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  • अ.भा.वि.प. इकाई ऊना व भटोली ने रोपे 500 पौधे

    अ.भा.वि.प. इकाई ऊना व भटोली ने रोपे 500 पौधे

    ऊना/सुशील पंडित: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ऊना  द्वारा बढे़डा वन क्षेत्र में पौधारोपण किया गया। जिस में अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ बढ़ेडा पंचायत के प्रतिनिधि, एन.एस.एस के स्वयंसेवक, वन विभाग अधिकारी और गाँव वासियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अभाविप विभाग संगठन मंत्री अमन राणा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिना पेड़-पौधों के कही भी वातावरण सुरक्षित नहीं रह सकता हैं, इसलिए जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए। वेदों में भी किसी भी ईष्ट से पहले वृक्ष पूजा का महत्व है हमें यह बात आने वाली पीढ़ी को भी सिखानी ही होगी।वही वन विभाग के अधिकारियों द्वारा  एस.एफ.डी. और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा करवाए जा रहे इस पौधारोपण की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। जहां सभी ने धरती को हरा भरा रखने के लिए नियमित पौधे लगाने व उनकी देखभाल का संकल्प लिया। 

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई भटोली द्वारा भडोलियाँ में पौधारोपण किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ज़िला संयोजक अरूण कौशल विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पेड़-पौधों की कमी से निरंतर पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण बहुत जरूरी है। हम सभी का फर्ज बनता है कि पृथ्वी की खूबसूरती को बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यकर्ताओं के साथ पंचायत प्रतिनिधि द्वारा आम, जामुन, नीम आदि के पौधे रोपे गए।

  • जालंधरः UCO Bank लूट मामले में पुलिस के हाथ लगी एक और सीसीटीवी फुटेज

    जालंधर, (वरुण): महानगर के UCO Bank में हुई लूट का केस सुलझाने को लेकर पुलिस आसपास एरिया के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले रही है। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस के हाथ एक और सीसीटीवी फुटेज आई है। जिसमें तीनों आरोपी एक्टिवा पर जाते दिखाई दे रहे है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज मीठा बाजार की है। एक्टिवा सवार तीनों आरोपी मीठा बाजार में घूमते दिखाई दिए। पुलिस ने इस फुटेज को कब्जे में लेकर आस पास के एरिया में जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस केस को सुलझाने के लिए कई एंगल पर काम कर रही है। पुलिस इस केस को सुलझाने के लिए अपने नेटवर्क के साथ-साथ साइंटिफिक तरीकों का भी इस्तेमाल कर रही है। इस मामले में बैंक का स्टाफ भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस को लगता है कि बैंक में सिक्योरिटी गार्ड न होने की जानकारी अंदर से ही लीक होने के पूरे चांस है।

    फॉरेंसिक टीम बैंक में अपने लेवल पर ढूंढ रही क्लू 

    पुलिस के अनुसार, बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। जिस तरह लुटेरों ने बैंक में एंट्री की और उसके बाद बेफिक्री के साथ सारी वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ है कि लुटेरों को पहले से पता था कि बैंक में कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं है। इसलिए पुलिस को शक है कि यह जानकारी बैंक स्टाफ से ही लीक हुई हो। बैंक में सामान्यत: आने वाले लोगों को इसकी जानकारी होने के चांस बहुत कम है। 

    बैंक के नजदीक से उठाया जा रहा मोबाइल फोन का डंप

    वहीं दूसरी ओर फॉरेंसिक टीम लगातार तीसरे दिन बैंक में अपने लेवल पर क्लू ढूंढती रही। वारदात के बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम बॉयोमीट्रिक स्कैनर से फिंगर प्रिंट ढूंढने में लगी थी। जालंधर पुलिस के एसीपी नार्थ मोहित सिंगला अपने स्टाफ के साथ इस गुत्थी को सुलझाने में लगे रहे। हालांकि इस केस को लेकर पुलिस इस थ्योरी पर भी काम कर रही है कि कहीं इस लूट में कोई बैंक कर्मचारी ही तो शामिल नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैंक के आसपास का मोबाइल फोन डंप लिया जा रहा है। लूट की टाइम के अलावा उससे पहले और बाद का डंप भी उठाया जा रहा है ताकि पता चल सके कि लूट के वक्त कौन-कौन से नंबरों पर आपस में बात हो रही था। इनमें से संदिग्ध नंबर वाले लोगों से पूछताछ हो सकती है।

  • आप पार्टी को झटकाः तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर आरव गोपीकृष्ण समेत 11 अधिकारी सस्पेंड

    आप पार्टी को झटकाः तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर आरव गोपीकृष्ण समेत 11 अधिकारी सस्पेंड

    नई दिल्लीः दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने बड़ा एक्शन लिया है। उपराज्यपाल ने आबकारी नीति लागू करने में चूक को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपीकृष्ण और उप आबकारी आयुक्त आनंद कुमार तिवारी सहित 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उपराज्यपाल सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियागत खामियों की सीबीआई जांच की सिफारिश की है, जिसके तहत शहर के 32 जोन में शराब की खुदरा बिक्री के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस जारी किए गए थे।

    गंभीर चूक’ को देखते हुए लिया यह निर्णय 

    उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग के दानिक्स कैडर के तीन तदर्थ अधिकारियों और छह अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, उपराज्यपाल ने आबकारी नीति के कार्यान्वयन में ‘संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कथित गंभीर चूक’ को देखते हुए यह निर्णय लिया है, जिसमें ‘निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को पोस्ट-टेंडर लाभ प्रदान करना’ शामिल है। उपराज्यपाल सक्सेना ने सतर्कता निदेशालय (डीओवी) की ओर से दायर एक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। गौरतलब है कि उपराज्यपाल ने आबकारी नीति 2021-22 के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश पहले ही कर दी है।

    जानें क्या है मामला

    दरअसल, 17 नवंबर 2021 को लागू की गई नयी आबकारी नीति के तहत 32 क्षेत्रों में विभाजित शहर की 849 शराब की दुकानों के लिए निजी फर्मों को खुदरा लाइसेंस जारी किए गए थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अब इस नीति को वापस ले लिया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को पूर्व उपराज्यपाल अनिल बैजल पर अनधिकृत क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने के मामले में अपना रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण उनकी सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

    सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने इस मामले से जुड़ी जानकारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को भेज दी है और दिया कि मामले की तफ्तीश होनी चाहिए। बैजल ने इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सिसोदिया ने कहा, ‘‘नयी आबकारी नीति के तहत अनधिकृत क्षेत्रों समेत पूरी दिल्ली में 849 दुकानें खोली जानी थीं। तत्कालीन उपराज्यपाल ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया और इसे मंजूरी दे दी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि नीति लागू होने से दो दिन पहले पिछले साल 15 नवंबर को तत्कालीन उपराज्यपाल ने अपना रुख बदल लिया और शर्त लगा दी कि अनधिकृत क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से अनुमति लेनी होगी।

    सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का हुआ नुकसान: आप नेता 

    आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा, ‘‘तत्कालीन उपराज्यपाल के रुख में बदलाव के कारण अनधिकृत क्षेत्रों में दुकानें नहीं खोली जा सकीं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। दूसरी ओर, जो दुकानें खोली गई थीं, उन्होंने काफी कमाई की।’’ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने जब नयी आबकारी नीति तैयार की थी, उस समय बैजल दिल्ली के उपराज्यपाल थे। इस नीति को 17 नवंबर 2021 को लागू किया गया था। सरकार ने अब यह नीति वापस ले ली है और वह एक सितंबर से अपने उपक्रमों के माध्यम से पुरानी आबकारी व्यवस्था के तहत शराब की दुकानें संचालित करने की तैयारी कर रही है।

    सिसोदिया ने कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि बैजल ने अपना रुख क्यों बदला, जिससे कुछ लोगों को लाभ हुआ और सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि पूर्व राज्यपाल ने क्या किसी दबाव में यह फैसला किया और क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का इससे कोई संबंध है।

  • जिम ट्रेनर ने पीठ पर लिखवाए गुरबाणी के शब्द, वायरल तस्वीर को लेकर सिखों में रोष

    जिम ट्रेनर ने पीठ पर लिखवाए गुरबाणी के शब्द, वायरल तस्वीर को लेकर सिखों में रोष

    अमृतसर: सोशल मीडिया पर अमेरिका की एक जिम ट्रेनर की तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। इस वायरल फोटो में जिम ट्रेनर की पीठ पर गुरबाणी के कुछ छंद लिखे हुए दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका की इस जिम ट्रेनर का नाम सुमित साहनी बताया जा रहा है। जिसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

    इसे लेकर अब सिखों में भारी विरोध देखा जा रहा है। इस संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस पर सख्त संज्ञान लेते हुए बच्ची के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता धामी ने कहा कि गुरबाणी सिखों की आस्था है और इस महिला ने अपने शरीर पर गुरबाणी के छंद लिखकर उसका अपमान किया है।

    उन्होंने कहा कि इस महिला की इस तरह की हरकत से सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे संगत में काफी रोष है। कुछ लोग जानबूझकर सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में भारत में अमेरिकी दूतावास और अमेरिकी सरकार को पत्र लिखा जा रहा है ताकि सिख भावनाओं के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

  • घर में आग लगने 3 बच्चों समेत 10 लोग जिंदा जले

    घर में आग लगने 3 बच्चों समेत 10 लोग जिंदा जले

    अमेरिका के पेनसिल्वेनिया राज्य में एक मकान में आग लगने से तीन बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो गयी है। आग बुझाने के लिए आया एक स्वयंसेवी दमकलकर्मी उस समय हक्का बक्का रह गया जब उसे मालूम चला कि आग उसके रिश्तेदार के घर में लगी है और मृतकों में उसका बेटा, बेटी, ससुर, पत्नी का भाई तथा अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। पेनसिलवेनिया पुलिस ने एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि हादसे में मारे गए तीन बच्चों की उम्र क्रमश: 5, 6 और 7 साल है।

    नेस्कोपेक वालंटियर फायर कंपनी के दमकलकर्मी हेरोल्ड बेकर ने फोन पर बताया कि 10 मृतकों में उसका बेटा, बेटी, ससुर, पत्नी का भाई, बहन तथा पांच अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। बेकर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें जो पता दिया गया था वह पड़ोस के एक घर का था लेकिन घटनास्थल पर पहुंचने के बाद उसे मालूम चला कि यह उसके रिश्तेदार का घर है। उसने बताया कि दो मंजिला मकान में 13 कुत्ते भी रहते थे लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उनमें से कोई जीवित बचा या नहीं।

    नेस्कोपेक के इस मकान में शुक्रवार देर रात ढाई बजे के बाद आग लगी। आपातकर्ताओं के पहुंचने के तुरंत बाद एक व्यक्ति घर के अंदर मृत मिला। सुबह दो अन्य लोगों के शव मिले। राज्य की पुलिस और आपराधिक जांचकर्ता इस मामले की जांच कर रहे हैं।

    प्राधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग जलते हुए मकान में से बाहर निकलने में सफल रहे। दमकल कंपनी की सचिव हेदी नोर ने बताया कि मृतकों में से एक 19-वर्षीय डेल बेकर दमकलकर्मी था, जो 16 साल की उम्र में कंपनी में शामिल हुआ था। उन्होंने बताया कि डेल बेकर के दोनों माता-पिता दमकल सेवा के सदस्य थे तथा यह परिवार जरूरतमंदों की मदद करने में हमेशा आगे रहता था।

    हादसे में बेकर के परिजनों की मौत के कारण उन्हें छुट्टी दे दी गयी। बेकर ने बताया कि इस घर में 14 लोग रह रहे थे। उनमें से एक अखबार बांटने के लिए घर से बाहर था तथा तीन अन्य बच गए। बेकर ने बताया, ‘‘वहां बच्चे थे और मेरे दो बच्चे अपने नाना और नानी से मिलने गए थे।’’ पेनसिलवेनिया पुलिस के अधिकारी लेफ्टिनेंट डेरेक फेल्समैन ने बताया, ‘‘एक जटिल आपराधिक जांच चल रही है। जीवित बचे लोगों से पूछताछ की जा रही है।’’ 

  • पंजाबः Belgian Malinois नसल के विदेशी कुत्ते बरामद करेंगे जेलों से मोबाइल

    पंजाबः Belgian Malinois नसल के विदेशी कुत्ते बरामद करेंगे जेलों से मोबाइल

    चंडीगढ़: पंजाब की जेलों में चल रहे मोबाइल फोन को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित विदेशी कुत्ते तैनात किए जाएंगे। ये कुत्ते जेल की कोठरियों में सूंघकर बताएंगे कि मोबाइल फोन कहां हैं। राज्य के जेल विभाग ने लुधियाना जेल से इसकी सुनवाई शुरू कर दी है। लुधियाना के केंद्रिय जेल में चार विदेशी कुत्ते तैनात कर दिए गए है। दरअसल, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने वाले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली की तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे फोन पर साजिश रची थी। इसके साथ ही ऐसे और भी कई खुलासे हुए हैं, जिनमें जेल से फोन कॉल के जरिए गैंगस्टरों ने हत्या की साजिश रची थी। फिर भी जेलों में बंद कई हाई प्रोफाइल कैदी फोन के जरिए बाहरी दुनिया से जुड़कर अपराध कर रहे हैं।

    लुधियाना सेंट्रल जेल में ट्रायल के तौर पर 4 कुत्तों को किया तैनात

    इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अब पंजाब जेल विभाग ने जेल की कोठरियों में छिपे मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित सनीफर कुत्तों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बेल्जियम मालिंस
    नसल के कुत्तों का इस्तेमाल छिपे हुए फोन को सूंघने के लिए किया जाएगा। लुधियाना सेंट्रल जेल में ट्रायल के तौर पर चार कुत्तों को तैनात किया गया है। बेल्जियन मेलिनोइस (Belgian Malinois) वही कुत्ते हैं जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए है। बेल्जियन मेलिनोइस (Belgian Malinois) अपराधियों को पकड़ने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।

    यह हैं इन कुत्तों की विशेषता

    इनकी सूंघने की शक्ति इतनी तेज होती है कि ये अपने शिकार को नौ गज दूर से भी ट्रैक कर सकते हैं। इसके साथ ही वे दो फीट की गहराई तक छिपी वस्तुओं को सूंघ कर पहचान लेते हैं। इतना ही नहीं अगर 24 घंटे पहले भी कोई व्यक्ति किसी जगह से गुजरा हो तो उसे बेल्जियन मेलिनोइस (Belgian Malinois) कुत्तों को पता चल जाता है। कहा जाता है। ये कुत्ते बहुत चुस्त होते हैं।

  • पंजाबः दुधारू जानवरों में आई लंपी स्किन बीमारी, बढ़ा सकता है दूध का सकंट, देखें वीडियो

    पंजाबः दुधारू जानवरों में आई लंपी स्किन बीमारी, बढ़ा सकता है दूध का सकंट, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः गुजरात पशुओं में फैली लंपी बीमारी अब पंजाब तक पहुंच चुकी है। इससे पहले राजस्थान के पशु भी इससे प्रभावित हो गए थे। वहीं पंजाब में लंबी स्किन बीमारी का असर दूध की सप्लाई पर दिखने लगा है हालांकि हालात अभी पूरी तरह से बेकाबू नहीं हुए हैं लेकिन आम जनता ने खुले में बिकने वाले डेयरी के दूध को छोड़कर पैकेट बंद ब्रांडेड कंपनियों के दूध को तवज्जो देना ज्यादा शुरू कर दिया है और कुछ लोग मिल्क पाउडर पर भी डाइवर्ट हो रहे हैं डेयरी मालिकों के मुताबिक उनकी दूध की बिक्री पर भी असर पड़ा है और जो दूध का उत्पादन भी थोड़ा कम हुआ है। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने राज्य सरकार से जानवरों के तुरंत इलाज के लिए 76 लाख रुपए की राशि जारी करवाई है।

    गुजरात में 12 हजार और राजस्थान में 3 हजार पशुओं की गई जान

    यह बीमारी एक महीना पहले गुजरात के अंदर पशुओं में देखने को मिली थी। उसके बाद बीमारी राजस्थान पहुंची। इस लाईलाज बीमारी ने गुजरात में 12 हजार और राजस्थान में 3 हजार पशुओं की जान ले ली। अब यह बीमारी पंजाब पहुंच गई है। इसका सबसे अधिक असर बॉर्डर एरिया के गांवों में देखने को मिल रहा है। कैबिनेट मिनिस्टर लालजीत सिंह भुल्लर ने खुद बॉर्डर एरिया के कई गांवों का दौरा करने के बाद बीमार पशुओं के इलाज के लिए 76 लाख रुपए जारी करवाए हैं।

    10.6 लाख पशुओं को किया जा चुका वैक्सिनेट

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गुजरात और राजस्थान की तरह यह बीमारी पंजाब में बेकाबू हो गई तो राज्य में दूध का संकट खड़ा हो सकता है। लंपी बीमारी के पंजाब पहुंचने के बाद सरकार ने बॉर्डर एरिया के हर जिले को 5-5 लाख रुपए और अन्य जिलों के लिए 3-3 लाख रुपए जारी किए हैं। इस रकम से लंपी बीमारी से ग्रस्त जानवरों को दवा दी जाएगी। गुजरात में 12 हजार पशुओं की मौत के बाद वहां के 10.6 लाख पशुओं को वैक्सिनेट किया जा चुका है।

    लंपी वायरस का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है। पशुओं को इससे बचाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि उन्हें लंपी से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से रोका जाए। लंपी के शिकार पशुओं को एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं दी जाती हैं।

  • जालंधरः IQ Education & Immigration के मालिक बन्नी पर दर्ज हुई FIR, जानें मामला

    जालंधर, (वरुण): महानगर में केंद्र सरकार से लाइसैंस लिए बिना चला रहे ट्रैवल एजेंट पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन सबके बावजूद कुछ ट्रैवल एजेंट इसके बावजूद बेखौफ होकर लोगों को ठगने का कारोबार कर रहे है। वहीं ताजा मामला जिलें के  आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन का सामने आया है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक वरुणजोतबीर सिंह उर्फ बन्नी होठी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    पुलिस ने आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक बन्नी के खिलाफ 6 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। हालांकि इस मामले को लेकर आरोपी ट्रेवल एजेंट ने एक एग्रीमेंट का हवाला देकर सफाई दी है, लेकिन पुलिस ने उसको मानने से इंकार कर दिया है। आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक बन्नी के खिलाफ शिकायत मनजोत सिंह चीमा ने दर्ज करवाई है। इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए मनजोत सिंह चीमा ने बताया कि वो जून 2021 के दौरान आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन का विज्ञापन देखकर उनके ऑफिस आए थे। इस दौरान उनकी आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक बन्नी से यूक्रेन जाने को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि डील के मुताबिक उसे वहां पर एक साल का टीआरसी कार्ड भी मिलेगा जिससे 50 हजार से लेकर 80 हजार रुपए तक सेलेरी भी मिलेगी।

    मनजोत का कहना है कि उसको ओपन वीजा परमिट पर विदेश यूक्रेन भेजने का वायदा करके आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक ने उससे 6 लाख रुपए की मांग की थी। उन्होंने कहा कि जिसकी अदायगी उसकी तरफ से ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के मालिक बन्नी के बैंक खाते में कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि आईक्यू ऐजुकेशन एंड इमीग्रेशन के साथ हुई डील के मुताबिक 20 सितंबर 2021 को उसकी फ्लाइट यूक्रेन के लिए करवा दी गई।

    मनजोत ने बताया कि जब वो यूक्रेन एयरपोर्ट पर उतरा तो उसे वहां बताया गया कि उसका ओपन वीजा की बजाय क्लॉज वर्क वीजा लगवाया गया। जिसके तहत उसने वहां पर सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करना था। उन्होंने बताया कि मुझे इसकी कोई समझ ही नहीं थी। मनजोत ने बताया कि उसे इस कारण 7 दिन तक एयरपोर्ट पर रोके रखा और बाद में रिटर्न फ्लाइट करवा दी गई। वहीं इस मामले को लेकर लेकर जानकारी मिली है कि पता चला है कि वरुणजोतबीर सिंह उर्फ बन्नी होठी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थानीय सैशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की हुई है।

  • ਮੇਲੇ ਪਿਆਰ ਭਾਈਚਾਰਾ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹਨ: ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੋਜੇਵਾਲ

    ਮੇਲੇ ਪਿਆਰ ਭਾਈਚਾਰਾ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹਨ: ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੋਜੇਵਾਲ

    ਬਾਬਾ ਜੀਆ ਉਦ ਦੀਨ ਸਰਕਾਰ ਦਰਬਾਰ ਪੀਰ ਚੌਧਰੀ ਦੇ ਮੇਲੇ ਵਿੱਚ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੋਜੇਵਾਲ ਨੇ ਲਿਆ ਅਸ਼ੀਰਵਾਦ

    ਕਪੂਰਥਲਾ/ਚੰਦਰ ਸ਼ੇਖਰ ਕਾਲਿਆਂ: ਮੇਲਾ ਆਪਸੀ ਭਾਈਚਾਰਕ ਸਾਂਝ, ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਸਦਭਾਵਨਾ ਵਧਾ ਕੇ ਸਾਡੇ ਰਵਾਇਤੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨੂੰ ਕਾਇਮ ਰੱਖਦੇ ਹਨ।ਇਹ ਗੱਲ ਸਾਬਕਾ ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੋਜੇਵਾਲ ਨੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਬਾਬਾ ਜੀਆ ਉਦ ਦੀਨ ਸਰਕਾਰ ਦਰਬਾਰ ਪੀਰ ਚੌਧਰੀ ਦੇ  ਸਾਲਾਨਾ ਮੇਲਾ ਤੇ ਮੱਥਾਂ ਟੇਕਦੇ ਹੋਏ ਕਹੀ। ਵੀਰਵਾਰ ਨੂੰ ਬਾਬਾ ਜੀਆ ਉਦ ਦੀਨ ਸਰਕਾਰ ਦਰਬਾਰ ਪੀਰ ਚੌਧਰੀ ਦਾ ਸਲਾਨਾਂ ਮੇਲਾ ਸਮੂਹ ਸੰਗਤਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਬੜੀ ਧੂਮ-ਧਾਮ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾ ਨਾਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ।

    ਮੇਲੇ ਵਿਚ ਸੰਗਤਾਂ ਨੇ ਬਾਬਾ ਜੀ ਦੀ ਸਮਾਧ ਤੇ ਮੱਥਾ ਟੇਕ ਕੇ ਅਸ਼ੀਰਵਾਦ ਲਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਖੋਜੇਵਾਲ ਨੇ ਬਾਬਾ ਜੀ ਦੇ ਦਰਬਾਰ ਵਿਚ ਹਾਜ਼ਰੀ ਲਗਵਾਈ। ਖੋਜੇਵਾਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੇਲੇ ਸਾਡੇ ਰਵਾਇਤੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਪਛਾਣ ਹਨ। ਅਜਿਹੇ ਸਮਾਗਮਾਂ ਨਾਲ ਆਪਸੀ ਭਾਈਚਾਰਾ ਵਧਦਾ ਹੈ। ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਅਤੇ ਸ਼ਰਧਾ ਵਧਦੀ ਹੈ। ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਮਿਲਦੀ ਹੈ। ਇਹ ਸਭ ਸਾਡੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਹਨ। ਇਸ ਲਈ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿਚ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਵਿਚ ਵੱਧਚੜ ਕੇ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਮਾਜਿਕ ਸਦਭਾਵਨਾ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਵਿੱਚ ਮੇਲੇ ਬਹੁਤ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਦਾ ਸਤਿਕਾਰ, ਸਾਰੇ ਧਰਮਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਆਦਰ ਸਨਮਾਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਪੀਰ ਚੌਧਰੀ ਮੇਲਾ ਆਪਸੀ ਭਾਈਚਾਰਕ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਸਦਭਾਵਨਾ ਦਾ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹੈ। ਖੋਜੇਵਾਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜੋ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਸੱਚੇ ਮਨ ਨਾਲ ਬਾਬਾ ਜੀ ਦੇ ਦਰਬਾਰ ਵਿਚ ਜੋ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਸੱਚੇ ਮਨ ਨਾਲ ਮਨੰਤ ਮੰਗਦਾ ਹੈ, ਬਾਬਾ ਜੀ ਉਸ ਦੀਆਂ ਮਨੋਕਾਮਨਾਵਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਤੀਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਨਾਹਰ ਧਰਮਪਾਲ ਮੋਚ, ਵਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ, ਬਾਬਾ ਰਾਜ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ, ਸੰਤੋਖ ਸਿੰਘ ਆਦਿ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

  • “ਹਰ ਘਰ ਤਿਰੰਗਾ” ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਨੇੜਲੇ ਡਾਕ ਘਰ ਤੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ਕੌਮੀ ਝੰਡਾ

    “ਹਰ ਘਰ ਤਿਰੰਗਾ” ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਨੇੜਲੇ ਡਾਕ ਘਰ ਤੋਂ ਮਿਲੇਗਾ ਕੌਮੀ ਝੰਡਾ

    ਡਾਕ ਘਰ ਵਿਖੇ ਸਥਾਪਿਤ ਸੈਲਫ਼ੀ ਪੁਆਇੰਟ

    ਕਪੂਰਥਲਾ/ਚੰਦਰ ਸ਼ੇਖਰ ਕਾਲਿਆਂ: ‘ਆਜ਼ਾਦੀ ਕਾ ਅੰਮਿ੍ਤ ਮਹਾਂਉਤਸਵ’ ਤਹਿਤ 13 ਤੋਂ 15 ਅਗਸਤ ਤੱਕ “ਹਰ ਘਰ ਤਿਰੰਗਾ” ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਜਾਣੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਸਬੰਧੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਡਾਕ ਘਰ ਕਪੂਰਥਲਾ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ/ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਵਲੋਂ ਸੂਪਰਡੈਂਟ ਰਵੀ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਇਕ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਰੈਲੀ ਕੱਢੀ ਗਈ।

    ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਰਵੀ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ “ਹਰ ਘਰ ਤਿਰੰਗਾ” ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਕੌਮੀ ਝੰਡਾ ਨਜ਼ਦੀਕ ਦੇ ਡਾਕ ਘਰ ਤੋਂ ਕੇਵਲ 25 ਰੁਪਏ ਦਾ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਡਾਕ ਘਰ ਵਿਖੇ ਇਕ ਸੈਲਫੀ ਪੁਆਇੰਟ ਵੀ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਲੋਕ ਕੌਮੀ ਝੰਡੇ ਦੇ ਨਾਲ ਫ਼ੋਟੋ ਲੈ ਕੇ #indiapost4tiranga ਦਾ ਹੈਸ਼ਟੈਗ ਲਗਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਅਕਾਊਂਟ ਤੇ ਅਪਲੋਡ ਕਰ ਸਕਣ। ਉਨ੍ਵਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਝੰਡਾ ਲਹਿਰਾਉਣ ਸਬੰਧੀ ਫਲੈਗ ਕੋਡ ਵਿਚ ਵੀ ਢਿੱਲ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਤਿਰੰਗਾ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਵੀ ਲਹਿਰਾਇਆ ਰਹਿ ਸਕਦਾ ਹੈ।

    ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ “ਹਰ ਘਰ ਤਿਰੰਗਾ” ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਸਫ਼ਲਤਾਪੂਰਵਕ ਨੇਪਰੇ ਚਾੜ੍ਹਨ ਲਈ ਕੌਮੀ ਝੰਡਾ ਲਹਿਰਾ ਕੇ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦਿਹਾੜੇ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਭਗਤੀ ਦੇ ਰੰਗ ਵਿਚ ਰੰਗ ਕੇ ਮਨਾਇਆ ਜਾਵੇ।