नई दिल्लीः केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आम जनता को सस्ती गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए गली-मोहल्लों के बाद अब देशभर के रेलवे स्टेशनों पर भी ‘जन औषधि केंद्र’ खोलने जा रही है। प्रथम चरण में विभिन्न राज्यों के 50 रेलवे स्टेशनों को इसके लिए चुना गया है। इसके बाद सभी बड़े-प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। जन औषधि केंद्रों पर रेल यात्री सहित आम नागरिक सस्ती दवाइयां खरीद सकेंगे। वहीं, इस कदम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रेलवे बोर्ड ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) के तहत रेलवे स्टेशेनों पर केंद्र खोलने संबंधी नीति लागू कर दी है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशनों के परिसर में यह जन औषधि केंद्र ऐसे स्थानों पर खोले जाएंगे, जहां रेल यात्री सहित आम जनता का आवागमन हो। देशभर में 50 रेलवे स्टेशनों पर ऐसे केंद्र खोलने के लिए विशेष प्रकार के स्टॉल बनाए जाएंगे। इसकी डिजाइन राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) तैयार करेगा। औषधि केंद्र ऑनलाइन टेंडर के जरिए आवंटित किए जाएंगे, जहां पर जेनेरिक दवाइयां बेची व स्टोर की जा सकेंगी। इसके पूर्व केंद्र को चलाने वाले को रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो (पीएमबीआई) के साथ समझौता करना होगा। अधिकारी ने बताया कि केंद्रों के आवंटन में व्यक्तिगत उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी।








