलाफ वह खुद भी है। परगट ने एक्साइज पॉलिसी को लेकर यह भी बयान दिया कि पंजाब में भी ऐसी पॉलिसी आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा बना दी गई है। ऐसी एक्साइज पॉलिसी से राज्य या देश का नुकसान होता है तो उसको ऑन रिकॉर्ड लाना चाहिए।

    डिप्टी सीएम के घर छापेमारी को लेकर गरमाई सियासत 

    दरअसल, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई ने आज रेड की है। जिसको लेकर एक बार फिर से सियासत गरमा गई है। रेड के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा ट्वीट किए जा रहे हैं। इसको लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है कि एक विदेशी अखबार में मनीष सिसोदिया को भारत के सबसे बेहतरीन शिक्षा मंत्री बताया गया है जो बात विपक्षी पार्टियों को रास नहीं आई है जिस वजह से पीएम मोदी ने उनके घर सीबीआई भेज दी है। ऐसे में भारत आगे कैसे बढ़ेगा। बता दे ऐसा ही कुछ ट्वीट राघव चड्ढा द्वारा भी किया गया है।

    सीबीआई रेड पर परगट सिंह ने एक तीर से साधे दो निशाने

    इसको लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परगट सिंह ने कहा कि जो मेरे को समझ आ रहा है की एक्साइज पॉलिसी को लेकर एलजी ने रिपोर्ट की है, कि इसकी सीबीआई इंक्वायरी होनी चाहिए, अगर उस पर कुछ गलत है तो उस चीज की जांच होनी चाहिए लेकिन इन एजेंसियों के मिस यूज करने के मैं हमेशा विरोध में रहा हूं, लेकिन अगर पॉलिसी में ऐसी कोई चीज है तो उसकी जान जरूर होनी चाहिए और यह पॉलिसी पंजाब में भी लाने जा रहे हैं तो मेरे ख्याल से उस चीज की जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी स्टेट या फिर देश का नुकसान ना हो।

    आप सरकार शोर ज्यादा और काम कम करती हैः परगट सिंह

    विदेशी अखबारों ने नंबर वन शिक्षा मंत्री बताया है जिस वजह से हुई है रेड इस बयान को लेकर परगट सिंह ने कहा कि बीजेपी ऐसे काम करती है, लेकिन अगर एक्साइज पॉलिसी वाली बात है तो अगर इसमें कोई फेयर इन्वेस्टिगेशन होती है तो वह कोई गलत बात नहीं है। भगवंत मान के ट्वीट को लेकर विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह तो शिक्षा को कहेंगे, हेल्थ को कहेंगे  कि हमने यह प्रोग्राम डिजाइन किया है लेकिन यह लोग शोर ज्यादा डालते हैं और काम कम करते हैं।

  • पंजाबः पर्ल ग्रुप चिटफंड घोटाले के मामले में भगवंत मान ने दिए जांच के आदेश

    पंजाबः पर्ल ग्रुप चिटफंड घोटाले के मामले में भगवंत मान ने दिए जांच के आदेश

    चंडीगढ़ः देश के बहुचर्चित पर्ल चिट फंड घोटाले की उच्चस्तरीय जांच होगी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के लोगों की खून-पसीने की कमाई को लूटकर अरबों की चल-अचल संपत्ति बनाने वाली चिट फंड कंपनी पर्ल की उच्चस्तरीय जांच का आदेश जारी किया है। इसके विवरण जल्द सार्वजनिक होंगे।

    उल्लेखनीय है कि 60 हजार करोड़ के बहुचर्चित पर्ल घोटाले में अब तक सीबीआई 11 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पर्ल चिट फंड कंपनी पर आरोप है कि इसने लोक लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर देशभर में पांच करोड़ निवेशकों से ठगी की। इस कंपनी के मालिकों ने इस पैसे से विदेश में अनेक संपत्तियां खरीदीं, जिनमें होटल भी शामिल हैं।

    सीबीआई ने ये सभी गिरफ्तारियां दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता, भुवनेश्वर और कुछ अन्य राज्यों से की हैं। सीबीआई ने पहले सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर्ल ग्रुप के खिलाफ मामला दर्ज किया। पर्ल ग्रुप ने पांच करोड़ निवेशकों से 60,000 करोड़ रुपये इकट्ठे किए और देशभर में बिना अनुमति के अलग-अलग इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई और निवेशकों को धोखा दिया। जांच के बाद सीबीआई ने मेसर्स पीजीएफ लिमिटेड, मेसर्स पीएसीएल लिमिटेड, निर्मल सिंह भंगू और पर्ल ग्रुप के दूसरे निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज किया। 

    इनकी जांच के दौरान निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, सुब्रता भट्टाचार्य, गुरमीत सिंह को आठ जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ सात अप्रैल 2016 को चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले में अब तक अलग-अलग ग्रुप से जुड़े आरोपी और कुछ व्यापारियों समेत 11 आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है।

  • विवादों में घिरी Dolo-650 दवा कंपनी, जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा- ये गंभीर मुद्दा

    विवादों में घिरी Dolo-650 दवा कंपनी, जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा- ये गंभीर मुद्दा

    नई दिल्ली: पैरासिटामोल दवा ‘डोलो’ बनाने वाली कंपनी ने डॉक्टरों पर उपहार के लिए 1000  करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए। मे़डिकल रिप्रजेंटेटिव की एक बॉडी ने आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। कोविड महामारी के दौरान ‘डोलो’ दवा बेहद लोकप्रिय हुई थी और खूब इस्तेमाल में लाई गई।

    फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव असोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने पीठ से कहा, ‘डोलो कंपनी द्वारा 650mg फॉर्मूलेशन के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक मुफ्त उपहार दिए गए हैं। डॉक्टर एक तर्कहीन डोज कॉम्बिनेशनल लिख रहे थे।’ उन्होंने अपनी जानकारी के स्रोत के रूप में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया।

    ‘जब कोविड हुआ तो मैंने भी यही लिया था’

    जस्टिस एएस बोपन्ना के साथ पीठ में शामिल और बेंच का नेतृत्व कर रहे डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘आप जो कह रहे हैं वह मेरे लिए संगीत की तरह नहीं है। यह (दवा) ठीक वही है जो मेरे पास कोविड के समय थी।’

    फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से दायर जनहित याचिका में भारत में बेची जा रही दवाओं के फार्मूलेशन और कीमतों पर नियंत्रण को लेकर चिंता जताई गई है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने संजय पारिख की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है।

    कोर्ट ने कहा- ‘ये गंभीर मुद्दा’, केंद्र से भी मांगा जवाब

    अदालत ने अब केंद्र से एक सप्ताह के भीतर जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है और कहा कि 10 दिनों के बाद मामले की फिर से सुनवाई करेगी। बेंच ने कहा, ‘यह एक गंभीर मुद्दा है।’ फेडरेशन ने एक जनहित याचिका दायर कर दवा कंपनियों को उनकी दवाओं को लिखने के लिए प्रोत्साहन के रूप में डॉक्टरों को उपहार देने के लिए उत्तरदायी बताए जाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिका में केंद्र से यूनिफॉर्म कोड ऑफ फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (यूसीपीएमपी) को वैधानिक समर्थन देने के लिए कोर्ट से निर्देश देने की मांग की गई है।

    पारिख ने अपनी दलील में यह भी कहा, ‘वर्तमान में ऐसा कोई कानून नहीं है जो यूसीपीएमपी के लिए किसी वैधानिक आधार के अभाव में इस तरह की प्रथाओं को प्रतिबंधित करता है।’ याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख और अधिवक्ता अपर्णा भट ने गंभीर आरोप लगाते हुए जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और ए. एस. बोपन्ना की पीठ को बताया कि 500 मिग्रा तक के किसी भी टैबलेट का बाजार मूल्य सरकार की कीमत नियंत्रण प्रणाली के तहत नियंत्रित होता है। उन्होंने बताया कि लेकिन 500 मिग्रा से ऊपर की दवा की कीमत निर्माता फार्मा कंपनी द्वारा तय की जा सकती है। उन्होंने दलील दी कि उच्च लाभ हासिल सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने डोलो-650 मिग्रा टैबलेट के नुस्खे लिखने के लिए चिकित्सकों में मुफ्त उपहार बांटे। 

  • पूर्व NCB अफसर को मिली धमकी, जांच में जुटी पुलिस

    पूर्व NCB अफसर को मिली धमकी, जांच में जुटी पुलिस

    मुंबईः पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। वानखेड़े ने मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी है। वानखेड़े ने मुंबई पुलिस को दी गई शिकायत में जांच करने को कहा है। बताया गया है कि 14 अगस्त को ट्विटर अकाउंट बनाया गया और उसी के जरिए वानखेड़े को धमकी दी गई। 

    समीर वानखेड़े ने मुंबई पुलिस को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है। अपनी शिकायत में एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर ने मुंबई पुलिस को बताया कि जिस अकाउंट के जरिए शिकायत दी गई है उसे 14 अगस्त को ही बनाया गया था।

    ट्विटर अकाउंट से मिली है धमकी

    अमन नाम के ट्विटर अकाउंट की ओर से मिले मैसेज में उसने लिखा कि “तुमको पता नहीं तुमने क्या किया है, इसका हिसाब तुमको देना पड़ेगा।” आईआरएस अधिकारी वानखेड़े ने बताया कि उसके बाद शख्स ने लिखा, “तुमको खत्म कर देंगे।” 

    पुलिस ने दर्ज कर लिया वानखेड़े का बयान

    सोशल मीडिया से मिली धमकी के बाद समीर वानखेड़े ने मुंबई के गोरेगांव पुलिस थाने में संपर्क किया। पुलिस ने इस मामले में समीर वानखेड़े का बयान वीरवार को दर्ज कर लिया था। इसके बाद अब गोरेगांव पुलिस एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। वानखेड़े ने पुलिस को बताया कि जिस ट्विटर अकाउंट से धमकी मिली है, उस अकाउंट के जीरो फॉलोअर थे और संदेह है कि इस अकाउंट को धमकी देने के लिए ही बनाया गया था।

    जाति प्रमाण पत्र के मामले में मिली क्लीनचिट

    अभी हाल ही में समीर वानखेड़े को जाति प्रमाण पत्र के मामले में कास्ट स्क्रूटनी कमेटी से क्लीनचिट मिली थी। कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने 91 पेज के आदेश में उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वानखेड़े जन्म से मुसलमान हैं।

    आर्यन ड्रग केस में फंसे थे समीर वानखेड़े

    यह पूरा मामला पिछले साल तब सामने आया था जब वानखेड़े मुंबई में नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख थे। वानखेड़े ने आरोप लगाया कि मलिक ने उस समय एक कैबिनेट मंत्री के रूप में अपने जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा केवल इसलिए उठाया था क्योंकि उनकी टीम ने मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। समीर की रिहाई के बाद मलिक ने ये आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। साल 2021 के ड्रग क्रूज मामले में, जिसमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का नाम भी शामिल था। इस मामले ने भी वानखेड़े विरोधी अभियान को और अधिक बल दिया। इस केस के बाद वानखेड़े को एनसीबी से हटा दिया गया था।