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  • पंजाबः स्कूल ड्राइवरों ने Protest कर दी ये चेतावनी, देखें वीडियो 

    पंजाबः स्कूल ड्राइवरों ने Protest कर दी ये चेतावनी, देखें वीडियो 

    मोगाः शहर में आज अलग-अलग स्कूलों के वैन ड्राइवरों की तरफ से मोगा के नेचर पार्क में प्रोटेस्ट किया गया जिसमें उनकी मांगे थी कि पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप में अच्छे भाव में ली जाए और नई गाड़ियां उनको दी जाए। दूसरी ओर उनका कहना है किकुछ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी की तरफ से ड्राइवरों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इसे लेकर वह महीना वार मीटिंग करते हैं, जिसे लेकर वैन ड्राइवरों के मन में रोष पाया जा रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार को गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इन मसलों का हल किया जाए।

    अगर अगले महीने की मीटिंग तक हमारी मांगो का हल नहीं किया जाता तो हम मोगा के डीसी को अपनी गाड़ियों की चाबीयां देकर हम प्रोटेस्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि मोगा के विधायक डॉक्टर अमनदीप कौर अरोड़ा और बाघा पुराना विधायक अमृतपाल सुखानंद को भी मांग पत्र दे चुके हैं। पंजाब सरकार भगवंत मान को मिलने के लिए बार-बार विनती कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई हल नहीं निकला हम पंजाब सरकार से इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

  • दिल दहलाने वाला वीडियो, कार को टक्कर मारकर डिवाइडर पर चढ़ा 16 टायरा ट्रक, देखें CCTV 

    दिल दहलाने वाला वीडियो, कार को टक्कर मारकर डिवाइडर पर चढ़ा 16 टायरा ट्रक, देखें CCTV 

    बरेलीः यूपी के बरेली में फिर हादसा हो गया। बड़ा बाईपास पर घोषित ब्लैक स्पॉट पर अनियंत्रित ट्रक ने कार और बाइक में टक्कर मार दी। इससे दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि कार की रफ्तार कम थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। सीसीटीवी की फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बीसलपुर में कार्यरत बिजली विभाग के जेई जितेंद्र कुमार वीरवार शाम करीब छह बजे कार से शहर की ओर आ रहे थे। वह बड़ा बाईपास पर बिथरी चैनपुर क्षेत्र स्थित नवदिया झादा चौराहा पार कर रहे थे।

    इसी दौरान शाहजहांपुर की ओर से तेज रफ्तार में आए 16 टायरा ट्रक ने अनियंत्रित होकर उनकी कार में टक्कर मार दी। इसके बाद ट्रक वहां बने डिवाडर पर चढ़ गया। हादसे के दौरान पास ही बाइक लेकर खड़े एक महिला-पुरुष भी ट्रक की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि उन लोगों को ज्यादा चोट नहीं लगी लेकिन उनकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। वे लोग अपनी बाइक छोड़कर वहां से चले गए। पुलिस ने बाइक को थाने में खड़ा कराया है। ट्रक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस हादसे के बाद नवदिया झादा के पास हाईवे पर जाम लग गया।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाया। बता दें कि 26 जुलाई को भी इसी स्थान पर तेज रफ्तार ट्रक ने एक कार, दो बाइक और स्कूटी में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और चार घायल हुए थे। बड़ा बाईपास स्थित नवदिया झादा चौराहा वर्ष 2018 से ब्लैक स्पॉट घोषित हैं। यहां पर कई हादसे होने के बाद इसे ब्लैकस्पॉट घोषित किया गया था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की टीम ने यहां फ्लाईओवर के निर्माण की जरूरत बताई गई थी। मगर यहां पर संकेतक, डिवाइडर और सफेद पट्टी बनाकर काम चला दिया गया। इस वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं।

  • भाजपा नेता की गोलियां मारकर हत्या, देखें वीडियो

    भाजपा नेता की गोलियां मारकर हत्या, देखें वीडियो

    संभलः उत्तर प्रदेश के संभल के एक बीजेपी नेता अनुज चौधरी की मुरादाबाद में उनके आवास के बाहर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें 34 वर्षीय अनुज चौधरी अपने अपार्टमेंट के बाहर एक अन्य व्यक्ति के साथ टहलते हुए नजर आ रहे हैं। तभी पीछे की तरफ से आए बाइक पर सवार 3 लोगों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान वह बुरी तरह से घायल हो गए और जमीन पर गिरते नजर आ रहे हैं।

    पुलिस ने कहा कि बीजेपी नेता को मुरादाबाद के ब्राइटस्टार अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहने वाले अनुज चौधरी ने संभल के असमोली ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इस घटना के पीछे बीजेपी नेता के परिवार ने राजनीतिक रंजिश और उनके प्रतिद्वंद्वियों को जिम्मेदार ठहराया है। 

    पुलिस के मुताबिक, परिवार ने हत्या में शामिल दो लोगों के नाम बताए हैं- अमित चौधरी और अनिकेत। बीजेपी नेता की हत्या मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है। मुरादाबाद पुलिस ने एक बयान में कहा, “दो पक्षों के बीच आपसी दुश्मनी थी। 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

  • AAP सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा से निलंबित, संजय सिंह का भी सस्पेंशन बढ़ा

    AAP सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा से निलंबित, संजय सिंह का भी सस्पेंशन बढ़ा

    नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया है। राघव चड्ढा को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित किया है। इसके अलावा, आप के दूसरे सांसद संजय सिंह की मुश्किलें भी कम नहीं हुई हैं। उनका सस्पेंशन भी बढ़ा दिया गया है। आप के दोनों नेताओं को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित किया गया है। बताया जा रहा हैकि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा फर्जी सिग्नेचर मामले में राज्यसभा से निलंबित किए गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार AAP सांसद संजय सिंह भी प्रिविलेज कमेटी की जांच तक राज्यसभा से सस्पेंड किए गए है।

    दरअसल, पांच सांसदों का दावा है कि दिल्ली सेवा विधेयक को उनकी सहमति के बिना सेलेक्ट कमेटी को भेजने के प्रस्ताव पर उनके नाम का उल्लेख किया गया था। यह प्रस्ताव AAP सांसद राघव चड्ढा ने पेश किया था। विरोध दर्ज कराने वाले तीन भाजपा सांसद हैं, एक बीजद से हैं और अन्नाद्रमुक सांसद भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जांच की मांग की थी। इस विवाद के सामने आते ही राज्यसभा के उपसभापति ने आश्वासन दिया है कि इसकी जांच कराई जाएगी। बता दें कि इन पांचों सांसदों में सस्मित पात्रा (BJD), नरहरि अमीन (BJP), सुधांशु त्रिवेदी (BJP), नागालैंड से सांसद फांगनोन कोन्याक (BJP) और लोकसभा के पूर्व उपसभापति थंबीदुरई शामिल हैं। थंबीदुरई अन्नाद्रमुक सांसद हैं।

  • जालंधरः इस इलाके में छत से गिरा व्यक्ति, हुई मौत, देखें Live

    जालंधरः इस इलाके में छत से गिरा व्यक्ति, हुई मौत, देखें Live

    जालंधर, ENS: थाना 2 के अंतगर्त आते मोहल्ला बंदा बहादुर नगर से बड़ी खबर सामने आई है। जहां व्यक्ति देर रात घर की छत पर सोया हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार छत से व्यक्ति की गिरने से मौत हो गई है। मृतक की पहचान 58 वर्षीय सनोज कुमार निवासी बंदा बहादुर नगर के रुप में हुई है। वहीं दूसरी ओर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जानकारी देते हुए एएसआई अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी। 

    दूसरी और इलाका निवासियों का कहना है कि मृतक सनोज रात सोने से पहले अपने की घर की छत पर हंगामा कर रहा था। उनका कहना है कि वह नशे का आदी था और यहां पर करीब 20 से 25 साल से यहीं रहा है। इलाका निवासियों का कहना है कि नशे के सेवन करने के कारण वह छत पर गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। 

  • लोकसभा में मोदी सरकार लाई 3 नए बिल, राजद्रोह कानून हुआ खत्म 

    लोकसभा में मोदी सरकार लाई 3 नए बिल, राजद्रोह कानून हुआ खत्म 

    पहचान छिपाकर शादी की तो खैर नहीं

    नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन ऐसे बिल लोकसभा में पेश किए हैं जो कई कानूनों की नई परिभाषा तय कर सकती है। गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय न्याय संहिता बिल, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बिल 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम बिल पेश करते हुए राजद्रोह कानून को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन विधयकों से आपराधिक दंड संहिता में आमूलचूल परिवर्तन होगा। इसके साथ ही इंडियन पीनल कोड अब भारतीय न्याय संहिता कही जाएगी। शाह ने कहा कि इन विधेयकों को पेश करते हुए कहा कि आने वाले वक्त में ये बिल जब कानून बन जाएगा तो भारतीय न्याय संहिता में बड़ा बदलाव होगा। उन्होंने मॉब लिंचिंग से लेकर भगोड़े अपराधियों को लेकर कानून में कई सारे बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, इस बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने का फैसला किया गया है।

    शाह ने कहा कि राजद्रोह कानून को अंग्रेजों के शासन को बचाने के लिए ये कानून बनाया गया था। शाह ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि एक ऐतिहासिक निर्णय इस सरकार ने किया है और राजद्रोह को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया गया है। यहां लोकतंत्र है सबको बोलने का अधिकार है। इस कानून में इसके साथ-साथ अलगाव सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियां, अलगाववाद भारत की संप्रभुता एकता को चैंलेज करना ये सबको कानून के अंदर पहली बार अब इसकी व्याख्या हो रही है और पूरी संपत्ति को कुर्क करने का अधिकार भी है। जांच करने वाले पुलिस अधिकारी के संज्ञान पर कोर्ट इसका ऑर्डर करेगा पुलिस अधिकारी इसका आदेश नहीं कर पाएंगे। कोर्ट में सुनवाई के बाद होगा।

    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध और सामाजिक समस्याओं के निपटान के लिए कानून बनाया गया है। शादी, रोजगार, पदोन्नति के झूठे वादे और गलत पहचान बताकर जो यौन संबंध बनाते थे उसको अपराध की श्रेणी में पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार ला रही है। गैंगरेप के सभी मामलों में 20 साल की सजा या आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है, जो आज नहीं है। 18 साल से कम आयु की बच्चियों के मामले में मृत्युदंड का भी प्रावधान है। शाह ने कहा कि ट्रायल में गायब रहने वाले अपराधियों को लेकर भी सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कई सारे केसों मे दाऊद वाछिंत है, वो भाग गया, उसका ट्रायल नहीं होता है। हमने तय किया सेशन कोर्ट के जज पूरी प्रक्रिया के बाद जिसको भगोड़ा घोषित करेंगे उसकी अनुपस्थिति में ट्रायल होगा और उसे सजा भी दी जाएगी। दुनिया में वो कहीं भी छिपे, उसे सजा सुनाई जाएगी। अगर उसे सजा से बचना है तो वह न्याय की शरण में आए। इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ने वाला है।

    अमित शाह ने बिल पेश करते हुए कहा कि मॉब लिंचिंग का बड़ा शोर मचा है, हमने उसको बड़ा केयरफुली देका है। मॉब लिंचिंग के लिए भी 7 साल की सजा या आजीवन कारावास और मृत्युदंड का प्रावधान इस कानून में किया गया है। शाह ने कहा कि स्नैंचिंग के लिए चाहे महिलाओं की चेन हो या कुछ और कोई प्रावधान नहीं था। बहुत सारे लोग छिप जाते थे क्योंकि वो चोरी नहीं थी। स्नैचिंग का प्रावधान नहीं था। अब स्नैचिंग का भी प्रावधान ले आया गया है। 324 में गंभीर चोट के कारण निष्क्रियता की स्थिति हो जाती थी तो महज 7 साल की सजा थी। किसी को थोड़ा लग जाए और वह एक सप्ताह में अस्पताल से बाहर आ जाए तो उसकी सजा को थोड़ा अलग किया गया है। अगर हमेशा के लिए अपंगता आती है तो इसकी सजा 10 साल या आजीवन कारावास।

    शाह ने कहा कि डीजीपी को समय नहीं हो या फिर कोई डीजीपी साहब रिटायर हो गया। तो अब उसको बुलाने की जरूरत नहीं है। अब नए कानून के तहत उस समय के एसपी फाइल देखकर कोर्ट को बताएंगे। घोषित अपराधियों की संपत्ति की कुर्की का भी हम प्रावधान जोड़ रहे हैं। संगठित अपराध के लिए एक नया प्रावधान जोड़ रहे हैं, जो अंतरराज्यीय गैंग और संगठित अपराध के विरूद्ध एक कठोर सजा का प्रावधान है। शाह ने कहा कि अपराधियों जो देश छोड़कर भाग जाते थे, उसके विरूद्ध 10 साल की सजा का प्रावधान लाया है। सजा माफी को राजनीतिक यूज करने वाले बहुत किस्से आते थे, अब हमने कह दिया है कि अगर किसी को सजा माफ करनी है मृत्यु की सजा को आजीवन कारावास और आजीवन कारावास की सजा को 7 साल तक ही माफ कर सकते हैं। 7 स साल के कारावास को 3 साल ही माफ कर सकते हैं, अभी बिहार में कुछ मामले सामने आए हैं, किसी प्रकार से राजनीतिक रसूख वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा उनको भी सजा भुगतनी पड़ेगी।

  • जालंधरः सांसद सुशील कुमार रिंकू ने संसद भवन के बाहर जंजीरे पहन कर किया प्रदर्शन, देखें वीडियो

    जालंधरः सांसद सुशील कुमार रिंकू ने संसद भवन के बाहर जंजीरे पहन कर किया प्रदर्शन, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: आप पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू ने आज संसद भवन के बाहर जंजीरे पहन कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सासंद सुशील रिंकू ने गुलामी की जंजीरो से देश को आजाद करने के अपील की है। सदन में दिल्ली सवा बिल की कापियां वेल में आकर फाड़ने के कारण उन्हें पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया है। आज उन्होंने केंद्र सरकार के विरोध का नया तरीका अपनाया। अपने आप को लोहे की जंजीरो में जकड़ कर आजाद करो…आजाद के नारे लगाए। सिर पर शहीद-ए-आजम वाली बसंती रंग की पगड़ी पहन कर रिंकू ने संसद भवन के बाहर चक्कर लगाया और संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉक्टर भीम राम अंबेडकर की मूर्ति के आगे जाकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वह अकेले ही अपने आप को लोहे की जंजीरे में बांध कर वहां पर प्रदर्शन कर रहे थे।

    रिंकू जब संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे तो वहां पर राहुल गांधी भी आए। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी थे। राहुल गांधी सुशील रिकूं के पास आए और उनसे हाथ मिलाया। राहुल गांधी ने वह रिंकू ने जो हाथ में बैनर थाम रखा था उसे भी गौर से देखा और पड़ा। इसके बाद मुस्कुराते हुए वहां से चले गए। दूसरे दलों के सांसद भी रिंकू के पास आकर उनके प्रदर्शन को देख रहे थे। रिंकू ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के संविधान कानून को गुलामी की जंजीरों में झकड़ रखा है। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसी सरकार है जो न संविधान को मानती है और न ही देश की सुप्रीम न्याय व्यवस्था में ही विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न मानकर अपनी सभी नियमों कानूनों को छींके पर टांग कर मनमर्जी से काम कर रही है।

    मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में बयान पर अड़ा एकजुट विपक्ष जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया तो वो इसे अपनी बड़ी रणनीतिक सूझबूझ बता रहा था। पीएम के बयान न देने और मणिपुर में चाहे गए नियमों के तहत बहस की इजाजत न मिलने के चलते इंडिया गठबंधन ने संसद के दोनों सदनों में कई दिन कामकाज ठप रखा। सरकार को झुकते न देख उसने अपनी मांग मनवाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का रास्ता चुना। मकसद था अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में मणिपुर को केंद्र में रखा जाए और फिर पीएम से उसका जवाब मांगा जाए। ऐसे में पीएम को मणिपुर पर अपना तथाकथित ‘मौन’ तोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। राजनीतिक जानकार भी इसे विपक्ष की सरकार को गुगली मान रहे थे। 

    गौरतलब है कि मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच पिछले सौ दिन से नस्लीय हिंसा जारी है। इस हिंसा की आग में मणिपुर जल रहा है और उसकी तपिश देश-विदेश में महसूस की जा रही है। संसद का सत्र शुरू हुआ तो विपक्ष ने इसी मुद्दे पर सरकार को घेर लिया। विपक्ष एकजुट होकर पीएम मोदी के इसपर संसद के अंदर बयान की मांग कर रहा था। सरकार मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार थी लेकिन चर्चा किस नियम के तहत हो इसपर विपक्ष और सत्ता पक्ष में गतिरोध बना हुआ था जिसके चलते शुरुआत के कई दिन संसद के दोनों सदनों में कामकाज ठप रहा।

  • पंजाबः बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटने से एक की मौत

    पंजाबः बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटने से एक की मौत

    अबोहर: शहर के हनुमानगढ़ रोड स्थित सड़क हादसे मामला सामने आया है। जहां छुट्टी के बाद बच्चों को छोड़ने घर जा रही निजी स्कूल की वैन गांव भागू के निकट सड़क हादसे का शिकार हो गई। वैन के अचानक पलट जाने से एक बच्चे की मौत होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में 2 अन्य बच्चे घायल हो गए।

    मामले की जानकारी देते हुए वैन चालक देवगन निवासी खैरपुर ने बताया कि उसका रिश्तेदार इस स्कूल की वैन को चलाता है लेकिन वह किसी काम से बाहर गया था, जिसके कारण पिछले 2 दिनों से यह वैन वह चला रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चों को वैन में वह घर छोड़ने जा रहा था तो भागू के निकट पहुंचने पर सड़क पर अचानक आए कुत्ते आ गए। उन्होंने कहा कि कुत्तों को बचाने की कोशिश के दौरान वैन पलट गई। इस हादसे में 9 वर्षीय विहान पुत्र रोहित बिश्नोई निवासी सीतो गुन्नो की मौत हो गई। जबकि अन्य घायल बच्चों में से एक बच्ची को दूसरे अस्पताल में रैफर कर दिया गया है। जहां उसका ईलाज चल रहा है। 

  • पंचाबः चुनावों को लेकर बड़ा ऐलान, सरकार ने सभी पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतें और जिला परिषदें की भंग, पढ़ें आदेश

    पंचाबः चुनावों को लेकर बड़ा ऐलान, सरकार ने सभी पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतें और जिला परिषदें की भंग, पढ़ें आदेश

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने गांवों की पंचायतों को लेकर ऐलान किया है कि गांव की पंचायतें भंग कर दी हैं। जारी आदेशों के मुताबिक पंजाब की जिला परिषदों, ब्लॉक समितियों और ग्राम पंचायतों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। जिला परिषद ब्लॉक समिति चुनाव 25 नवंबर 2023 तक और 31 दिसंबर 2023 तक ग्राम पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिक्रयोग्य यह भी है कि आने वाले दिनों में नगर निगम, नगर कार्पोरेशन व नगर कौंसिल चुनावों का ऐलान भी किया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि सरकार का उद्देश्य है ये सभी चुनाव एक ही समय में निपटा लिए जाएं ताकि बार-बार कोड ऑफ कंडक्ट न लगाया जाए।

  • पंजाबः इस मामले में नारकोटिक विंग के ASI पर मामला दर्ज

    पंजाबः इस मामले में नारकोटिक विंग के ASI पर मामला दर्ज

    लुधियानाः जिले के कस्बा जगराओं में देहात पुलिस के नारकोटिक विंग में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक ASI पहाड़ा सिंह, प्राइवेट ड्राइवर दीपा व अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल, रिश्वत मांगने की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल नेटवर्किंग साइटों पर वायरल हुई थी। जिसके आधार पर भ्रष्टाचार के केस में पहाड़ा सिंह को नामजद किया गया है। आरोपी एएसआई के अलावा अब उसके साथ के बाकी पुलिस कर्मचारी भी सीनियर अधिकारियों की रडार पर आ चुके हैं।

    वायरल हुई रिकॉर्डिंग में एएसआई महिला से यह कह रहा है कि अगर वह उसे रिश्वत के रूप में 50 हजार रुपए देती है तो कोई भी उसे या उसके पति को गिरफ्तार नहीं करेगा और वे पुलिस विभाग की ओर से बिना किसी बाधा के इलाके में ड्रग्स (चिट्‌टा) बेच सकते हैं। आरोपी एएसआई पहाड़ा सिंह को ऑडियो वायरल होने से एक दिन पहले ही शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) थाने में स्थानांतरित किया गया था, क्योंकि महिला ने उसके खिलाफ धमकी देने और रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।

    एएसआई पर पहले से ही मोगा और बाघापुराना में एनडीपीएस और एक व्यक्ति को झूठे मामले में फंसाने के लिए 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं। महिला इंद्रजीत ने आरोप लगाया कि एएसआई ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने उसे 50 हजार रुपए नहीं दिए तो वह उसे 1 हजार से अधिक नशीली गोलियों की तस्करी के मामले में फंसा देगा। वह जमानत भी नहीं ले पाएगी।

    गांव माइजीना की इंद्रजीत कौर ने अपनी शिकायत में कहा कि एएसआई पिछले एक सप्ताह से उसे फोन पर धमकी दे रहा है। वह पहले ही उससे फरवरी महीने में 15 हजार रुपए ले चुका था और 35 हजार रुपए मांग रहा था। एएसआई से दुखी होकर उन्होंने एसएसपी नवनीत सिंह बैंस को शिकायत दर्ज कराई, जिन्होंने पुलिस डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क को जांच सौंपी। इस बीच, महिला ने कुछ दिन पहले सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एएसआई की ऑडियो रिकॉर्डिंग अपलोड की, जिसमें उसे उससे पैसे मांगते हुए सुना जा सकता है।

    वहीं संपर्क करने पर एएसआई ने आरोपों से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि महिला और उसका पति मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हैं। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए उन पर आरोप लगाए हैं। वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर आईजी कौस्तुभ शर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आने के बाद उन्होंने बुधवार को एएसआई का तबादला शहीद भगत सिंह नगर कर दिया। जांच के बाद उसके खिलाफ सिटी जगराओं थाने में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।