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  • Punjab News: उफान पर रावी नदी, लोगों के घरों में घुसा पानी, डूब गया कीमती सामान, देखें वीडियो

    Punjab News: उफान पर रावी नदी, लोगों के घरों में घुसा पानी, डूब गया कीमती सामान, देखें वीडियो

    पठानकोटः सीमावर्ती क्षेत्र में जलालिया नदी में 3 बार बाढ़ आने के बाद अब रावी नदी अपने उफान पर आती दिख रही है। आज रावी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बहादुरपुर गांव के पास नदी के किनारे रहने वाले गुज्जर परिवारों के 2 घर इसकी चपेट में आ गए। जिसके कारण परिवारों को अपने बच्चों को बहते पानी से बचाने में काफी दिक्कत हुई। साथ ही, पानी बह जाने से इन परिवारों का काफी घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

    परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब 1 बजे अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिसके बारे में प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि अचानक पानी आने से घर में पानी घुस गया, जिसके चलते उन्होंने तुरंत अपने बच्चों को घरों से बाहर निकाला। पीड़ित परिवार ने जब सामान बचाने की कोशिश की तो पानी घर में पूरी तरह घुस चुका था। जिसके चलते काफी कीमती सामान नदी में डूब गया।

    इसके अलावा परिवार के अनुसार कुछ पशु भी इस नदी में बह गए। अगर बात करें अन्य परिवारों की तो पास के दो परिवारों ने अपना सामान अपने वाहनों पर लादकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। हालांकि इसके अलावा सीमावर्ती गांव तूर, चेबियां और लासियां ​​में भी कई घरों में पानी घुसने की सूचना मिली है। बताया जा रहा है कि उस इलाके में एसएचओ विजय कुमार ने नरोट जैमल सिंह की पुलिस की सहायता से कुछ परिवारों को नाव के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

  • Haryana News: नदी से मिली लापता बच्चे की Deadbody, देखें वीडियो

    Haryana News: नदी से मिली लापता बच्चे की Deadbody, देखें वीडियो

    पंचकूला: सेक्टर-20 आशियाना से खोए हुए बच्चे का शव पंजाब के मुबारकपुर की घग्घर नदी से मिला है। इस मामले में पुलिस के द्वारा जांच पड़ताल भी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि बच्चे नहाने के लिए नदी में गए थे। इस दौरान डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद बच्चों का शव उसके परिवार वालों को दे दिया है।

    इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी मलकीत सिंह ने बताया कि बच्चों की गुमशुदा की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि दो बच्चे घर से निकले थे। मुबारकपुर जो कि पंचकूला के साथ लगते पंजाब के क्षेत्र में पड़ता है वहां से एक बच्चे की डेड बॉडी मिली है। इसके बाद पंजाब के डेरा बस्सी में बच्चों का शव रखवा दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई करने के बाद पुलिस के द्वारा शव परिजनों के हवाले भी कर दिया गया है।

    पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद यह पता चला है कि बच्चों की मौत नहाते समय नदी में डूबने के कारण हुई है। दो बच्चे घर से नहाने के लिए गए थे। इसके बाद उनकी डेड बॉडी घग्घर नदी में से मिली है।

     

     

  • Punjab News: बाढ़ में घिरे सीमा-पार के गांववासी, 2 गर्भवती महिलाओं के लिए फरिश्ता बना स्वास्थ विभाग, देखें वीडियो

    Punjab News: बाढ़ में घिरे सीमा-पार के गांववासी, 2 गर्भवती महिलाओं के लिए फरिश्ता बना स्वास्थ विभाग, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः पंजाब में लगातार हो रही बारिश के कारण कई गांवों में बाढ़ के हालात बन गए है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग कभी युद्ध तो कभी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं। इस बार सतलुज नदी की मार से कई एकड़ फसल बर्बाद होने के कारण वे आर्थिक रूप से भी कमजोर हो गए हैं। इस कठिन समय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष चिकित्सकीय कैंपों के माध्यम से दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं ने परिवारों को राहत देने का काम किया है। विभाग के अधिकारी से लेकर स्टाफ तक परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस मुश्किल घड़ी में समय का साथी बने हुए हैं।

    वहीं भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतलुज नदी से लगे गांव टेंडी वाला की मंजीत कौर और गांव कालू वाला की मनप्रीत कौर के लिए स्वास्थ्य विभाग फरिश्ता बनकर सामने आया। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह बाढ़ जैसे भयानक हालात में अपने बच्चों को जन्म देंगी। सिविल सर्जन डॉ. राजविंदर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य मंत्री पंजाब डॉ. बलबीर सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद देने और गर्भवती महिलाओं को कठिन हालात से बाहर निकालकर सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर उनका प्रसव कराने के आदेश दिए गए थे।

    इन आदेशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव टेंडी वाला की मंजीत कौर और गांव कालू वाला की मनप्रीत कौर गर्भवती महिलाओं को बचाकर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराया। मंजीत कौर ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को इस बात की चिंता थी कि बाढ़ के ऐसे हालात में उन्हें प्रसव सेवाएं कैसे मिलेंगी, डॉक्टरों और नर्सों की विशेषज्ञता कैसे प्राप्त होगी, आवश्यक दवाइयों तक पहुंच कैसे होगी। लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मदद से सहायता मिलनी शुरू हो गई, जिससे हमें जीवन की उम्मीद की किरण मिली। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पहले वे अपने गांव में एएनसी जांच, टीकाकरण के लिए कैंप में जाते थे, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ बदल दिया।

    स्वास्थ्य विभाग ने उनकी पूरी देखभाल की। जिला मास मीडिया अधिकारी संजीव शर्मा, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी अंकुश भंडारी और नेहा भंडारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशानुसार यदि कोई गर्भवती महिला अस्पताल में रहना चाहे तो उन्हें घर जैसा माहौल, खाने-पीने का ध्यान रखने के साथ पूरी स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। समाजसेवी विपुल कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चारों तरफ चर्चा हो रही है और स्वास्थ्य कर्मी लोगों की हर संभव मदद कर रहे हैं, जो वे कर सकते थे।

  • Punjab News: National Highway की धंसी सड़क, पलटा रेत से भरा ट्राला, रूट डायवर्ट

    Punjab News: National Highway की धंसी सड़क, पलटा रेत से भरा ट्राला, रूट डायवर्ट

    संगरूरः पंजाब में 2 दिन से हो रही बारिश से लोगों का जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। एक और बारिश के कारण जहां लोगों के कामकाज पर असर पड़ा है। वहीं दूसरी ओर डैम में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण राज्य में कई गांवों में बाढ़ के हालात बन गए है। वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण संगरूर-बठिंडा-चंडीगढ़ मुख्य नेशनल हाईवे की सड़क धंस गई है। हाईवे धंसने के कारण रेत से भरा ट्राला हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैफिक रूट को डायवर्ट कर दिया है।

    ट्राला ड्राइवर ने बताया कि यह हादसा सुबह 3 बजे के करीब हुआ है। हादसे के बाद उसने मुख्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी को इस हादसे की जानकारी दी लेकिन दोपहर 1 बजे तक भी जांच के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ड्राइवर ने कहा कि ट्राला मालिक और उसने मिलकर हाईवे पर खुद ही कमान संभाली और रूट डायवर्ट किया ताकि कोई बड़ी घटना न हो जाए। वहीं बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले ही इस उक्त नेशनल हाईवे की मुरम्मत की गई थी।

    हाईवे 3-4 फीट नीचे धंस गया। अब जब इस हाईवे पर मुरम्मत की जा रही तो वहां से मिट्टी ही मिट्टी निकल रही है। जो मुख्य नेशनल अथारिटी के अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। मालिक ने बताया कि उनका करीब 7 लाख रुपए तक का नुकसान हो गया। उनके ट्राले के 7 टायर फट गए और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन चालकों से चंडीगढ़ से बठिंडा पार करने का 2400-2500 रुपए तक टोल प्लाजा लेने के बाद भी हाईवे का यह हाल है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी, नेशनल हाईवे अथॉरिटी या पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा।

     

     

  • Punjab News: बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें पानी भरने से पूरी मार्केट हुई बंद, देखें वीडियो

    Punjab News: बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें पानी भरने से पूरी मार्केट हुई बंद, देखें वीडियो

    फरीदकोटः पंजाब में लगातार बीते दिन से बारिश हो रही है। वहीं देर रात से हो रही तेज बारिश इलाके के निवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। लगातार हो रही बरसात से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे लोगों के रोज़गार पर काफी असर पड़ा है। फरीदकोट की नेहरू शॉपिंग मार्केट के बाहर भारी मात्रा में पानी जमा होने के कारण पूरी मार्केट दुकानदारों को बंद करनी पड़ी।

    यहां तक कि पानी लोगों की दुकानों के अंदर भी घुस गया है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है। इस मौके पर दुकानदारों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, जब भी बारिश होती है तो यह इलाका पूरी तरह पानी में डूब जाता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार शिकायत के बावजूद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस जगह पहले खुला बरसाती नाला था।

    जिससे पानी का निकास लगातार होता था, लेकिन जब से जमीन के नीचे पाइप डाले गए हैं, पानी की निकासी बंद हो गई है क्योंकि कहीं न कहीं जाम के कारण पानी पूरी तरह निकल नहीं पाता। दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से समय रहते नाले की सफाई भी नहीं कराई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस बंद नाले की सफाई कराई जाए ताकि बारिश के पानी का निकास पूरी तरह हो सके और उन्हें हो रहे बड़े नुकसान से बचाया जा सके।

  • Himachal News: ऊना जिले में 25 अगस्त को बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

    Himachal News: ऊना जिले में 25 अगस्त को बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

    ऊना/सुशील पंडित: जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष जतिन लाल ने सोमवार, 25 अगस्त को जिला ऊना के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

    उपायुक्त ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग शिमला ने ऊना जिले में 25 अगस्त को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं, पहले से ही 24 अगस्त को हुई लगातार बारिश से जिले के कई हिस्सों में जलभराव, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी हुई है। कई लिंक सड़कें प्रभावित होने के चलते विद्यार्थियों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा संकट उत्पन्न हो गया है।

    इसी के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थान, कॉलेज, आईटीआई, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर और आंगनवाड़ी केंद्र 25 अगस्त को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

    जतिन लाल ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संस्थानों के प्रमुखों को  आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

  • Punjab News: पानी के तेज बहाव में बहने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत

    Punjab News: पानी के तेज बहाव में बहने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत

    पठानकोटः पंजाब में लगातार बारिश से हालत बिगड़ने शुरू हो गए है। पठानकोट में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे स्थित चक्की खड्ड पर पुराना बंद पड़ा पुल पानी की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया है। वहीं रणजीत सागर डैम के फ्लड गेट खोल दिए गए हैं। वहीं आज दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। पठानकोट के अर्ध पहाड़ी धार ब्लॉक में रात भर से हो रही बारिश ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।

    Read in English:

    https://encounternews.in/punjab/six-year-old-boy-swept-away-in-floodwaters-amid-heavy-rain-in-pathankot/

    पठानकोट के धार कलां क्षेत्र अधीन आते गांव ढांगू सुराह के रहने वाले परिवार का 6 साल का बच्चा पानी के तेज बहाव में बह गया। इस हादसे में मासूम की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार मासूम साहिल उफनती बेगमपुरा धाम के निकट ढांगू सुराह खड्ड में पानी को देखने निकला था। घर से मुश्किल 100 मीटर दूर किनारे खड़े होकर वह पानी के शोर में खोया था।

    तभी अचानक मिट्टी खिसकने से उसका पांव फिसल गया और खड्ड के पानी के तेज बहाव में बह गया। कुछ ही पलों में खिलखिलाती हंसी खामोशी में बदल गई। गांव के लोग बच्चे को बचाने के लिए भागे और पानी से साथ बहते हुए बच्चे को निकलने की कोशिश करते रहे। साहिल आधा किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला। ग्रामीण ने उसे एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे मृत घोषित कर दिया। साहिल के पिता परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए मणि महेश यात्रा पर गए हैं और पीछे उनके घर का चिराग बुझ गया। बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • Standup Comedians को सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, नहीं मानी बात तो लगेगा भारी जुर्माना

    Standup Comedians को सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, नहीं मानी बात तो लगेगा भारी जुर्माना

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की ओर से सोशल मीडिया और यूट्यूबर इंफ्लुएंसर्स पर सख्त रुख अपनाया गया है। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके कमाई करने वाले इंफ्लुएंसर्स का कंटेट फ्री स्पीच की कैटेगरी में नहीं होता। इसे कॉर्मशियल स्पीच माना जाएगा। कोर्ट ने साथ ही स्टैंड अप कॉमिडयन्स को बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा है। गौरतलब है कि समय रैना के शो में रणवीर इलाहाबादिया की टिप्पणी के बाद विवाद शुरु हो गया था।

    यह मामला उस समय सामने आया जब स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमारजीत सिंह घई, निशांत जगदीश तंवर और सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई पर दिव्यांगजनों को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी कॉमेडियन्स को अपने यूट्यूब चैनल और पॉडकॉस्ट पर दिव्यांगजनों से बिना शर्त के माफी मांगने के निर्देश दिए हैं।

    इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को भी बिना शर्त के माफी मांगने के लिए कहा है। उन्होंने समय रैना के ही शो में माता-पिता को कथित तौर पर कुछ अपशब्द बोले थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी और उन्हें हर तरफ से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बाद में समय रैना को अपना शो इंडिया गॉट लेटेंट (India’s Got Latent) बंद ही करना पड़ा था।

    कोर्ट ने यह भी कहा है कि स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी से जूझ रहे बच्चों के परिवारों ने जो भी कदम उठाए हैं। वह बहुत ही साहसिक है। उन्होंने कॉमेडियन समय रैना की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई थी और इसको बच्चों का अपमान बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि इन्फ्लुएंसर्स और कॉमेडियन्स को न सिर्फ सावर्जनिक माफी मांगनी पड़ेगी उनको एक शपथपत्र भी देना होगा जिसमें यह साफ किया है कि वे अपने सोशल मीडिया प्रभाव का इस्तेमाल दिव्यांजनों के अधिकारों के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए करेंगे।

    कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में इन इंफ्लुएंसर्स पर भी जुर्माना लगेगा। इसके अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली भाषा को लेकर एक साफ गाइडलाइन्स बनाएं। कोर्ट ने यह कहा है कि गाइडलाइन्स किसी एक घटना पर जल्दबाजी में न बने बल्कि तकनीक और सोशल मीडिया से जुड़े हुए व्यापक मुद्दों को ध्यान में रखकर बनाई जाए।

    इसके लिए मंत्रालय ने NBDSA और बाकी स्टेकहोल्डर्स से सलाह मशवरा लेने के लिए भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया है कि अब कॉमेडियन्स को हर सुनवाई में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने की जरुरत नहीं है। इन इंफ्लुएंसर्स पर उपयुक्त पेनल्टी लगाने का फैसला अभी बाद में लिया जाएगा।

     

  • नहर में डूबी युवती, पगड़ी की मदद से सिख युवक ने निकाला बाहर, देखें वीडियो

    नहर में डूबी युवती, पगड़ी की मदद से सिख युवक ने निकाला बाहर, देखें वीडियो

    यमुनानगरः हरियाणा के यमुनानगर में युवती पश्चिम यमुना नहर में डूब गई, जिसे करीब 500 मीटर दूर हमीदा हेड़ पर बैठे एक युवक ने देखा और उसे बचाने के लिए नहर में कूद पड़ा। इतने में वहां खड़े दूसरे सरदार युवक ने अपनी पगड़ी उतार नहर में फेंकी, जिससे युवती को बांधकर पानी से बाहर निकाला गया। युवती पानी में डूबने के कारण बेसुध हो चुकी थी, जिसे वे तुरंत सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे और हमीदा पुलिस चौकी को भी इस बारे में सूचित कर दिया। अस्पताल में युवती अभी उपचाराधीन है।

    वहीं मौके पर पहुंचे गोताखोर उसके परिजनों से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। गोताखोरों ने बताया कि युवती की हालत अभी ठीक है। उससे बातचीत में पता चला है कि वह हमीदा की रहने वाली है, जिसकी उम्र करीब 19 साल है। फिलहाल यह पता नहीं चला है कि वह नहर में कैसे गिरी है। हमीदा पुलिस को जानकारी दे दी है। निर्मल सिंह ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 10 बजे हमीदा हेड के पास था।

    तभी उसने देखा कि नहर में युवती डूबती हुई आ रही है। वहां पर एक युवक मौजूद था जिसने उस लड़की को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। उसने भी तुरंत अपनी पगड़ी खोलकर नहर में फेंकी, जिसके द्वारा युवती को पानी से बाहर निकाल लिया गया। पूछने पर पता चला है कि युवती काली माता मंदिर के पास से नहर में गिरी थी। गोताखोर राजीव ने बताया कि नहर में युवती डूबने की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे। युवती से नंबर लेकर उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उनसे कोई कॉन्टैक्ट नहीं हो पा रहा है।

  • Jalandhar के साथ लगते 2 जिलो में आया ब्यास का पानी, बन रहे बाढ़ जैसे हालात, देखें वीडियो

    Jalandhar के साथ लगते 2 जिलो में आया ब्यास का पानी, बन रहे बाढ़ जैसे हालात, देखें वीडियो

    होशियारपुरः पंजाब और हिमाचल में बारिश का कहर लगातार जारी है। दूसरी ओर हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश से पानी का जलस्तर लगातार बढ़कर डैमो में पहुंच रहा है। वहीं पंजाब के मैदानी इलाकों में आज दूसरे दिन भी बारिश लगातार जारी है। जिससे पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कपूरथला सहित होशियारपुर ब्यास दरिया के साथ गांवों में पानी भर आया है। यही कारण है कि गांव के लोगों की समस्या कम होने की बजाय बढ़ गईं। दूसरी ओर पंजाब सरकार व प्रशासन द्वारा लोगों की सहायता करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है।

    पौंग डैम में बढ़ते जलस्तर को लेकर तलवाड़ा पोंग डैम के बीबीएमबी प्रमुख राकेश गुप्ता का बयान सामने आया है। चीफ राकेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पोंग डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा पहले से ही सभी तरह की तैयारियां की गई थीं। वर्तमान में पौंग बांध की सुरंग से 18,000 क्यूसेक और फ्लड गेट से 42,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पौंग बांध से कुल 60,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने टीएमसी के साथ एक बैठक की है, जिसमें सभी पर चर्चा की गई है। क्योंकि पोंग बांध का जल स्तर अधिक पहुंच गया है, इसलिए सीडब्ल्यूसी द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए उनके द्वारा विभिन्न स्थानों जैसे पराल, मांड भोगरवा, रे खास, रियाली आदि स्थानों पर जन उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की गई है। जिससे लोगों को लगातार जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हमारे वाहन लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन को पहले ही सूचना दे दी गई थी और वह लगातार सूचना देने का काम भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग सोशल मीडिया पर बांध को लेकर कोई झूठी अफवाह फैलाते हैं, तो उन्हें और राज्य सरकार को आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है।