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शादी के 7 साल बाद पति से अलग हुई बैडमिंटन प्लेयर Saina Nehwal, फैंस को खुद दी जानकारी
भारतीय बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल ने बीती देर रात अपने से जुड़ी एक अहम जानकारी फैंस के साथ साझी की है। उन्होंने बताया कि वह अपने पति और बैडमिंटन प्लेयर पारुपल्ली कश्यप ने अलग हो रही हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी में लिखते हुए कहा कि – बहुत सोच-विचार के बाद कश्यप और मैंने अलग होने का फैसला किया है। जिंदगी कभी-कभी हमें अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है। हम एक-दूसरे के लिए शांति तरक्की और उबरना चुन रहे हैं। मैं उनके साथ सभी यादों के लिए आभारी हूं और आगे के लिए शुभकामनाएं देती हूं। हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए धन्यवाद।
गौरतलब है कि सायना नेहवाल ने 14 दिसंबर 2018 को कश्यप पारुपल्ली के साथ लव मैरिज की थी। दोनों 2007 से रिलेशनशिप में थे हालांकि 2005 से एक-दूसरे को जानते थे। अपने करियर के शुरुआती दिनों में दोनों हैदराबाद के पुलेला गोपीचंद एकेडमी में एक साथ ट्रेनिंग करते थे।
हैदराबाद में की थी रिसेप्शन पार्टी
साइना ने हैदराबाद में पी. कश्यप से उनके घर पर शादी की थी। इसमें सिर्फ परिवार और उनके करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों ने 16 दिसंबर 2018 को हैदराबाद के नोवोटेल होटल में अपनी शादी की रिसेप्शन पार्टी दी थी। इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन पार्टी में खेल जगस से वी चामुंडेश्वरनाथ, किदांबी श्रीकांत, ज्वाला गुट्टा, अश्विनी पोनप्पा,सुधीर बाबू और सिनेमा इंडस्ट्री से नागार्जुन, रकुल प्रीत समेत कई मशहूर चेहरे शामिल हुए थे। साइना ने फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी का डिजाइनर नीले रंगे का वेलवेट लहंगा पहना था। वहीं कश्यप ने सिल्क की ब्लू शेरवानी पहनी हुई थी जिस पर हाथ से कारीगरी हुई। सब्यसाची ने उस दौरान खुद एक ट्वीट करके कपल के कपड़े से जुड़ी डिटेल्स शेयर की थी।वर्ल्ड नंबर 1 प्लेयर रह चुकी हैं साइना
आपको बता दें कि साइना नेहवाल हरियाणा की रहने वाली हैं। वह ओलंपिक मैडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी है। उन्होंने लंदन ओलंपिक 2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलवाया था। वे 2015 में विमेंस सिंगल्स रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर-1 प्लेयर भी रह चुकी हैं। साइना बैडमिंटन में वर्ल्ड नंबर-1 रैंक हासिल करने वाली पहली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। वो 3 ओलंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।2008 में जीता था बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन विश्व जूनियर चैपिंयनशिप
साइना ने 2008 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सुर्खियां बटौरी थी। उसी साल उन्होंने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया। वह ओलंपिक क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने वाली भी पहली भारतीय महिला बनी। उन्होंने हॉन्गकॉन्ग की तत्कालीन वर्ल्ड नंबर-5 खिलाड़ी वांग चेन को हराया था लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन युलियांती से हार गई। 2009 में साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनी। साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के साथ सम्मानित किया गया। -

Punjab News: Restaurant के बाहर खड़ी महिला की सोने की चेन झपटकर युवक फरार, देखें CCTV
मोहालीः चोरी और स्नेचिंग की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही है। बेखौफ लुटेरों को पुलिस का किसी भी तरह का कोई डर या खौफ नहीं है। सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए लुटेरें वारदातों को अंजाम देकर फरार हो रहे है। एक नया मामला खरड़ से सामने आया है। जहां एक युवक महिला की चेन छीनकर फरार हो गया।
जिसका सीसीटीवी भी सामने आया है। घटना सेक्टर-124 की है। सीसीटीवी में देखा जा रहा है कि एक महिला अपने परिवार के साथ होती है। रेस्टोरेंट से खाना खाने के बाद वह परिवार सहित रेस्टोरेंट के बाहर आते है और गाड़ी का इंतजार करने के लिए रेस्टोरेंट के बाहर खड़ी हो जाती है। इतनी देर में एक युवक जिसके मुंह पर कपड़ा बंधा होता है वह आसपास घूमता है। फिर अचानक वह महिला के पीछे से आकर गले में हाथ डालकर सोने की चेन छीनकर फरार हो जाता है। जब तक महिला को लूट संबंधी सूचना मिलती है तब तक आरोपी वहां से फरार हो जाता है। परिवार वाले आरोपी का पीछा भी करते है, लेकिन वह नहीं मिलता। बता दें कि लूट की एक हफ्ते में चौथी घटना है।
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4 मील के पास Landslide से फिर बंद हुआ Chandigarh-Manali Highway, देखें वीडियो
मंडी: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर अभी भी जारी है। वहीं मूसलाधार बारिश को लेकर मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और शिमला सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 48 घंटों में कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज के साथ छींटे और बिजली चमकने का अनुमान है। इसके कारण बचाव एवं राहत अभियान में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
मंडी जिला तबाही का केंद्र बना हुआ है। जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया केंद्र के अनुसार 20 जून से अब तक 98 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौतें भी शामिल हैं। वहीं, 34 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि 156 घायल हुए हैं। बादल फटना, भूस्खलन और अचानक बाढ़ मौत और विनाश के मुख्य कारण रहे हैं।
वहीं बरसात में सबसे ज्यादा मंडी जिला प्रभावित हुआ है। मंडी में चार मील के पास चंडीगढ़-नेशनल हाईवे फिर से बंद हो गया है। जहां पहले लैंडस्लाइड हुआ था, वापस वहीं पर फिर से पहाड़ी से मलबा गिरा है। जिसके चलते हाईवे बंद हो गया है और सड़क के दोनों और गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गई है। पहाड़ी से बार-बार पत्थर गिरने के कारण सड़क से मलबा हटाने में दिक्कत आ रही है। वहीं, बारिश भी हो रही है, जिससे स्थिति और बदतर हो रही है। अभी हाईवे बहाल होने में समय लग सकता है।
बता दें कि मंडी में चार मील के पास पहले ही 27 घंटे के इंतजार के बाद रविवार को चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बहाल हुआ था। आज फिर से मलबा गिरने से हाईवे बंद हो गया है। चार मील के पास भारी लैंडस्लाइड के चलते हाईवे शनिवार दोपहर 2 बजे से बंद था। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिसके चलते हाईवे को बहाल करने में काफी दिक्कतें आ रही थी। रविवार सुबह से ही मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और शाम करीब साढ़े 5 बजे तक इसे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। जिसके बाद जाम में फंसे सैकड़ों लोगों ने राहत की सांस ली। मगर आज फिर से मलबा गिरने से एनएच अवरुद्ध हो गया है और लोगों फिर से यहां फंस गए हैं।
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Haryana News: शरारती अंसरों ने Private School Bus को लगाई आग, देखें वीडियो
पंचकूलाः पिंजौर के करनपुर गांव में एक प्राइवेट स्कूल बस को आग लगाने का मामला सामने आया है। जिससे बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। बस में आग की लपटें देख तुरंत आसपास के लोगों ने प्रशासन को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, बस जलकर राख हो गई।
बताया जा रहा है कि रंजिश के चलते उक्त प्राइवेट स्कूल बस को किसी ने आग लगाई है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना का जायजा लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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नदी में मिली बेहद दुर्लभ और विशेष प्रजाति की ‘चार आंखों वाली’ मछली! देखें वीडियो
वाराणसीः हरहुआ विकासखंड के कोईराजपुर गांव की वरुणा नदी में एक बेहद दुर्लभ और विशेष प्रजाति की मछली मिलने से लोग हैरान हैं। यह मछली एक मछुआरे के जाल में फंसी, जिसे बाद में रिंग रोड फेज दो के किनारे स्थित संस्कार ढाबा के सामने पानी की टंकी में सुरक्षित रखा गया। मछली की पहचान कुछ लोग करचामा मछली के नाम से कर रहे हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में हाइपोस्टोमस प्लीकोस्टोमस या अमेज़न सेलफिन कैटफ़िश कहा जाता है। इस मछली की खासियत इसका चूसने जैसा मुंह, चार आंखों जैसा दिखने वाला चेहरा और पत्थर जैसी कठोर त्वचा है। इसके शरीर पर हड्डी जैसी प्लेटें हैं।
ढाबा संचालक सुरेंद्र यादव के अनुसार, उन्होंने अपने जीवन में ऐसी मछली कभी नहीं देखी। उनके साथ मौजूद मनीष राय, दीनू पाल और भगवान दास ने भी यही बात कही। जैसे-जैसे मछली की खबर फैली, आस-पास के गांवों से लोग इस अजीबोगरीब जलीय जीव को देखने के लिए पहुंचने लगे। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यह मछली वरुणा नदी में कैसे पहुंची। हालांकि, अभी तक वन विभाग या मत्स्य पालन विभाग को इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। नमामि गंगे से जुड़े हुए दर्शन निषाद ने बताया कि इस तरह की मछलियां अमेजन की नदियों में पाई जाती हैं।
बाढ़ के कारण बहकर इधर आ गई होंगी। ये मांसाहारी होती हैं। जलीय जीवों के अंडों को चूसकर जिंदा रहती हैं। भदोही के डीघ ब्लॉक के धनतुलसी गांव के गंगा घाट पर मछुआरों के जाल में चार आंखों वाली मछली फंसी। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मछली के शरीर पर कांटे हैं। मछुआरों ने बताया कि इस प्रजाति को कैटफिश कहते हैं। यहां नहीं पाई जाती। पानी के बाहर घंटों जीवित रहती है। मेंढक की तरह उछल-कूद करती है।
धनतुलसी गांव के मछुआरा कप्तान चौधरी मछली पकड़ रहे थे। इस दौरान उनके जाल में दुर्लभ प्रजाति की मछली फंस गई। मछुआरे चार आंख वाली मछली देखकर दंग रह गए। वह उसे अपने साथ घर ले गए। औराई रेंजर राहुल सिंह कौशिक ने बताया कि मछली का यह प्रजाति यहां नहीं पाई जाती। यह मांसाहारी प्रवृत्ति की होती है। कहीं से भटककर कर यहां आ गई होगी। इसकी आधिकारिक जानकारी ली जा रही है।
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यात्रा से पहले 24 घंटे के लिए इंटरनेट और बल्क SMS सेवाएं बंद, 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात
नूंहः हरियाणा के नूंह में हर साल की तरह इस बार भी सावन के पहले सोमवार पर बृजमंडल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा नूंह के नल्हरेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर पुन्हाना के श्रृंगेश्वर मंदिर तक जाएगी। यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नूंह जिले में इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद की गई हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिलाधिकारी विश्राम कुमार मीणा ने रविवार को एक आदेश जारी कर सभी तरह के हथियार ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सिर्फ सिख समुदाय के सदस्यों को धार्मिक प्रतीक के रूप में धारण किए जाने वाले म्यान वाले कृपाण को ही इससे छूट दी गई है।
आदेश में कहा गया है कि यात्रा के दौरान धार्मिक रूप से भड़काऊ या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री जैसे- डीजे, लाउडस्पीकर या साउंड डिवाइस के इस्तेमाल पर भी सख्ती से रोक रहेगी। जिला प्रशासन ने रविवार से यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पर भी बैन लगा दिया है। ऐसे में कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकानें 24 जुलाई तक बंद रहेंगी। दरअसल, यहां दो साल पहले जलाभिषेक यात्रा पर हमला हो गया था। इसके बाद फायरिंग और आगजनी हुई थी। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस बार भी बृजमंडल यात्रा से पहले रात के समय तावडू में मजार तोड़ दी गई। हालांकि, अब तक किसी तरह के हंगामे की खबर नहीं है।
इसके साथ ही एक अधिकारी ने ये भी बताया कि क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने रविवार को नूंह में न सिर्फ मोबाइल इंटरनेट, बल्कि एसएमएस सेवाओं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली सभी डोंगल सेवाओं को 24 घंटे के लिए सस्पेंड करने का आदेश दिया। ये सेवाएं 13 जुलाई की रात 9 बजे से 14 जुलाई रात 9 बजे तक निलंबित रहेंगी। हालांकि इसमें वॉयस कॉल को छूट दी गई है। राज्य गृह विभाग के आदेश के मुताबिक इस कदम का मकसद व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए से गलत जानकारी और अफवाहों को फैलने से रोकना है।
आंदोलनकारियों या प्रदर्शनकारियों के किसी भी जुटान की जांच करना है जो आगजनी, तोड़फोड़ या अन्य हिंसक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। पुलिस के अनुसार, गौ रक्षक बिट्टू बजरंगी को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है और उसके सोशल मीडिया अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक नूंह जिले के पेट्रोल पंपों पर बोतलों जैसे खुले पात्रों में पेट्रोल या डीजल की बिक्री बैन रहेगी। पुलिस ने बताया कि सोमवार को यात्रा के दौरान करीब 2,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे उन्होंने बताया कि सोमवार को सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। वहीं सोहना के रेवासन टोल प्लाजा के पास पहली बैरिकेडिंग की गई है।
नूंह से 20 किलोमीटर पहले ही वाहनों की चेकिंग किए जाने के बाद एंट्री दी जा रही है। ऐसे में नूंह पहुंचने के लिए सोमवार को ऐसी आधा दर्जन बैरिकेडिंग को पार करना होगा। ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले धारा 163 की कई पाबंदियां अगले 24 घंटे तक लागू रहेंगी। पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की 22 टुकड़ियों की तैनाती की गई है। नूंह में घोड़ा पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की भी तैनाती की गई है। ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा को लेकर एंट्री और एग्जिट पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। पुलिस की तरफ से डायवर्सन रूट जारी किया गया है और भारी वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। ऐसे में भारी वाहन केएमपी एक्सप्रेस-वे या मुंबई एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही रात के समय नाईट विज़न ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
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समोसे-जलेबी-गुलाबजामुन खाने वालों को चेतावनी, Health Ministry ने दिए सख्त निर्देश
समोसा और जलेबी दो ऐसी चीजें है जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है लेकिन कुछ लोग तो ऐसी चीजों को इतनी ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लग जाती हैं। अब वो दिन दूर ही नहीं जब चाय के साथ बिस्किट, समोसा या जलेबी खाने पर सरकार चेतावनी देने लगेगी और इन सबसे पीछे एक वार्निंग बोर्ड लगा होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों जिसमें नागपुर का एम्स भी शामिल है उनको निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि वो ऑयल और शुगर बोर्ड लगा दें जिन पर आपके नाश्ते में छिपे हुए फैट और शुगर की मात्रा साफ-साफ लिखी हुई हो। इस जंक फूड को तंबाकू जैसे गंभीर खतरे के रुप में देखने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। ये बोर्ड सरकारी संस्थानों में एक शांत लेकिन स्टीक चेतावनी की तरह काम करेगा। लोगों को यह बताने के लिए लगाए जाएंगे कि जिन फूड आइटम्स को वे अपने कल्चर का हिस्सा मानते हैं उनमें कितना फैट और शुगर मौजूद है।तंबाकू से भी ज्यादा खतरनाक है जंक फूड
एम्स नागपुर के अधिकारियों ने इस निर्देश की पुष्टि खुद की है। अब कैफेटेरिया और सार्वजनिक जगहों पर ऐसे चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए जाएंगे। सिर्फ समोसा और जलेबी ही नहीं बल्कि जांच के दायरे में अब लड्डू, वड़ा पाव और पकौड़े भी शामिल हैं। कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की नागपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. के अनुसार, यह शुरुआत है उस दौर की जब खाने की लेबलिंग उतनी ही जरुरी होगी जितनी सिगरेट की चेतावनी। शुगर और ट्रांस फैट अब नए तंबाकू बन चुके हैं। लोगों के लिए यह जानना बेहद जरुरी है कि वह आखिर क्या खा रहे हैं।देश में तेजी से बढ़ रहा मोटापा
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंतरिक दस्तावेज के अनुसार, देश में बढ़ते हुए मोटापे को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2050 तक भारत में 44.9 करोड़ लोग मोटापे या ज्यादा वजन से ग्रस्त होंगे। इससे अमेेरिका के बाद दूसरा सबसे प्रभावित देश बन जाएगा। वहीं फिलहाल हर पांच में से एक शहरी व्यस्क मोटापे का शिकार है। बच्चों में बढ़ता हुआ मोटापा, गलत खानपान और घटती हुई फिजिकल एक्टिविटी के कारण चिंता और भी ज्यादा बढ़ रही है।सही जानकारी है बेहद जरुरी
सीनियर डायबेटोलॉजिस्ट के अनुसार, खाने पर रोक लगाने से कुछ नहीं होगा लेकिन यदि लोगों को यह पता होगा कि एक गुलाब जामुन में पांच चम्मच चीनी होती है तो वो शायद खाने से पहले दो बार सोचेंगे। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम डायबिटीज, दिल संबंधी दिक्कतें और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गैर संक्रामक बीमारियों के खिलाफ बड़े अभियान का हिस्सा है जो सीधे तौर पर खाने की आदतों के साथ जुड़ा हुआ है।नागपुर में शुरु हुई यह नई पहल
नागपुर इस नई पहल को अपनाने वाला पहले शहरों में शामिल होगा। यहां पर किसी भी फूड पर रोक नहीं लगाई जाएगी लेकिन हर लुभावने नाश्ते के पास एक रंगीन संकेतक बोर्ड होगा जिस पर यह लिखा होगा कि समझदारी के साथ खाएं और आपके भविष्य का शरीर आपका आभारी रहेगा। -

Jalandhar News: सावन माह में श्री देवी तालाब मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: आज देश भर में शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सावन माह के पहले दिन प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री देवी तालाब मंदिर में सुबह से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। दरअसल, सोमवार को सावन माह के पहले दिन जहां बारिश से मौसम सुहावना हो गया, वहीं भक्तों में भी भोले नाथ के दर्शनों को लेकर प्रसिद्ध मंदिर सहित अन्य मंदिरों में उत्साह देखने को मिला है। श्रद्धालुओं की भगवान शिव के दर्शन करने को लेकर मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगी है। मंदिर परिसरों में ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना की। सावन माह के सोमवार में शिव की अराधना के साथ नाग देवता, भगवान सिद्धी विनायक, नंदी जी और भगवान विष्णु की अराधना भी हुई। श्रद्धालुओं ने आहुति देकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की। दरअसल, आज प्रात: काल से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया।
भगवान भोले नाथ को प्रसन्न करने के लिए कोई शिवलिंग पर दूध चढ़ा रहा था तो कोई बेल पत्र चढ़ाकर सुख शांति की कामना कर रहा था। भक्त आरती धूप करने के बाद भगवान शिव की सावन माह के सोमवार की व्रत कथा कर भगवान की कृपा प्राप्त कर रहा था। फूल हार, बेल पत्र, भांग, धतूरा, फल इत्यादि की दुकानों पर भक्त खरीदारी कर रहे थे। मंदिरों में श्रद्धालु प्रात:काल से माथा टेकने आने लगे। वहीं भक्तों की भीड़ को देखते हुए कई मंदिरों में भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त सेवादार तैनात किए गए।
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Punjab News: स्ट्रीट डॉग्स को फीड देने पहुंची महिला का विरोध, हुआ हंगामा, देखें वीडियो
मोहालीः सेक्टर-125 की गिलको पार्क हिल सोसायटी में उसे समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एक महिला आवारा कुत्तों को खाना देने पहुंची। वहां पर मौजूद सोसायटी के 300-400 लोग इकट्ठे हो गए और उसका विरोध किया।
सोसायटी के लोगों का आरोप है कि उक्त कथित महिला मेडिकल ट्रीटमेंट और फीड के बहाने आवारा कुत्तों को सोसाइटी के अंदर लाकर छोड़ देती है यही नहीं यह महिला गर्भवती कुत्तियों को भी समिति के अंदर ले आती है यदि समिति के अंदर प्रजनन प्रक्रिया होती है तो यह डॉग कभी बाहर नहीं जाएंगे।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस प्रकार के आवारा कुत्तों से भय के कारण उनके बच्चों का खेलना भी दूभर हो चुका है। कई बार आवारा कुत्तें उनके बच्चों को काटने की कोशिश करते है। कई बार कुत्तों को सोसायटी से बाहर किया गया, लेकिन वह दोबारा फिर से सोसायटी में आ रहे है।
सोसायटी में स्थिति को तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। सोसायटी के लोगों ने बताया कि जब तक प्रशासन कुत्तों को सोसायटी से बाहर नहीं ले जाते उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं पुलिस प्रशासन ने सोसायटी के लोगों को उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।