Jalandhar News: ESIC अस्पताल को लेकर मरीजों का आरोप, नहीं मिल रही कैंसर की दवा

जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा सरकारी अस्पताल की नुहार बदलने को लेकर ऐलान कर दिया गया है और सरकारी अस्पताल को प्राइवेट से बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे है, लेकिन दवाईयों को लेकर लगातार मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ताजा मामला ईएसआईसी अस्पताल से सामने आया है। जहां कैंसर मरीजों के परिजनों का कहना है कि डेढ़ महीने से कीमोथैरेपी की दवा नहीं मिल रही है और ये दवा चंडीगढ़ से आती है। परिजनों का कहना है कि 100 एमजी की दवा की कीमत 80 हजार रुपए है। इसलिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में रजिस्टर्ड कैंसर मरीजों की मुसीबत बढ़ी हुई है।

चंडीगढ़ से दवा में देरी होने से ईएसआईसी प्रशासन मरीजों से बाहर खरीदने के लिए बोल रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि दवा का पैसा बाद में रिफंड हो जाएगा, लेकिन चिंता उन मरीजों की ज्यादा है जो दवा खरीदने में सक्षम नहीं हैं और दवा के आने का इंतजार कर रहे हैं। ईएसआईसी जालंधर में कैंसर के 20 मरीज पंजीकृत हैं। ईएसआईसी से जुड़े कैंसर मरीजों का इलाज पैनल के अस्पताल में किया जाता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन मरीजों को पैनल के हास्पिटल में रेफर करता है और भुगतान ईसआईसी करता है। इसमें दाखिल कैंसर मरीज की कीमोथैरेपी होती है, तो दवा अस्पताल शासन को डिमांड भेजता है। चंडीगढ़ से दवा मिलने पर मरीज को फोन से बता दिया जाता है और मरीज दवा लेकर इलाज कराते हैं, लेकिन डेढ़ महीने से कीमो की दवा नहीं आ रही है। ऐसे में परिजनों ने जनवरी में मरीजों की कीमोथैरेपी के लिए दवा की डिमांड भेज चुका है, लेकिन अभी तक दवा नहीं मिली है।

बस्ती शेख निवासी व्यक्ति ने कहा कि वह ईएसआईसी कार्ड धारक है और उसके पिता का 2 साल से ईएसआईसी के पैनल में इलाज चल रहा है। अस्पताल में पिता को कीमोथैरेपी के लिए ईएसआईसी को 10 जनवरी को दवा की डिमांड भेज दी थी, जो अभी तक नहीं मिली है। ईएसआईसी अस्पताल में बार-बार पता किया जा रहा है, लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि चंडीगढ़ में डायरेक्टर बदले हैं। इस वजह से दवा आने में देरी बनी है। दवा काफी महंगी है। पीड़ित ने कहा कि इतने पैसे हमारे पास नहीं हैं। इसलिए चंडीगढ़ से दवा आने का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से दस दिन में होने वाली कीमोथैरेपी डेढ़ महीने में भी नहीं हो सकी है। वैसे 100 एमजी दवा 80 हजार रुपए की आती है और पिता को 240 एमजी दवा लगती है, जो 2 लाख से भी ज्यादा की होती है। वहीं दूसरी ओर ईएसआईसी के एमएस डॉ. मनोज कुमारी का कहना है कि कैंसर रोगियों की दवा चंडीगढ़ से आनी है। इसके लिए मरीजों की दवा की डिमांड भेजी जा चुकी है। इसके लिए अधिकारियों को अवगत भी कराया है।

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