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  • तोशाम रोड से कैमरी गंगवा लिंक रोड का होगा निर्माण: Cabinet Minister Ranbir Gangwa

    तोशाम रोड से कैमरी गंगवा लिंक रोड का होगा निर्माण: Cabinet Minister Ranbir Gangwa

    चंडीगढ़: प्रदेश में सडक़ नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने हिसार के तोशाम रोड (कैमरी माइनर के साथ) से कैमरी गंगवा लिंक रोड तक सड़क के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्ताव के अनुसार इस परियोजना पर 23.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सडक़ संपर्क उपलब्ध होगा।

    इस परियोजना के पूरा होने के बाद कैमरी, गंगवा तथा आसपास के गांवों के निवासियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषि, व्यापार एवं दैनिक यातायात को भी गति मिलेगी। कैमरी माइनर के नीचे अंडरग्राउंड क्रॉसिंग बनने से यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।

    उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। यह परियोजना क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को नई गति प्रदान करेगी।

    कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सडक़ अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। अच्छी सड़कें विकास की आधारशिला होती हैं और यही कारण है कि सरकार सडक़ निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

    राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव को मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण सडक़ नेटवर्क से जोडऩा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • आलीशान होटल में चल रहे देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, दो अभिनेत्रियों को छुड़ाया गया, दलाल गिरफ्तार

    आलीशान होटल में चल रहे देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, दो अभिनेत्रियों को छुड़ाया गया, दलाल गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरगांव इलाके में चल रहे एक कथित हाई-प्रोफाइल देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट एक आलीशान होटल से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान दो अभिनेत्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC) द्वारा की गई।

    दो अभिनेत्रियों को किया गया रेस्क्यू
    पुलिस द्वारा बचाई गई दोनों महिलाएं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी बताई जा रही हैं। इनमें से एक अभिनेत्री मराठी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभा चुकी है, जबकि दूसरी अभिनेत्री बंगाली और हिंदी फिल्मों में छोटे और कैमियो रोल कर चुकी है। पुलिस ने दोनों की पहचान गोपनीय रखी है ताकि उनकी सुरक्षा और निजता बनी रहे।

    मेकअप आर्टिस्ट निकला रैकेट का एजेंट
    जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया एजेंट पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है। वह फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों के संपर्क में था। पुलिस को शक है कि इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर महिलाओं को इस अवैध धंधे में फंसाया जा रहा था।

    फर्जी ग्राहक भेजकर जुटाए गए सबूत
    पुलिस को इस रैकेट की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पहले एक फर्जी ग्राहक को होटल में भेजा। जब सौदे की पुष्टि हो गई और पुलिस को संकेत मिला, तब टीम ने तुरंत होटल पर छापा मार दिया।

    छापेमारी में महिलाओं को छुड़ाया गया
    पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि उनसे देह व्यापार कराया जा रहा था और ग्राहकों से इसके बदले बड़ी रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
    क्राइम ब्रांच इस मामले में होटल प्रबंधन की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस आर्थिक लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि रैकेट से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।

    आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला काफी बड़ा और हाई-प्रोफाइल हो सकता है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और कुछ बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।

     

     

  • प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध: CM Sukhu

    प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध: CM Sukhu

    शिमला: जिला ऊना बाल कल्याण कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष ओंकार कपिला ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की तथा मुख्यमंत्री को सम्मानित कर इस नियुक्ति के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नव नियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बच्चों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है तथा उनके सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए राज्य में अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। इन योजनाओं को धरातल तक ले जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और समाज में जागरूकता लाने के लिए कमेटी को निष्ठापूर्वक कार्य करना चाहिए।

    नवनियुक्त अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि वह कर्मठता से सरकार की नीतियों के अनुसार बच्चों के अधिकारों के संरक्षण में कार्य करेंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने जिला ऊना में विकास की गति में तीव्रता लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से जिले के विकास में हरसंभव सहायता मिल रही है। बैठक के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अन्य अहम मुद्दों और आगामी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

  • हरियाणा से जापान तक प्रतिभा का सेतु बनेगा J.C Bose विश्वविद्यालय

    हरियाणा से जापान तक प्रतिभा का सेतु बनेगा J.C Bose विश्वविद्यालय

    चण्डीगढ: भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक नाकानो शिन्या ने किया। प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

    प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं।

    इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन) – प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में भारत और जापान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों एवं कार्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1969 में भारत-जर्मनी संयुक्त परियोजना के रूप में स्थापित यह विश्वविद्यालय कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के क्षेत्र में सशक्त पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का जापान के एहिमे विश्वविद्यालय के साथ पहले से ही शैक्षणिक समझौता है तथा विश्वविद्यालय जापान के लिए प्रशिक्षित एवं उद्योग-उन्मुख मानव संसाधन तैयार करने हेतु तीन-चरणीय संरचित मॉडल विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

    डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ प्रस्तावित सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अपने संबोधन में श्री नाकानो शिन्या ने फुकुओका प्रीफेक्चर का परिचय देते हुए बताया कि वहाँ लगभग 400 सेमीकंडक्टर आधारित उद्योग कार्यरत हैं तथा यह क्षेत्र जापान के प्रमुख स्टार्टअप एवं औद्योगिक नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने वर्ष 2025 में भारत के प्रधानमंत्री की जापान यात्रा का भी उल्लेख किया।

    फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो ने संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग गतिविधियों की जानकारी दी। विशेष रूप से दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ हुए समझौते के अंतर्गत संचालित छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय आईजे काकेहाशी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय पांडा ने किया तथा अनुवाद संबंधी सहयोग भी प्रदान किया।

    संवाद सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के औद्योगिक केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय की रणनीतिक स्थिति, जापानी कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क तथा जापानी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कौशल विकास प्रणाली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को जापान में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में जापानी भाषा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत सेतु प्रस्ताव पर जापान सरकार के स्तर पर सकारात्मक विचार किए जाने तथा शीघ्र ही औपचारिक प्रतिक्रिया देने का भी आश्वासन दिया।

    कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीर्घकालिक एवं सार्थक भारत-जापान साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधिमंडल के विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय स्टूडियो तथा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के भ्रमण के साथ हुआ।

     

  • एनएच पर अनधिकृत पार्किंग पर सख्ती, क्रेन से हटाए जाएंगे वाहन

    एनएच पर अनधिकृत पार्किंग पर सख्ती, क्रेन से हटाए जाएंगे वाहन

    ऊना सुशील पंडित : राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत पहले वाहन स्वामियों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर वाहन हटाने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद भी वाहन नहीं हटाने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की देखरेख में सड़क एजेंसियों की क्रेन एवं मशीनरी से उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-चालान भी जारी किए जाएंगे।

    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि यह एसओपी माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 13 अप्रैल, 2026 के आदेश तथा कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे (लैंड एंड ट्रैफिक) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरोध मुक्त बनाकर सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि एसओपी के तहत उपमंडल स्तर पर प्रवर्तन दल गठित किए जाएंगे। इनमें संबंधित एसडीएम अध्यक्ष, एसडीपीओ सदस्य, एनएचएआई पीआईयू हमीरपुर के परियोजना निदेशक अथवा उनके प्रतिनिधि सदस्य, एचपीपीडब्ल्यूडी (एनएच) के संबंधित अधिशासी अभियंता सदस्य सचिव, सहायक अभियंता सदस्य तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सह-संयोजक के रूप में शामिल होंगे। यह दल राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत पार्किंग की निगरानी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

    एसओपी के अनुसार एनएचएआई एवं एचपीपीडब्ल्यूडी (एनएच) की गश्ती टीमें तथा जिला पुलिस के गश्ती दल अनधिकृत पार्किंग वाले स्थानों की जीपीएस आधारित फोटोग्राफिक रिकॉर्डिंग करेंगे। इसके आधार पर संबंधित सड़क एजेंसी वाहन स्वामियों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर वाहन हटाने के लिए सात दिन का समय देगी। निर्धारित अवधि के बाद भी वाहन नहीं हटाने पर जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस की देखरेख में सड़क एजेंसियों की क्रेन एवं मशीनरी की सहायता से वाहनों को निर्धारित स्थान पर हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से संबंधित सभी साक्ष्य संबंधित एसडीपीओ को भेजे जाएंगे, जिसके आधार पर केवल ई-चालान जारी किए जाएंगे। मौके पर मैनुअल चालान जारी नहीं किए जाएंगे। जहां एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) उपलब्ध होगा, वहां वीआईडीईएस कैमरों के माध्यम से उल्लंघनों की पहचान कर सूचना सीधे पुलिस विभाग को भेजी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की मासिक बैठक में की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 75 किलोमीटर से अधिक के अंतराल पर रिकवरी क्रेन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि एसओपी का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित, व्यवस्थित और अवरोध मुक्त बनाकर सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल में 125 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल में 125 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

    चंडीगढ़: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बावल हलका जिला रेवाड़ी के लिए करीब सवा सौ करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व मंत्री डा. बनवारी लाल भी मौजूद रहे।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बावल स्थित महाविद्यालय परिसर में खेत बचाओ अभियान के समापन समारोह के दौरान बावल हलका की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 19 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से बनाए गए राजकीय कन्या महाविद्यालय, बावल, 20 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने नगरपालिका बावल के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा पार्किंग स्थल और तीन करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से बने पुलिस थाना रामपुरा के भवन का उद्घाटन किया गया।

    इसी प्रकार आईएमटी बावल के फेज-3 में 31 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सीसी रोड, माजरा एम्स के लिए 28 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से बनने वाले जल घर, 6 करोड़ 60 लाख रूपए से गांव रणसी माजरी में स्थापित होने वाले 33 केवी सब स्टेशन तथा गांव बिदावास में 8 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 33 केवी सब स्टेशन की आधारशिला रखी गई।

    विकास परियोजनाओं की श्रृंखला में गांव बिशनपुर गुज्जर माजरी, गुज्जरों की ढाणी से पीलियों वाली ढाणी तक 49 लाख रुपए की लागत से बनने वाले लिंक रोड, 4 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से गांव बखापुर में बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 55 लाख रुपए की लागत से गांव मनेठी तथा 55 लाख रुपए की लागत से गांव भालखी माजरा के सब हेल्थ सेंटर की आधारशिला रखी गई।

  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व-छात्र नेटवर्क को सशक्त बनाए, मेधावी जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करें एलुमनाई – Professor Asim Kumar Ghosh

    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व-छात्र नेटवर्क को सशक्त बनाए, मेधावी जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करें एलुमनाई – Professor Asim Kumar Ghosh

    चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन से विश्वविद्यालय के पूर्व-छात्र (एलुमनाई) नेटवर्क के साथ अपने जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व-छात्रों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों की सहायता के लिए प्रेरित किया जाए ताकि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की उच्च शिक्षा में बाधा न बने। राज्यपाल लोक भवन से वर्चुअल माध्यम के जरिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रोज़ गार्डन में बनने वाले कैफेटेरिया की आधारशिला रखने के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लेडी गवर्नर मित्रा घोष भी उपस्थित थीं। शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर बल देते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वह वंचित परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों की पहचान करे, विशेषकर ऐसे परिवारों के छात्रों की, जिनमें पीढ़ियों से किसी ने उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की है। उन्होंने कहा कि इच्छुक पूर्व-छात्रों को ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी आकांक्षाओं को साकार कर समाज के विकास में सार्थक योगदान दे सकें। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के देश-विदेश में फैले पूर्व-छात्र समुदाय की व्यापक क्षमता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेंटरशिप, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप, शोध सहयोग, तथा आधारभूत ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान विश्वविद्यालय के भविष्य को नई दिशा देने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है। प्रो. घोष ने विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व-छात्र हेमंत गुप्ता एवं श्रीमती नलिनी गुप्ता द्वारा कैफेटेरिया के निर्माण के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर का दान देने के उदार योगदान की भी सराहना की। राज्यपाल ने इसे पूर्व-छात्रों की अपने शिक्षण संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता और उदारता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे अन्य पूर्व-छात्र भी अपनी मातृ संस्था (अल्मा मेटर) के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल बने नया कैफेटेरिया, राज्यपाल ने संचालन महिलाओं को सौंपने का दिया सुझाव

    राज्यपाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय महिलाओं की उच्च शिक्षा के एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां परिसर में छात्राओं की संख्या सर्वाधिक है। इस संदर्भ में उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि प्रस्तावित कैफेटेरिया का संचालन पूर्णतः महिलाओं की टीम द्वारा किया जाए। इससे न केवल महिला नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी और व्यावहारिक मॉडल विकसित होगा। इससे पूर्व राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से कैफेटेरिया की आधारशिला पट्टिका का अनावरण किया, परियोजना की ब्रोशर का विमोचन किया तथा लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष के साथ पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र पाल, केयू एलुमनाई एसोसिएशन के निदेशक डॉ. अनिल मित्तल, युवा एवं सांस्कृतिक मामलों के निदेशक डॉ. विवेक चावला सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, एवं कर्मचारी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के स्टाफ तथा शैक्षणिक समुदाय के सदस्य भी परिसर से वर्चुअल माध्यम के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।
  • Nayab Singh Saini सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंच रहा

    Nayab Singh Saini सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंच रहा

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों, डिजिटल क्रांति, आधारभूत ढांचे के विस्तार तथा गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व स्तर पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है।

    कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके नेतृत्व में देश ने आत्मनिर्भरता, डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छुआ है।

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई अनेक योजनाओं जैसे प्रधान मंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन तथा किसान सम्मान निधि ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। देश की सुरक्षा को मजबूत करने, सीमा क्षेत्रों के विकास और आतंकवाद के विरुद्ध सख्त नीति अपनाने से भारत की वैश्विक छवि और अधिक सुदृढ़ हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र प्रथम का संकल्प और जनसेवा के प्रति समर्पण देश के विकास को नई दिशा दे रहा है। उनके नेतृत्व में भारत एक विकसित और सशक्त राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

    किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने तथा पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को सशक्त करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही हैं। हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को सेवा और समर्पण की भावना से जोड़ते हैं। नागरिकों से देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

     

  • एस.सी. आयोग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तलब

    एस.सी. आयोग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तलब

    चंडीगढ़, 30 जून : पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा आज स्वतः संज्ञान (सुओ-मोटो नोटिस) लेते हुए शिक्षा विभाग के भर्ती बोर्ड द्वारा लेक्चरारों के पदों के लिए जारी विज्ञापन में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए लागू आरक्षण नीति की अनदेखी करने के मामले में पंजाब सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को तलब किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में आया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए आयोग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग, पंजाब के सचिव को 3 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और CM Nayab Saini ने हरियाणा F.P.O मिशन-2026 का किया शुभारंभ

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और CM Nayab Saini ने हरियाणा F.P.O मिशन-2026 का किया शुभारंभ

    चंडीगढ: देशभर में किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ का मंगलवार को हरियाणा के रेवाड़ी में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज ने सभी अतिथियों का समारोह में पहुंचने पर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। रेवाड़ी जिला के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से कृषि के नवीनतम नवाचारों पर आधारित कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी तथा हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए जनभागीदारी आधारित प्रयासों को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया गया।

    उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, लेकिन विकसित भारत का निर्माण उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं और किसानों की समृद्धि ही भारत की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि को लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत विश्व की अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत होगा।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हरियाणा ने दिखाई पूरे देश को राह, किसान हितैषी नीतियों से बना कृषि विकास का मॉडल

    शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराने वाला अग्रणी राज्य है। इसके साथ ही भावांतर भरपाई योजना, ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ जैसी योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों को हरियाणा की इन पहलों से सीख लेने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल देश के अन्न भंडार को भरने वाला अग्रणी राज्य ही नहीं, बल्कि कृषि क्रांति का मजबूत केंद्र भी है। कभी भारत को विदेशों से खाद्यान्न आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की मेहनत के कारण देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान देश के 140 करोड़ नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही नहीं, प्रदेश के युवा सीमाओं पर देश की रक्षा करने और खेलों में भारत का गौरव बढ़ाने में भी अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा वास्तव में खेती, सैनिक परंपरा और खेल प्रतिभा—तीनों क्षेत्रों में पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

    संतुलित खाद का उपयोग कर बचाएं मिट्टी की सेहत- यही ‘खेत बचाओ अभियान’ का मूल उद्देश्य

    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार प्रभावित हो रही है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। धरती हमारी माता है और इसकी उर्वरता को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘खेत बचाओ अभियान’ आज समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब यह जन-जन का अभियान बनकर खेतों तक पहुंचेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि तथा समृद्ध कृषि की नींव मजबूत करेगा।

    हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला

    समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा कृषि क्षेत्र में अपनी अद्वितीय पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है, जो प्रदेश के किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हरियाणा भविष्य में भी देश की अन्न शक्ति के रूप में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहे।

    हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026′ से सशक्त होंगे किसान, बढ़ेगी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आज से ‘हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026’ का शुभारंभ किया जा रहा है, जो छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। वर्तमान में हरियाणा में कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्रों से जुड़े लगभग 775 किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) सक्रिय हैं। नए मिशन के माध्यम से इन संगठनों को और अधिक मजबूत बनाते हुए कृषि आधारित सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक आपूर्ति श्रृंखला, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा हरियाणा की कृषि मूल्य श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध कृषि की नींव

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता भी बढ़ रही है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने कृषि विकास का नया मंत्र दिया है।’उत्पादन भी बढ़े और प्राकृतिक संसाधन भी बचें।’ उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाई जाएं, जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ धरती और पर्याप्त जल संसाधन भी सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार ने जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधिकरण और जलवायु अनुकूल कृषि को अपनी कृषि नीति का मूल आधार बनाया है। रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग पर रोक लगाने के लिए ‘हर खेत स्वस्थ खेत’ और ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें।

    हरियाणा में ‘खेत बचाओ अभियान’ को मिलेगी नई गति

    हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ को प्रदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक माह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने का जनआंदोलन है। हरियाणा सरकार कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करेगी। राणा ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद के उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि संतुलित खाद का उपयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के किसान इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाकर हरियाणा को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का अग्रणी राज्य बनाएंगे।

    खेत बचाओ अभियान का समापन नहीं, बल्कि किसानों तक नवाचार पहुंचाने की नई शुरुआत

    भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कहा कि 1 जून से 30 जून तक चले ‘खेत बचाओ अभियान’ का समापन वास्तव में नई शुरुआत है। पिछले एक महीने के दौरान किसानों के साथ साझा किए गए वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अब खेतों में लागू करने का समय आ गया है। डॉ. जाट ने कहा कि भारत सरकार और आईसीएआर द्वारा जिला स्तर पर फसलों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग संबंधी योजनाएं तैयार कर राज्य सरकारों को उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें तथा प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने हरियाणा की कृषि को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

    प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

    कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें महेंद्रगढ़ के कर्ण सिंह को प्राकृतिक खेती, रेवाड़ी के वेद प्रकाश को प्राकृतिक खेती एवं बागवानी, महेंद्रगढ़ की बनारसी देवी को श्रीअन्न उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन, रेवाड़ी के सुनील कुमार (विक्की यादव) को प्राकृतिक खेती उत्पादों के विपणन, रेवाड़ी के राज कुमार को मधुमक्खी पालन तथा झज्जर के संदीप कुमार को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार,बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सिंह सैनी, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. एसके मल्होत्रा, लुवास के कुलपति डॉ विनोद वर्मा, डीसी अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक हेमेन्द्र मीणा, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, कृषि महाविद्यालय बावल के प्रिंसिपल डॉ नरेश कौशिक सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।