Blog

  • HAS एवं संबद्ध सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की

    HAS एवं संबद्ध सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की

    शिमला: वर्ष 2026 बैच के हिमाचल प्रशासनिक सेवा एवं संबद्ध सेवाओं के 27 प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। ये अधिकारी डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान, शिमला में फाउंडेशन कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि एचएएस एवं संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों की राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी ईमानदारी, समर्पण और सेवा भाव के साथ लोगों की सेवा करने का आह्वान किया।

    सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और सुशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों की समस्याओं और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान करने तथा जनता की अपेक्षाओं और विश्वास पर खरा उतरने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी राज्य का भविष्य हैं और प्रदेश के संसाधनों के संरक्षक भी, इसलिए लोगों के हितों की रक्षा करना उनकी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता, बिना किसी भेदभाव से पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने और समावेशी विकास तथा सामाजिक कल्याण के सरकार के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने पर भी बल दिया। मुख्य सचिव के.के. पंत, डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक डॉ. रूपाली ठाकुर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला GI Tag

    हिमाचल प्रदेश के आठ पारंपरिक उत्पादों को मिला GI Tag

    शिमला: हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) पंजीकरण मिल गया है। इन उत्पादों में स्पीति का सी-बकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा मेटल आर्ट, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूबड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण शामिल हैं। इन आठ नए उत्पादों के साथ अब हिमाचल प्रदेश के कुल 17 पारंपरिक उत्पादों को हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद् (हिमकोस्ट) के माध्यम से जीआई पंजीकरण मिल चुका है। ये सभी उत्पाद हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प और कृषि उत्कृष्टता का प्रतीक हैं तथा प्रदेश की विशिष्ट पहचान को दर्शाते हैं।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा पिछले साढ़े तीन वर्षों में हिमाचल की पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मौलिकता और पहचान सुरक्षित रहेगी, बाजार में इनकी मांग और मूल्य बढ़ेगा, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मान्यता हमारी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता और आजीविका के नए अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चार अन्य पारंपरिक उत्पादों को भी जीआई टैग दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। इनमें चंबा ज़िले के पांगी क्षेत्र का भोट जौ, चंबा चुख, भरमौर क्षेत्र का प्लेक्ट्रेंथस शहद तथा सिरमौर ज़िले का अदरक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन उत्पादों का जीआई पंजीकरण जल्द सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए।

    सुक्खू ने कहा कि जीआई टैग मिलने से जनजातीय समुदायों, कारीगरों, बुनकरों, किसानों और पारंपरिक उत्पादकों की आजीविका को मजबूती मिलेगी। साथ ही उत्पादों में मूल्य संवर्धन, ग्रामीण उद्यमिता और सतत आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला ने कहा कि जीआई पंजीकरण इन उत्पादों को नकली और अनाधिकृत उपयोग से बचाने का प्रभावी माध्यम है। इससे इनकी ब्रांड पहचान मजबूत होगी, बाजार में इनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी और निर्यात की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश के नौ उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। इनमें कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, चंबा रूमाल, किन्नौरी शॉल, कांगड़ा पेंटिंग, हिमाचली काला जीरा, हिमाचली चुल्ली तेल, चंबा चप्पल तथा लाहौली बुने हुए मोजे और दस्ताने शामिल हैं। इस अवसर पर डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान की निदेशक डॉ. रूपाली ठाकुर तथा पर्यावरण एवं विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद् के सदस्य सचिव डॉ. सुरेश अत्री भी उपस्थित थे।

  • राज्यपाल ने चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए एलीवेट अभियान का शुभारंभ किया

    राज्यपाल ने चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए एलीवेट अभियान का शुभारंभ किया

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए नशे के विरुद्ध सामूहिक रूप से मिशन मोड में अभियान चलाने का आह्वान किया। वह आज लोक भवन में अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एलीवेट-एक्सपीरियंस द रियल हाई, ए स्टेप टुवर्ड्स ड्रग-फ्री हिमाचल’ अभियान के शुभारम्भ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सोसायटी के राज्यव्यापी नशा जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसे आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाएगा।

    कार्यक्रम में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान तथा देश के अन्य राज्यों से प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और युवाओं ने भाग लिया।
    राज्यपाल ने इस पहल को ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान नशे की बेड़ियों से मुक्त भारत के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है, जहां युवा अपनी प्रतिभा, दृढ़ निश्चय और मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करेंगे, न कि नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद करेंगे।

    उन्होंने एलीवेट अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका अर्थ ऊंचाइयों तक पहुंचना है, लेकिन वास्तविक ऊंचाई स्वस्थ, उद्देश्यपूर्ण और सेवा-भाव से परिपूर्ण जीवन जीने में है। उन्होंने कहा कि यह पहल अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले रही है, जो युवाओं को सार्थक एवं अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

    राज्यपाल ने कहा कि यदि इस अभियान के विचारों और उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए तो हिमाचल प्रदेश नशा मुक्त राज्य बनने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर सकता है।युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे जैसी बुराई से बचाना समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका युवा पीढ़ी के निर्माण में अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यदि शिक्षक नियमित रूप से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और परामर्श करें, तो उन्हें नशे की ओर बढ़ने से रोका जा सकता है।

    राज्यपाल ने कहा कि भारत वर्ष-2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं को नशे से सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से नशे के विरुद्ध इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने तथा ‘नशा मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को सफल बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।

    उन्होंने बदलती सामाजिक संरचना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण युवाओं को पहले की तरह परिवार के बुजुर्गों का मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। इससे उनमें अकेलापन, तनाव, अवसाद और नशे की ओर झुकाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत पारिवारिक संबंध, खुला संवाद और भावनात्मक सहयोग आवश्यक है।

    राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश भी अब नशे की बढ़ती समस्या से अछूता नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का युवा वर्ग नशामुक्त रहेगा तो वह राज्य को अधिक सशक्त, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने नशा उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया तथा नशा जागरूकता पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।

    एनआईटी जालंधर के निदेशक एवं ‘एनआईटी श्रीनगर’ के अतिरिक्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनोजिया ने हिमाचल प्रदेश को भारत की आध्यात्मिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य और सरलता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऊंचे पर्वत लोगों को ऊंची सोच और उत्कृष्टता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    इससे पूर्व एलीवेट के राष्ट्रीय आउटरीच प्रमुख संयोग दत्त शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। विद्या भारती हिमाचल प्रदेश के संगठन मंत्री ज्ञान कुमार ने नशे के दुष्प्रभावों पर अपने विचार साझा किए, जबकि प्रख्यात समाजसेवी गोपाल किशन ने नशा मुक्त भारत के लिए जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।

    अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी के सदस्य मनीष शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

     

  • Punjab News : श्री सुखमनी साहिब के स्वरूप की बेअदबी मामले में हुई कार्रवाई, देखें वीडियो

    Punjab News : श्री सुखमनी साहिब के स्वरूप की बेअदबी मामले में हुई कार्रवाई, देखें वीडियो

    अमृतसर : कमिशनरेट के वेरका थाना क्षेत्र में श्री सुखमनी साहिब की बेअदबी का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है। जिसमे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में अमरजीत कौर ने बताया कि वह लोगों के घरों में सफाई का काम करके अपना गुजारा करती है। बेटा हरदीप सिंह उर्फ सोनू लंबे समय से नशे का आदी है और अक्सर नशे के लिए उससे पैसों की मांग करता रहता है।

    जानकारी देते हुए एसीपी रविंदर सिंह शिकायत के अनुसार 29 जून को शाम करीब 4 बजे वह अपने घर के बाहर बैठकर श्री सुखमनी साहिब का पाठ कर रही थी। इस दौरान हरदीप सिंह वहां पहुंचा और नशे के लिए पैसों की मांग करने लगा। जब उसकी मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो वह गुस्से में आ गया। आरोपी ने मां के हाथ से श्री सुखमनी साहिब का गुटका साहिब छीन लिया और अंग फाड़कर बेअदबी को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    जिसके बाद अमरजीत कौर ने परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी और पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वेरका पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में भी भारी रोष है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

     

     

     

  • डॉक्टर्स डे पर रोटरी क्लब ऊना ने अद्वेता हार्ट केयर एंड मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सकों को किया सम्मानित

    डॉक्टर्स डे पर रोटरी क्लब ऊना ने अद्वेता हार्ट केयर एंड मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सकों को किया सम्मानित

    ऊना सुशील पंडित : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब ऊना द्वारा अद्वेता हार्ट केयर एंड मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के विभिन्न विभागों में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को सम्मानित कर उनके प्रति समाज की ओर से आभार व्यक्त किया गया। समारोह में अस्पताल के सीएमडी डॉ. हरजिंदर सिंह, एमडी मेडिसिन डॉ. परवीन, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर, डॉ. ताहिर भट्ट, डॉ. सुमित दुबे, डॉ. तनुजा, डॉ. आशीष, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अमित, डॉ. अभिषेक, डॉ. प्रिंस, डॉ. मोमिन, डॉ. हितेश, डॉ. प्रियांजलि, डॉ. निखिल, डॉ. वैभव, डॉ. अमित तथा डॉ. निखिल सोनखला व सीईओ देसराज जरियाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

    रोटरी क्लब ऊना के अध्यक्ष रंजीत जसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सक मानवता की सबसे बड़ी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से लोगों का जीवन बचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सेवाएं समाज के लिए अमूल्य हैं और ऐसे समर्पित चिकित्सकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। अस्पताल के सीएमडी डॉ. हरजिंदर सिंह ने रोटरी क्लब ऊना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सम्मान चिकित्सकों को और अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ सेवा करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि पूरा चिकित्सकीय दल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    अस्पताल की निदेशक मोनिका सिंह तथा सीईओ देशराज नारियाल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉक्टरों का पेशा केवल व्यवसाय नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने चिकित्सकों की टीम भावना और समर्पण की सराहना करते हुए सभी को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऊना के पूर्व अध्यक्ष यशपाल सिंह ठाकुर, क्लब कोषाध्यक्ष बलदेव सिंह, उपाध्यक्ष सुरिंदर ठाकुर, मोनिका सिंह, जतिंदर कंवर तथा मनींदर अरोड़ा सहित क्लब के अन्य सदस्य एवं अस्पताल का स्टाफ भी उपस्थित रहा।

     

  • शिव कुमार सैनी बने एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष

    शिव कुमार सैनी बने एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष

    ऊना सुशील पंडित : कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) ऊना के अध्यक्ष पद पर शिव कुमार सैनी सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित निर्वाचन प्रक्रिया में समिति के नामित सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनके नाम का अनुमोदन किया। कृषि उपज मंडी समिति ऊना की सचिव अंजू वाला ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें समिति के सभी नामित सदस्यों ने भाग लिया।

    नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिव कुमार सैनी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि एपीएमसी ऊना किसानों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करेगी तथा किसानों के हक और हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। समिति के सभी सदस्य मिलकर किसानों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे। सैनी ने उन पर विश्वास जताने और सर्वसम्मति से समर्थन देने के लिए समिति के सभी सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ. वीरेंद्र सिंह पटियाल, जिला कृषि अधिकारी दविंद्र कौर, उपनिदेशक उद्यान के.के. भारद्वाज, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. संजय कुमार तथा कृषक सदस्य धर्म सिंह, के.सी. शर्मा, महिंद्र सिंह, ज्ञान चंद, जगदीश राम, रविंद्र कुमार, दर्शन लाल और सरवन कुमार उपस्थित रहे।

     

  • Struggle को याद कर Emotional हुए Ravi Kishan

    Struggle को याद कर Emotional हुए Ravi Kishan

    बोले – ‘मैं पीछे छूट गया मेरा मजाक उड़ाया गया था’ मनोरंजन: सिनेमा से लेकर राजनीति तक एक्टर रवि किशन का बड़ा नाम हो गया है। एक्टिंग और पॉलिटिक्स में वो अपनी तगड़ी छाप छोड़ चुके हैं। एक्टर और नेता के तौर पर रवि किशन फैंस के दिलों पर राज करते हैं लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। रवि किशन ने अब अपने स्ट्रगल के दिनों को याद किया है।

    रवि किशन ने बयां किया दर्द

    दरअसल रवि किशन इन दिनों रियलिटी शो अलायंस में अपनी बेटी संग नजर आ रहे हैं। शो में वो बाकी कंटेस्टेंट्स संग अपनी सालों की लंबी जर्नी और मुश्किलों पर बातचीत करते हुए दिखाई दिए। एक्टर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्होंने काफी कुछ सहा है। रवि किशन ने कहा कि – ‘मेरी जिंदगी में मैं ऐसे कई लोगों से मिला हूं जो अतीत में मेरा मजाक उड़ाते थे वो लोग 90s में स्टार बन रहे थे और मैं उन्हें आगे बढ़ते हुए देख रहा था’। रवि किशन ने आगे बताया था कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार करने में सालों लगा दिए है। उन्होंने वो हर हुनर सीखा जो उनके अनुसार, एक्टर में होना चाहिए। इस बारे में उन्होंने बताया कि – ‘मेरी आवाज अच्छी थी। मुझे घुड़सवारी, एक्शन आता था। उर्दू, हिंदी पर मेरी कमांड थी। मैंने थिएटर किया था और यहां तक कि डांस भी सीखा था’। फिल्मों के लिए मैं पूरी तरह से तैयार था लेकिन फिर भी मैं पीछे छूट गया जबकि बाकी सब लोग मुझसे आगे निकल गए थे। मैं खुद से कहता था कि यदि उनका समय आया है तो मेरा समय भी आएगा लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि मेरा समय 34 साल बाद आएगा।

    तारीफ होने लगी

    एक्टर ने आगे बताया कि उनके लिए समय का पहिया उस समय घूमा जब उनकी एक्टिंग को लोग पसंद करने लगे और उनकी तारीफ होने लगी है। रवि किशन बोले – ’34 साल बाद मुझे कामयाबी मिली। उस साल मैंने बेस्ट एक्टर के सारे अवॉर्ड जीते। मैं उन मंचों पर गया जहां मुझे पहले कभी नहीं बुलाया जाता था। लोग मुझे कभी इनवाइट नहीं करते थे। हर कोई मेरा मजाक उड़ता था। किसी को यकीन नहीं था कि मैं कुछ नहीं कर सकता हूं लेकिन आज मैं यहां हूं। रवि किशन की जर्नी के बारे में सुनकर शो के बाकी कंटेस्टेंटस उनसे काफी इंप्रेस नजर आए’। एक्टर के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने 1990 की शुरुआत में पीतांबर, आतंक, आर्मी और जख्मी दिल जैसी हिंदी फिल्मों से अपने एक्टिंग जर्नी की शुरुआत की थी। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया है लेकिन सुपरस्टार का दर्जा उन्हें भोजपुरी फिल्मों से मिला है।        
  • शिक्षा मंत्री ने पूर्व मंत्री राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया

    शिक्षा मंत्री ने पूर्व मंत्री राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया

    शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने के पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। ठाकुर ने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह एक सम्मानित, अनुभवी एवं जनप्रिय नेता थे, उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के कार्यकाल में भी स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती और विस्तार के लिए अपनी बहुमूल्य सेवाएं दीं।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह वर्ष 1977, 1982, 1985, 1990 तथा 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और विशेष रूप से प्रदेश के विकास तथा विशेषकर नालागढ़ क्षेत्र के लोगों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया।

    रोहित ठाकुर ने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह अपनी सादगी, समर्पण और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए सदैव याद किए जाएंगे। राज्य की प्रगति और जनकल्याण के लिए उनके अमूल्य योगदान को हमेशा स्मरण किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करने की भी प्रार्थना की है।

  • पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने समीक्षा बैठक में राशन डिपो

    पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने समीक्षा बैठक में राशन डिपो

    आंगनवाड़ी केंद्रों और मिड-डे मील व्यवस्था का लिया जायजा

    चंडीगढ़/मानसा : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत गठित पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन  बाल मुकंद शर्मा ने आज जिला प्रबंधकीय परिसर, मानसा में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर विधायक डॉ. विजय सिंगला तथा अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उन्होंने जिले में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों, राशन डिपो तथा सरकारी विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।

    बाल मुकंद शर्मा ने जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संतोषजनक परिणामों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा भेजी गई 70 हजार राशन किटों में से 93 प्रतिशत किटें लाभार्थियों तक सफलतापूर्वक पहुंचाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इन किटों में चीनी, दाल, नमक, हल्दी और सरसों का तेल जैसी दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें लेकर आम जनता से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है।

    खाद्य आयोग की अनुशंसाओं का उल्लेख करते हुए चेयरमैन ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विद्यालय में ‘पोषण वाटिका’ स्थापित करना आवश्यक किया गया है। उन्होंने इस बात पर मानसा जिला प्रशासन की सराहना की कि जिले के 60 प्रतिशत सरकारी विद्यालयों में ऐसी वाटिकाएं स्थापित की जा चुकी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन वाटिकाओं में सब्जियां, फल, औषधीय पौधे, आंवला, सहजन, करी पत्ता तथा पुदीना आदि विशेष रूप से लगाए जाएं, ताकि इनका उपयोग मिड-डे मील को अधिक पौष्टिक बनाने में किया जा सके।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों के सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ हर हाल में पहुंचाया जाए। साथ ही, सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैगों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी छात्र तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों की चपेट में न हो। उन्होंने विद्यालयों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक संबंधी सरकार के निर्देशों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

    बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि पारदर्शिता और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए खाद्य आयोग का हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी विद्यालय, राशन डिपो तथा सार्वजनिक कार्यालय में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी शिकायत की स्थिति में आम नागरिक सीधे संपर्क कर सकें। उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत एवं सुझाव पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई की जाती है। इस अवसर पर विधायक डॉ. विजय सिंगला ने कहा कि पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन एवं सदस्यों द्वारा समय-समय पर जिलों का दौरा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा करना तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना अत्यंत सराहनीय पहल है।

    अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का आपसी समन्वय के साथ अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार कार्ययोजना तैयार करने तथा पोषण वाटिकाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं विकसित करने पर भी विशेष बल दिया। बैठक में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मनदीप सिंह मान, जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) नीलम रानी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) मंजू बाला, मुख्य कृषि अधिकारी हरविंदर सिंह सिद्धू, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत द्वारा बागवानी विभाग के कार्यों की समीक्षा

    कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत द्वारा बागवानी विभाग के कार्यों की समीक्षा

    प्रशासनिक सुधारों और किसान-हितैषी विकास पर दिया जोर

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने आज चंडीगढ़ में बागवानी विभाग के कार्यों की विशेष समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर बागवानी विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद तथा बागवानी निदेशक मनीष कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे।

    बैठक के दौरान मंत्री मोहिंदर भगत ने बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं और पहलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित परियोजनाओं और प्रशासनिक मामलों का समयबद्ध ढंग से निपटारा किया जाए, ताकि बागवानी क्षेत्र को और अधिक विकसित किया जा सके तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    भगत ने बागवानी विभाग में रिक्त पदों को भरने तथा अधिकारियों की पदोन्नति संबंधी प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि विभाग की कार्यक्षमता और अधिक प्रभावी बन सके। इसके अतिरिक्त, मोहिंदर भगत ने विभिन्न बागवानी योजनाओं के तहत मशीनरी की खरीद तथा अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।