नई दिल्ली – हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की अवधि को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह वह समय माना गया है जब पितृ पृथ्वीलोक पर आते हैं। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तर्पण और पिंडदान आदि करने का विधान है। ऐसे में यदि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हैं तो आपको कुछ खास संकेत मिल सकते हैं। हर साल भादो माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से शुरू होकर आश्विन माह की अमावस्या तिथि तक चलने वाला पितृपक्ष इस साल 17 सितंबर 2024 दिन मंगलवार को 11 बजे से शुरू हो रहा है।
जो अगले 15 दिनों तक यानी आश्विन माह की अमावस्या तक चलता है। इस दौरान पितरों को जल देने का विधान है। माना जाता है कि जिस व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, उसके सभी काम बिना किसी बाधा के पूरे होने लगते हैं। पिंडदान में पितरों को भोजन का दान दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष यानी पूर्वज श्राद्ध में गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी या देवताओं के रूप में आकर भोजन ग्रहण करते हैं।
इसलिए पितृ पक्ष के दौरान भोजन के पांच अंश निकालने का विधान है। माना जाता है कि घर में लगाए हुए पेड़-पौधे कई बार बहुत देखभाल करने के बाद भी नहीं रह पाते। लेकिन पितृपक्ष में अगर मर चुका यानी मुरझा चुका कोई पौधा फिर से खिल जाए और फिर से हरा-भरा नजर आने लगे, तो यह भी एक संकेत है कि आपके पूर्वज आपसे बहुत खुश हैं। ऐसे में आपको समझ जाना चाहिए कि पितरों की विशेष कृपा आप पर बनी हुई है।

जानिए कब शुरु है पितृ पक्ष, उनके खुश होने पर मिलते हैं ये संकेत
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