Amritsarजालंधरः सिविल अस्पताल का हाल बेहाल, यहां मरीजों को ना मिल रही...

जालंधरः सिविल अस्पताल का हाल बेहाल, यहां मरीजों को ना मिल रही दवाइयां ना हो रहा ईलाज

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

जालंधर/वरुणः महानगर के सिविल अस्पताल की व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि ईलाज करवाने आए मरीजों को ना ही दवाइयां मिल रही है और ना ही उनका ईलाज किया जा रहा है। आप सरकार भले ही सत्ता में आने के बाद बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन इसकी सिविल अस्पताल में असलीयत कुछ और ही बयां हो रही है।

दरअसल, अस्पताल में ईलाज करवाने आ रहे क्रिटिकल मरीजों को तुरंत अमृतसर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। पिछली रात भी एक बच्चा सीरियस कंडीशन में लेकर मां-बाप जब अस्पताल में पहुंचे तो एक रात्रिकालीन स्टाफ ने बच्चे का इलाज करने की बजाय सीधे उसे अमृतसर रेफर कर दिया। स्टाफ की ओर से मां-बाप को बोला गया कि उनके पास आक्सीजन का प्रबंध नहीं है। बच्चे के मां-बाप ने कहा कि वह बहुत गरीब हैं। सिविल अस्पताल में इसलिए ही आए थे कि उन्हें इलाज मिल जाएगा, लेकिन किसी ने भी उनके बच्चे की सुध नहीं ली। इसी तरह एक अन्य पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी की अस्पताल में डिलीवरी हुई है। अस्पताल के स्टाफ ने दवाइय़ों की एक लिस्ट उसे थमा दी है। बाहर से 7 हजार रुपए का सामान खड़े पांव उसे लाकर देना पड़ा।

एम्बुलेंस के चालकों ने भी बोला कि मरीजों को यह कहकर अमृतसर रेफर कर दिया जाता है कि वहां पर आपका सारा इलाज फ्री है, लेकिन जब मरीजों को वहां पैसे खर्च करने पड़ते हैं तो वह गालियां निकालते हैं। यह सब उन्हें मौके पर सुनना पड़ता है। मरीजों को लेकर जाने वाली 108 एम्बुलेंस चालकों ने बताया कि सिविल अस्पताल जालंधर की हालत यह है कि वह अभी एक मरीज को अमृतसर छोड़कर वापस पहुंचते ही हैं कि उन्हें दोबारा फिर से अमृतसर के लिए भेजा जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों की निजी अस्पताल वालों से साठगांठ है। यदि कोई मरीज पैसे खर्च करने वाला हो तो उसे निजी अस्पताल में भेज देते हैं और यदि कोई मरीज गरीब हो तो उसे अमृतसर रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि यदि अस्पताल में मरीजों का इलाज ही नहीं है। यहां पर दवाइयों का प्रबंध नहीं है तो फिर ऐसे अस्पताल का कोई फायदा नहीं है। इसे बंद कर देना चाहिए। इतना अस्पताल मात्र रेफरल यूनिट बना हुआ है।

अस्पताल में अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची मां ने जब महिला डॉक्टर से कहा कि इसका इलाज करो तो आगे से जवाब मिला कि इसे वेंटिलेटर की ज़रूरत है। महिला ने डॉक्टर से कहा कि इतना बड़ा अस्पताल है तो क्या यहां पर वेंटिलेटर नहीं है। इस पर डॉक्टर ने भड़कते हुए कहा कि वह भी यहां नौकरी करती है। वेंटिलेटर घर से लेकर नहीं आऊंगी। अस्पताल में सुविधाएं नहीं है तो इसके बारे में सरकार से बात करो या फिर अस्पताल प्रशासन से बात करो।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

Advertisement

Related Articles

Hot this week

1000 ई-बसें व 100 हाईड्रोजन बसें खरीदेंगे: मुख्यमंत्री

सीएम ने 297 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर किया...

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों की आम चुनाव -2026 की रिपोर्ट प्राप्त की

स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए राज्य...

स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

शुद्ध भोजन स्वस्थ समाज की नींव: डॉ. बलबीर सिंह चंडीगढ़/पटियाला:...

हिमबस प्लस कार्ड से लाभान्वित होंगे सभी श्रेणियों के यात्रीः मुकेश अग्निहोत्री

शिमलाः उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार...

1000 ई-बसें व 100 हाईड्रोजन बसें खरीदेंगे: मुख्यमंत्री

सीएम ने 297 ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना शिमलाः मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिले...

शुतराना हलके के 56 गांवों की 68,500 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए मिला नहरी पानी: बरिंदर कुमार गोयल

80.35 करोड़ रुपये की लागत से 137.13 किलोमीटर नहरों, रजबाहों और सब-माइनरों का नवीनीकरण तथा 53.9 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई...

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों की आम चुनाव -2026 की रिपोर्ट प्राप्त की

स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की सराहना की शिमलाः राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज...

स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी सैमिनार में स्वस्थ भोजन पर दिया जोर

शुद्ध भोजन स्वस्थ समाज की नींव: डॉ. बलबीर सिंह चंडीगढ़/पटियाला: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह...