ऊनासुशील पंडित: आईआईआईटी ऊना और एम्स बिलासपुर ने एक ऐतिहासिक साझेदारी की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में तकनीक के उपयोग और सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थानों के निदेशकों ने खास तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ थिंग्स ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी और ड्रोन सेवाओं के महत्व पर जोर दिया।
समझौता ज्ञापन पर आज हस्ताक्षर किए गए, जिसमें प्रो. मनीष गौड़, निदेशक, आईआईआईटी ऊना; डॉ. वीर सिंह नेगी, कार्यकारी निदेशक, एम्स बिलासपुर; डॉ. नवीन चेग्गोजू, संकाय प्रभारी (योजना और विकास), आईआईआईटी ऊना; और एम्स बिलासपुर के डीन उपस्थित रहे।
इस सहयोग का उद्देश्य नवाचार और ज्ञान साझा करने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना है। प्रमुख क्षेत्र हैं:
सहयोगी अनुसंधान परियोजनाएँ: नई खोजों और तकनीकी प्रगति के लिए संयुक्त प्रयास।
स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास: उद्यमिता को बढ़ावा देना और नवाचार के अवसर प्रदान करना।
प्रशिक्षण कार्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियाँ: छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों के लिए कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित करना।
प्रयोगशालाओं और अधोसंरचना की स्थापना: उन्नत प्रयोगशालाओं और सुविधाओं का निर्माण।
शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं का साझा उपयोग: दोनों संस्थानों की क्षमताओं का लाभ उठाकर संसाधनों का बेहतर उपयोग।
यह साझेदारी स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चुनौतियों का समाधान करते हुए नवाचार और अंतर-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से ऐसे प्रभावशाली प्रोजेक्ट तैयार होने की उम्मीद है, जो शैक्षणिक समुदाय और समाज दोनों को लाभ पहुँचाएंगे।

आईआईआईटी ऊना और एम्स बिलासपुर ने सहयोग के लिए समझौता किया
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