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  • मोहाली के बाद अब Jalandhar में एक तरफा प्यार में झुलसा व्यक्ति

    मोहाली के बाद अब Jalandhar में एक तरफा प्यार में झुलसा व्यक्ति

    जालंधरः मोहाली में एक तरफा प्यार का खूनी मामला सामने आने के बाद अब महानगर के लद्दोवाल य़ूनिवर्सिटी के समीप संगम बिहार से एक तरफा प्यार का एक ओर मामला सामने आया है।  बताया जा रहा है हितेश नामक व्यक्ति लड़की से कई माह से बातचीत करता था।

    आज वह अपनी प्रेमिका से मिलने से पहुंचा था। इसी दौरान व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। इस घटना मे व्यक्ति बुरी तह आग की चपेट मे आने से झुलस गया।

    जिसके बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले संबंधी  पुलिस को सूचना दे दी गई। लेकिन व्यक्ति द्वारा खुद को आग किसने और किस कारण से लगाई गई इसका पता नहीं चल पाया है।

     

  • भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा

    भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा

    पंजाब में जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ आंदोलन को मिली और मजबूती

    चंडीगढ़ : पंजाब में भगवंत मान सरकार की नशा मुक्ति संबंधी प्रमुख पहल ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को गांव स्तर पर विशेष रूप से नियुक्त ई-रिक्शों के माध्यम से बड़ा बल मिल रहा है। ये ई-रिक्शे पंजाब के 86 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं और लोगों में नशा विरोधी जागरूकता पैदा करने के लिए एक पायलट परियोजना का हिस्सा हैं। इस अभियान के अंतर्गत पायलट परियोजना के लिए राज्य के 23 जिलों में से प्रत्येक जिले से एक विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में एक ई-रिक्शा, जो 40 गांवों को कवर करता है, संचालित किया गया है ताकि नशों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के साथ-साथ नशा तस्करों तथा नशा मुक्ति उपचार की आवश्यकता वाले लोगों के बारे में गोपनीय जानकारी प्राप्त की जा सके। अब तक यह ई-रिक्शा पहल पूरे राज्य के 3,440 गांवों तक पहुंच चुकी है, जो पंजाब के कुल गांवों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

    ई-रिक्शे उन लोगों तक भी नशा विरोधी जागरूकता का संदेश पहुंचा रहे हैं, जहां सामान्य रूप से पहुंचना आसान नहीं होता। ये ई-रिक्शे गांव-गांव जाकर नशों के हानिकारक प्रभावों तथा पुनर्वास के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। यह पहल भगवंत मान सरकार की नशों के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय लोगों को सहभागी बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। गांव स्तर पर गठित विलेज डिफेंस कमेटियां (वीडीसी) इस अभियान की प्रभावशीलता पर निगरानी रखने और सरकार को फीडबैक देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कई जिलों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार ई-रिक्शों की तैनाती के बाद विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सदस्यों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। समिति सदस्यों के अनुसार जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ी है, गांव स्तर की बैठकों में अधिक लोग शामिल हो रहे हैं तथा नशों से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों और स्थानीय अधिकारियों के बीच संवाद बेहतर हुआ है।

    जून माह की समीक्षा बैठकों का दौर जारी

    इस फीडबैक पर जून माह के दौरान आयोजित की जा रही बैठकों में व्यापक चर्चा की जा रही है। निर्धारित समीक्षा प्रणाली के अनुसार जून के प्रथम सप्ताह में विधानसभा स्तर की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें संबंधित विधायक, एसडीएम, डीएसपी, एसएचओ, विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के संयोजक और कार्यकारी अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। कार्यकारी अध्यक्षों और वीडीसी संयोजकों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके बाद जून के दूसरे सप्ताह में वीडीसी बैठकों का आयोजन होगा, जिनमें ब्लॉक समन्वयक, वीडीसी संयोजक, वीडीसी कार्यकारी प्रधान और वीडीसी सदस्य भाग लेंगे। इन बैठकों में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा, नई शिकायतों का मूल्यांकन तथा गांव स्तर पर ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की समग्र प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जून के तीसरे सप्ताह में मंत्रियों तथा सिविल एवं पुलिस प्रशासन की अगुवाई में बैठक आयोजित होगी, जिसमें दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और विधानसभा तथा ब्लॉक समन्वयकों से फीडबैक लिया जाएगा। अंतिम सप्ताह में माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे, लंबित शिकायतों की स्थिति का जायजा लेंगे तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देंगे।

    यह सुव्यवस्थित समीक्षा प्रक्रिया नशा विरोधी पहलों में मान सरकार की जवाबदेही और निरंतर निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये बैठकें वीडीसी संयोजकों, कार्यकारी प्रधानों , ब्लॉक समन्वयकों तथा प्रतिनिधियों से फीडबैक प्राप्त करने और अभियान के अंतर्गत की गई विभिन्न पहलों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ई-रिक्शा अभियान मान सरकार की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। लोगों से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ ये ई-रिक्शे नशों के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा उनसे मुक्ति के उपायों पर संवाद स्थापित करने में मदद कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इन मोबाइल इकाइयों के माध्यम से चलाए जा रहे आउटरीच कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे सरकार की ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ पहल एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।” भगवंत मान सरकार का मानना है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई के माध्यम से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। जागरूकता, जनभागीदारी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं हैं। इसी कारण ई-रिक्शा पहल को नशों के विरुद्ध लड़ाई में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

  • Punjab News: ट्रक और कंटेनर की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, 2 गंभीर घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: ट्रक और कंटेनर की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, 2 गंभीर घायल, देखें वीडियो

    जीरकपुरः शहर से एक भीषण सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। जहां, बताया जा रहा है कि ट्रक और कंटेनर की टक्कर के बीच एक कार बुरी तरह फंस गई,  जिससे कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया,  जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
    जानकारी के अनुसार देर रात छत लाइट प्वाइंट पर एक ट्रक और कंटेनर के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भारी वाहनों के बीच चल रही कार चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गौरतलब है कि एक दिन पहले भी इसी स्थान पर दो ट्रालों के बीच भीषण टक्कर हुई थी। लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय लोगों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि ओवरस्पीड, भारी वाहनों की लापरवाही और रात के समय ट्रैफिक नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से छत लाइट प्वाइंट पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने, ट्रैफिक निगरानी बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।        
  • Punjab News: युवती की हत्या कर शव सूटकेस में बंद कर जंगल में फेंका, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो 

    Punjab News: युवती की हत्या कर शव सूटकेस में बंद कर जंगल में फेंका, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो 

    नवांशहरः जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। जहां, एक तलाकशुदा महिला के प्रेमी पर उसकी बेटी की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद करके खुरालगढ़ के नजदीक जंगलों में फेंकने का आरोप लगा है।

    मिली जानकारी के अनुसार नवांशहर में किराये के मकान में रह रही एक महिला की बेटी की उसके प्रेमी द्वारा कथित तौर पर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक अटैची (सूटकेस) में बंद कर खुरालगढ़ के नजदीक जंगलों में फेंक दिया।

    मामले की सूचना मिलते ही नवांशहर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने के बाद आज आरोपी को अदालत में पेश किया गया।

    इस संबंध में नवांशहर के एसएचओ अवतार सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने मामले पर अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने पुष्टि की कि घटना हुई है और आरोपी युवक, जो तलाकशुदा महिला का प्रेमी बताया जा रहा है, ने इस वारदात को अंजाम दिया है।

    उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में विस्तृत खुलासा जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया जाएगा।

     

  • भारत को रूस का बड़ा ऑफर: Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट बनाने और विकसित करने का मिला खुला प्रस्ताव

    भारत को रूस का बड़ा ऑफर: Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट बनाने और विकसित करने का मिला खुला प्रस्ताव

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट Su-57 को लेकर बड़ा प्रस्ताव दिया है। पुतिन ने कहा है कि रूस भारत के साथ मिलकर इस विमान का विकास, उत्पादन और आगे की तकनीकी उन्नति करने के लिए पूरी तरह तैयार है। खास बात यह है कि इस साझेदारी में तकनीक साझा करने पर किसी तरह की रोक या शर्त नहीं होगी।

    पुतिन ने क्या कहा
    वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ हुई बातचीत के दौरान एक भारतीय पत्रकार ने Su-57 को लेकर सवाल पूछा। इसके जवाब में पुतिन ने कहा कि रूस पहले भी भारत को इस विमान के संयुक्त विकास का प्रस्ताव दे चुका है।

    उन्होंने कहा कि Su-57 दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। रूस चाहता था कि भारत इस परियोजना में साझेदार बने, लेकिन उस समय भारत ने इस पर आगे बढ़ने का फैसला नहीं किया।

    संयुक्त परियोजना बन सकती थी Su-57
    पुतिन ने बताया कि शुरुआत में Su-57 को भारत और रूस मिलकर विकसित कर सकते थे। हालांकि बाद में रूस ने इस परियोजना को अपने स्तर पर पूरा किया और विमान को तैयार कर लिया।

    अब रूस एक बार फिर भारत को इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे रहा है। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के साथ मिलकर इस विमान का निर्माण, आपूर्ति और आगे का विकास करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

    भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रस्ताव
    भारतीय वायुसेना लंबे समय से पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान की जरूरत महसूस कर रही है। भारत अपना स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) विकसित कर रहा है, लेकिन यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA के पूरी तरह तैयार होकर वायुसेना में शामिल होने में अभी कई साल लग सकते हैं। संभावना है कि यह विमान 2035 के आसपास या उसके बाद ही सेवा में आ पाए। ऐसे में भारतीय वायुसेना को निकट भविष्य में आधुनिक स्टेल्थ लड़ाकू विमानों की आवश्यकता पड़ सकती है।

    चीन और पाकिस्तान बढ़ा रहे हैं चुनौती
    भारत के सामने सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियों में चीन और पाकिस्तान शामिल हैं। चीन पहले से ही अपने J-20 स्टेल्थ फाइटर जेट का संचालन कर रहा है। इसके अलावा वह छठी पीढ़ी के दो नए लड़ाकू विमान कार्यक्रमों—J-36 और J-50—पर भी तेजी से काम कर रहा है।

    वहीं पाकिस्तान ने चीन से J-35 स्टेल्थ फाइटर जेट खरीदने की दिशा में कदम बढ़ाया है। रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान लगभग 40 J-35 विमानों की खरीद की योजना पर काम कर रहा है। इन परिस्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए आधुनिक स्टेल्थ फाइटर विमानों की जरूरत और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

    क्या भारत खरीद सकता है Su-57
    रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि रूस भारतीय वायुसेना की सभी तकनीकी और परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में सफल रहता है, तो भारत अंतरिम समाधान के रूप में Su-57 खरीदने पर विचार कर सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती चरण में भारतीय वायुसेना लगभग दो स्क्वाड्रन यानी करीब 36 Su-57 लड़ाकू विमान खरीद सकती है। इससे AMCA के पूरी तरह तैयार होने तक वायुसेना की आधुनिक लड़ाकू क्षमता को मजबूती मिल सकती है।

    भारत के सामने बड़ा फैसला
    रूस का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब एशिया में सैन्य प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। चीन और पाकिस्तान अपने आधुनिक लड़ाकू विमान बेड़े को मजबूत कर रहे हैं, जबकि भारत अपने स्वदेशी AMCA कार्यक्रम पर काम कर रहा है।

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत रूस के इस प्रस्ताव पर कितना गंभीरता से विचार करता है और क्या भविष्य में Su-57 भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन पाता है या नहीं।

     

  • आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र उपलब्ध होंगी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनेंः डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल

    आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र उपलब्ध होंगी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनेंः डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल

    शिमला: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब प्रदेशवासियों को शीघ्र ही अपने घरों के निकट यह सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीएमएससीएल) की विशेष उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि यह मशीनें बहुत जल्द आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि इससे लोगों को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करने से निजात मिलेगी, साथ ही उनके धन और समय की बचत भी होगी। राज्य सरकार 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर रही है, जिनमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक तथा लाहौल-स्पीति और भरमौर विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।

    डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ और आधुनिक बना रही है ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके घर-द्वार के समीप उन्नत और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार 15 से 20 वर्षों पुरानी स्वास्थ्य मशीनों और उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से अत्याधुनिक मशीनों से बदला जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना और उन्नत चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास पर 1,110 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण दवाइयों और मशीनों की खरीद सुनिश्चित करने में एचपीएमएससीएल की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निविदा और खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय हो।

    बैठक में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने तथा उन्नत दवाइयों एवं औषधियों, बेबी केयर किट, आईसीटीसी परीक्षण वाहनों, सीटी स्कैन सेवाओं, मेडिकल कंज्यूमेबल्स और शल्य चिकित्सा उपकरणों, ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट, स्कूलों में विद्यार्थियों की आंखों की जांच और उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने संबंधी खरीद प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की समयबद्ध और निर्बाध खरीद सुनिश्चित की जाए। इनमें उन्नत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट, पैट स्कैन मशीनें, ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट, फुल रूम डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम, हाई-रिजोल्यूशन कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड यूनिट, डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें, ईसीजी मशीनें तथा आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक फर्नीचर शामिल हैं।

    उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा चमियाना अस्पताल में एकीकृत पूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना है, जिससे हिमाचल प्रदेश के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा। बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप कुमार ठाकुर, एचपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेंद्र सांजटा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डॉ. राकेश शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • तारा सिंह ने अधीक्षक ग्रेड-1 का कार्यभार संभाला

    तारा सिंह ने अधीक्षक ग्रेड-1 का कार्यभार संभाला

    ऊना सुशील पंडित  : हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, ऊना के वरिष्ठ उपप्रधान एवं लोक निर्माण विभाग में कार्यरत तारा सिंह ने अधीक्षक ग्रेड-1 पद पर पदोन्नति के उपरांत 2 जून को अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग वृत्त-15, ऊना कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। तारा सिंह वर्ष 1993 में सरकारी सेवा में नियुक्त हुए थे और अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न पदों पर सफलतापूर्वक दायित्वों का निर्वहन किया है। कर्मचारी हितों के प्रति उनकी सक्रियता एवं संगठनात्मक योगदान को भी व्यापक सराहना मिली है।

    हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव राजेश कुमार सहित विभिन्न कर्मचारी प्रतिनिधियों ने तारा सिंह को पदोन्नति पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तारा सिंह भविष्य में भी संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महासंघ को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते रहेंगे। इस अवसर पर कर्मचारी प्रतिनिधियों ने उनके सफल कार्यकाल तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • Punjab News: हाई कोर्ट के आदेश के बाद जोबनप्रीत सिंह जेल से रिहा हुए, देखें वीडियो

    Punjab News: हाई कोर्ट के आदेश के बाद जोबनप्रीत सिंह जेल से रिहा हुए, देखें वीडियो

    अमृतसरः अकाली नेता जोबनप्रीत सिंह को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अमृतसर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जोबनप्रीत सिंह एक मामले में कुछ समय से जेल में था। रिहाई के दौरान पुलिस ने खास इंतज़ाम किए थे और शहर के अलग-अलग थानों की पुलिस को जेल के बाहर तैनात किया गया था।

    पुलिस ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि जोबनप्रीत सिंह का कोई वीडियो या तस्वीर मीडिया तक न पहुंचे और पत्रकार उनसे बात न कर सकें। इस मौके पर जोबनप्रीत सिंह के वकील अमनबीर सयाली ने मीडिया को बताया कि जोबनप्रीत सिंह के पिता ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें गिरफ्तारी को गलत और कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ बताया गया था।

    वकील के मुताबिक हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए जोबनप्रीत सिंह की रिहाई के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए आज जोबनप्रीत सिंह को जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहाई से पहले जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा ने दिखाई हरित विकास की दिशा, पूरे प्रदेश में गूंजा ‘एक पेड़ मां के नाम’ का संकल्प

    विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा ने दिखाई हरित विकास की दिशा, पूरे प्रदेश में गूंजा ‘एक पेड़ मां के नाम’ का संकल्प

    चंडीगढ़: विश्व पर्यावरण दिवस-2026 हरियाणा के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण साबित हुआ। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर हरियाणा को हरित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम से 1000 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर एनसीआर क्षेत्र में हरित परिवहन क्रांति का शुभारंभ किया। इस पहल को स्वच्छ ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण और टिकाऊ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इस अवसर पर राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शी एवं प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने ग्रीन एमएस इंडिया तथा विंग गुरु ज्वाइंट स्टॉक कंपनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की ऐसी भागीदारी वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना भी है। पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं तथा हरित प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भविष्य की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी हैं।

    राव नरबीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग। इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रही है। रेवाड़ी और पंचकूला में हरियाणा परिवहन के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग डिपो स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन विकसित किए गए हैं।

    विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष 1973 में ‘ओनली वन अर्थ’ थीम के साथ इसका पहला आयोजन हुआ था। इसके बाद जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता संरक्षण, वनों की कटाई, खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन जैसे विषयों को केंद्र में रखकर यह दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष की थीम ‘प्रकृति से प्रेरित—जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ निर्धारित की गई है, जो प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से जलवायु चुनौतियों का सामना करने का संदेश देती है।

    वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘विकसित हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है, जिसके तहत प्रत्येक विभाग के लिए वर्ष 2030-31 तक का स्पष्ट रोडमैप और चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं विभिन्न विभागों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से इस विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

    राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड हरियाणा में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

    विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में हुए कार्यक्रमों और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के प्रति दिखाई गई व्यापक जनभागीदारी ने स्पष्ट संकेत दिया कि हरियाणा अब केवल विकास की नहीं, बल्कि हरित और सतत विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

     

     

     

  • हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: CM Nayab Singh Saini

    हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: CM Nayab Singh Saini

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की। उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष 1,000 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी। इसके साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे तथा 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

    हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा। यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी तथा आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल तथा जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    नौकरी देने वाले बने युवां

    उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी। हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी। जीएपी, जीएमपी, जीएचपी तथा एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी।

    जापान और भारत के संबंधों का किया जिक्र

    मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं। हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं। उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

    पर्यावरण दिवस को लेकर दिया विशेष संदेश

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार विशेष काम कर रही है। मोरनी में गत दिनों प्राकृतिक खेती के लिए भी किसानों और एक कंपनी के बीच एमओयू हुआ है। उन्होंने कि जिस कंपनी के साथ एमओयू हुआ है, उन्होंने 4 हजार एकड़ कृषि भूमि पर अदरक, मिर्च इत्यादि की खेती करवाने की बात कहीं है, ताकि किसानों की आमदन बढ़ सके। उन्होंने मिडल ईस्ट के देशों में बनी स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किए आहृवान का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है, ताकि ईंधन की बचत हो सके। बकायदा इसके लिए इलेक्ट्रिक बसे खरीदी गई है। स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 में 780 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1,349 औद्योगिक इकाइयों में से 1,308 इकाइयों में ओसीईएमएस स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस भी स्थापित किए जा रहे हैं। यमुना नदी के संरक्षण के लिए 133 एमएलडी क्षमता के 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन हैं, जबकि 7 एसटीपी के उन्नयन और 11 नए एसटीपी के निर्माण की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 147.5 एमएलडी क्षमता के 8 नए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती मां के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन-आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के हो रहे प्रयास: मंत्री श्याम सिंह राणा

    हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। गांवों, स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री राणा ने कहा कि भारत के पास बागवानी और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। देश की आजादी के बाद विभिन्न सरकारों ने शासन किया, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आज देश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। एक समय ऐसा था जब देश को खाद्यान्न की आवश्यकता पूरी करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों के कारण आज भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में किसानों को विभिन्न फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां किसानों की समस्याओं और जरूरतों को समझते हुए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि फल एवं सब्जियां जल्दी खराब होने वाली उपज हैं, इसलिए उनके सुरक्षित भंडारण और विपणन के लिए आधुनिक कोल्ड चेन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा फसलोत्तर नुकसान में कमी आएगी। कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन हैं। सरकार इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। इस दौरान गृह सचिव सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह, बागवानी विभाग के विभागाध्यक्ष अर्जुन सैनी, मेयर श्याम लाल बंसल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।