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Punjab News: आदेशों के बावजूद खुला स्कूल, पानी आने से 400 स्टूडेंट्स सहित टीचर फंसे, देखें वीडियो
गुरदासपुरः पंजाब सरकार द्वारा भारी बारिश के चलते राज्य भर के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है। इसके बावजूद, विधानसभा हलका दीनानगर के अंतर्गत आते सरहदी गांव दबुरी में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में लगभग 400 छात्र स्कूल में फंस गए, जहां 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है। यह गंभीर स्थिति स्कूल प्रशासन, विशेषकर प्रिंसिपल की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है, जिन्होंने मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद विद्यालय को बंद नहीं किया। वहीं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दे दी गई है।
बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए टीमों ने काम शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही बच्चों को बाहर निकाल लिया जाएगा। दूसरी ओर डीसी का कहना है कि भारी मात्रा में बच्चे और टीचर अंदर फंसे हुए है। उन्होंने कहा कि यह रिहायशी इलाका है। जिसमें अभी 200 के करीब बच्चें स्कूल के अंदर फंसे हुए है। डीसी द्वारा एनडीआरएफ सहित अन्य प्रशासन की टीमें भेज दी गई है, जहां बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा 26 अगस्त को भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की थी। बावजूद इसके नवोदय विद्यालय, दबुरी में छात्रों को स्कूल बुलाया गया और विद्यालय प्रशासन ने उन्हें परिसर से बाहर नहीं जाने दिया। दोपहर तक लगातार बारिश होती रही और स्कूल के चारों ओर पानी भर गया, जिससे बच्चे और कर्मचारी परिसर में फंसे रह गए।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के आस-पास की सड़कों और गलियों में भी जलभराव है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। कुछ अभिभावक मौके पर पहुंचे, लेकिन पानी की स्थिति को देखते हुए वे भी अपने बच्चों तक नहीं पहुंच सके। विद्यालय में फंसे बच्चों के कुछ अभिभावकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “जब सरकार ने पहले ही छुट्टी घोषित कर दी थी, तो बच्चों को स्कूल बुलाने का क्या औचित्य था? अब बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल में फंसे हुए हैं।”
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Jalandhar News: माई हीरां गेट के पास मकान गिरने से कई वाहन हुए क्षतिग्रस्त
जालंधर, ENS: पंजाब में लगातार 3 दिनों से हो रही बारिश के कारण कई जगह घटनाएं हो रही है। बीते दिन डीएवी कॉलेज के पास सड़क पर सफेदे का पेड़ गिरने की घटना सामने आई थी। वहीं मोदियां मोहल्ला (माई हीरा गेट) में जर्जर मकान गिर गया। बताया जा रहा हैकि इस घटना में बाहर खड़े 2 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे के नीचे आने से एक कुत्ता मर गया।

इलाका निवासियों ने बताया कि अचानक जोरदार आवाज आई, जिसके बाद जब उन्होंने घर के बाहर जाकर देखा तो पता चला कि पुराना जर्जर मकान गिर गया। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। लोगों ने बताया कि मकान पिछले कई सालों से बंद पड़ा है। मकान के बाहर खाली स्थान होने के कारण लोग अपने वाहन खड़े कर देते हैं। लोगों ने बताया कि यदि कोई अपना वाहन खड़ा कर रहा होता या लेकर जाने लगा होता तो अप्रिय घटना घटित हो सकती थी।
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जम्मू तवी नदी पर बना पुल धंसने से कई गाड़ियां दबी, मची चीख पुकार, देखें वीडियो
डोडाः जम्मू में लगातार तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में भारी नुकसान हुआ है और दुखद जनहानि हुई है। 3 दिन से जारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, रामबन, पुंछ सहित कई जिलों में व्यापक क्षति पहुंची है। कई गांव बाढ़ की चपेट में है। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
बादल फटने से हुई भारी बारिश ने कई नदियों के जलस्तर को भी बढ़ा दिया है। जम्मू में तवी नदी सबसे ज्यादा प्रलय मचाती नजर आ रही है। इसी तवी नदी पर बना एक पुल बारिश के बीच धंस गया। इस पुल के धंसने के तुरंत बाद का लाइव वीडियो भी सामने आया है। जिसमें बारिश के बीच लोग अपनी गाड़ियों से पुल पार करते नजर आ रहे है।
तभी अचानक पुल धंसता है। एक स्कॉर्पियो और दो कार पुल के धंसे हुए इलाके में फंस जाती हैं। लाइव वीडियो में नजर आ रहा है कि पुल धंसने के बाद जैसे ही गाड़ियां फंसी, गाड़ियों में सवार लोग अपने सामान और गाड़ी की चिंता छोड़ गेट खोलकर बारिश में भींगते हुए ही बाहर निकल जाते हैं। लोग भागो, भागो की आवाज देते भागते हुए नजर आ रहे हैं। पुल धंसने की घटना के बाद यहां से आवाजाही रोक दी गई।
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बारिश का कहर जारीः रेलवे ने 27 को किया शॉर्ट-टर्मिनेट, 22 ट्रेनें रद्द
चंडीगढ़ः उत्तर भारत में कुछ दिनों से जारी विनाशकारी बारिश की वजह से हालात बेहद खराब हो चुके हैं। एक तरफ जहां आम जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है तो दूसरी तरफ कहीं भी आना-जाना एक जंग की तरह हो गया है। रोड से लेकर रेल और हवाई सेवाएं तक बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। जम्मू संभाग में हो रही भारी बारिश ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। नॉर्दर्न रेलवे ने जम्मू और कटरा रेलवे स्टेशनों से प्रस्थान करने वाली या यहां पहुंचने वाली 22 ट्रेनों को अगले दिन के लिए रद्द कर दिया। यानी 27 अगस्त को ये ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसके अलावा जम्मू डिवीजन में 27 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है।ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:
ਉੱਤਰ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਮੀਂਹ ਦਾ ਕਹਿਰ: ਰੇਲ ਯਾਤਰਾ ਠੱਪ, ਕਈ ਟ੍ਰੇਨਾਂ ਰੱਦ ਤੇ ਸ਼ਾਰਟ ਟਰਮੀਨੇਟ
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Northern Railway Cancels Over 20 Trains as Heavy Rains Batter Jammu Region
दूसरी ओर पंजाब में नार्थ रेलवे की ओर से जारी आदेशों के अनुसार 6 ट्रेनों में 3 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। जारी आदेशों को अनुसार 15656 Jammutavi Kamakhya, 12920 Jammutavi Dr. Ambedkar Nagar और 12472 Jammutavi Bandra Terminus ट्रेन को 27 अगस्त तक कैंसिल कर दिया गया है। वहीं 18102 Jammutavi Sambalpur Jn. और 12238 Jammutavi Varanasi को शार्ट टर्निमेट कर दिया गया है। बता दें कि जम्मू रीजन में सोमवार से दशकों की सबसे भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण बाढ़, भूस्खलन, पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है, साथ ही आवासीय और कृषि क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। जम्मू शहर में एक दिन से भी कम समय में 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। नॉर्दर्न रेलवे द्वारा रद्द की गई 22 ट्रेनों में से 9 ट्रेनें माता वैष्णो देवी के बेस कैम्प कटरा से हैं और एक जम्मू से है। बाकी ट्रेनें कटरा, जम्मू और उधमपुर स्टेशनों पर पहुंचने वाली थीं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के पठानकोट से कंडरोरी के बीच भारी मिट्टी कटाव और चक्की नदी में अचानक बाढ़ के कारण रेल सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। रेलवे ने 27 ट्रेनों को फिरोजपुर, मंडा, चक रखवालन और पठानकोट में शॉर्ट-टर्मिनेट किया है। हालांकि, कटरा-श्रीनगर खंड पर रेल संचालन जारी है। गौर हो कि मंगलवार दोपहर त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आने से 6 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। -

Jalandhar News: Sports College में Air Force का पेपर देने पहुंचे विद्यार्थियों में रोष, देखें LIVE
रहने और खाने-पीने का प्रबंध न होने से रातभर भटकते रहे छात्र
जालंधरः स्पोर्ट्स कालेज में एयरफोर्स का पेपर देने पहुंचे विद्यार्थियों के लिए किसी भी तरह का कोई प्रबंध न किए जाने से वह रातभर इधर-उधर भटकते रहे। विद्यार्थियों का कहना है कि वह इतनी दूर से पेपर देने पहुंचे थे, लेकिन कोई प्रबंध न होने के चलते वह रात बाहर गुजरने को मजबूर है। विद्यार्थियों ने कहा कि वह एयरफोर्स का पेपर देने के लिए शाम से यहां पहुंच चुके थे, लेकिन यहां आकर पता चला कि प्रबंधकों की ओर से किसी भी तरह का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। भूखे पेट इधर-उधर भटकते रहे। वहीं स्पोर्ट्स कालेज की बैक-साइड मिट्ठू बस्ती के लोग विद्याथियों की मदद के लिए आगे आए। जिन्होंने विद्यार्थियों के लिए रहने, खाने-पीने का प्रबंध करवाया। मोहल्ला वासी परमजीत सिंह ने बताया कि जम्मू, हिमाचल, हरियाणा के विद्यार्थी दोपहर से आना शुरू हो चुके थे। यहां काफी संख्या में विद्यार्थी सड़कों पर ही बैठे हुए थे। जिनसे बातचीत की तो पता चला कि उनके रहने का कोई प्रबंध नहीं है। जिसके बाद गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी के साथ बात करके विद्यार्थियों के रहने और खाने पीने का प्रबंध किया गया। उन्होंने बताया कि करीब 150 के करीब बच्चे पहुंच चुके है। जिनका प्रबंध हो चुका है। उनका कहना है कि अगर उन्हें पहले पता होता तो वह बच्चों का और अच्छे से रहने का प्रबंध करवाते। मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से अपील करते कहा कि अगर किसी भी तरह का कोई पेपर लिया जाता है तो बच्चों के रहने का प्रबंध भी जरूर करवाए, ताकि विद्यार्थी इधर-उधर न भटके। -

Punjab News: सड़क हादसे के बाद कार्रवाई को लेकर आप नेता व SHO में बहस, देखें वीडियो
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
लुधियानाः सोमवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने मंगलवार को सिटी थाने का माहौल गरमा दिया। वार्ड नंबर 20 निवासी रोहिन को बीकानेर स्वीट्स के पास एक तेज रफ्तार वर्ना कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा। इस दौरान पुलिस की निष्क्रियता से आम आदमी पार्टी के पूर्व युवा अध्यक्ष गुरसीरत सिंह भड़क गए। वह घायल के परिवार के साथ सिटी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनकी एसएचओ विनोद कुमार से बहस भी हो गई। गुरसीरत ने एसएचओ का हाथ पकड़कर उन्हें रोका और पूछा, “क्या इंसाफ मांगना गुनाह है?” गुरसीरत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न तो कार जब्त की और न ही ड्राइवर को गिरफ्तार किया। “कार सवार लोग थाने आए, आपस में बात की और चले गए। घायल के परिवार को न तो बुलाया गया और न ही कोई बयान दर्ज किया गया।” कार सवार खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि “एसपी हमारे दोस्त हैं।” आप नेता ने चेतावनी दी, “जब तक हमें एफआईआर की कॉपी नहीं मिल जाती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती, हम यहीं रहेंगे।” दूसरी ओर एसएचओ विनोद कुमार ने आरोपों को नकारते हुए कहा, “दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात हुई थी, जो नहीं हो पाई। आज जब कार्रवाई की मांग की गई, तो उन्होंने बस इतना बताया गया कि जांच अधिकारी कहीं व्यस्त हैं। पहले घायलों का इलाज करवाएं, हम बाद में उनके बयान दर्ज करेंगे।” -

Punjab News: Kartarpur Corridor दर्शन स्थल पर टूटा धुसी बांध, भरा पानी, देखें वीडियो
गुरदासपुरः रावी नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण डेरा बाबा नानक में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर श्री करतारपुर कॉरिडोर दर्शन स्थल धुसी बांध टूट गया है। डेरा बाबा नानक करतारपुर कॉरिडोर के साथ दर्शन स्थल पर बाढ़ का पानी भर गया। दरअसल, पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण जहां पूरा पंजाब बाढ़ की चपेट में है, वहीं करतारपुर कॉरिडोर के साथ बने डेरा बाबा नानक दर्शन स्थल पर रावी नदी का पानी भरने लगा है।
गौरतलब है कि श्रद्धालु दर्शन स्थल से दूरबीन के माध्यम से दूर से ही पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब जी के दर्शन कर पा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण वहां काफी जलभराव हो गया है और लोगों में दहशत का माहौल है। इस मौके पर पखोके टहाली साहिब गांव के ग्रामीणों गुरनाम सिंह, अमर सिंह, सुखदेव सिंह ने बताया कि रावी नदी का पानी बढ़ने से दर्शन स्थल के सामने बाढ़ और सीमा पर बने करतारपुर कॉरिडोर के पुल के नीचे पानी तेज धारा के साथ बह रहा था।
रावी के पानी के खतरे को लेकर सोमवार को पंसजर टर्मिनल के बाहर मिट्टी की बोरियों से बनाया बांध भी बह गया। रात को पुल के नीचे पानी को रोकने के लिए कोशिश कर रहे लोगों का कहना है कि देर रात 1:15 को दर्शन स्थल की करीब दस फीट कटाव आ गया जिस कारण तेज पानी दर्शन स्थल के पास बने गुरुद्वारा की ओर बह रहा है और पानी दर्शन स्थल को चढ़ने के लिए बनाई गई सीढ़ियों को भी पानी की लपेट में ले रहा है और पानी तेजी से बह रहा है।
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पाकिस्तान में श्री करतारपुर साहिब में बाढ़ के पानी ने मचाई तबाही, देखें वीडियो
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और पीओके समेत बड़े इलाकों में बाढ़ भयावह रूप लेती जा रही है। लगातार भारी बारिश और भारत से नदियों में से छोड़े गए पानी ने पाकिस्तान सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है। भारत से सतलुज और रावी नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन एजेंसी (एनडीएमए) ने बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। वहीं पाकिस्तान के श्री करतारपुर साहिब में बाढ़ के पानी ने तबाही मचा दी है। जिससे गुरुद्वारा साहिब का निचला हिस्सा सुबह लगभग 3 बजे डूब गया। अंगीठा साहिब, मज़ार साहिब और खूह साहिब पानी में डूब गए हैं, सेवादारों से संपर्क टूट गया है और बचाव अभियान अभी जारी है।
ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ :- ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਦੇ ਪੰਜਾਬ, ਖੈਬਰ ਪਖ਼ਤੂਨਖ਼ਵਾ ਤੇ ਪੀਓਕੇ ਵਿੱਚ ਹੜ੍ਹਾਂ ਨੇ ਮਚਾਈ ਤਬਾਹੀ, ਸ੍ਰੀ ਕਰਤਾਰਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵੀ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ
Read in English:- Pakistan Grapples with Worsening Floods; Kartarpur Sahib Among Areas Submerged
बताया जा रहा है कि राहतकर्मियों ने करीब 1,50,000 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में भेजा है। भारत की ओर से पाकिस्तान को पानी छोड़े जाने की जानकारी दे दी गई थी, इससे स्थानीय प्रशासन लोगों को निकालने के काम में जुट गया। भारत के माधोपुर हेडवर्क्स से रावी नदी में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। सतलुज में छोड़े गए पानी ने दक्षिणी पंजाब के कुछ हिस्सों को जलमग्न कर दिया है। एनडीएमए ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे भारतीय राज्यों में भारी बारिश से पाकिस्तान की ओर बहने वाली नदिया और भी उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पाक मीडिया के मुताबिक, एनडीएमए के अधिकारियों ने कहा है कि रावी और सतलुज का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह एक बड़ी आबादी, खासतौर से पंजाब के लिए खतरे का सबब बन रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद पंजाब सरकार बहावलनगर, कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, बहावलपुर और वेहारी से लोगों को निकाल रही है। नदियों के पास बसे सैकड़ों गांवों को खाली करा लिया गया है। लोगों से नदियों और निचले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है।
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Punjab News: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से मिली व्यक्ति की लाश, देखें वीडियो
कपूरथलाः सुल्तानपुर लोधी में स्थित आहलीकलां गांव में बीते दिन धुस्सी बांध के अंदर का एडवांस बांध टूट गया। इससे आसपास के 36 गांवों में बाढ़ आ गई। साथ ही 36 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव बाउपुर से एक अज्ञात व्यक्ति की लाश बरामद हुई। बता दें कि दरिया ब्यास ने इस इलाके को भारी नुकसान पहुंचाया है। बांध टूटने के बाद पूरा क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है। इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली है।
SDRF की टीम मौके पर पहुंचकर लाश को पानी से बाहर निकाल कर पुलिस के हवाले कर दिया। दूसरी ओर पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के मर्ग कायम घर में रखवा कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल लाश की पहचान नहीं हो सकी है। बता दें कि ब्यास नदी का जलस्तर 1.57 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। इससे सुल्तानपुर लोधी के मंड इलाकों में एडवांस बांध और 66 हजार एकड़ में लगी धान की फसल को नुकसान हुआ है।
ड्रेनेज विभाग के एसडीओ खुशविंदर सिंह के अनुसार, हरिके हेडवर्क्स से डिस्चार्ज 1.88 लाख क्यूसेक से बढ़ाकर 2.26 लाख क्यूसेक कर दिया गया है। नहरों में 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लगातार चौथे दिन हो रही बारिश से कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी और भुलत्थ में स्थिति और बिगड़ गई है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन सरताज सिंह ने बताया कि किसानों द्वारा खेतों की सुरक्षा के लिए बनाया गया अस्थायी बांध भी टूट गया है। इससे और गांवों तथा फसलों में पानी भर गया है।
