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Punjab : कैबिनेट मंत्री कटारूचक ने सरकारी स्कूल में किया पौधारोपण, देखें वीडियो
गुरदासपुर। पंजाब राज्य के वन मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा है कि पंजाब सरकार ने इस मानसून सीजन के दौरान राज्य में 3 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और वन विभाग ने अब तक 60 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस सीजन के दौरान जिला गुरदासपुर में 18 लाख नए पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसमें से 10 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। प्रदेश की जनता के सहयोग से यह वृक्षारोपण अभियान सफल होगा।
वन मंत्री लाल चंद कटारूचक आज गांव मगर मुंडी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वन महा उत्सव मना रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के चेयरमैन रमन बहल, आम आदमी पार्टी शहरी जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह और जिला वन अधिकारी अतुल कुमार भी मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री ने स्कूल में पौधारोपण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़ों के बिना मानव जीवन संभव नहीं है। पेड़ों की बेतहाशा कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण जिस तरह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ी है, वह पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में पेड़ों का सबसे बड़ा योगदान है, इसलिए हर इंसान को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए।
वन विभाग की नर्सरियों से आम लोगों को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाने के लिए निःशुल्क पौधे दिये जा रहे हैं। पौधे प्राप्त करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। इस मौके चेयरमैन रमन बहल और जिला शहरी अध्यक्ष शमशेर सिंह ने भी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
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Punjab : खाने में जहरीला कीड़ा निकलने के मामले में आंगनबाड़ी वर्करों का आया बयान, देंखे वीडियो
मोगा। शहर में एक और खाने में कान खजूरा निकलने मामला सामने आया है। जहां, मोगा जिले के गांव धुडकोट रणसिंह में आंगनबाड़ी केंद्र में दलिया बनाने के लिए पैकेट खोला तो कान खजुरा नुमा कीड़ा निकला। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए खाने को खाने से फिलहाल रुकवा दिया है।
वहीं मामले को तूल पकड़ता देख आंगनबाड़ी वर्करों ने आरोप लगाया की हमारी वर्करों को मीडिया में खबर न देने का दबाव बनाया जा रहा है इसी सिलसिले में हम आज सीडीपीओ कार्यालय में सीडीपीओ निहाल सिंह वाला में मांग पत्र सौंप कर आए हैं। इससे पहले आंगनबाड़ी केंद्र में वेरका कंपनी द्वारा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी जो की उच्च क्वालिटी की होती थी।
आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने आरोप लगाया के जब से मार्कफेड द्वारा खाद्य सामग्री आंगनवाड़ी केंद्रो को सप्लाई दी जा रही है जो बहुत ही निचले स्तर की गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री है। आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने कहा कि हम मांग करते हैं कि हमें अच्छी गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री मुहैया कराई जाए। वही जब इस मामले की जानकारी के लिए निहाल सिंह वाला ब्लॉक के सीडीपीओ से फोन पर संपर्क करना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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Jalandhar : डीसी ने वरियाना डंप का किया दौरा, जल्द शुरू होगी बायो माइनिंग
जालंधर। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा निर्देशों में चलाये गये साफ सफाई अभियान के तहत शहर को अव्वल दर्जे बनाने की घोषणा को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने शहर की सफ़ाई और कूड़े के उचित निपटारे के लिए वरियाना कूड़ा डंप में बायो माइनिंग जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत नगर निगम के अधिकारियों सहित वरियाना डंप में कूड़े के निपटारे का जायज़ा लिया। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जालंधर शहर से रोज़ाना 500 टन के करीब कूड़ा एकत्रित होता है, जिसके निपटारे के लिए बायो माइनिंग संबंधी काम की अलाटमैंट के लिए वित्तीय बोली का काम पूरा हो गया है, जिसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
बायो माइनिंग के अंतर्गत कूड़े की बड़े स्तर पर छनाई की जाएगी जिससे मिट्टी, प्लास्टिक और अन्य वस्तुओं को अलग-अलग करके उन्हें पुर्न प्रयोग किया जा सकेगा। इससे न केवल कूड़े का योग्य निपटारा हो जाएगा बल्कि वातावरण को गंदा होने से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम के अधिकारियों को कहा कि कूड़े के निपटारे के लिए ज़रूरत अनुसार अन्य मशीनरी की खरीद के लिए भी तुरंत प्रस्ताव भेजे जाएं ताकि उच्च अधिकारियों के सामने मामला रख कर यह मशीनरी जल्द मुहैया करवाई जा सके।
नगर निगम के अधिकारियों को हिदायत की कि कूड़े के ढेरों के उचित निपटारे के लिए निजी तौर पर ध्यान दिया जाए। डा. अग्रवाल ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर पुनीत शर्मा व अन्य अधिकारी भी मौदू थे।
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रोमांचक मुक़ाबले में प्रोफ़ेसर एकादश ने कोच एकादश को हराया
ऊना/ सुशील पंडित : राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के 25 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह 20-20 ओवरों का क्रिकेट प्रतियोगिता इन्दिरा गाँधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में महाविद्यालय के प्रोफ़ेसर एकादश और स्टेडियम कोच एकादश के बीच खेला गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ मीता शर्मा ने किया। प्रोफ़ेसर एकादश के कप्तान डॉ राजकुमार ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए उनकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 110 रन बनाए। प्रोफ़ेसर एकादश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसके सलामी बल्लेबाज़ जल्द पवेलियन लौट गए। लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों ने अच्छा खेल दिखाया। प्रोफ़ेसर एकादश की तरफ़ से अभिषेक ने 12 गेंदों पर 32 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 6 चौके और एक छक्का जड़े। निर्धारित लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोच एकादश की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 109 रन पर आल आउट हो गई। इस प्रकार प्रोफ़ेसर एकादश ने अंतिम गेंद पर एक रन से जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुक़ाबले में कोच एकादश की तरफ़ से खेलते हुए टीम के कप्तान ज़िला खेल अधिकारी उत्तम दौद ने सर्वाधिक 28 रन बनाये। प्रोफ़ेसर एकादश के इस रोमांचक मुक़ाबले की जीत पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। महाविद्यालय की प्राचार्या ने विजेता टीम को अपनी शुभकामनाएँ दी। -

27 जुलाई को पूण्य तिथि पर विशेष
ऊना/ सुशील पंडित : नर सेवा-नारायण सेवा की मूल अवधारणा से प्रेरित होकर अपना समस्त जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में आहूत करने वाले बहुमूखी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय कंवर हरिसिंह ने ताउम्र दीन-दुखियों व जरूरतमंदों की मदद के लिए कार्य किया। 27 जुलाई, 2020 को इस नश्वर संसार से विदा लेने से पूर्व तक वह लगातार समाज के जरूरतमंद तबके की मदद के लिए कार्य करते रहे। कंवर हरिसिंह ने न केवल समाज सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया,बल्कि प्रदेश की कर्मचारी राजनीति में करीब 25 सालों तक उनके निभाए गए अहम रोल के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। वह एक तेजतर्रार व प्रभावशाली कर्मचारी नेता, योग्य अधिकारी, वैटरन जर्नलिस्ट रहे, जिन्होंने अपनी हर भूमिका को बखुवी निभाया और लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। हिमाचल सरकार में अनूसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम व महिला विकास निगम के महाप्रबंधक पद से 1998 में सेवानिवृत होने से पहले कंवर हरिसिंह ने केंद्र व प्रदेश सरकार में विभिन्न पदों पर कार्य किया। भारत सरकार के लैंड कस्टम विभाग में कस्टम अधिकारी के रूप में कैरियर की शुरूआत करने के बाद हिमाचल सरकार में एक्सटेंशन आफिसर इंडस्ट्रीज,जिला प्रबंधक व डीआरडीए के पीओ पद पर भी कार्यरत रहे। कंवर हरिसिंह लगभग अढाई दशक तक प्रदेश में अढाई लाख कर्मचारियों के मजबूत हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अग्रणी नेता रहे। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सैक्रटरी जनरल के रूप में उनकी पहचान एक जुझारू नेता की रही,जोकि कर्मचारी हितों के लिए लगातार संघर्षरत रहे। उनके नेतृत्व में प्रदेश में कर्मचारी महासंघ ने दो बड़े आंदोलन लड़े,जिसमें कर्मचारियों के लिए चिरस्थाई नीति निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। वहीं वह राज्य राजपत्रित अधिकारी संघ के भी प्रधान रहे।समाज सेवा के क्षेत्र में कंवर हरिसिंह बचपन से ही जुटे रहे। 1974 में उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हिमोत्कर्ष साहित्य,संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद पंजीकृत संस्था की स्थापना की। जोकि अब प्रदेश की अग्रणी स्वयंसेवी संस्था का रूप धारण कर चुकी है। वर्तमान समय में इस संस्था की प्रदेश में 10 शाखाएं शिक्षा,स्वास्थय,गरीबों के उत्थान,महिला सशक्तिकरण तथा समाज सेवा के विभिन्न प्रकल्पों को अंजाम दे रही है। वह पुरे देश में हिमाचली संस्थाओ का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाली अखिल भारतीय सामाजिक संस्था संघ के तीन दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रीय महासचिव रहे। इसके माध्यम से उन्होंने हिमाचल की आवाज को उपयुक्त मंचों पर उठाया।कंवर हरिसिंह नैशनल सोसाईटी फोर प्रवेंशन आफ ब्लाईंडनेस हिमाचल शाखा के भी फाऊंडर जनरल सैंक्रेटरी थे। उन्होंने प्रदेश में शतप्रतिशत स्कूली बच्चों की नेत्र जांच के कार्य को मुकम्मल करके हिमाचल प्रदेश को देश का पहला कैटेरेक्ट फ्री स्टेट बनाने में भी महत्वपूर्णी भूमिका अदा की। कंवर हरिसिंह रोटरी अंर्तराष्ट्रीय जिला 3070 के वरिष्ठ रोटेरियन भी है। उन्हें गाडफ्रे बे्रवरी अवार्ड के अलावा रोटरी का उच्चतर पुरस्कार सर्विस एवाव सैल्फ से भी नवाजा जा चुका है। जबकि रोटरी रत्न अवार्ड व नेत्र सेवा में राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। ऊना रोटरी क्लब के प्रधान के रूप में 1986 में ऊना जिला के ईसपुर गांव में विश्व की सबसे पहली रोटरी विलेज कोर की स्थापना कर रोटरी मूवमेंट को गांव की तरफ मोडऩे की शुरूआत उन्होंने की थी। ऊना में कुष्ठ आश्रम की स्थापना कर उसमें कुष्ठ रोग पीडि़तों के 22 परिवारों का पुर्नवास करके सामान्य जीवन व्यतीत करने के काबिल बनाने में अहम भूमिका अदा की। वहीं आंखों के जांच व आपरेशन शिविरों के आयोजन के लिए गंाव-गांव में स्थानीय संस्थाओं को प्रेरित कर अभियान चलाया।मंदबुद्वि बच्चों के लिए स्थापित प्रेमाश्रम को भी वह लगातार सहयोग देते रहे। ईसुपर आयुर्वेदिक अस्पताल व रोटरी आई अस्पताल धुस्साड़ा की स्थापना में अहम योगदान ऊना जिला के ईसपुर में आरवीसी के माध्यम से निर्मित अस्पताल को 10 बिस्तर क्षमता का राजकीय आर्युवेदिक अस्पताल बनाने में उनकी अहम भूमिका थी। वहीं,पालमपुर रोटरी आई फाऊंडेशन के सहयोग से धुस्साड़ा गांव में रोटरी आई अस्पताल की स्थापना व संचालन में उनका अहम योगदान रहा। ऊना में क्षेत्रीय अस्पताल में सबसे पहले ब्लड बैंक की स्थापना रोटरी क्लब के माध्यम से की थी। ऊना शहर में ही रेड क्रास भवन में रोटरी क्लब के सौजन्य से फिजियोथैरेपी सेंटर तथा ऊना मुख्यालय पर रोटरी चौंक की स्थापना उनके जिला में सामाजिक व सार्वजनिक क्षेत्र में करवाए गए कुछ अहम कार्य है।कंवर हरिसिंह के प्रयासों से मिला ऊना को मिला जिला में पहला सरकारी महिला कालेज ऊना जिला में कंवर हरिसिंह के नेतृत्व में हिमोत्कर्ष परिषद ने शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देते हुए ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों की गरीब व जरूरतमंद लड़कियों को उच्चतर शिक्षा प्रदान करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र कोटला खुर्द में लाला जगतनारायण हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय की स्थापना की। जिसे अब प्रदेश सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है। इस कालेज को जिला का पहला सरकारी महिला कालेज होने का गौरव हासिल हुआ है। जोकि आने वाले समय में क्षेत्र की लड़कियों को उच्च व व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अलावा डंगोली गांव में राजकीय सीनीयर सकैंडरी स्कूल भी उनके प्रयासों का ही फल है।निर्भिक पत्रकार थे कंवर हरिङ्क्षसह कंवर हरिसिंह ने सेवानिवृति के उपरांत ताउम्र एक निर्भिक पत्रकार व स्तंभकार के रूप में भी क्षेत्र की समस्याओं,जनभावनाओं को उठाने में अपनी भूमिका अदा की,वहीं सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े मसलो को लगातार आवाज प्रदान करते रहे। 27 जुलाई को उनकी चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर सामाजिक संस्था हिमोत्कर्ष परिषद सेवा कार्यो का आयोजन करके उनको सच्ची श्रदाजंलि देने का प्रयास कर रही है। कंवर हरिसिंह सदैव सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रेरणा पूंज रहेंगे। -

Punjab : “मैं जिंदा हूं” बताने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहा बुजुर्ग, देखें वीडियो
लुधिय़ाना। शहर से एक बुजुर्ग को कागजों में मृत घोषित करने की खबर सामने आई है। जहां, मैं जिंदा हूं, खुद को बताने के लिए सरकारी दफ्तरों का बुजुर्ग चक्कर लगा रहा है। दफ्तरों के चक्कर लगा रहे बुजुर्ग ने कहा कि मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बुजुर्ग शख्स ‘मैं जिंदा हूं’ का पर्चा लेकर डीसी ऑफिस के चक्कर लगा रहा है और दावा कर रहा है कि उसे जिंदा होते हुए भी मृत घोषित कर दिया गया है। उनका आरोप है कि डीसी ऑफिस, नगर आयुक्त और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते जूते घिस गए, लेकिन अधिकारी यह स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि उनकी मौत के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें जीवित नहीं बताया जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उसकी यूपी के मुजफ्फरनगर में प्रॉपर्टी है। वर्ष 2015 में वहां की एक महिला ने कुछ लोगों के साथ मिलकर अपने नाम से लुधियाना नगर निगम का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया। श्री कीरतपुर साहिब में भी उनके फूल तरण को लेकर सर्टिफिकेट बनाया गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपी ने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री नगर निगम मुजफ्फरनगर में करा ली। पीड़ित के मुताबिक घटना की जानकारी होने पर वह मुजफ्फरनगर पहुंचा। लेकिन उन्हें मृत घोषित करने संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने के बावजूद लुधियाना नगर निगम अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वह नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर लगा चुके हैं। फिर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
दोषी पाये जाने पर अधिकारी के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
मामले बारे लुधियाना के एडीसी जनरल मेजर आमिर सरीन ने जानकारी देते हुए जांच की बात कही है। संबंधित विभाग से सभी दस्तावेज मांगे गए हैं और वे पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अगर कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उपायुक्त ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय और सीएसडी कैंटीन का किया दौरा
ऊना/ सुशील पंडित : उपायुक्त जतिन लाल ने शुक्रवार को जिला सैनिक कल्याण विभाग के कार्यालय और सीएसडी कैंटीन का दौरा किया। अपने दौरे के दौरान, उन्होंने कार्यालय क्षेत्र और सैनिक विश्राम गृह का निरीक्षण किया और पूर्व सैनिकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का ब्योरा लिया। उनका यह दौरा पूर्व सैनिकों की सुविधाओं को सुधारने और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को समर्पित था।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की सुविधा और कल्याण को प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में पूर्व सैनिकों के लिए सम्मेलनों और बैठकों के आयोजन को लेकर एक उपयुक्त स्थल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मौजूदा कार शेड एवं सामुदायिक क्षेत्र के विस्तार के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने पूर्व सैनिकों को आधिकारिक कार्य के लिए कार्यालय सीढ़ियां चढ़ने में होने वाली कठिनाई के समाधान के लिए एएफडी क्लर्क की मेज को निचली मंजिल पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि पूर्व सैनिकों की उनतक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो सके। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक कर्नल एसके कालिया उनके साथ रहे।
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हरोली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 23 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित
अभ्यर्थी सादे कागज़ पर 26 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
ऊना/ सुशील पंडित : बाल विकास परियोजना हरोली के तहत आंगनबाड़ी केंद्र अप्पर पालकवाह, अटावा मुहल्ला पंडोगा, हरिजन बस्ती खडड-1, सलोह महादेव -1, शिव मंदिर सलोह, कांगड़ हार, उपरलीपाली, बाथड़ी-1 और लोहर मोहल्ला बीटन में एक-एक पद आंगनवाडी वर्करों का भरा जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र क्यार मुहल्ला, नंगल कलां वर्तमान, वार्ड नं 4, वार्ड नं 2, वार्ड नं 7, 8 व 9, बालीवाल, माकोड़गढ़ कुम्हार कवीरपंथी मुहल्ला, लोहार बस्ती बढे़ड़ा, भाई दा मोड़, होशियारपुर रोड खड्ड, भरवाल मुहल्ला ललड़ी, नंगल खुर्द वर्तमान, कुंगड़त वर्तमान व जैजों मोड में सहायिकाओं का एक-एक पद भरा जाएगा। इस बारे जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी हरोली पूनम चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्करों के 9 और सहायिकाओं के 14 पदों के लिए अभ्यार्थी 26 अगस्त सायं 5 बजे तक सादे कागज पर अपना आवेदन बाल विकास अधिकारी हरोली में जमा करवा सकते हैं।
योग्यता एवं मानदंड
उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिका हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। प्रार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र के लाभान्वित परिक्षेत्र (फीडर एरिया) का सामान्य निवासी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रार्थी के परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से अधिक नही होनी चाहिए जिसकास प्रमाण पत्र नायब तहसीलदार/तहसीलदार/कार्यकारी मजिस्ट्रेट अधिकारी द्वारा प्रमाणित/प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए। प्रार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए जिसका प्रमाण पत्र समक्ष अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो। इसके बाद किसी भी आवेदक/अभ्यर्थी से आवेदन/दस्तावेज प्राप्त नहीं किया जाएगा।ये रहेगी साक्षात्कार की प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि विज्ञापित पदों के लिए चयन कुल 25 अंकों में से योग्यता के आधार पर होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिका के लिए 10$2 के अंक प्रतिशतता के अधिकतम पास अंक के आधार पर शैक्षणिक योग्यता के लिए अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे, जिसमें 10$2 में अंकों का प्रतिशत अधिकतम 7 अंकों के अधीन आनुपातिक आधार पर होगा। उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को 3 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, जिसमें स्नातक के लिए 2 अंक तथा स्नातकोत्तर और ऊपर के लिए 1 अंक रखा गया है। कार्य अनुभव के लिए अधिकतम 3 अंक दिए जाएंगे, इसमें संबंधित पंचायत में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/ आंगनवाड़ी सहायिका/ बाल सेविका/ बालवाड़ी शिक्षक/ नर्सरी शिक्षक/ सिलाई शिक्षक/ ईसीसीई की शिशु पालक, जिन्होंने 10 महीने तक काम किया है, उन्हें प्रत्येक वर्ष के अनुभव के लिए एक अंक दिया जाएगा, जो अधिकतम 3 अंकों के अधीन होगा। 40 प्रतिषत और उससे अधिक विकलांगता वाली दिव्यांग महिलाओं के लिए 2 अंक दिए जाएंगे। इसमें यह शर्त रहेगी कि विकलांगता इस प्रकार की ना हो कि वह उनकी नौकरी की जिम्मेदारी के निर्वहन में बाधा उत्पन्न करे। एससीध्एसटीध्ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 2 अंक, राज्य गृह निवासी,बालिका आश्रम निवासी, अनाथ, विधवा, निराश्रित, तलाकशुदा, विवाहित महिलाएं जिनके पति का पिछले 7 वर्षों से पता नहीं चल पा रहा है, महिलाएं जो अपने पतियों द्वारा परित्यक्त हैं और जो अपने माता-पिता के साथ रह रही हैं, के लिए 3 अंक दिए जाएंगे। जिनके कोई पुत्र नहीं है ऐसे दो पुत्रियों वाले परिवारों की अविवाहित लड़की के लिए 2 अंक या जिनके कोई पुत्र नहीं है ऐसे दो पुत्रियों वाली विवाहित महिलाओं के लिए 2 अंक दिए जाएंगे। व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए 3 अंक दिए जाएंगे। -

जेल वार्डरों के 91 पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 28 जुलाई को
जिला ऊना, कांगड़ा व चम्बा के 1149 अभ्यर्थी लेंगे लिखित परीक्षा में हिस्साऊना/ सुशील पंडित : कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग में वार्डरों के 91 पदों की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा 28 जुलाई को होगी। जिला ऊना, कांगड़ा व चम्बा के अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में दोपहर 12 बजे आयोजित होगी। इस परीक्षा केंद्र पर कुल 1149 अभ्यर्थी लिखित परीखा में बैठेंगे।इस बारे जानकारी देते हुए जेल अधीक्षक एवं एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान ने बताया कि विभाग के महानिदेशक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अभ्यर्थी अपने परीक्षा प्रवेश पत्र कारगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की वेबसाइट http://admis.hp.nic.in/hpprisons/ से या अपने पंजीकृत ई-मेल से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पहले पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल, केलकुलेटर, इलैक्ट्रॉनिक घड़ी या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ बैग को परीक्षा हॉल में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
