जालंधर, ENS: पंजाब में 2027 में होने वाली विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेष बघेल और पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पार्टी में सब ठीक कह रहे है, लेकिन दूसरी ओर जालंधर से सासंद चरणजीत सिंह चन्नी नाराज दिखाई दे रहे है। कांग्रेस में चल रही रार को लेकर आज दिल्ली में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मीटिंग की। ऐसे में अब बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने बागी गुट को 16 और 17 जुलाई को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है।
राहुल गांधी के बुलावे के बाद बागी गुट के नेता अब सक्रिय हो गए हैं। वे भी राहुल के समक्ष अपनी पूरी बात रखने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए जल्द ही बैठक का आयोजन करेंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष वड़िंग को बदलने व चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने के मसले पर हाईकमान अपना पूर्व निर्धारित फैसला नहीं बदलेगा। कांग्रेस पंजाब में अपना सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी से मान रही है। फिलहाल भाजपा को गंभीर चुनौती नहीं माना जा रहा है। चुनाव राज्य के सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में हाईकमान अब बीच का रास्ता निकालने की कवायद में जुट गया है।
बता दें कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने सोमवार को पंजाब में बागी गुट की रिपोर्ट हाईकमान को साैंपी थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए हाईकमान ने मंगलवार को बैठक बुलाई। इसमें राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब कांग्रेस की माैजूदा स्थिति पर चर्चा की। बैठक में बागी गुट के नेताओं को दिल्ली तलब करने का निर्णय लिया गया। हाईकमान विधानसभा चुनाव से पहले इस विवाद को निपटाना चाहता है ताकि इसका प्रतिकूल असर पार्टी की चुनावी तैयारियों पर न पड़े। छह जुलाई को इसी विवाद को निपटाने हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा था। बघेल 11 जुलाई तक चंडीगढ़ में रहे और इस दाैरान उन्होंने पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी समेत सभी नाराज नेताओं से ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर पर मुलाकात की। कई नेताओं से वन टू वन बात की। इसके बाद बघेल लाैट गए और उन्होंने पूरी स्थिति से हाईकमान को अवगत करवा दिया था। लेकिन पार्टी में रार खत्म नहीं हुई थी।







मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्ष की परियोजना आयु वाली यह सौर ऊर्जा परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास तथा सामाजिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के सतत विकास लक्ष्यों को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम सिद्ध होगी।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास कर रही है तथा पंचायतों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण करना इस दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उगाये गए उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है और दूध को भी देश में सबसे ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि गांवों में भी शहरों की तर्ज पर सुविधाएं मिलें।
ममलीग में उपस्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार ला रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से आज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के 80 प्रतिशत से ज्यादा पद भरे जा चुके हैं। इसके अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ और टेक्नीशियन के पद भी भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के सरकारी संस्थानों में एमआरआई, थ्री टेस्ला और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना प्रारम्भ हो गई हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों और बड़े अस्पतालों में थीं।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ भी राज्य सरकार ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी वर्गों को अपना सहयोग देना चाहिए ताकि हिमाचल प्रदेश चिट्टा मुक्त बन सके। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी शिमला में उपस्थित थे।

