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  • अर्बन एस्टेट इलाके में शादी में गया परिवार, लाखों की नगदी और गहने लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    अर्बन एस्टेट इलाके में शादी में गया परिवार, लाखों की नगदी और गहने लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः शहर में चोरी वारदातों का ग्राफ इस कदर बढ़ गया है कि संकरी बस्ती वाले इलाकों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने लगी है। वहीं ताजा मामला मोहल्ला थानेदारां से सामने आया है, जहां आज दिनदहाड़े बेखौफ चोरों ने घर को निशाना बनाया। चोर घर के दरवाज़े और अलमारियों के ताले तोड़कर अंदर घुसे और घर से लाखों रुपये की नगदी और गहने लेकर फरार हो गए। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे दोपहर करीब 12:30 बजे रिश्तेदारी में शादी के लिए गए थे और लगभग 2:30 बजे वापस आने पर घर के दरवाज़े के ताले टूटे हुए मिले।

    घर के अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों के ताले भी टूटे हुए थे। उनके अनुसार चोरों ने लगभग डेढ से 2 लाख रुपये की नगदी और सोने के आभूषण ले लिए हैं। प्रशांत शर्मा ने बताया कि घर में से चोर नगदी और गहने लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि 2 घंटे के लिए घर से बाहर गए थे। इस दौरान पीछे से चोर से लाखों की नगदी और गहने लेकर फरार हो गए। वहीं पीड़िता रिंपल ने बताया कि वह अर्बन एस्टेट इलाके में मामे की बेटी की शादी में गई हुई थी। इस दौरान जब वह दोपहर 2.30 बजे आए तो देखा कि घर के ताले टूटे हुए थे।

    जिसके बाद घर के अंदर जाकर देखा तो घर का सामान बिखरा हुआ था। इस दौरान घर से 4 चेन, 4 अंगूठियां, 2 गहने के सेट, 6 चूड़ियां और डेढ से 2 लाख की नगदी लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति दिखाई दिया और उसने टोपी पहनी हुई थी। घटना की सूचना तुरंत फगवाड़ा पुलिस को दे दी गई है। परिवार ने बढ़ती चोरियों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर चिंता जताई है और मांग की है कि चोरों को जल्द पकड़ा जाएं और हुए नुकसान की भरपाई करवाई जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है, जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • सत्ती और उनके साले की जोड़ी ने सरकारी दुकान के नाम पर किया फर्जीवाड़ा: रायजादा

    सत्ती और उनके साले की जोड़ी ने सरकारी दुकान के नाम पर किया फर्जीवाड़ा: रायजादा

    पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने डी.सी. को सौंपे 2 ज्ञापन, मांगी कार्यवाही

    ऊना/सुशील पंडित: पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने डी.सी. कार्यालय ऊना में विधायक सतपाल सत्ती के नाम से दुकान होने और उनके रिश्तेदार द्वारा गलत तरीके से दुकान चलाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जीजा-साले की जोड़ी ने सरकार की सम्पत्ति को नुक्सान पहुंचाया है और गलत तरीके से कब्जा कर रखा है। बुधचार को सतपाल रायजादा अपनी मांगों को लेकर डी.सी. ऊना जतिन लाल से मिले और उन्हें 2 ज्ञापन सौंपे। इनमें से एक में उन्होंने कहा कि आशु पुरी मर्डर के अगले दिन विधायक सतपाल सत्ती ने कांफ्रैंस करके सार्वजनिक तौर पर उनके होटल और उनकी छवि को नुक्सान पहुंचाया था जिसमें उन्होंने कहा था कि होटल में वैश्यावृति होती है और रुपए का अनैतिक लेनदेन होता है।

    रायजादा ने कहा कि उन्होंने पुलिस को भी फुटेज सौंपी है और वह चाहते हैं कि डी.सी. स्वयं भी इसकी जांच करवाएं ताकि जनता को सच का पता लग सके। रायजादा ने कहा कि सत्ती खुद को पाकसाफ घोषित करते हैं लेकिन ऐसा असलियत में नही है। मिनी सचिवालय में डी.सी. कार्यालय की दुकान सत्ती ने अपने नाम से सरकार से ली थी जिसमें सिर्फ फोटो स्टेट का काम हो सकता था इसके अलावा कुछ नहीं। सत्ती ने इस दुकान को आगे अपने उस साले को सबलेट कर दिया जोकि इसमें गारंटर बना था। कई सालों से वह ही दुकान चला रहा है लेकिन इस दुकान में फोटोस्टेट का काम नहीं हो रहा है जबकि अन्य व्यवसाय चलाया जा रहा है। इस दुकान में तोडफ़ोड करके दोनों तरफ मुंह कर दिए गए हैं जबकि कानूनन ऐसा नहीं किया जा सकता था। निजी फायदे के लिए दबाव की राजनीति करते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। रायजादा ने कहा कि सरकार को स्वयंघोषित पाकसाफ सत्ती ने आर्थिक नुक्सान पहुंचाया है और घोटाला किया है। उन्होंने कहा कि डी.सी. इस मामले की जांच करें और कार्रवाई करें।

    पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि डी.सी. स्वयं इन दोनों मामलों की जांच करें और जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई करें। यदि दुकान घोटाले में सत्ती दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें और यदि उनके होटल में कोई अनैतिक कार्य पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सतपाल सत्ती के लगातार लगाए जाने वाले झूठे लांछनों को लेकर लड़ी जा रही है। बिना तथ्यों से कुछ भी बोलना और किसी पर भी आरोप लगा देना यह सत्ती की आदत हो चुकी है। रायजादा ने कहा कि सत्ती केवल खुद के कहने पर ही पाकसाफ है लेकिन असल में ऐसा नहीं है। एक एक करके उनकी असलियत जनता के सामने लाई जाएगी ताकि जनता भी सत्ती का असली चेहरा देख सके।

  • शहीदी दिवस विशेष: पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की

    शहीदी दिवस विशेष: पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की

    श्री आनंदपुर साहिब: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के विचार को अमली जामा पहनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की।

    यहां के गुरुद्वारा बुड्डा दल छावनी में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर ‘सरबत दा भला’ एकत्रीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वरोसाई पवित्र नगरी में स्थापित की जाने वाली यह यूनिवर्सिटी गुरु साहिब जी के महान संकल्प को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी नौवें पातशाह जी की अद्वितीय शहादत, महान जीवन और दर्शन के बारे में गहन शोध के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रतिष्ठित संस्था हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ महान गुरु साहिब जी के जीवन और दर्शन का प्रसार करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता की जीवंत मूर्ति थे क्योंकि गुरु साहिब जी ने देश में मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया। भगवंत सिंह मान ने लोगों से ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी की आत्म-बलिदान की भावना को अपनाने की अपील की, जिन्होंने मानवीय अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों-कीमतों को कायम रखने के साथ-साथ धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज श्री गुरु तेग बहादुर जी की पावन बाणी एकता, विश्व-व्यापी भाईचारे, धार्मिकता, बहादुरी और दया का संदेश देती है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए गुरु साहिब की अद्वितीय शहादत मानवता के इतिहास में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने सच्चाई और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों को कायम रखने के लिए अपनी कुर्बानी दी और इसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित की जा रही विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी दुनिया के कोने-कोने में गुरु साहिब के जीवन और दर्शन का प्रचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और दर्शन समूची मानवता के लिए एक प्रकाश बिंदु है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी एक ओर इस शानदार विरासत को कायम रखने और दूसरी ओर लोगों के बीच साझ को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई कुर्बानी बेमिसाल है और ऐसी मिसाल दुनिया के किसी अन्य इतिहास में नहीं मिलती। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब से पहले शासकों द्वारा भारी जुल्म किए जाते थे लेकिन गुरु साहिब कभी ऐसी चालों के आगे नहीं झुके और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, जिसकी विश्व में कोई मिसाल नहीं मिलती।

    इस नेक कार्य को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार का समर्थन करने पर संत समाज का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना फर्ज पूरी तनदेही और श्रद्धा भावना से निभाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस पवित्र स्थान पर पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र आयोजित करवाया जो अत्यंत बेमिसाल था क्योंकि पूरी विधान सभा को गुरु साहिब के चरणों में लाया गया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विधान सभा ने सर्वसम्मति से सभी तख्तों वाली सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का फैसला किया है।

    सिखों के पांच तख्त साहिब हैं जिनमें से तीन श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो, बठिंडा) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों की पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए और पंजाब विधान सभा के इस सत्र को यादगार बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इन शहरों को पंजाब के पवित्र शहर घोषित किया है। उन्होंने कहा कि संगत की पुरानी मांग को पूरा करने के लिए इन शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध होगा।

    इन शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस नेक कार्य के लिए फंडों एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इन शहरों में नतमस्तक होने आने वाली संगत के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और अन्य मुफ्त जन परिवहन प्रणाली की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन शहरों के विकास को और गति देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे क्योंकि इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।

    श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को नम्र श्रद्धांजलि भेंट करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गुरु साहिब के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में क्रमवार समागम करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अनुपम शहादत सर्वोच्च और बेमिसाल है क्योंकि इस शहादत का उद्देश्य दूसरों के धर्म की रक्षा करना था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी ताकि दुनिया के लिए मिसाल कायम की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने लोगों को गुरु साहिब द्वारा दिखाए मानवता और सच्चाई के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु साहिब का संदेश धर्मनिरपेक्षता, एकता और विश्वव्यापी भाईचारे का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन और दर्शन हमेशा मानवता के लिए प्रकाश बिंदु बना रहेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये समागम आने वाले समय में भी जारी रहेंगे और आने वाले वर्षों में भी शहीदी दिवस को समर्पित पूरे प्रदेश में समागम करवाए जाएंगे।

    इन समागमों का एकमात्र उद्देश्य महान गुरु साहिब की महान विरासत को हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। भगवंत सिंह मान ने पवित्र नगरी में मौजूदा चरण गंगा स्टेडियम के नवीनीकरण और अपग्रेड की योजनाओं की भी घोषणा की ताकि हर साल होला मोहल्ला के अवसर पर पवित्र नगरी आने वाली संगत को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए वचनबद्ध है और इस संबंध में पहले से ही ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    अपने संबोधन में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे अपनी पत्नी के साथ इस पवित्र धरती को नमन करने यहां मौजूद हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि उन्हें गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा भोरा साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिवस के अवसर पर और श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की याद में आयोजित समागमों की लड़ी में शामिल होना उनके लिए एक अनूठा अनुभव था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस पवित्र नगरी में नतमस्तक होने आने वाली संगत की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यदि इस सेवा में कोई कमी रह गई हो तो पंजाब सरकार प्रदेश के लोगों और महान गुरु साहिब से क्षमा की याचक है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश को लोग अपने जीवन में अपनाएं तो दुनिया में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का प्रेम, दया और मानवता का संदेश विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन समागमों के लिए सारे प्रबंध इसलिए संभव हो सके क्योंकि प्रदेश सरकार महान गुरुओं द्वारा दिखाए मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए एक-एक पैसा पूरी सूझबूझ और सजगता के साथ खर्च किया गया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में भी किसानों को नहरी पानी मिल रहा है और साथ ही प्रदेश के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सौभाग्यशाली है कि उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने और गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागम करवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि समूचा सिख इतिहास चढ़दी कला का प्रतीक है जो लोगों को मेहनत करने, परमात्मा का नाम जपने, दूसरों के साथ बांटकर खाने और कमजोर व दबे-कुचले लोगों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज भी पंजाबी महान गुरुओं से जुल्म, जबर और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इस पवित्र नगरी के विकास के लिए अधिक से अधिक योगदान देना अपना फर्ज समझती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि मंत्री से लेकर अधिकारी तक प्रदेश सरकार से जुड़ा हर व्यक्ति ने गुरु साहिब की सेवा में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समागमों को सुचारु रूप से संपन्न कराना उनके सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल चीमा, हरजोत सिंह बैंस, तरुणप्रीत सिंह सौंद, लाल चंद कटारूचक्क, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लोक सभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

     

     

     

  • टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जागरूकता सत्र आयोजित

    टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जागरूकता सत्र आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमियों, हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन और सरकारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    डीआईसी ऊना की प्रबंधक कमला देवी ने उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने और उत्पादकता बढ़ाने में सरकार की योजनाओं और सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने और उत्पादकता बढ़ाने में हर संभव सहायता दे रही है। हमारा उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को डिजिटल और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाना है।

    वहीं,हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष  राकेश कौशल, उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह और महासचिव रोहित वर्मा और वरिष्ठ सलाहकार आर.सी. तनेजा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए डिजिटल परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

    सत्र में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के विशेषज्ञों ने ऑटोमेशन, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के जरिए उत्पादन सुधारने के सरल और व्यावहारिक उपाय बताए। उद्योगों में मशीन डाउनटाइम घटाने, दोष दर कम करने, ऊर्जा बचाने और रीयल-टाइम डेटा के माध्यम से त्वरित निर्णय लेने पर जोर दिया गया।

    स्थानीय उद्योगों ने इन तकनीकों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई और कई इकाइयों ने प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस व डिजिटल इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सहयोग की मांग की। सत्र ने स्थानीय उद्योगों को डिजिटल और डेटा-संचालित उत्पादन प्रणाली की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा और उत्पादकता में सुधार हो सके।

  • ऊना के प्रख्यात साहित्यकार कुलदीप शर्मा को मिलेगा राष्ट्रीय पंकस अकादमी पुरस्कार

    ऊना के प्रख्यात साहित्यकार कुलदीप शर्मा को मिलेगा राष्ट्रीय पंकस अकादमी पुरस्कार

    ऊना/सुशील पंडित:प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक कुलदीप शर्मा को साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पंजाब कला साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय पंकस अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें 7 दिसंबर, रविवार को जालंधर स्थित प्रेस क्लब हाल में आयोजित 29वें वार्षिक अकादमी अवार्ड समारोह में प्रदान किया जाएगा।

    ऊना जिले के सुकडीयाल गांव में जन्मे कुलदीप शर्मा अपनी सवेंदनशील और सशक्त रचनात्मक अभिव्यक्ति के जाने जाते हैं। उनके कविता संग्रह  ‘कवि का पता’,और  ‘आत्महत्या से बचे हुए लोग’ तथा उपन्यास  ‘मलबा’ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। यह कविता संग्रह उनके उत्कृष्ट लेखन कर्म का अनुपंम उदाहरण हैं। उन्होंने पत्र-पत्रिकाओं के लिए सैंकड़ों कविताएं, समीक्षाएं एवं लेख भी लिखे हैं।

    इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट लेखन के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। कुलदीप शर्मा को दुष्यंत स्मृति सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। वे राष्ट्रीय विपाशा कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं, जिसके निर्णायक लीलाधर जगूड़ी, विजय कुमार और विजेंद्र जैसे वरिष्ठ साहित्यकार थे।

    कविता, आलोचना और कथा, तीनों में सक्रिय उपस्थिति

    कुलदीप शर्मा की पहली कविता 1976 में ‘हिमप्रस्थ’ में प्रकाशित हुई। इसके बाद से उनकी कविताएँ और समीक्षाएँ वसुधा, पहल, समकालीन साहित्य, दोआबा, आकंठ, विपाशा, जनपथ, वर्तमान साहित्य, अमर उजाला सहित अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और समाचार परिशिष्टों में प्रकाशित होती रही हैं। उनका नया कविता–संग्रह (छंदबद्ध रचनाएँ, गीत, ग़ज़लें) प्रकाशनाधीन है। एक अंग्रेज़ी उपन्यास की पांडुलिपि भी अंतिम रूप में है। उनकी कुछ कहानियाँ भी देश की पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। पहली कहानी ‘लोकापवाद’ (1973) पंजाब केसरी में प्रकाशित हुई थी।

    अकादमी द्वारा प्रदान किया जा रहा यह सम्मान कुलदीप शर्मा के दीर्घकालिक रचनात्मक योगदान, अध्ययनशीलता और साहित्यिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। साहित्य की दुनिया में अपनी स्थायी उपस्थिति बनाए रखने वाले कुलदीप शर्मा लेखन को अपनी प्रमुख साधना मानते हैं। उनका कहना है कि सतत सृजन ही किसी लेखक का वास्तविक परिचय और पहचान होती है। श्री शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा हटली के राजकीय विद्यालय में सम्पन्न हुई। इसके बाद उन्होंने जालंधर के डीएवी कॉलेज से प्री-इंजीनियरिंग और हमीरपुर पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

    छात्र जीवन में ही उन्होंने रूसी, फ्रेंच और अमेरिकी साहित्य का गंभीर अध्ययन किया। डिकेन्ज़, तुर्गनेव, शोलोखोव, चेखव, दोस्तोवस्की, एमिल ज़ोला, पास्तरनाक, जॉर्ज ओरवेल, थॉमस हार्डी जैसे लेखकों ने उनके साहित्यिक बोध को गहराई दी। आइन रैंड की कृतियों ने उनके वैचारिक क्षितिज को और विस्तृत किया। इसी काल में वे कामू और सार्त्र के माध्यम से अस्तित्ववाद की ओर आकर्षित हुए और फिर भारतीय साहित्य में उसकी धारा की खोज की। प्रेम चंद का गोदान, रांगेय राघव का कब तक पुकारूँ और यशपाल का  झूठा सच उनकी प्रिय पुस्तके हैं.

  • Punjab News: संविधान बचाओ दिवस पर MP गुरजीत औजला ने कसे केंद्र पर तंज, देखें वीडियो

    Punjab News: संविधान बचाओ दिवस पर MP गुरजीत औजला ने कसे केंद्र पर तंज, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के हुसैनपुरा चौक पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष सौरभ मैदान के नेतृत्व में संविधान बचाओ दिवस मनाया गया। जिसमें सांसद गुरजीत सिंह औजला भी शामिल हुए। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बाबा साहिब डा. भीम राव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मीडिया से बातचीत में औजला ने कहा कि संविधान दिवस सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों और आजादी की याद है।

    26 नवंबर 1949 को जनता के द्वारा लागू किए गए इस संविधान ने 26 जनवरी 1950 से देश को लोकतांत्रिक राह पर लाया गया। आज हर नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या वर्ग से संबंध रखता हो, अपने अधिकारों के साथ जीने का अधिकार रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक ताकत संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं जैसे निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और विधायिका को अपने कब्जे में लेकर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।

    औजला ने कहा कि संविधान ही वह शक्ति है जिसने देश के हर वर्ग, हर धर्म और हर व्यक्ति को समान अधिकार दिए हैं। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में एक तानाशाही ताकत संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रच रही है। औजला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, खासकर राहुल गांधी इस लड़ाई का निर्भीकता से नेतृत्व कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस गलत प्रवृत्ति के खिलाफ गली-गली जागरूकता फैला रहे हैं। पंजाब की बात करते हुए औजला ने कहा कि कुछ ताकतें राज्य के अधिकारों चंडीगढ़ से लेकर विश्वविद्यालयों तक से वंचित करने के लिए लगातार हल्ला कर रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे ऑनलाइन जाकर संविधान पढ़ें, अपने अधिकार समझें और देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना योगदान दें।

  • Himachal News: राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया  

    Himachal News: राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया  

    ऊना/ सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा में आज राजनीति विज्ञान विभाग एवं एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय संविधान दिवस बड़ी ही धूमधाम और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश ठाकुर रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने की। मंच संचालन दिव्यांशु शर्मा द्वारा सुचारू रूप से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर प्राचार्य डॉ. रमेश ठाकुर द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करवाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता प्रथम स्थान: तनिया एंड ग्रुप – प्रीति, अंकित, द्वितीय स्थान: तन्वी एंड ग्रुप – अभिषेक, पायल, तृतीय स्थान: रोहित एंड ग्रुप – अंकुश, कुशल राणा भाषण प्रतियोगिता के विजेता, प्रथम स्थान: तान्या शर्मा, द्वितीय स्थान: कल्पना।अपने संबोधन में डॉ. रमेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को संविधान की महत्ता से अवगत कराते हुए कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि देश की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह संविधान के आदर्शों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने जीवन में अपनाए।

    उन्होंने युवाओं को देश हित में जागरूक, उत्तरदायी एवं संवेदनशील नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उप-प्राचार्य रेखा शर्मा, एनसीसी अधिकारी डॉ. विनोद कुमार, रोवर हेड कमलेश, प्रोफेसर कृष्ण चंद सहित विभिन्न संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  • Himachal News: राजकीय महाविद्यालय ऊना में संविधान दिवस  मनाया

    Himachal News: राजकीय महाविद्यालय ऊना में संविधान दिवस मनाया

    ऊना/सुशील पंडित:  राजकीय महाविद्यालय ऊना की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तथा राजनीतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान से संविधान दिवस  मनाया गया। इस कार्यक्रम का विषय था ”हम,भारत के लोग “। इस दिवस का उद्देश्य लोकतंत्र की अवधारणा को संजोना और संविधान की महत्ता से छात्रों को अवगत करवाना था।राजनीति विज्ञान विभाग ने कार्यक्रम से पहले पूरे परिसर में एक संविधान जागरूकता मार्च भी निकाला। विभाग ने संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला और छात्रों को हमारे संविधान निर्माण की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया।इस दिवस को मनाने के लिए कुछ गतिविधियों की योजना बनाई गई थी, जिनमें कविता पाठ प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता,लोकतंत्र के चार स्तम्भों पर केन्द्रित  पैनल चर्चा, संविधान पर प्रश्नोत्तरी शामिल थी।सभी धाराओं के छात्रों को शामिल करने और संविधान की सही अवधारणाओं के बारे में शिक्षित करने के लिए गतिविधियाँ करवायी गई ।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. पुनीत प्रेम कंवर, कार्यकारी प्राचार्य गवर्नमेंट कॉलेज ऊना रहे ।पूरे कार्यक्रम का आयोजन और समन्वयन विकास सैनी सहायक प्रोफेसर राजनीति विज्ञान विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवित्र दुलारी व प्रो. मनजीत सिंह मान द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि लोकतंत्र पूरे विश्व के हर देश के लिए प्रासंगिक है। छात्रों ने इस कार्यक्रम में बड़े उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ भाग लिया।

    पैनल डिस्कशन प्रतियोगिता में अनिष्का,दिव्यांशी,शम्मी कुमार, आरज़ू ने प्रथम, हसनूर, अनमोल, हर्ष,श्वेता ने द्वितीय, अमन , शुभम ,शुभम ठाकुर, सानिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ प्रतियोगिता में रोहन ने प्रथम, पलक ने द्वितीय तथा ख़ुशबू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में कार्तिक प्रथम, विशेष द्वितीय व सिमरन  ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. रूचि डा. शाम बैंस व प्रो. मनजीत सिंह ने निभाई । कार्यक्रम में डॉ. सुरेश कुमार, प्रो. रविंद्र डोगरा , प्रो. विजय व प्रो. बलदेव मौजूद रहे।

  • Jalandhar News: तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत

    Jalandhar News: तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत

    जालंधर, ENS: महानगर के वेरका मिल्क प्लांट के पास तेज रफ्तार वाहन चालक ने पैदल जा रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जिसके बाद राहगीरों की मदद से घायल व्यक्ति को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां ईलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बलविंदर कुमार निवासी पृथ्वी नगर के रूप में हुई है।

    लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। वहीं मौके पर पहुंची थाना 1 की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस को दी शिकायत में मृतक बलविंदर कुमार की पत्नी राजविंदर कौर ने बताया कि उसके पति काम के सिलसिले में गए हुए थे। इस दौरान वेरका मिल्क प्लांट की तरफ पैदल वापस घर लौट रहे थे कि किसी अज्ञात वाहन चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के दौरान उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई।

    घायल अवस्था में राहगीरों ने इलाज के लिए सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां उनकी इलाज दौरान मौत हो गई। थाना 1 के जांच अधिकारी एएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक मौके से फरार है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाले जा रहे है और जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • संविधान दिवस पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित

    संविधान दिवस पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित:संविधान दिवस के उपलक्ष्य में राज्य अनुसूचित जाति आयोग के रामपुर स्थित कार्यालय में बुधवार को एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा ने की। इस अवसर पर सदस्य सचिव विनय मोदी सहित आयोग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

    अपने संबोधन में दिग्विजय मल्होत्रा ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए विशेष रूप से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर की अद्भुत दूरदृष्टि, अथक परिश्रम और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के कारण ही भारत को एक समावेशी, प्रगतिशील और सर्वस्पर्शी संविधान प्राप्त हुआ है।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की रक्षा तथा उन्हें सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।