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  • भारी वर्षा के चलते ऊना जिले में 7 सितम्बर तक सभी स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे

    भारी वर्षा के चलते ऊना जिले में 7 सितम्बर तक सभी स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिला दंडाधिकारी ऊना एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए 7 सितम्बर तक सभी सरकारी व निजी स्कूल, तकनीकी संस्थान, आईटीआई, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान एवं आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

    आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में शिक्षक व प्रशासनिक स्टाफ भी संस्थानों में उपस्थित नहीं होगा। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित की जाएं ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

    हालाँकि, ये आदेश रेज़िडेंशियल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों पर लागू नहीं होंगे और वे अपनी प्रशासनिक ज़रूरतों के अनुरूप कार्य जारी रख सकते हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 7 सितम्बर तक प्रभावी रहेगा।

  • बड़ा हादसा : बस को चीरते हुए सवारियों पर गिरी चट्टानें, दो की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    बड़ा हादसा : बस को चीरते हुए सवारियों पर गिरी चट्टानें, दो की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    शिमला: हिमाचल प्रदेश में जिला शिमला के रामपुर में बड़ा हादसा सामने आया है। बिथल कालीमिट्टी के पास अचानक पहाड़ी से चट्टानें निजी बस को चीरते हुए सवारियों पर आ गिरीं। हादसा बेहद भयावह रहा। चट्टानें बस का आधा हिस्सा तोड़कर अंदर पहुंच गई। अचानक चट्टानें बस के अंदर आ जाने से सवारियों में चीखो पुकार मच गई। लोगों को संभलने का कतई मौका नहीं मिला। पहाड़ से आई आफत में एक यात्री की मौत हो गई व कइयाें की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है हादसे में 15 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि सीट पर बैठी एक सवारी चट्टान के नीचे ही दब गई, उसे संभलने का जरा भी मौका नहीं मिल पाया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया गया है। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा व उनकी और प्रशासन की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकाला और उन्हें खनेरी अस्पताल पहुंचाया। हादसे में लक्ष्मी वीरानी पुत्री राम चरण निवासी जलगांव मध्य प्रदेश और एक नेपाल मूल की महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों व राहगीरों ने घायलों को स्थानीय खनेरी अस्पताल पहुंचाया। एचपी 63 ए 1891 नंबर की यह निजी बस एनएच 05 पर हादसे का शिकार हुई है। विशाल ट्रेवल नामक निजी बस पर कालीमिट्टी में बिथल के पास अचानक पहाड़ी से चट्टानें आ गिरीं। चालक को इसकी कोई भनक नहीं लग पाई। बस पर चट्टानें गिरने पर ही चालक को हादसे का पता चल पाया। हादसे में कई सवारियों को चोट आई है। बस में सवार नेपाल मूल के एक व्यक्ति को गंभीर चोट आई है। उसकी टांगें चट्टान के नीचे दब गई थीं, उसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। इसके अलावा अन्य सवारियों को भी गंभीर चोटें आई हैं।
  • प्रदेश पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में बद्दी की ब़ॉडी जिम का वर्चस्व

    प्रदेश पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में बद्दी की ब़ॉडी जिम का वर्चस्व

    सबसे  ज्यादा जीते मैडल, कपिल देव ने स्ट्रांग मैन का खिताब जीता

    बद्दी/सचिन बैंसल: प्रदेश पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन ने कांगड़ा के रैत में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया।  जिसमे बद्दी के बॉडी टेम्पल जिम के प्रतिभागियों का  दबदबा रहा। जिम की टीम ने   प्रतियोगिता में  सबसे ज्यादा मैडल जीत कर बद्दी का नाम रोशन किया।  जिम के कोच मुकेश शर्मा ने भी बेंच प्रेस में प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता।
    जिम  की टीम के सदस्य कपिल देव को 83 किलो वर्ग में स्ट्रांग मैन के खिताब से नवाजा गया। वहीं कोच मुकेश शर्मा बेंच प्रेस में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा आदित्य गिरी, रानी राजपूत, सिमरन, दीपू सिंह, रवि कुमार, अनिल कुमार, नरेंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, आकाश, व हरजीत सिंह ने अपने अपने वर्ग में मेडल जीते। मुकेश शर्मा ने बताया कि बॉडी टेंपल जिम ने दूसरी बार स्ट्रांग मेन का खिताब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने नाम किया है।

  • नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश भर में आपदा से जान गवाने वाले लोगों को दी श्रद्धांजलि, प्रकट किया शोक

    नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश भर में आपदा से जान गवाने वाले लोगों को दी श्रद्धांजलि, प्रकट किया शोक

    खराब मौसम में रखें अपना और परिवार का ध्यान: जयराम ठाकुर 

    प्रशासन से आग्रह, खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर निवारक कदम उठाए

    ऊना/सुशील पंडित: नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने प्रदेश भर में आपदा की वजह से अपनी जान गंवाने  सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक प्रकट किया। उन्होंने आपदा प्रभावित सभी परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरा प्रदेश किसी ने किसी प्रकार से आपदा की चपेट में है। भारी बारिश की जगह वजह से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रदेश भर से लोग फोन करके अपने इलाके में संभावित खतरों की जानकारी दे रहे हैं। कई जगहों पर गांव के गांव खतरे में है। जमीन धंसने की वजह से लोगों के घरों में दरार आ गई है। जिससे उन घरों में रहना खतरे से खाली नहीं है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से प्रदेश में सैकड़ों। सड़कें बंद है। जन सेवाएं पूरी तरीके से अस्त- व्यस्त हैं। जन सामान्य द्वारा इस्तेमाल किया जा रही कई जगहों पर खतरा बना हुआ है। जहां पर हादसे की संभावना बनी हुई है। ऐसे स्थानों को चिन्हित करके वहां लोगों को आने-जाने से रोकने और ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने की आवश्यकता है। किसी भी अनहोनी को टाला जा सके और संभावित खतरे को काम कियाजा सके। प्रशासन से आग्रह है कि  खतरनाक जगहों को चिन्हित करने और निवारक उपाय अपने में भी अधिक तत्परता दिखाएं।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा को देखते हुए सभी प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अपील है कि वह खतरनाक स्थानों, नदी, नालों, से दूरी बनाए रखें। स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। इस मुश्किल घड़ी में अपना तथा अपने परिवार का ध्यान रखें, अनावश्यक यात्राओं से बचें, आपस में एक दूसरे की मदद और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि हमारी सतर्कता और सक्रियता से आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

  • Punjab News: बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे Sidhu Moosewala के पिता Balkaur Singh, देखें वीडियो

    Punjab News: बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे Sidhu Moosewala के पिता Balkaur Singh, देखें वीडियो

    गुरदासपुर: पंजाब में बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह बुधवार को गुरदासपुर पहुंचे। प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान उनका दर्द छलक उठा। बलकौर सिंह ने कहा कि उन्होंने सोचा था राजनीति पर बात नहीं करेंगे, लेकिन लोगों की हालत देखकर चुप नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि सरकारों की नीतियों ने पंजाब को 20 साल पीछे धकेल दिया है।

    बच्चों, माँओं और बेटों को रोते देखकर दिल भारी हो गया। उन्होंने सरकारों पर केवल औपचारिक दौरे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि असल में लोगों को संभालने की जरूरत है। उन्होंने समाज सेवा संस्थाओं और हर व्यक्ति से अपील की कि बाढ़ पीड़ितों का दुख-दर्द बांटें और उन्हें फिर से खड़े होने में मदद करें।

     

  • ऊना जिले में 334 करोड़ के नुकसान के बीच राहत व बहाली कार्यों में  पूरी तत्परता से जुटा हुआ है जिला प्रशासन

    ऊना जिले में 334 करोड़ के नुकसान के बीच राहत व बहाली कार्यों में  पूरी तत्परता से जुटा हुआ है जिला प्रशासन

    मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में डीसी जतिन लाल ने दी जानकारी

    ऊना/सुशील पंडित: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला से ऑनलाइन माध्यम से ऊना जिले समेत प्रदेश के सभी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

    बैठक में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन राहत व बहाली कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोगों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्रतम राहत उपलब्ध कराने का काम इसी तत्परता से जारी रखें।

    उपायुक्त ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में कुल 334 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 185 करोड़, जलशक्ति विभाग को 125 करोड़ तथा बिजली विभाग को 24 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

    उन्होंने बताया कि जिले में लगभग सभी स्थानों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग भदसाली क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि अन्य सभी प्रमुख मार्ग बहाल किए जा चुके हैं। कुछ संपर्क मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं, जिनकी बहाली युद्धस्तर पर की जा रही है।

    अंब और बंगाणा उपमंडलों में कुछ रिहायशी मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को फौरी राहत प्रदान की गई है तथा और मदद के लिए मामलों को शीघ्र स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा।
    बैठक में उपायुक्त के साथ पुलिस अधीक्षक अमित यादव और सभी विभागों के प्रमुख उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में उपस्थित रहे तथा वर्चुअल रूप से बैठक से जुड़े थे।

  • Punjab News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे CM Mann, केंद्र सरकार से की मुआवजा बढ़ाने की मांग

    Punjab News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे CM Mann, केंद्र सरकार से की मुआवजा बढ़ाने की मांग

    फिरोजपुर: बाढ़ के कारण हुए नुकसान के लिए लोगों को नगण्य मुआवजा मिलने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने आज भारत सरकार से मांग की कि मुआवजा के मानकों में संशोधन किया जाए। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए नाव से फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष (एस द आर एफ ) में पर्याप्त फंड मौजूद हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत मौजूदा मानक किसानों, पशुपालकों और अन्य वर्गों को हुए नुकसान के अनुरूप मुआवजा देने के लिए नाकाफी हैं, अधिसूचित शर्तें किसानों के वास्तविक नुकसान के मुकाबले बिल्कुल प्रासंगिक नहीं हैं।

    भगवंत सिंह मान ने कहा कि फसलों की खेती में किसानों की बढ़ी हुई लागत की तुलना में इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रति एकड़ मिलने वाला मुआवजा बहुत कम है। गटी राजो की गांव में अधिकारियों के साथ नाव से हालात का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण पककर तैयार हुई फसलों को भारी नुकसान हुआ है और किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ से मरने वालों के परिवारों के लिए एक्स-ग्रेशिया राशि मौजूदा 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये तक करने के लिए हस्तक्षेप देने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण अपंग हुए व्यक्तियों को फिलहाल 40 से 60 प्रतिशत विकलांगता पर 74 हजार रुपये और 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर 2.50 लाख रुपये मिलते हैं, जिसे क्रमशः बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये और 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह समय-समय पर केंद्र सरकार से किसानों के नुकसान का मुआवजा बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने कल उन्हें फोन किया था और उन्होंने पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम करने में जुटी हुई है और राहत व बचाव कार्यों के जरिए पीड़ितों को सहारा दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों के कारण पीड़ितों की मदद में बाधाएं आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस दुख की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए उदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इस संबंध में प्रधानमंत्री को पहले ही पत्र लिखकर भारत सरकार से पंजाब का रोका गया 60 हजार करोड़ रुपये का फंड जारी करने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया बाढ़ से पंजाब के 1300 से अधिक गाँव और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण 10 से अधिक जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि हालात अभी भी बिगड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में और बदतर हो सकते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मौजूदा समय में तीन लाख एकड़ खेत डूबे हुए हैं, जिनमें ज्यादातर में धान की फसल थी, जिसकी कटाई कुछ हफ्तों में शुरू होनी थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुधन का भी बहुत नुकसान हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि ज्यादातर लोगों की आजीविका डेयरी और पशुपालन से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार के सीनियर अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो पाए और राहत कार्य सही तरीके से हो।

    मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को आदेश दिए कि गांववासियों के नुकसान का आकलन किया जाए ताकि उन्हें उपयुक्त मुआवजा दिया जा पाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और राहत व पुनर्वास सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया इतिहास में यह संपत्ति और फसलों का सबसे बड़ा नुकसान है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और इस कठिन समय में लोगों की मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। उन्होंने कहा कि पंजाबियों में हर चुनौती का डटकर सामना करने की भावना है और इस मुश्किल से निकलने के लिए राज्य सरकार लोगों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अनाज उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाया है और अब समय आ गया है कि राज्य को उसका जायज हक वापिस किया जाए।

  • Jalandhar News: चिट्टी बेई का Overflow हुआ पानी, गांव की फसल हुई खराब, देखें Live

    Jalandhar News: चिट्टी बेई का Overflow हुआ पानी, गांव की फसल हुई खराब, देखें Live

    जालंधर, ENS: पंजाब में बाढ़ आने के कारण राज्य के कई जिलों में पानी आ चुका है। वहीं कैंट हलके के कुक्कड़ पिंड में भी चिट्टी बेई ओवरफ्लो कर चुकी है। चिट्टी बेई के ओवरफ्लो होने से पूरा गांव पानी की चपेट में आ चुका है। हालात यह हो गए है कि पूरे गांव के खेत पानी में डूब चुके हैं। किसानों ने धान की खेती की हुई थी, जो कि बिल्कुल पानी में डूब चुकी है और अब उनकी पानी के चपेट में आने से फसल बर्बाद हो चुकी है।

    गांव वासियों के मुताबिक उनकी करोड़ों रुपए की फसल बर्बाद हो गई है। लोगों का कहना है कि गांव में कम से कम 10 फीट के करीब पानी आ चुका है। हालांकि गनीमत यह रही कि अभी तक गांव के अंदरूनी हिस्से में पानी जाने में बचाव है। गांव वासियों का कहना हैकि अगर आने वाले दिनों में पानी का स्तर बढ़ता है तो गांव में बने घर भी पानी की चपेट में आ जाएंगे। वहीं गांव के रहने वाले सुखबीर ने बताया कि उनके गांव में पिछले तीन-चार दिनों से पानी आ गया है। जिस कारण उनकी सभी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है।

    उन्होंने कहा कि उनके गांव की ही कम से कम 3 से 4 करोड़ रुपए की फसल का नुकसान हो गया है। उन्होंने बताया है कि यह पानी हिमाचल से शुरू होकर होशियारपुर से नहर के जरिए हरिके पतन को जाता है। यही पानी उनके गांव से भी गुजरता है। उन्होंने बताया कि पानी ओवरफ्लो होने को लेकर प्रशासन द्वारा कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। गांव वासियों खुद पानी का स्तर बढ़ता देखकर इलाके को खाली करवाना शुरू किया। पानी के ओवर फ्लो होने से काफी फसल बर्बाद हो गई। सुखबीर ने बताया कि गनीमत यह रही कि पानी का स्तर गांव में पहुंचने से पहले पशुओं को निकाल लिया गया था।

  • Lunar Eclipse 2025: इस दिन लगेगा साल का दूसरा चंद्रग्रहण, जानें क्या करें क्या नहीं?

    Lunar Eclipse 2025: इस दिन लगेगा साल का दूसरा चंद्रग्रहण, जानें क्या करें क्या नहीं?

    धर्म: ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से चंद्रग्रहण लगना अशुभ माना जाता है इसलिए लोगों को इस दौरान विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। इस बार 7 सितंबर को साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगने वाला है। यह चंद्रग्रहण भारत के लोगों को भी दिखेगा। इसकी शुरुआत रात में 09:58 मिनट पर होगी और इसका समापन रात 1:26 मिनट पर होगा। स्थानीय ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट्स 02 सैकेंड्स की होगी हालांकि यह ग्रहण भारत में भी दिखेगा इसलिए इसका सूतक भी यहां पर मान्य होगा।

    इतने समय तक रहेगा सूतक काल

    चंद्र ग्रहण का सूतक 7 सितंबर को दोपहर 12:19 से शुरु होगा और इसकी समाप्ति 8 सितंबर की देर रात 1:26 पर होगी। बच्चों, बूढ़ों और अस्वस्थ लोगों के लिए सूतक शाम 6:36 पर शुरु होगा और इसकी समाप्ति ग्रहण खत्म होने के बाद होगी।

    क्या होता है सूतक?

    सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण से पहले एक निश्चित समय अवधि को सूतक के तौर पर जाना जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरु होगा। वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले ही लग जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के समय पृथ्वी पर वातावरण दूषित हो जाता है परंतु सूतक के अशुभ दोषों के सुरक्षित रहने हेतु खास सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है।

    सूतक में क्या नहीं करना चाहिए?

    . पूजा, हवन, यज्ञ, मूर्ति स्थापना, शादी, गृह प्रवेश जैसा कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। . सूतक काल में खाना बनाना या फिर खाना नहीं चाहिए। . बाल कटवाना, नाखून काटना, दाढ़ी बनाना या कोई भी शारीरिक शुद्धिकरण के काम भी इस दौरान नहीं करने चाहिए। . मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन भी इस दौरान नहीं करना चाहिए। . यदि जरुरी नहीं है तो यात्रा न करें खासतौर पर यदि आप किसी लंबी यात्रा पर जा रहे हैं तो न जाएं। . कोई नया व्यवसाय, परियोजना या निवेश शुरु न करें। . गर्भवती महिलाओं को इस दौरान सूई, चाकू या फिर किसी भी तरह की नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    सूतक में क्या करें?

    . सूतक के दौरान भगवान के नाम का जाप करें जैसे कि ओम नम: भगवते वासुदेवाय नम: और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। . ग्रहण खत्म होने के बाद नहाएं और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। . ग्रहण के बुरे प्रभाव से खुद को बचाने के लिए गरीबों को दान जरुर करें।
  • Punjab News: फॉर्च्यूनर, स्कार्पियो, थार सहित 18 गाड़ियां बरामद, 5 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: फॉर्च्यूनर, स्कार्पियो, थार सहित 18 गाड़ियां बरामद, 5 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मोहालीः जिले में क्राइम की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 चोरीशुदा गाड़ियां बरामद की हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसपी डी सौरव जिंदल ने बताया कि यह कार्रवाई सीआईए स्टाफ ने की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नितेश शर्मा, रणवीर सिंह, रमनजोत सिंह, सराज अनवर संधू और शिव चरण दास के रूप में हुई हैं।

    सौरव जिंदल ने बताया कि यह गिरोह पंजाब और अन्य राज्यों में वाहन चोरी कर इंजन और चेसी नंबर टैंपर करके धोखाधड़ी से भोले-भाले लोगों को बेचता था। रणवीर सिंह के कब्जे से पुलिस ने चेसी-इंजन नंबर बदलने वाली डॉट मशीन भी बरामद की गई है।

    बरामदगी में फॉर्च्यूनर, स्कार्पियो, महिंद्रा थार, करेटा, ब्लैरो, स्विफ्ट, गलांजा, वरना, र्टिगा और होंडा सिटी समेत 18 गाड़ियां बरामद की गई हैं। गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों का पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत के निर्देशानुसार न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और बरामद वाहनों के असली मालिकों को ट्रेस करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।