Blog

  • Jalandhar News: चलती बस का टायर फटने से हुआ हादसा, :सवारी की टूटी टांग, कई घायल, देखें वीडियो

    Jalandhar News: चलती बस का टायर फटने से हुआ हादसा, :सवारी की टूटी टांग, कई घायल, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: फिल्लौर में सरकारी प्राइमरी स्कूल गांव भटियां के पास मंगलवार रात करीब 8 बजे पंजाब रोडवेज की बस का टायर फटने से हादसा हो गया। हादसे में बस सवार रणजीत सिंह की टांग टूट गई, जबकि कई अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं। सड़क सुरक्षा फोर्स के प्रभारी सरबजीत सिंह ने बताया कि राहगीर से सूचना मिलने के बाद उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि पंजाब रोडवेज की बस लुधियाना से जालंधर जा रही थी। गांव भटियां के पास पहुंचते ही बस का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया।

    <iframe src=”https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=315&href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Freel%2F1057842090261083%2F&show_text=false&width=560&t=0″ width=”560″ height=”315″ style=”border:none;overflow:hidden” scrolling=”no” frameborder=”0″ allowfullscreen=”true” allow=”autoplay; clipboard-write; encrypted-media; picture-in-picture; web-share” allowFullScreen=”true”></iframe>

    हादसे में बस सवार एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उसे सिविल अस्पताल फिल्लौर पहुंचाया। मामले की सूचना थाना फिल्लौर के ड्यूटी अफसर को दी गई। आगे की कार्रवाई के लिए बस को थाने भेज दिया गया है। बस ड्राइवर कुलदीप सिंह ने बताया कि वह काफी समय से उच्च अधिकारियों को बस के टायरों की खराब हालत के बारे में अवगत करा रहे थे और हादसे की आशंका भी जता चुके थे।

    इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हादसे के समय बस में करीब 45 यात्री सवार थे। टायर इतनी तेज आवाज के साथ फटा कि उसका असर बस की बॉडी तक पहुंचा और अंदर की तरफ से नुकसान हो गया। हादसे में बस को भी काफी क्षति पहुंची है। हालांकि, राहत की बात रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।

     

  • आज का राशिफल, 22 जुलाई 2026

    आज का राशिफल, 22 जुलाई 2026

    आज स्वाति नक्षत्र की स्वतंत्र और लचीली ऊर्जा हर राशि के जातकों के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार-वार्ता, कूटनीतिक बातचीत और यात्रा के लिए एक विशेष अनुकूलता लेकर आई है। कर्क राशि वालों को अपने घर के अटके मामलों को कूटनीति और समझदारी से सुलझाएं। तुला राशि के जातकों के व्यक्तित्व में आत्मनिर्भरता और व्यापार-वार्ता के लिए गजब का लचीलापन रहेगा। तारों-सितारों की चाल के आधार पर जानते हैं आज का आपका राशिफल।

    मेष राशि: व्यापारिक मामलों में डिप्लोमेसी काम आएगी। मेष राशि वालों के लिए आज का दिन व्यापारिक मामलों और साझेदारी के मामले में कूटनीति और लचीलेपन का है। जीवनसाथी के साथ आज किसी अटकी हुई बात को सुलझाने में आपको लचीलापन और समझदारी दिखानी होगी। रिश्ते में स्वतंत्रता और सम्मान का संतुलन बनाए रखें। घर में सूर्यदेव और गुरु का विलंबित शुभ साथ बना है। आज पब्लिक ट्रांसपोर्ट में जाने का योग बन सकता है। बातचीत में आज ज्यादा स्पष्टता आएगी। हालांकि साझेदारी में कोई नया बड़ा कॉन्ट्रैक्ट 24 जुलाई बाद करें। अति-स्वतंत्र रवैये से रिश्तों में दूरी न बनाएं।

    वृष राशि: नौकरी में अडियल रवैये की जगह लचीलापन लाएं। वृष राशि वालों के लिए आज का दिन नौकरी के मामले में लचीलेपन दिखाने का है। आप का मन स्वतंत्र सोच के साथ अपनी मर्जी से काम करने का होगा। मगर, आपको इसकी वजह से अडियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए। सेहत पर ध्यान देने की जरूरत होगी। नौकरी में आज एक कुशल और कूटनीतिक तरीके से काम करें, पुरानी सोच से हटकर नई दिशा में सोचें। अपने नौकरों या अधीनस्थ लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा आप खुद अपने लिए चाहते हैं। विरोधी पक्ष हावी होने की कोशिश करेगा। मंगलदेव व्यक्तित्व में स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा दे रहे हैं। भाई-बहन से बातचीत में थोड़ी राहत मिलेगी। जीवनसाथी की स्वतंत्रता और फ्री स्पेस का सम्मान करें। उसकी बातों को ध्यान से सुनें।

    मिथुन राशि: बच्चों को अपनी बात रखने की आजादी दें। मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन संतान और प्रेम के मामले में स्वतंत्रता और लचीलेपन का है। बच्चों को आज उनके तरीके से काम करने दें, उनकी स्वतंत्र सोच को बढ़ावा दें। किसी समस्या का समाधान आप न दें, उन्हें खुद निकालने के लिए प्रेरित करें। रचनात्मक काम में पुरानी सीमाओं से बाहर निकलकर काम करें। प्रेम संबंध में आज पार्टनर की आजादी का सम्मान करें और संबंधों में संतुलन बनाए रखें। बातचीत में आज कल से ज्यादा स्पष्टता आएगी। लग्नेश की ऊर्जा अभी सावधानी मांग रही है।

    कर्क राशि: घर के काम में झुक कर चलें। कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन घर और परिवार के मामले में स्वतंत्रता और लचीलेपन का है। घर में किसी पुरानी और अटकी बात को लेकर गहमा-गहमी हो सकती है। अडियल होने से बात और बिगड़ेगी। लिहाजा, थोड़ा झुककर चलें और कूटनीति से मामले सुलझाएं। मां के साथ आज खुली दिल से बातचीत करें। वाहन का सुख मिलेगा और परिवार के साथ घूमने जा सकते हैं। व्यक्तित्व की गरिमा बनी रहेगी और नेतृत्व करने के मौके मिलेंगे। लाभ में स्थिर वृद्धि जारी है। जीवनसाथी को थोड़ी स्पेस दें और उसकी भावनाओं का सम्मान करें।

    सिंह राशि: भाई-बहन से खुलकर बात करें। सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन भाई-बहनों के साथ खुलकर बात करने का है। अपने किस्से, एक्सपीरियंस और यादें साझा करें। कभी-कभी पुरानी बातें दिल को सुकून देती हैं। यात्रा पर जाने के मौके मिल सकते हैं। छोटी यात्रा भी आपको खुलकर जीने का एहसास देगी। आपको न सिर्फ मजा आएगा, बल्कि कुछ नया एक्सपीरियंस भी करने को मिलेगा। ऑफिस में आपका दमदार नेतृत्व देखने को मिलेगा। पड़ोसी से भी किसी अहम विषय पर बात हो सकती है या उसकी मदद मिल सकती है। शुक्रदेव व्यक्तित्व पर एक आकर्षण बनाए हुए हैं। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं या घर में ही कोई फिल्म देखकर दिन को अच्छे से बिता सकते हैं।

    कन्या राशि: पैसों में लचीला रवैया अपनाएं। कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन धन के मामले में लचीलेपन को अपनाने का है। आज आवक से ज्यादा खर्च हो सकता है। हालांकि खर्च आपकी ही जरूरतों पर होगा, इसलिए इसकी वजह से परेशान होने की जरूरत नहीं है। पैसों के मामले में आज एक नया और लचीला तरीका अपनाएं। परिवार के सदस्यों से आज खुलकर किसी भी मुद्दे पर बात कर सकते हैं। आपकी बातों में कूटनीति साफ दिखेगी, जिससे आप सभी का दिल जीत लेंगे। आंखों में दर्द या थकान हो सकती है। लाभ में गुरु का विलंबित शुभ साथ बना है। करियर में बड़े फैसले 24 जुलाई बाद करें। जीवनसाथी के साथ खट-पट हो सकती है। उसे बोलने की थोड़ी आजादी दें और उसकी बातों का सम्मान करें। अपने लिए जरूरत से ज्यादा समय निकालने के चक्कर में परिवार से दूरी न बनाएं।

    तुला राशि: आज व्यापार-वार्ता के लिए शुभ दिन है। तुला राशि वालों के लिए आज का दिन व्यक्तित्व और कूटनीति के लिहाज से बेहद अनुकूल है। स्वाति नक्षत्र की स्वतंत्र और कूटनीतिक ऊर्जा व्यक्तित्व में एक विशेष लचीलापन और समझदारी लेकर आई है। व्यापार-वार्ता, बातचीत या किसी भी कूटनीतिक काम के लिए आज बेहतरीन दिन है। आत्मनिर्भरता आज और मजबूत होगी। सिर में हल्कापन महसूस होगा और ताजी ऊर्जा होगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में स्वतंत्रता और सम्मान का संतुलन बनाए रखें। हालांकि बड़े निर्णय लेने में देरी न करें। आज करने वाले हर काम के लाभ-हानि पर अच्छी तरह से विचार जरूर करें।

    वृश्चिक राशि: विदेश से लाभ मिल सकता है। वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन विदेश, मल्टीनेशनल कंपनी, दूरस्थ लोगों से लाभ कमाने का है। भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकता है। निष्पक्ष होकर स्वतंत्र सोच से काम करें। एकांत में बैठकर किसी पुरानी और अटकी समस्या को आज एक नए और लचीले नजरिए से देखें, हल जरूर निकलेगा। विदेश से कोई उपयोगी और स्वतंत्र संपर्क हो सकता है। खर्चों पर नजर रखें। कोर्ट-कचहरी के मामले में कूटनीति से काम लेने से सफलता मिल सकती है। लग्नेश की ऊर्जा जीवनसाथी के साथ रिश्ते में ठहराव लाएगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयास सफल होंगे। विदेश में पढ़ाई के लिए कोशिश करने पर सफलता मिल सकती है।

    धनु राशि: दोस्तों से लाभ मिलेगा, कुछ नया सीखेंगे। धनु राशि वालों के लिए आज का दिन लाभ पहुंचाने वाला है। दोस्तों के साथ खुलकर बात करने या घूमने का मौका मिलेगा। किसी नए विषय को पढ़ने या सीखने का मौका मिल सकता है। लाभ के मामले में आज यह ध्यान जरूर रखें कि आपकी कमाई सही तरह के स्रोत हो। जल्दी कमाने के चक्कर में गलत तरीके से कमाई न करें। दोस्तों का साथ मिलेगा। बड़े भाई-बहन से कोई व्यावहारिक और काम की सलाह मिल सकती है। आज कोई मन पसंद की चीज मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं।

    मकर राशि: करियर में कूटनीतिक रवैया अपनाएं। मकर राशि वालों के लिए आज का दिन करियर के मामले में डिप्लोमैटिक तरीके से काम निकालने का है। ज्यादा अड़ने की जरूरत नहीं है। आज आप अपने काम में किसी की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बॉस या किसी वरिष्ठ से आज समझदारी से बात करें, सीधी टकराहट से बचें। सरकारी काम में आज कूटनीतिक तरीके से काम करेंगे, तो लाभ होगा। पिता से आर्थिक और मानसिक सहयोग मिलेगा। लग्नेश शनिदेव बातचीत में एक अनुशासित और कूटनीतिक ऊर्जा दे रहे हैं। किस्मत बुलंदी पर रहेगी।

    कुंभ राशि: भाग्य का साथ मिलेगा, धार्मिक यात्रा होगी। कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्य का जबरदस्त साथ लेकर आया है। धर्म-कर्म के मामले में रुचि रहेगी। भाग्य की वजह से कम मेहनत में अच्छे नतीजे मिलेंगे। नई और अनुकूल दिशा मिलेगी। किसी तीर्थ यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है। यदि किसी विषय को लेकर परेशान हैं या कोई संशय चल रहा है, तो गुरु या किसी बड़े से आज एक खुली बातचीत करें। रास्ता मिलेगा। उच्च शिक्षा हासिल करने की दिशा में कोई कदम बढ़ा सकते हैं। लग्नेश शनिदेव धन में एक अनुशासित और कूटनीतिक ऊर्जा दे रहे हैं। जीवनसाथी के साथ का सम्मान करें।

    मीन राशि: छुपे मामलों में लचीला रवैया अपनाएं। मीन राशि वालों के लिए आज दो तरह के विकल्प सामने आ सकते हैं। आपको उनमें से किसी एक का चयन करना होगा। इसी आधार पर आज का दिन गुजरेगा। छोटे से लालच में बड़ा नुकसान करने से बचें। अचानक बदलाव या मूड स्विंग जैसी स्थिति बन सकती है। मन को शांत रखें। बीमा, आयकर या पुराने दस्तावेज से जुड़े काम में आज में परेशानी हो सकती है। ससुराल पक्ष से जुड़े मामलों को डिप्लोमैटिकली हैंडल करने की कोशिश करें। मानसिक थकान या परेशानी हो सकती है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में स्वतंत्रता और सम्मान बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें।

  • क्या जामुन खाने से कंट्रोल होती है डायबिटीज? जानिए एक्सपर्ट ने क्या बताया और कितनी मात्रा में खाना है सही

    क्या जामुन खाने से कंट्रोल होती है डायबिटीज? जानिए एक्सपर्ट ने क्या बताया और कितनी मात्रा में खाना है सही

    नई दिल्ली: बरसात के मौसम में मिलने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह फल विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यही वजह है कि लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि जामुन खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। कई लोग इसकी गुठली का पाउडर बनाकर भी सेवन करते हैं और दावा करते हैं कि इससे डायबिटीज नियंत्रित रहती है। लेकिन क्या सच में जामुन डायबिटीज का इलाज कर सकता है? क्या केवल जामुन खाने से शुगर कंट्रोल हो जाएगी? इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिया है। कैलाश दीपक हॉस्पिटल के एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. निशांत जैन के मुताबिक, जामुन को डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद जरूर माना जाता है, लेकिन इसे बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। यह डॉक्टर की दवाओं या इंसुलिन का विकल्प नहीं है। जामुन को केवल एक संतुलित और हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जा सकता है, जो ब्लड शुगर मैनेजमेंट में कुछ हद तक मदद कर सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि जामुन में एंथोसायनिन, एलेजिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और जैंबोलिन जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। डायबिटीज के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस अधिक देखने को मिलता है, इसलिए ऐसे पोषक तत्व शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

    क्या वाकई ब्लड शुगर कम करने में मदद करता है जामुन?

    कुछ शुरुआती रिसर्च में यह संकेत मिले हैं कि जामुन शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। इसके अलावा यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय पर अभी और बड़े स्तर के वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है। जामुन में फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी कम होता है। यही कारण है कि इसे खाने के बाद ब्लड शुगर का स्तर कई दूसरे मीठे फलों की तुलना में धीरे-धीरे बढ़ता है। यही वजह है कि सीमित मात्रा में जामुन को डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा जामुन खाने से ज्यादा फायदा मिलेगा। जरूरत से अधिक सेवन करने पर कब्ज, पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति पहले से डायबिटीज की दवा या इंसुलिन ले रहा है, तो उसे अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    जामुन खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जामुन हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। इसे खाली पेट खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जामुन खाने के तुरंत पहले या बाद में दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो केवल जामुन के भरोसे शुगर कंट्रोल करने की कोशिश न करें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन सबसे जरूरी है। जामुन इन सभी चीजों के साथ मिलकर बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जामुन एक पौष्टिक फल है और सही मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई फायदे पहुंचा सकता है। लेकिन इसे किसी चमत्कारी इलाज की तरह नहीं देखना चाहिए। डायबिटीज जैसी बीमारी में डॉक्टर की सलाह और नियमित उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है।
  • मानसून में लगाएं ये 7 शुभ पौधे, ज्योतिष के अनुसार मजबूत होंगे ग्रह, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

    मानसून में लगाएं ये 7 शुभ पौधे, ज्योतिष के अनुसार मजबूत होंगे ग्रह, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

    नई दिल्ली: मानसून का मौसम केवल बारिश और हरियाली ही नहीं लाता, बल्कि इसे पौधे लगाने के लिए भी सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होती है और वातावरण में आर्द्रता अधिक रहती है, जिससे पौधों की वृद्धि तेजी से होती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ भी बारिश के मौसम में अधिक से अधिक वृक्षारोपण की सलाह देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में भी पौधे और वृक्षों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि कई पौधों का संबंध अलग-अलग ग्रहों और नक्षत्रों से होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह कमजोर हो या उसका अशुभ प्रभाव चल रहा हो, तो उससे जुड़े पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा मिलने के साथ मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और जीवन में संतुलन आने की मान्यता है।

    किस ग्रह के लिए कौन-सा पौधा लगाना माना जाता है शुभ?

    ज्योतिष के अनुसार 27 नक्षत्रों और सभी प्रमुख ग्रहों का संबंध अलग-अलग पेड़-पौधों से माना गया है। इसलिए ग्रहों को मजबूत करने के लिए सही पौधा लगाना लाभकारी माना जाता है। सूर्य ग्रह को मजबूत करने के लिए पीपल, बरगद और नीम जैसे मजबूत वृक्ष लगाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इन पेड़ों की सेवा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है। चंद्रमा ग्रह के लिए पलाश जैसे पौधे शुभ माने जाते हैं। कहा जाता है कि ऐसे पौधों की देखभाल करने से मानसिक शांति मिलती है और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है। जिन लोगों को तनाव या मानसिक अस्थिरता रहती है, उनके लिए यह उपाय लाभकारी माना जाता है। मंगल ग्रह का शुभ प्रभाव पाने के लिए बबूल जैसे कांटेदार पेड़ या औषधीय गुणों वाले नीम का पौधा लगाया जा सकता है। इन पौधों की नियमित देखभाल करने से साहस, ऊर्जा और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ने की मान्यता है। बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए तुलसी का पौधा बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार बुध मजबूत होने पर बुद्धि, संवाद कौशल, शिक्षा और व्यापार में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। तुलसी का धार्मिक महत्व भी काफी अधिक है।

    इन ग्रहों के लिए भी पौधे लगाना माना जाता है लाभकारी

    बृहस्पति ग्रह के लिए आम, अमरूद, आंवला या अन्य फलदार पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे ज्ञान, सद्गुण, परिवार में सुख और आर्थिक समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए फूल देने वाले पौधे और वृक्ष लगाने की सलाह दी जाती है। गुलाब, चमेली, मोगरा या अन्य सुगंधित फूलों वाले पौधे शुक्र से जुड़े माने जाते हैं। कहा जाता है कि इससे जीवन में सौंदर्य, आकर्षण, प्रेम और कला के प्रति रुचि बढ़ती है। शनि ग्रह के लिए शमी का पौधा सबसे शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शमी का पौधा लगाने और उसकी नियमित सेवा करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं। साथ ही व्यक्ति में धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है। हालांकि, ज्योतिष में बताए गए ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य सकारात्मक सोच, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। यदि आप मानसून में पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जगह और जलवायु के अनुसार पौधों का चयन करें और उनकी नियमित देखभाल करें। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि आपके आसपास हरियाली और स्वच्छ वातावरण भी बना रहेगा।
  • राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए CEO से लेकर 3 ट्रस्टियों की नियुक्ति तक कई बड़े फैसले संभव

    राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए CEO से लेकर 3 ट्रस्टियों की नियुक्ति तक कई बड़े फैसले संभव

    अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली दो अहम बैठकों पर सभी की नजरें टिकी हैं। इन बैठकों में मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, तीन नए ट्रस्टियों के चयन, ट्रस्ट की प्रमुख समितियों के पुनर्गठन और चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फैसला लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि इन निर्णयों का असर मंदिर के प्रशासन और भविष्य की कार्यप्रणाली पर दिखाई देगा। ट्रस्ट की पहली कार्यकारिणी बैठक दोपहर 3 बजे राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित होगी। इसके बाद दूसरी बैठक मणिराम दास छावनी स्थित ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर होगी। दोनों बैठकों में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने तीन उम्मीदवारों के नाम अंतिम सूची में शामिल कर लिए हैं। अब ट्रस्ट इन तीनों में से एक उम्मीदवार का चयन करेगा। मंदिर के CEO की जिम्मेदारी केवल प्रशासन तक सीमित नहीं होगी। उन्हें मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, कर्मचारियों के समन्वय, श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं और दैनिक संचालन की निगरानी भी करनी होगी। यही वजह है कि इस पद को ट्रस्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पद के लिए सेवानिवृत्त नौकरशाहों, कॉरपोरेट क्षेत्र के अनुभवी लोगों और राम भक्तों ने आवेदन किए थे। चयन प्रक्रिया के लिए गठित सर्च कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व NIT रायपुर के निदेशक सुरेश हावरे शामिल हैं।

    समितियों के पुनर्गठन और ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी होगा फैसला

    बैठक में ट्रस्ट की पांच प्रमुख समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा होगी। खास तौर पर वित्त एवं ऑडिट समिति में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक और वित्तीय निगरानी को पहले से अधिक मजबूत बनाने की तैयारी में है। वर्तमान में वित्त एवं ऑडिट समिति की जिम्मेदारी स्वामी गोविंद देव गिरि के पास है। वहीं निर्माण समिति की अध्यक्षता नृपेंद्र मिश्रा, प्रशासनिक समिति की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन और धर्म एवं न्यास समिति का नेतृत्व महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं। अब इन समितियों की कार्यप्रणाली और संरचना में बदलाव पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा ट्रस्ट में खाली पड़े तीन ट्रस्टी पदों को भरने पर भी फैसला लिया जा सकता है। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद रिक्त हुए थे, जबकि ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद तीसरा पद खाली हुआ। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट बैठक में स्वीकार कर लिए गए थे। अब इन रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति की संभावना है।

    चढ़ावा चोरी मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगी नजर

    राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी बैठक का अहम मुद्दा होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। जांच पूरी करने के लिए पहले 15 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन बाद में इसकी समय-सीमा बढ़ा दी गई। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की जा सकती है। साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नए सुझावों पर भी विचार होने की संभावना है। प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी को बेहतर बनाने के उपाय भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। बैठक से पहले ट्रस्ट के कई वरिष्ठ सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य वासुदेवानंद सरस्वती और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन शामिल हैं। इस बीच निर्मोही अखाड़े से जुड़े विवाद को लेकर महंत दिनेंद्र दास ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उन्हें पद से हटाए जाने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि अखाड़े के कुल 19 पंचों में से 13 पंच आज भी उनके समर्थन में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं और जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अब सभी की नजर राम मंदिर ट्रस्ट की इन बैठकों पर है। नए CEO की नियुक्ति, ट्रस्टियों के चयन, समितियों के पुनर्गठन और चढ़ावा चोरी मामले को लेकर लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और व्यवस्थाओं को नई दिशा दे सकते हैं।
  • न्यायाधिकरणों में रिक्त पदों पर केंद्र का बड़ा अपडेट, संसद के मानसून सत्र में आ सकता है नया ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक

    न्यायाधिकरणों में रिक्त पदों पर केंद्र का बड़ा अपडेट, संसद के मानसून सत्र में आ सकता है नया ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक

    नई दिल्ली: देश भर के विभिन्न न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में लंबे समय से खाली पड़े पदों और उनके कामकाज को लेकर चल रहे मामले में केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को महत्वपूर्ण जानकारी दी। केंद्र ने अदालत को बताया कि नया ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक (Tribunal Reforms Bill) तैयार करने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस विधेयक को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पेश करने की कोशिश की जाएगी। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अदालत को बताया कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है और नया विधेयक लगभग तैयार है।

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि देश के न्यायाधिकरणों को निष्क्रिय या कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि इन संस्थाओं का प्रभावी ढंग से काम करना न्याय व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। कोर्ट ने पहले भी केंद्र सरकार से कहा था कि पूरे देश के सभी ट्रिब्यूनलों के संचालन, नियुक्तियों और प्रशासन के लिए एक समान व्यवस्था तैयार की जाए। अदालत का मानना है कि अलग-अलग नियमों के कारण कई जगह कामकाज प्रभावित हो रहा है और इससे न्याय मिलने में देरी होती है।

    मानसून सत्र में बिल लाने की कोशिश

    सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि प्रस्तावित ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक फिलहाल संसद के मानसून सत्र के एजेंडा में शामिल नहीं दिख रहा है। इस पर अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने अदालत को जवाब देते हुए कहा, “हम कोशिश करेंगे।” इससे संकेत मिला कि सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पेश करने का प्रयास करेगी।

    पहले भी रद्द हो चुके हैं नियम

    यह मामला नया नहीं है। नवंबर 2025 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की पीठ ने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 के तहत ट्रिब्यूनल सदस्यों की नियुक्ति और कार्यकाल से जुड़े कुछ नियमों को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये प्रावधान अदालत के पहले दिए गए फैसलों के अनुरूप नहीं थे। कोर्ट का मानना था कि जिन नियमों को पहले असंवैधानिक या अनुचित माना जा चुका था, उन्हें मामूली बदलाव के साथ दोबारा लागू किया गया।

    राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग बनाने का दिया था निर्देश

    अपने पिछले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार महीने के भीतर राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग (National Tribunal Commission) बनाने का निर्देश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि ऐसा आयोग ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों, प्रशासन और उनके कामकाज को अधिक स्वतंत्र, पारदर्शी और एक समान बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे विभिन्न ट्रिब्यूनलों में मौजूद प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिलेगी।

    क्यों जरूरी है नया सुधार?

    देश में कई ट्रिब्यूनलों में लंबे समय से न्यायाधीशों और सदस्यों के पद खाली पड़े हैं। इसके कारण हजारों मामलों की सुनवाई प्रभावित होती है और लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक लागू होता है तो नियुक्ति प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है। साथ ही ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

    सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों पर दिया जोर

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसलों में यह भी कहा था कि केवल छोटे-छोटे बदलावों से वर्षों से चली आ रही व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। अदालत के अनुसार, ट्रिब्यूनलों को मजबूत बनाने के लिए व्यापक और स्थायी सुधार आवश्यक हैं। कोर्ट ने माना कि एक स्वतंत्र और प्रभावी राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग भविष्य में नियुक्तियों, प्रशासन और संस्थागत स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

    अब आगे क्या होगा?

    अब सभी की नजर केंद्र सरकार पर है कि वह प्रस्तावित ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक को संसद के मानसून सत्र में पेश करती है या नहीं। यदि यह विधेयक संसद में आता है और पारित हो जाता है, तो देश के न्यायाधिकरणों की नियुक्ति प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यायाधिकरणों को प्रभावी ढंग से चलाना न्याय व्यवस्था के लिए आवश्यक है और इस दिशा में केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।
  • क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में: सत्ती 

    क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में: सत्ती 

    ऊना,सुशील पंडित: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि जिला के लोगों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जल्द साकार होने जा रही है।

    प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। मंगलवार को विधायक स्वयं निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विधायक को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों की जानकारी दी। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को भी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि यह परियोजना शीघ्र जनता को समर्पित की जा सके। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों से ऊना को यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना मिली है। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक का लगभग 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही यह अत्याधुनिक सुविधा मरीजों की सेवा के लिए शुरू कर दी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि परियोजना की कुल संशोधित लागत 26 करोड़ 6 लाख 8 हजार 731 रुपये है। इसमें सिविल कार्य पर 18 करोड़ 94 लाख 8 हजार 731 रुपये तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर 7 करोड़ 12 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हुआ था। विधायक ने कहा कि यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार, आईसीयू सुविधाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा।

    इसके शुरू होने के बाद ऊना और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर उपचार के लिए चंडीगढ़, पंजाब या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे समय पर उपचार मिलने के साथ मरीजों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह परियोजना उसी सोच का परिणाम है और इसके शुरू होने से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। विधायक ने विश्वास जताया कि यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक जनसेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा और हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

     

  • Jalandhar News: आम से लदा कैंटर अज्ञात वाहन से टकराया, लगा जाम, देखें वीडियो

    गोराया: फगवाड़ा-लुधियाना हाईवे JC रिजार्ट के समीप ओवरब्रिज के पास आज आम से लदा एक कैंटर अज्ञात वाहन से टकरा गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई घायल हुआ। इस बारे में जानकारी देते हुए रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) के इंचार्ज सरबजीत सिंह ने बताया कि पेट्रोलिंग के दौरान उनकी टीम ने JC रिज़ॉर्ट के समीप ओवरब्रिज पर दुर्घटनाग्रस्त कैंटर देखा। यह कैंटर सहारनपुर से अमृतसर जा रहा था और इसे समीर नाम का ड्राइवर चला रहा था। हरियाणा नंबर वाले इस कैंटर में आम लदे हुए थे। जब SSF टीम ने मौके पर ड्राइवर से पूछताछ की, तो उसने बताया कि गाड़ी चलाते समय उसे नींद आ गई थी, जिसकी वजह से वह अपने आगे जा रहे अज्ञात वाहन से टकरा गया। टक्कर के बाद कैंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। SSF टीम ने तुरंत गोराया पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर को घटना की सूचना दी। इसके बाद कैंटर को सड़क के किनारे किया गया, सेफ्टी कोन लगाए गए और ट्रैफिक को सुचारू रूप से शुरू करवा दिया गया।          
  • मेहतपुर में ढाबे से अवैध देसी शराब बरामद, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज

    मेहतपुर में ढाबे से अवैध देसी शराब बरामद, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज

    ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के पुलिस थाना मेहतपुर की टीम ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेहतपुर बाजार स्थित एक ढाबे से 8 बोतल देसी शराब बरामद की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को एएसआई गुरदास राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मेहतपुर बाजार स्थित गुंजन ढाबा में तलाशी अभियान चलाया।

    तलाशी के दौरान ढाबे के अंदर से देसी शराब (VRV संतरा) की 8 बोतलें बरामद हुईं। इस मामले में ढाबा मालिक अनिल कुमार निवासी बहडाला, तहसील व जिला ऊना के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

     

  • बल्ह में एचपी-शिवा परियोजना का प्रशिक्षण, किसानों ने सीखीं वैज्ञानिक बागवानी की तकनीकें

    बल्ह में एचपी-शिवा परियोजना का प्रशिक्षण, किसानों ने सीखीं वैज्ञानिक बागवानी की तकनीकें

    ऊना,सुशील पंडित: ऊना जिले की बल्ह पंचायत में एचपी-शिवा परियोजना के तहत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में किसानों को आधुनिक बागवानी और वैज्ञानिक फल उत्पादन की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। उप-निदेशक (बागवानी) डॉ. के.के. भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में करीब 35 किसानों और बागवानों ने भाग लिया।

     डॉ. के.के. भारद्वाज ने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना प्रदेश में बागवानी को नई दिशा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने और परियोजना का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। परियोजना के टीम लीडर आकाश अस्थाना ने सीएचपीएमए और डब्ल्यूयूए जैसी सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका तथा परियोजना के सफल क्रियान्वयन में किसानों की भागीदारी पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही योजना के बेहतर परिणाम मिलेंगे।

    शिमला से आए पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. मनोज जोशी और लिंगराज पांडा ने पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा मानकों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ टिकाऊ बागवानी अपनाने पर बल दिया। विशेषज्ञ राव साहब ने अमरूद की तुड़ाई के बाद ग्रेडिंग, गुणवत्ता संरक्षण, पैकिंग और विपणन की वैज्ञानिक तकनीकों से किसानों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इन उपायों से उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।

    कार्यशाला में किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर बागवानी विकास अधिकारी वीरेंद्र भारद्वाज, उद्यान प्रसार अधिकारी वंदना तथा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।