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  • ਪੰਜਾਬ : ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਲੁਧਿਆਣਾ: ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਮਿਹਨਤਾਨੇ ਵਿੱਚ ਵਾਧੇ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਦਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਜਿਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਿਲਾ ਪੱਧਰ ਤੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਇਸ ਲੜੀ ਹੇਠ ਸਥਾਨਕ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ ਦਫਤਰ ਵਿਖੇ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਥਾਲੀਆਂ ਵਜਾ ਕੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਖਿਲਾਫ ਰੋਸ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੇ ਗਏ ਅੰਤਰਿਮ ਬਜਟ ਦੀਆਂ ਕਾਪੀਆਂ ਵੀ ਸਾੜੀਆਂ। ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਆਰੋਪ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ 24 ਘੰਟੇ ਡਿਊਟੀ ਦੇਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਮਿਹਨਤਾਨਾ ਨਾਲ ਮਿਲਦਾ ਹੈ।

    ਉਹ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਬੀਤੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਥੋਂ ਤੱਕ ਕਿ 2500 ਰੁਪਏ ਦਾ ਜੋ ਮਿਹਨਤਾਨਾ ਨਾਲ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 21 ਹਜਾਰ ਰੁਪਏ ਮਿਹਨਤਾਨਾ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਮੰਗਾਂ ਨਾ ਪੂਰੀਆਂ ਹੋਣ ਤੇ ਆਪਣਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਵੀ ਦਿੱਤੀ।

  • कुलदीप कुमार बनें नए मेयर, पार्टी में जश्न का माहौल, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः मेयर चुनाव में हुई धांधली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त निर्देश दिए हैं। शीर्ष कोर्ट ने मेयर चुनाव के वोटिंग रिजल्ट को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया गया है। वहीं कुलदीप कुमार का नाम घोषित होते ही पार्टी के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई गड़बड़ी के मामले में सुनवाई की। इस दौरान SC ने वकीलों को तलब किए गए आठ अवैध मतपत्रों को दिखाया और उसकी जांच की। अदालत ने माना है कि ये आठ वोट अवैध नहीं, वैध हैं। इसलिए ये आठ वोट भी गिने जाएंगे।

    सुप्रीम कोर्ट ने  वीडियो फुटेज देखकर कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने कुछ बैलेट पेपर पर कुछ निशान बनाए थे। CJI ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह से कहा कि ये क्या करते हो। इसपर अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने क्रॉस के निशान इसलिए लगाए थे, क्योंकि मतपत्र डिफेक्टेड थे। SC ने अनिल मसीह से पूछा कि बैलेट पेपर कहां डिफेक्टेड हैं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वीडियो फुटेज को देखकर लग रहा है कि 8 बैलेट पेपर्स, जिस पर रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने क्रॉस के निशान लगाए थे, वो वोट कुलदीप कुमार के पक्ष में थे। बताया जा रहा है कि अगर ये आठों वोट मतगणना में शामिल हो गए थे तो रिजल्ट कुछ और सामने आने की संभावना है।

  • प्रर्दशकारियों ने IPS जसप्रीत सिंह को कहा कुछ ऐसा कि गरमा गया माहौल, देखें वीडियो

    कोलकाताः संदेशखाली को लेकर प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं में से किसी ने एक आईपीएस अधिकारी को खालिस्तानी कह दिया। इस पर आईपीएस अधिकारी भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पर बुरी तरह भड़क गए। बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का संदेशखाली चर्चा में बना हुआ है। यहां महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसी को लेकर शुभेंद अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ संदेशखाली जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। अधिकारी ने वहां जाने के लिए कोलकाता हाई कोर्ट से इजाजत भी ली थी। हालांकि जब पुलिस ने रोका तो हंगामा शुरू हो गया और वह वहीं पर धरने पर बैठ गए।

    इसी बीच आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह को किसी ने कथित तौर पर खालिस्तानी कह दिया। सिंह ने कहा, मैंने पगड़ी बांध रखी है इसलिए तुम मुझे खालिस्तानी कह रहे हो। क्या यही तुम्हारी हिम्मत है? अगर कोई पुलिसवाला पगड़ी पहनकर ड्यूटी करता है तो क्या वह खालिस्तानी हो जाएगा? यही आपका लेवल है? अधिकारी के साथ भाजपा विधायक शंकर घोष और अग्निमित्र पॉल भी मौजूद थे। मंगलवार सुबह अधिकारी संदेशखाली जा रहे थे। इस बीच भाजपा नेताओं और पुलिस के बीच भी जमकर बहसबाजी हुई। भाजपा नेताओं का कहना था कि पुलिस हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है। इसी बीच गुस्से में आईपीएस अधिकारी ने कहा, मैं आपके धर्म के बारे में कुछ नहीं कहता हूं। तुम भी मेरे धर्म के बारे में कुछ नहीं कह सकते। क्या किसी ने आपसे धर्म को लेकर कुछ कहा?

    फिर आप क्यों कह रहे हैं? सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा, मैंने पगड़ी बांध रखी है इसलिए ये लोग मुझे खालिस्तानी कह रहे हैं। वहीं अग्निमित्रा पॉल ने आईपीएस अधिकारी से कहा, आप अपनी ड्यूटी करिए। किसी का पक्ष क्यों ले रहे हैं? बता दें कि कई दिनों से संदेशखाली को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। भाजपा सांसद और अन्य नेता कई बार वहां जाने का प्रयास भी कर चुके हैं। हालांकि यहां धारा 144 लागू की गई है और हर बार नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया जाता है। संदेशखाली के शाहजहां शेख पर आरोप है कि उसके गुर्गे महिलाओं के साथ यौन शोषण करते थे और फिर वह लोगों की जमीन भी हथिया लेता था। ईडी की छापेमारी के बाद से वह फरार है।

  • पंजाबः संदिग्ध परिस्थितियों में युवक हुआ लापता, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    जंडियाला गुरु : संदिग्ध परिस्थितियों में युवक के लापता होने का मामला सामने आया है। पुलिस को दी गई शिकायत में सुक्खा सिंह पुत्र गोखा सिंह निवासी नई आबादी जंडियाला गुरु ने बताया कि उसका छोटा लड़का आकाशदीप सिंह उम्र करीब 20 वर्ष जो कि 16 फरवरी को रोज़ की तरह अपने काम पर गया था। वह काम से अक्सर रात को करीब 9.30 से 10 बजे के बीच आ जाता था । 16 फरवरी को उसका लड़का आकाशदीप जब 10 बजे तक रात को घर नही पहुंचा। जिसके चलते उसने अपने बेटे का मोबाइल किया तो फोन स्विच ऑफ आ रहा था। उन्होंने सोचा कि वह किसी दोस्त के साथ या धार्मिक स्थान पर माथा टेकने गया होगा। फिर अगले दिन 17 फरवरी को उनके बेटे का फोन बंद आ रहा था ।जिसके चलते उनको शक हुआ कि उनके बेटे के साथ कुछ गलत हुआ है। जिसके बाद उन्होंने आसपास के घरों की सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमे 16 फरवरी वाले दिन की शाम 7 से 7.30 बजे की दुकान की फुटेज में गुरअमृत सिंह निवासी जंडियाला एक एक्टिवा नंबर पी.बी 10-0813 रंग सफेद पर किसी बहाने उनके लड़के आकाशदीप को एक्टिवा के पीछे बिठाकर ले गया।

    जो कि अभी तक घर वापिस नही आया और उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा है। अब उन्हें पता चला कि उनके बेटे आकाशदीप को राजा निवासी जंडियाला के कहने पर गुर अमृत सिंह ने साज़िश के तहत एक्टिवा पर बिठाकर अगवा कर ले गया। इस मामले में रंजिश की वजह यह आई कि राजा टक्कर की सगी बहन आरती जो कि बालिग है और उसके भाई बलविंदर सिंह का बेटा मलकीत सिंह उर्फ टिंडी भी बालिग है। आरती और मलकीत सिंह अपनी मर्ज़ी के साथ विवाह कराने के उद्देश्य से घर से चले गए। जबकि आरती का विवाह किसी और लड़के के साथ राजा टक्कर के परिवार ने तय किया था। राजा टक्कर को शक था कि उनके लड़के आकाशदीप सिंह ने उसके भाई बलविंदर सिंह के लड़के मलकीत सिंह उर्फ टिंडी की उसकी बहन आरती को मलकीत सिंह के साथ विवाह कराने के लिए घर लेकर जाने में मदद की। अब उनको शक है कि जिस स्कूटरी पर गुरअमृत सिंह उर्फ अमती ने उनके बेटे को अगवा किया है, वह एक्टिवा दीपक उर्फ डेडी गण्डा की है। इस मामले की जांच कर रहे एएसआई राजबीर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • PM मोदी की सुरक्षा चूक मामले में 2 साल बाद सरकार ने 3 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की शुरू

    चंडीगढ़ः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा चूक के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने पंजाब मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संत प्रकाश को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जो अखिल भारतीय सेवा (डीसीआरबी) के साथ पठित अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 की धारा 8, नियम, 1958, नियम 6(1) और इसके उपनियम (बी) (ii) के तहत जांच करेंगे। दोषी अधिकारियों के पक्ष को भी सुना जाएगा। जिन तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया है।

    उनमें पूर्व डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, तत्कालीन फरीदकोट के डीआइजी इंद्रबीर सिंह और तत्कालीन फिरोजपुर एसएसपी हरमबीर सिंह हंसराज्य अधिकार पैनल के प्रमुख को पूर्व डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, तत्कालीन फरीदकोट डीआइजी इंद्रबीर सिंह और तत्कालीन फिरोजपुर एसएसपी हरमबीर सिंह हंस के शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा उल्लंघन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त जांच समिति की ओर से दोषी ठहराए जाने के लगभग दो साल बाद सरकार ने तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई है। ध्यान रहे कि 5 जनवरी, 2022 को बठिंडा हवाई अड्डे से फिरोजपुर तक सड़क मार्ग से यात्रा करते समय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का काफिला एक फ्लाईओवर पर आधे घंटे तक फंस गया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच का आदेश दिया था।

  • क्या AAP-कांग्रेस कैंडिडेट बनेगा मेयर! सुप्रीम कोर्ट का आया बयान

    चंडीगढ़ः मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (20 फरवरी) को सुनवाई हुई। कोर्ट ने AAP-कांग्रेस के कैंडिडेट को मेयर घोषित किया और भाजपा उम्मीदवार की जीत रद्द कर दी। चुनाव अधिकारी (रिटर्निंग अफसर) को नोटिस दिया गया है। शीर्ष कोर्ट ने ये भी कहा कि अफसर ने झूठ बोला।

    मामले की सुनवाई CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा स्पष्ट तौर पर कहा कि रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह के खराब किए बैलट पेपर वैध माने जाएंगे। इनकी दोबारा गिनती हो और इसी आधार पर मेयर चुना जाए। ऐसे में अगर दोबारा गिनती होती है और खराब किए बैलट पेपर वैध माने जाते है तो आप-कांग्रेस के कैंडिडेट का मेयर बनना तय है।

  • पंजाब : पुलिस ने Ice सहित एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार, देखें वीडियो

    तरनतारन :  अश्विनी कपूर एसएसपी तरनतारन के निर्देशानुसार थाना वल्टोहा की पुलिस ने नशीले पदार्थ आइस सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।  जानकारी देते हुए प्रीतिंदर सिंह पीपीएस उप कप्तान पुलिस सब डिवीजन भिखीविंड जी की देखरेख में एसआई सुनीता रानी, ​​मुख्य अधिकारी पुलिस स्टेशन वल्टोहा साथी कर्मचारियों के साथ गश्त कर रहे थे। पुलिस पार्टी गांव दोहला कोहना में गश्त कर रही थी तो एसआई सतविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ अपने साथी कर्मचारियों के साथ गांव कालिया से थोड़ा पीछे पहुंचे और सड़क पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।

    मोटरसाइकिल सवार  मोना सवार युवक आता हुआ दिखाई दिया जो पुलिस पार्टी को देखकर अचानक घबरा गया और मोटरसाइकिल वापस मोड़कर भागने लगा। मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम महाबीर सिंह निवासी मस्तगढ़ थाना खेमकरण बताया और युवक के चेहरे पर घबराहट देखकर डीएसपी ने मोटरसाइकिल के हैंडल पर लटके 2 अलग-अलग पीले रंग के लिफाफे मिले। इन दोनों लिफाफों में ड्रग्स वाली बर्फ थी, जिसके बाद दोनों लिफाफों को खोला गया और बर्फ के पैकेटों खोलकर वजन किया गया, तो उसका वजन 956 ग्राम था। आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • पंजाबः किसानों के दिल्ली कूच को लेकर हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला

    चंडीगढ़ः किसान आंदोलन को लेकर दायर दोनों याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पंजाब, हरियाणा और केंद्र ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। आज भी किसानों की ओर से कोई वकील हाई कोर्ट में पेश नहीं हुआ है। हाई कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का हर किसी को अधिकार है लेकिन इससे किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और विरोध प्रदर्शन नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आपको दिल्ली जाना है तो बस से जाएं, ट्रैक्टर-ट्रॉली का काफिला क्यों ले जा रहे हैं।

    मोटर वाहन अधिनियम के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को राजमार्गों पर प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर भीड़ हो गई है, इसे कम किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों को छोटे समूहों में इकट्ठा होने की अनुमति दी जानी चाहिए। वहीं रविवार को केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत का नतीजा क्या निकला? हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से उनका ब्योरा मांगा है। केंद्र अगली सुनवाई में यह जानकारी देगा।

  • पंजाबः स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद, आदेश जारी

    चंडीगढ़ः राज्य सरकार ने शनिवार, 24 फरवरी को पूरे पंजाब में छुट्टी की घोषणा की है। इस दिन राज्य भर के स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य वाणिज्यिक इकाइयों में छुट्टी घोषित की गई है। दरअसल, श्री गुरु रविदास जयंती के मौके पर सरकार की ओर से छुट्टी की घोषणा की गई है। जारी आदेशों के मुताबिक शनिवार को सरकारी स्कूल, कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान बंद रहेंगे।

  • पंजाब : सब इंस्पेक्टर के घर पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    गुरदासपुर : पुलिस ने गांव घुम्मन खुर्द में बीएसएफ के रिटायर सब इंस्पेक्टर के घर पर पैट्रोल बम फैंकने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से  घटना के समय प्रयोग किया गया मोटरसाइकिल भी बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस काम के लिए आरोपियों को अमरीका में बैठे दो लोगों ने 40 हजार रूपये की फिरोती दी थी। इस संबंधी जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधीक्षक दायमा हरीश कुमार ने बताया कि 13 फरवरी को गांव घुम्मन खुर्द निवासी परमजीत सिंह पुत्र पाल सिंह के घर पर रात के समय अज्ञात आरोपियों ने दो पैट्रोल बम फैंके। तब उसका भतीजा गुरताजबीर सिंह निवासी कनेडा उसके पास आया हुआ था। इस संबंधी परमजीत सिंह की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्व केस दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद आरोपी तेजिंदर सिंह पुत्र सविन्द्र सिंह निवासी कलेर कलां

    और लवप्रीत सिंह पुत्र अनूप सिंह निवासी कलेर कलां को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि अमरीका में रहने वाले बलराज सिंह निवासी कलेर कलां तथा हरमन निवासी अठवाल ने लवप्रीत सिंह के बैंक खते में 40 हजार रूपये की फिरोती राशि डाल कर इस घटना को अंजाम देने को कहा था। क्योंकि अमरीका निवासी बलराज सिंह तथा हरमन का परमजीत सिंह के भतीजे गुरताजबीर सिंह के साथ व्यक्तिगत झगड़ा था तथा उसे भयभीत करने के लिए उन्होने पैट्रोल बम फैंकने को कहा था।जिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंधी दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना के समय प्रयोग किया गया मोटर साईकल भी बरामद कर लिया गया है तथा आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है।