ऊना/सुशील पंडित : 20-20 इंटर डिस्ट्रिक सीनियर लीग के फाईनल मुकाबले में विजेता व उप विजेता टीमों को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशु पालन विभाग मंत्री वीरेंद्र कंवर ने पुरस्कृत किया। फाईनल मुकाबले में मंडी विजेता तथा सिरमौर उप विजेता रहा। विजेता टीम को एक लाख रूपये तथा उप विजेता को 75 हज़ार रूपये का इनाम ट्राफी सहित प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि 1 से 9 सितंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के सभी 12 जिलों की टीमों के करीब 200 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
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हार जीत से निशचिंत होकर खेल की भावना से खेलें खिलाड़ी : वीरेंद्र कंवर
ऊना/सुशील पंडित : खेलें व्यक्ति में शारीरिक तथा बौद्धिक विकास के अलावा अनुशासन की भावना भी जागृत करती हैं इसलिए खेलों को हार जीत से निशचिंत होकर खेल की भावना से खेला जाए। यह प्रेरणादाई विचार ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य विभाग मंत्री वीरेंद्र कंवर ने राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमांदरी में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग की छात्राओं की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के साथ-साथ खेलों का महत्व बढ़ा है तथा खेलों के माध्यम से भी बच्चे अपना बेहतरीन भविष्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताएं में भारत का वर्चस्व बढ़ा है। हाल में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ खेलों में 22 गोल्ड मेडल के साथ-साथ कुल 61 मेडल हासिल किए हैं। इसी प्रकार से ओलंपिक्स खेलों में भी भारत के प्रदर्शन में सुधार आया है।ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरी में 3ः आरक्षण का प्रावधान किया है इसके अलावा खिलाड़ियों को दी जाने वाली डाइट मनी को 60 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए किया है।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए बसाल, टक्का तथा धमांदरी 90 लाख रुपए की लागत से प्रत्येक खेल स्टेडियम बनाया जा रहा है। जबकि राजकीय महाविद्यालय बंगाना परिसर में साढ़े 4 करोड रुपए की लागत से एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक भव्य खेल स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल में ऊना टक्का धमांदरी सड़क मार्ग पर 17 करोड रुपए, कुरियाला मोड़ से झंवर धमांदरी सड़क पर 9 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत खर्च किए गए हैं। यही नहीं नाबार्ड के तहत मनसोह कुडडु नाईंयां वस्ती नंगल सलांगडी सड़क पर साढ़े तथा ढींगरा सड़क पर पुल निर्माण सहित 2 करोड 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत धमांदरी की आवादी धर्मपाल इत्यादि के लिए बनने जा रहे संपर्क मार्ग पर 87 लाख 22 हजार रुपए तथा संपर्क मार्ग सिद्ध मंदिर से धमादरी तक के निर्माण के लिए 95 लाख 94 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं।धमांदरी, डठवाड़ा तथा संझोट गांवों में जल जीवन मिशन के तहत 100 नल लगाए गए हैं। उन्होंने स्थानीय वासियों की मांग पर राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमांदरी में साइंस ब्लॉक भवन बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्थानीय विद्यालय के बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अपनी एक निधि से ₹11000 देने की घोषणा की। इस जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में ऊना जिला के 35 विद्यालयों से करीब 450 छात्राओं ने भाग लिया।इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य निशा भुल्लर, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सोमदत्त, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा देवेंद्र चंदेल, उच्च शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त उपनिदेशक रमेश भारद्वाज, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गुरबख्श सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य योगराज भारद्वाज सहित विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक गण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी व अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। -

उना ट्रक यूनियन ने मांगों को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन
ऊना/सुशील पंडित : जिला ऊना के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों द्वारा आज एक आक्रोश रैली एमसी पार्क से लेकर डीसी ऑफिस तक निकाली गई। जिसमें ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के गुड्स ट्रांसपोर्ट लोगों की आजीविका का एक मुख्य साधन है प्रदेश के औद्योगिकरण में ट्रांसपोर्ट की अहम भूमिका है।
सरकार की यह नीति रही है कि औद्योगिक क्षेत्रों के अंदर यहां के स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के साधन उपलब्ध हो इसमें ट्रांसपोर्ट के माध्यम से लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है इसके साथ ही हम यह भी कहना चाहते हैं कि ट्रांसपोर्ट के साथ अन्य वर्ग के लोगों को भी रोजगार मिलता है और उन में मुख्य रूप से वे लोग शामिल हैं जो कम पढ़े लिखे होते हैं जैसे कि टायर पंचर की दुकान रिपेयर चाय व खाना बनाने की दुकान टायर रिपेयर पेट्रोल पंप इत्यादि अगर इसका आंकलन किया जाए जितना रोजगार हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र से मिलता है उससे कहीं अधिक रोजगार अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दिया जाता है पर सरकार को यह तथ्य जाने बिना कि गाड़ी चलाने की क्या लागत है। यूनियन के नाम से भ्रमित करके यह ट्रांसपोर्ट के ऊपर अधिक भाड़ा वसूलने के आरोप इंडस्ट्री वाले के कहने पर लगाए जाते हैं जो कि सरासर तथ्यों के विपरीत है।हम प्रदेश सरकार के संज्ञान में यह बात स्पष्ट रूप में लाना चाहते हैं कि हम प्रदेश के औद्योगिकरण में अपनी पूरी निष्ठा के साथ भागीदारी निभाना चाहते हैं क्योंकि जब प्रदेश खुशहाल होगा तभी प्रदेश की जनता खुशहाल होगी इसके साथ यह भी निवेदन करना चाहते हैं कि हमारी समस्याओं को समझ कर उसका समाधान निकाला जाए।
जैसे कि पिछले कुछ वर्षों में ट्रांसपोर्ट की ढुलाई की लागत बहुत बढ़ गई है लागत बढ़ने के कारण मुख्य कारण जैसे डीजल के मूल्य में वृद्धि टायर मूल्य, इंश्योरेंस के मूल्य में वृद्धि होने ,गाड़ियों के मूल्य में लगभग 10 लाख की बढ़ोतरी होना इत्यादि इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार कई शहरों में 10 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों के एंट्री पर रोक इन्हीं सब कारणों के बावजूद ट्रांसपोर्ट के किरायों में इस अनुपात में वृद्धि न होने के कारण ट्रांसपोर्ट एक बहुत ही नाजुक स्थिति से गुजर रहा है उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि यहां उद्योगों में ढुलाई का कार्य यहां के स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए यहां के लोगों ने अपनी जमीन उद्योग लगाने हेतु दी ताकि उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सके और एक कमेटी का गठन किया जाए।जिसमें ट्रांसपोर्ट के बच्चों को जोड़कर किलोमीटर के हिसाब से भाड़े तय किए जाएं और सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के लिए ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए ट्रांसपोर्ट की हालत को देखते हुए अभी राज्य सरकार ने टोकन टेक्स्ट ब गुड्स टैक्स को इकट्ठा कर स्पैशल रोड टैक्स के माध्यम से लिया जा रहा है उसके लिए जो गुड की एनओसी है उसमें ब्याज व जुर्माना के बिना पिछले बकाया जो बनता है उसे सरकार द्वारा निर्धारित समय पर जमा करवा दिया जाएगा। सरकार की इस नीति से कोई भी ट्रांसपोर्ट भविष्य में डिफॉल्टर नहीं होगा और हिमाचल नंबर के सभी ट्रकों के लिए टैक्स माफ किया जाए। यह मांग भी ट्रांसपोर्टरों द्वारा सरकार से की गई। इस मौके पर प्रधान सतीश कुमार गोगी, महासचिव सुरजीत सिंह, प्रवक्ता मीडिया पंकज दत्ता, उप प्रधान अशोक कुमार, कैशियर रजनीश शर्मा बिक्का ब समूह ट्रक यूनियनों के अधिकारी कर्मचारी और ड्राइवर क्लीनर मौजूद थे।
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पंजाबः विवादों में घिरे आप विधायक ग्यासपुरा, महिला ने लगाए गंभीर आरोप, मांगी हाईकोर्ट से सुरक्षा
लुधियानाः जिलें से बड़ी ख़बर सामने आई है। पायल से आप पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा पर महिला ने गंभीर आरोप लगाए है। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक ने दफ्तर में बुलाकर उसे धमकाया है। इसके साथ ही महिला ने विधायक पर 1 लाख रूपए महीना मांगने के भी आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार एक महिला ने विधायक से अपनी जान को खतरा बताया है। महिला ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए महिला ने सुरक्षा की मांग की है।
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75 वर्ष के समारोह में सीएम होंगे मुख्यतिथि, गगरेट व कांगड़ में होंगे कार्यक्रम, अनुराग भी रहेंगे उपस्थित
उपायुक्त राघव शर्मा ने लिया समारोह की तैयारियों का जायजा
ऊना/सुशील पंडित : मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के गगरेट व हरोली विस क्षेत्र के प्रस्तावित प्रवास की तैयारियों का आज उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने कांगड़ व गगरेट मैदान में प्रगतिशील हिमाचल-स्थापना के 75 वर्ष समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर 10 सितम्बर को प्रातः 11 बजे गगरेट के रामलीला ग्राउंड तथा दोपहर 2 बजे हरोली विधानसभा क्षेत्र के कांगड़ ग्राउंड में आयोजित किए जा रहे समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान सूचना प्रसारण तथा युवा मामले व खेल मंत्री अनुराग सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर, छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, विधायक राजेश ठाकुर, विधायक बलबीर सिंह तथा हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार भी समारोह में शामिल होंगे।
डीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग दोनों समारोह स्थलों पर प्रदर्शनियां भी लगाएंगे। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, संबंधित एसडीएम तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -

कुल्लू-मनाली हाईवे तीन में दो ट्रकों में हुई भीष्ण टक्कर, देखें वीडियो
कुल्लूः कुल्लू-मनाली हाईवे तीन स्थित रामशिला के पास दो ट्रकों के बीच जोरदार टक्कर हुई। हादसे में ट्रकों के परखच्चे उड़ गए। एक ट्रक में लदा लाखों रुपये का सेब भी बरबाद हो गया है। वीरवार रात करीब 12:00 बजे हुए हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं। तीनों का क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचार चल रहा है।
पुलिस को दिए बयान में 24 वर्षीय नीरज कुमार ने बताया कि वह वीरवार रात को करीब 11:20 बजे गाड़ी में सेब की क्रेट लेकर बंदरोल सब्जी मंडी से यूपी के मैनपुरी के लिए रवाना हुए। जब गाड़ी बाशिंग से आगे रामशिला के पास वैष्णो माता मंदिर के पास पहुंची तो आगे से एक ट्रक चालक अपनी दिशा को छोड़ता हुआ तेज गति से उनकी गाड़ी से टक्करा गया। हादसे में दोनों ट्रक बीच सड़क पर पलट गए। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी। नीरज ने बताया कि उनकी गाड़ी बंदरोल से मैनपुरी तथा दूसरा ट्रक कुल्लू से मनाली कर तरफ जा रहा था।
ट्रकों की टक्कर से सेब सड़क पर बिखर गया। हादसे में घायल की पहचान सेब के भरे ट्रक के चालक विजय सिंह, नीरज कुमार तथा दूसरे ट्रक के चालक चमन लाल के रूप में हुई है। घटना यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा किसकी गलती से हुआ, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाला जा रहा है।
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शख्स को आया बिजली कनेक्शन कटने का मैसेज, नंबर डायल करने पर खाते से कट लाखों रुपए
चंडीगढ़ः साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए फर्जी बिजली बिल के मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में लिखा है कि आपका बिजली बिल बकाया है, अगर बिल समय पर जमा नहीं किया गया तो उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। यह फर्जी मैसेज बिजली विभाग नहीं बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा भेजा जा रहा है। गिरोह के सदस्य एक टेक्सट मैसेज भेजते हैं, जिसमें बिजली विभाग के एक अधिकारी के नंबर के साथ एक नकली बिजली बिल होता है।
ये शरारती तत्व बकाया बिजली बिल के नाम पर ग्राहकों को धमकाते हैं और भुगतान के लिए दबाव बनाने के लिए व्हाट्सएप कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। इसी तरह चंडीगढ़ में एक मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने बिजली बिल बकाया होने पर कम समय में कनेक्शन काटने के लिए फर्जी मैसेज भेजकर 13 लाख रुपये की ठगी की गई। सेक्टर-15 निवासी अमनप्रीत सिंह की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता अमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें एक संदेश मिला था। जिसमें लिखा था कि इस माह के बिजली बिल का का भुगतान अपडेट नहीं होने से रात 9.30 बजे आपके घर का बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस असुविधा से बचने के लिए कृपया नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क करें। उस नंबर पर कॉल करने पर उस व्यक्ति ने बताया कि उन्हें qq सपोर्ट ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप डाउनलोड करने के बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड नंबर समेत अपना बैंक अकाउंट नंबर अपडेट करें। अमनप्रीत ने भी ऐसा ही किया और पहली बार उसके खाते से 30 हजार रुपये काटे गए। इसी तरह उनके बैंक खाते से कुल 12 लाख 76 हजार 940 रुपये काटे गए। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आप सरकार पर गहराया संकटः सरकारी कॉलेजों में रोकी गई प्रोफेसरों की सैलरी
नई दिल्लीः पंजाब की तरह दिल्ली में भी सैलरी को लेकर संकट गहरा रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज ने शिक्षकों के वेतन का कुछ हिस्सा रोकने का फैसला किया है। कॉलेज ने इस सप्ताह की शुरुआत में जुलाई महीने के वेतन का भुगतान करते हुए कर्मचारियों को इसकी सूचना दी है। कार्यवाहक प्राचार्य हेम चंद जैन ने मंगलवार को जारी एक नोटिस में कहा, “कॉलेज के सभी स्थायी शिक्षण कर्मचारियों को इस बात की सूचना दी जाती है कि धन की कमी के कारण सहायक प्रोफेसरों के वेतन से 30,000 रुपये और एसोसिएट प्रोफेसर की सैलरी से 50,000 रुपये रोके जा रहे हैं। फंड आते ही इसे जारी कर दिया जाएगा।”
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित कॉलेज को अपने कर्मचारियों को वेतन देने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में, दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित कॉलेजों ने बार-बार धन की कमी के कारण शिक्षकों के वेतन का भुगतान करने में असमर्थता व्यक्त की है। हालांकि, कॉलेज के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने फंड जारी किया था।
वहीं, संचालन बोर्ड के अध्यक्ष सुनील कुमार ने जैन को एक ईमेल भेजकर पूछा कि कॉलेज ने वेतन का एक हिस्सा क्यों रोक दिया है। उन्होंने लिखा, “जब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वेतन मद के तहत आवश्यक राशि जारी की गई इसके बाद भी कॉलेज के कर्मचारियों को जुलाई महीने के लिए उनके वेतन का पूरा भुगतान क्यों नहीं किया गया है। कृपया स्पष्ट करें कि आप किसकी अनुमति से यह राशि काटते हैं।”
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iPhone 14 लाॅन्च करने के बाद Apple ने iPhone 13 और 12 किए बेहद सस्ते…
Apple iPhone 14 सीरीज़ के चार मॉडल iPhone 14, iPhone 14 प्लस, iPhone 14 प्रो और iPhone14 प्रो मैक्स लॉन्च हो गए हैं। नए आईफोन के लॉन्च के साथ कंपनी के पिछले आईफोन 13 और आईफोन 12 की कीमत में कटौती हो गई है। Apple iPhone 13 भारत में 10,000 रुपए सस्ता हो गया है। इसक 128GB स्टोरेज वाले बेस मॉडल के लिए अब स्मार्टफोन की कीमत 69,990 रुपए हो गई है।
Apple की वेबसाइट के मुताबिक, खरीदार अपने पुराने iPhones को बदल कर 58,730 रुपए तक की छूट पा सकते हैं। वहीं फ्लिपकार्ट 17,000 रुपए तक का एक्सचेंज ऑफर दे रही है।

इसके अलावा उम्मीद की जा रही है कि ग्राहक पुराने आईफोन को फ्लिपकार्ट की Big Billion Days और अमेज़न Great Indian Festival में और भी कम कीमत में खरीद सकते हैं। इसके अलावा अब भारत में iPhone 12 की कीमत 59,990 रुपए होगी। खास बात ये है कि अभी अमेज़न पर इसे 52,999 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही इसपर एक्सचेंज ऑफर भी पाया जा सकता है।
ऐपल ने इवेंट में आईफोन 14 सीरीज़ के 4 मॉडल iPhone 14, iPhone 14 Plus, iPhone 14 Pro, iPhone 14 Pro Max पेश किए हैं। भारत में iPhone 14 की शुरुआती कीमत 79,900 रुपए रखी गई है, जो कि इसके बेस वेरिएंट 128GB के लिए है। इसके अलावा iPhone 14 के 256GB की कीमत 89,900 रुपए और 512GB 1,09,900 रुपए है।

ऐपल iPhone 14 Plus की शुरुआती कीमत 89,900 रुपए है जो कि इसके बेस मॉडल 128GB वेरिएंट के लिए है। इसके अलावा इसके 256GB की कीमत 99,900 रुपए और 512GB की कीमत 1,19,900 रुपए रखी गई है। ऐपल iPhone 14 Pro की शुरुआती कीमत 1,29,900 रुपए और iPhone 14 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,39,900 रुपए रखी गई है।
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झुग्गी बस्ती से चलने वाली पार्टी को मिला 90 करोड़ों का चंदा, जाने मामला
मुंबई: एक झुग्गी बस्ती से चलने वाली एक राजनीतिक पार्टी को मिले करोड़ों के चंदे ने आयकर विभाग के कान खड़े कर दिए हैं। हाल ही में देश भर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से छापेमारी की गई थी। इसी दौरान इस राजनीतिक दल के बारे में भी खुलासा हुआ है। जनतावादी कांग्रेस पार्टी नाम के इस दल का मुख्यालय चूनाभट्टी इलाके की एक झुग्गी बस्ती में स्थित है। जानकारी सामने आई है कि 2015 में बनी जनतावादी कांग्रेस पार्टी को कोई छोटी राशि नहीं बल्कि 90 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। आयकर विभाग को शक है कि हवाला रैकेट के जरिए आई रकम राजनीतिक दल को ट्रांसफर की गई है। इससे शक और गहरा गया है।
जनतावादी कांग्रेस पार्टी पंजीकृत दल है, लेकिन महाराष्ट्र या फिर मुंबई की सियासत में इसका कभी कोई रोल नहीं रहा है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जनतावादी कांग्रेस पार्टी को 90 करोड़ रुपये का दान किसने दिया? जो एक चाली में दो मंजिला कमरे से चलती है और पार्टी के सिंबल के अलावा उसके पास कुछ नहीं है। इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष काटके ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी को 90 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह सारा पैसा पार्टी के काम में खर्च किया गया। हमने कुछ भी गलत नहीं किया है।
पार्टी अध्यक्ष संतोष काटके ने कहा कि मैंने खर्च का सारा ब्योरा चुनाव आयोग को सौंप दिया है। हालांकि, आयकर विभाग ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। आयकर विभाग के अफसरों का कहना है कि जनतावादी कांग्रेस पार्टी द्वारा दिखाए गए सभी खर्च विवरण फर्जी हैं। इस पार्टी का इस्तेमाल हवाला ऑपरेटरों द्वारा करों से बचने के लिए किया जाता था। जनतावादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना 2015 में हुई थी। पंजीकरण के समय, यह उल्लेख किया गया था कि पार्टी का मुख्यालय चूनाभट्टी में एक झुग्गी बस्ती में है। 2018 में इस पार्टी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन किसी भी सीट पर उसे जीत हासिल नहीं हुई थी।
आयकर विभाग ने बुधवार को देशभर में छापेमारी की थी। इस बार देश भर में 123 पंजीकृत किंतु अज्ञात राजनीतिक दलों की संपत्तियों पर छापेमारी की गई थी। इसके अलावा कुछ हवाला संचालकों की संपत्तियों पर भी छापेमारी की गई। इस दौरान आयकर विभाग को वित्तीय अनियमितता, कर चोरी, फर्जी चंदा और वित्तीय हेराफेरी के सुराग मिले थे। इनमें से दो संदिग्ध राजनीतिक दल मुंबई से हैं। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक देश भर में ऐसे करीब 2,000 पंजीकृत दल हैं, जो अज्ञात हैं। इन पार्टियों का उपयोग हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से पैसे का आदान-प्रदान करने के लिए किया जाता है। हवाला संचालक इन राजनीतिक दलों को चंदे के रूप में बड़ी मात्रा में धन हस्तांतरित करते हैं।
फिर इन राजनीतिक दलों के बैंक खातों से विभिन्न खर्चों को दर्शाने वाले पैसे को डायवर्ट किया जाता है। हवाला संचालक फिर इस पैसे को नकली कंपनियों के जरिए नकद रूप में निकाल लेते हैं। इन सबके लिए संबंधित राजनीतिक दलों को कुल लेनदेन का 0.01 प्रतिशत कमीशन मिलता है। कोई भी व्यक्ति धारा 29ए के तहत पंजीकृत किसी भी राजनीतिक दल को कोई भी राशि दान कर सकता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति धारा 80GGC के तहत धारा के तहत दान राशि पर छूट का लाभ उठा सकता है।
