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पंजाब के साथ लगती सीमाओं पर बढ़ी चौकसी, हिमाचल में हाई अलर्ट, वाहनों की हो रही चेकिंग
ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश में बढ़ रही खालिस्तानी गतिविधियों के बाद हिमाचल पुलिस ने प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पुलिस मुख्यालय के आदेशों के बाद पंजाब के साथ लगते जिला ऊना में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिला ऊना के प्रवेश द्वारों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है, पुलिस के साथ-साथ ख़ुफ़िया एजेंसियां भी एक्टिव हो गई है। हिमाचल में प्रवेश करने वाली हर गाड़ी की जांच पड़ताल करके ही प्रदेश में एंट्री दी जा रही है।हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही खालिस्तानी गतिविधियों और आतंकी गुरपतवंत सिंह( पुन्नू) द्वारा हिमाचल में खालिस्तान को लेकर जनमत संग्रह करने की धमकी के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है, ऊना पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वीते रविवार को धर्मशाला स्थित शीतकालीन सत्र विधानसभा के गेट पर खालिस्तान के झंडे लगे मिले थे और दीवारों पर खालिस्तान लिखा गया था।वीते माह ही जिला ऊना मुख्यालय पर डीसी ऑफिस की दीवार पर भी खालिस्तानी झंडा लगा दिया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है। जिला ऊना में पंजाब से प्रवेश करने के करीब बीस रास्ते हैं यहां से हिमाचल में प्रवेश किया जा सकता है। परंतु पुलिस मुख्यालय से मिले आदेशों के बाद जिला के मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।इस संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण धीमान ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से मिले आदेशों के अनुसार जिला भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और जिला ऊना में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच पड़ताल करने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। और जिले में हो रही गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। -

निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करें: सत्ती
लोक निर्माण अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
ऊना/सुशील पंडित: ऊना विधानसभा के भीतर चल रही विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाए तथा वरिष्ठ अधिकारी भी व्यक्तिगत तौर पर नियमित रूप से निर्माण स्थल का दौरा करके स्वयं कार्य प्रगति की समीक्षा करें और सरकार को फीडबैक उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने आज रक्कड़ में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ ऊना विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये।
सत्ती ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान भले ही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में कुछ विलम्ब अवश्य हुआ है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की ढील को सहन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य सरकार द्वारा सभी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त धनराशि उपलब्ध करवा दी गई है, फिर भी किसी प्रकार की आवश्यकता के लिए मामला तुरन्त सरकार के ध्यान में लाएं ताकि शीघ्र समाधान करके कार्य प्रगति में किसी भी प्रकार का अविलम्ब न हो।उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ऊना विधानसभा क्षेत्र में भवनों, सड़कों, पुलों तथा स्टेडियम के निर्माण सहित विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ भी पहले से तालमेल बनाकर रखें ताकि बिजली, पानी, सीवरेज़ प्रणाली जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय पर स्थापित करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ऊना विस में चल रहे 2000 करोड़ के विकास कार्य
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में ऊना विस में लगभग 2000 करोड़ रूपये की धनराशि से अनेकांे महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहे हैं। 450 करोड़ रुपए की लागत से पीजीआई सेटेलाइट सेंटर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 20 करोड़ रुपए की लागत से मातृ-शिशु अस्पताल व 8.31 करोड़ रुपऐ की लागत सेें ट्रॉमा सेंटर, 22 करोड़ रुपए की लागत से ऊना में लघु सचिवालय, 29 करोड़ रुपये की राशि व्यय कर ऊना के रामपुर में सब्जी मण्डी भवन, 49 करोड़ रुपए से व्यावसायिक पुर्नवास केंद्र भवन, 3.33 करोड़ की लागत से ऊना में विश्राम गृह, 8.55 करोड़ रुपऐ से आईटीआई मैहतपुर, 7 करोड़ से आईटीआई ऊना के बी-ब्लॉक, 4 करोड़ से सीएचसी बसदेहड़ा का भवन के अलावा ऊना उपमंडल में सड़कों के रख-रखाव तथा अपग्रेडेशन पर लगभग 40 करोड़ रूपए की धनराशि व्यय की जा रही है। इसी तरह अन्य विभागों से भी करोड़ों रूपये की परियोजनाएं लोगों की सुविधा के लिए तैयार की जा रही हैं।बैठक में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण जीएस राणा व अधिशाषी अभियंता राजेश गर्ग, जिला खेल अधिकारी कुलदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
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डीसी घनश्याम थोरी ने जेडीए के मुख्य प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार संभाला
जालंधर (वरुण)। डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने जालंधर विकास अथारिटी के मुख्य प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। पद का कार्यभार संभालने उपरांत घनश्याम थोरी ने कहा कि जे.डी.ए. के रोजाना के कामकाज में और ज्यादा जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अथारिटी के अधिकार क्षेत्र अधीन आते क्षेत्रों का विकास योजनाबद्ध ढंग के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक क्षेत्र को कवर करने के इलावा जिले के सर्वपक्क्षीय विकास पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।

यहाँ जे.डी.ए कंपलैक्स में फील्ड आधिकारियों के साथ बातचीत करते डिप्टी कमिशनर ने नई योजनाएं बनाने के साथ-साथ लोगों को निर्विघ्न बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने पर ज़ोर दिया। अधिकारी /कर्मचारियों ने राज्य सरकार की नीति को इन्न -बिन्न लागू करने में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस मौके अतिरिक्त मुख्य प्रशासक रजत ओबराए, कार्यकारी इंजीनियर यादविन्दर सिंह, सुपरडैंट रवीन्द्र सिंह, लेखा अधिकारी किरन कुमार शर्मा, सी.ए.अवतार चंद आदि मौजूद थे।
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नवजोत सिद्धू की सीएम भगवंत मान से मीटिंग खत्म, जानें क्या हुई बातचीत
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू की सीएम भगवंत मान से मीटिंग खत्म हो गई है। चंडीगढ़ स्थित सिविल सेक्रेट्रिएट में करीब 50 मिनट दोनों की मुलाकात चली। बाहर आकर उत्साहित दिख रहे सिद्धू ने कहा कि अब पंजाब के गद्दारों का वक्त आ गया है। सीएम मान से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। मैंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी यह बातें कही थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। सिद्धू ने कहा कि अगर सीएम मान ने काम कर दिया तो मैं जय-जयकार करूंगा। अगर नहीं हुए तो पहरेदारी करता रहूंगा।
सिद्धू ने पहले सीएम मान की तारीफ की। सिद्धू ने कहा कि मैं यहां पंजाब के उत्थान के लिए आया था। सीएम में कोई अहंकार नहीं है। जैसे वह 10-15 साल पहले थे, वैसे ही आज भी हैं। शायद उससे ज्यादा विनम्र हैं।
सिद्धू ने कहा कि मैंने मान को कहा कि ठेकेदारी सिस्टम से पंजाब को गिरवी रख दिया गया है। इस सिस्टम के पीछे नेता खड़ा है। मेरी निजी नहीं बल्कि सिस्टम के खिलाफ लड़ाई थी, जो आज भी जारी है। मैंने कहा कि जिस दिन रेत में ठेकेदारी खत्म कर दी, नेता गिर जाएगा। जिस दिन रेट फिक्स कर दिया तो सब ठीक हो जाएगा।
सिद्धू ने कहा कि शराब से हम 25 हजार करोड़ कमा सकते हैं। सरकार को जांच करनी चाहिए कि किसके पास L1 का लाइसेंस है। कौन नेता चोरी और सीनाजोरी करता था। सिर्फ इसी लाइसेंस से सरकार 10 हजार करोड़ कमा सकती है।
सिद्धू ने कहा कि मैंने सीएम को केबल की मोनोपॉली तोड़ने को कहा है। मनमर्जी से कहीं भी तारें डाली जा रही हैं। केबल पर क्या चलेगा क्या नहीं? इसके लिए मनमर्जी की जा रही है। यह सब बंद होना चाहिए
सिद्धू ने कहा कि मैंने सीएम को स्टेंडर्ड टेंडर सिस्टम बनाने की बात कही है। जो सीएम के नीचे हो। हालात यह हैं कि कानून विधायकों ने बनाने थे लेकिन उसे कंपनियां बना रही थी। सिद्धू की सीएम मान से मुलाकात और उनकी तारीफ करने के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। सिद्धू की कांग्रेस में हालत ठीक नहीं है। अब कांग्रेस में उन पर अनुशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इससे चर्चा शुरू हो गई है कि सिद्धू क्या फिर पार्टी बदलने जा रहे हैं।
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पुलिस भर्ती पेपर लीक प्रकरण, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने ऊना में किया विरोध प्रदर्शन
ऊना/सुशील पंडित: ऊना ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह रायजादा की अगुवाई में किए गए प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं से लेकर कांग्रेस पार्टी के तमाम फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान एमसी पार्क से लेकर मिनी सचिवालय तक प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष रैली निकाली।विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का यह कार्यकाल घपलों घोटालों से भरा रहा है। इस सरकार के कार्यकाल में जो भी भर्ती हुई है उसमे धांधलियां हुई है, जिससे युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। विधायक रायजादा ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि इस वक्त पूरा प्रदेश सरकार से पुलिस की लिखित परीक्षा से ठीक पहले लीक हुए पेपर मामले का जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को हर घोटाले का जवाब जनता को देना ही होगा। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा प्रदेश में सत्ता की बागडोर संभाल रही है, तब से लेकर आज तक हर विभाग में घोटाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई भी अपने चरम पर है। आज सिलेंडर के दाम एक हजार से ऊपर हो गया है। सिलेंडर के दाम एक-दो रुपये नहीं, बल्कि 30 से 50 रुपये की बढ़ोतरी हो रही है। जिससे आम आदमी के लिए सिलेंडर भरवाना भी बोझ सा बन गया है।वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष राणा रणजीत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को आम आदमी से कोई लेना देना नहीं है। ये अमीरों की सरकार है। गरीब आदमी से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि आम जनमानस की आवाज कांग्रेस पहले भी उठाती आई थी, और आगे भी उठाती रहेगी।उन्होंने प्रदेश सरकार पर हर परीक्षा से पहले पेपर लीक कराने का आरोप भी लगाया।राणा रणजीत सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में ना सिर्फ पेपर की खरीद-फरोख्त करने वाले लोग शामिल हैं, बल्कि पुलिस और सरकार के लोगों की भी इसमें मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में अप्रत्याशित अंक हासिल किए हैं, उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परीक्षा से पूर्व पेपर लीक होने का यह कोई पहला मामला नहीं है।इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राणा रंजीत, ब्लॉक प्रधान रविंद्र सहोड़, प्रदेश महासचिव संजीव कंवर, बोधराज, जिला ऊना महासचिव अभिनव कुमार, महिला प्रधान सीमा, शहरी प्रधान राज भारद्वाज, मुकेश पुरी, रविकांत बस्सी, वरूण पुरी, विक्की सैणी, चांद ठाकुर, शिव कुमार सैणी, जसवीर कौर, मधु वाला, रीतू वाला, सतिंद्र शुक्ला, पकंज, जसवीर, प्रिन्स मक्कर,अंकुश,योगराज, मयंक खन्ना सहित अन्य उपस्थित रहे। -

बाल सरंक्षण ईकाई ऊना ने लगाया रावमापा देहलां व बहडाला में जागरूकता शिविर
ऊना/सुशील पंडित: जिला बाल सरंक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहडाला व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देहलां में जिला बाल सरंक्षण इकाई ऊना द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर में नशों, यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम 2012 व स्वापक औषधि और मनोदैहिक पदार्थ अधिनियम 1985 बारे स्कूली बच्चों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि जागरूकता शिविर में 400 स्कूली बच्चों ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य देहलां राजेश कुमार, प्रधानाचार्य बहडाला हरीश जोशी, सरंक्षण अधिकारी अभिमन्यु कपूर सहित स्कूल के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
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श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। श्रीलंका में आजादी के बाद से अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट के बीच प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे का पत्र स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर चन्ना जयासुमना ने राष्ट्रपति को सौंप दिया है। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने यह इस्तीफा दिया है, जबकि कई बार उनके भाई और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे उनसे पद छोड़ने को कह चुके हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने श्रीलंका के आर्थिक हालात को लेकर हुई बैठक में उसने अपना पद छोड़ने को कहा था। उन्होंने कहा था कि देश में जारी राजनीतिक संकट के बीच उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
गौरतलब है कि श्रीलंका में आर्थिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग भुखमरी की कगार पर हैं। खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। मजदूर और व्यापारिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल कर दी है। पिछले हफ्ते छात्रों ने सरकार के खिलाफ श्रीलंका की संसद में घुसने की कोशिश की थी।
इन्हें रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार करनी पड़ी थी। लोगों में सरकार के खिलाफ जबर्रदस्त गुस्सा और आक्रोश है। लोग प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ श्रीलंका सरकार के सभी मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। सरकार ने विपक्षी नेताओं से अपील की थी कि वो मंत्री बनकर सरकार चलाने में मदद करें लेकिन विपक्ष ने भी हाथ खड़े कर लिए थे।
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जालंधरः अवैध शराब सहित एक गिरफ्तार एक फरार…
जालंधर (वरुण)। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा शराब माफिया के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस ने बस्ती पीरदाद रोड कमल विहार में कई नशा तस्करों के घर रेड की गई।सूचना के अधार पर छापामारी की गई छापामारी दौरान16 पेटियां, 6 बोतलें अलग-अलग मार्का की शराब बरामद हुई। इस दौरान एक व्यकित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार हो गया।
इसी तरह भार्गव कैंप इलाके श्री गुरु रविदास चौक के निकट पैदल आ रहे साहिल निवासी न्यू मॉडल हाउस को पुलिस टीम ने 11 बोतलों सहित काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कारवाई शुरू कर दी है।
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इनरव्हील ऊना उमंग क्लब को जालंधर में मिले पुरस्कार
ऊना/सुशील पंडित: आज जिला अवॉर्ड फंक्शन जालंधर में जिला चेयरमैन गुनिंदर कौर की तरफ से इनरव्हील ऊना उमंग क्लब को मिले अलग-अलग कैटेगरी में अनेकों अवार्ड।इनरव्हील ऊना उमंग क्लब को जालंधर (पंजाब) में आयोजित अवार्ड कार्यक्रम में अनेक पुरस्कार मिले हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला-307 चेयरपर्सन जिला चेयरमैन गुनिंदर कौर द्वारा किया गया था। इसमें फर्स्ट प्राइज सशक्तिकरण को, सेकंड प्राइस स्लम एरिया में गरीबों की मदद करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ फर्स्ट प्राइज सिलाई सेंटर खोलने के लिए मिला, इनरव्हील ऊना उमंग क्लब को एवं फर्स्ट पिक अवार्ड स्लम एरिया में आग लगने से गरीबों की झोपड़ी मैं नुकसान हुआ था और तब इनरव्हील क्लब ने स्लम एरिया में सबसे पहले उनकी सहायता की थी।इसके अलावा सेकंड प्राइस स्लम एरिया में पिछले 4 साल से लगातार गरीब लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर निर्विघ्न चल रहा है, इसके अलावा फर्स्ट प्राइज आउटस्टैंडिंग प्रेसिडेंट का बेस्ट अवार्ड क्लब की अध्यक्ष मैडम अनुराधा वर्मा को मिला, एवं क्लब की सैक्ट्री दीपिका सांची बस्सी को मिला, इसके अलावा राइस एवं सर्टिफिकेट क्लब की कोषाध्यक्ष मैडम मीनाक्षी नाथ, बेस्ट मीडिया कवरेज का पुरस्कार प्रोफेसर शशि कंवर को मिला, पिंक बेस्ट अवार्ड कमलेश वर्मा, इसके अलावा क्लब के सभी सदस्यों को अच्छा काम करने के लिए सर्टिफिकेट दिए गए। जिसमें वैशाली धवन, सुकेली जसवाल, साधना चड्ढा को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। -

डीजीपी पंजाब ने कोविड-19 के कारण शहीद हुए पंजाब पुलिस के जवानों को श्रद्धांजलि की अर्पित
पीड़ित परिवारों को 3 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी
डीजीपी वी.के. भावरा ने पंजाब पुलिस के जवानों के बलिदान को मान्यता देने के लिए मैनकाइंड फार्मा का किया धन्यवाद
कोविड-19 महामारी के कारण पंजाब पुलिस फोर्स के 94 जवानों की जान गई
जालंधर (वरुण)। डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब वी.के. भावरा ने आज सम्मान और कृतज्ञता के तौर पर पंजाब पुलिस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान पंजाब के नागरिकों की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान की थीं।

आज यहाँ फिल्लौर में महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी (पी.पी.ए.) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी ने पंजाब पुलिस के कोविड-19 शहीदों के हरेक परिवार को वित्तीय सहायता के तौर पर 3-3 लाख रुपए के चैक सौंप कर सम्मानित भी किया।
यह समारोह पंजाब पुलिस के वैलफेयर विंग द्वारा मैनकाइंड फार्मा के सहयोग से महामारी के दौरान शहीद हुए पंजाब पुलिस के कर्मचारियों के परिवारों को सम्मानित करने के लिए करवाया गया। इस मौके पर एडीजीपी कल्याण अर्पित शुक्ला, एडीजीपी शिकायत एम.एफ. फारूकी, डायरैक्टर पी.पी.ए. फिल्लौर ए.डी.जी.पी. अनीता पुंज, मैनकाइंड फार्मा के डिवीजनल सेल्ज मैनेजर सुशील कुमार वेशभूषा और अनिल खंडूरी उपस्थित थे।
डीजीपी वी.के. भावरा ने उनके बलिदान को अद्वितीय और ना भूलने योग्य करार देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण पंजाब पुलिस फोर्स के तकरीबन 94 जवानों की जान गई थी, जिनमें दो गज़टिड अधिकारी और 18 होम गार्ड हैं।

उन्होंने कहा कि चाहे पैसे से इस नुकसान की भरपायी नहीं की जा सकती, यह सरकार द्वारा शहीदों को मान्यता देने के साथ-साथ पीडि़त परिवारों की थोड़ी सी मदद देने का विनम्र सा यत्न है। उन्होंने पारिवारिक सदस्यों को हर तरह की मदद का आश्वासन भी दिया।
डीजीपी ने मैनकाइंड फार्मा के प्रयास की सराहना की और पंजाब पुलिस के जवानों के बलिदान को मान्यता देने के लिए उनका धन्यवाद किया।
जि़क्रयोग्य है कि मैनकाइंड फार्मा द्वारा वित्तीय सहायता की पेशकश उनकी पहलकदमी ‘नमन’ के हिस्से के तौर पर की, जिसका मंतव्य कोविड-19 फ्रंटलाईन योद्धाओं के बलिदान को सजदा है, जिन्होंने ड्यूटी से परे जाकर दूसरों की मदद करते हुए अपनी जान कुर्बान की। प्रमुख भारतीय फार्मा कंपनी मैनकाइंड वर्तमान में 20,000 कर्मचारियों के साथ 35 बाहर के देशों में काम कर रही है और विश्व स्तर पर वाजिब कीमतों पर दवाएँ प्रदान करती है।
ए.डी.जी.पी. कल्याण अर्पित शुक्ला ने कोविड-19 के कारण शहीद हुए पंजाब पुलिस के जवानों के परिवारों का धन्यवाद किया, जो अपना समय निकाल कर अपने प्यारों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस समारोह में शामिल हुए।
इस मौके पर डी.आई.जी. जालंधर रेंज एस. बूपती, कमांडैंट-कम-डिप्टी डायरैक्टर पी.पी.ए. फिल्लौर हरमनबीर सिंह गिल, ए.आई.जी. कल्याण सुखवंत सिंह गिल और एस.एस.पी. जालंधर ग्रामीण स्वप्न शर्मा भी उपस्थित थे।