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  • CJP का आंदोलन खत्म होने के बाद दिल्ली Metro के सभी स्टेशन फिर से खुले

    CJP का आंदोलन खत्म होने के बाद दिल्ली Metro के सभी स्टेशन फिर से खुले

    नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन वापस लेने के बाद रविवार को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन यात्रियों के लिए पूरी तरह खोल दिए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया कि नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास दोनों सेवाएं सामान्य रूप से शुरू कर दी है।

    डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशन यात्री सेवाओं के लिए पूरी तरह खुले हैं। सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट की सुविधा उपलब्ध है।

    सीजेपी के आंदोलन के दौरान सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर कई दिनों तक प्रतिबंध लगाए गए थे। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोरबाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन शामिल थे। इन पाबंदियों के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की और केंद्रीय दिल्ली के विभिन्न स्थानों से बैरिकेड हटाए, जिसके बाद सभी स्टेशनों पर सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया। इसी के साथ जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई दिनों तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा रखी थी।

    सीजेपी ने कहा कि उसने सरकार की ओर से मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद सद्भावना के आधार पर आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर सहमत बिंदुओं को लागू करने का भरोसा दिया है।

    आंदोलन की समाप्ति ऐसे समय हुई है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर एक महीने से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शनों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन के अनशन के बाद सामने आया।

    सीजेपी का दावा है कि सरकार ने नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या करने वाले परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा देशभर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमति जताई है।

  • आज का राशिफल, 26 जुलाई 2026

    आज का राशिफल, 26 जुलाई 2026

    नई दिल्लीः आज चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि मंगल वृषभ, बुध मिथुन, सूर्य और गुरु कर्क, शुक्र व केतु सिंह, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की यह स्थिति मेष, धनु, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे रही है।

    मेष राशि: समय में सुधार हो चुका है। स्वास्थ्य में सुधार हो चुका है। भाग्य साथ देगा, यात्रा का योग बनेगा। प्रेम का साथ होगा, संतान की स्थिति अच्छी होगी, व्यापार के लिए अच्छा समय होगा और निवेश करने के लिए उपयुक्त समय कहा जाएगा। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।

    वृषभ राशि: कठिनाइयां थोड़ी सामने आएंगी, कुछ चैलेंजर्स सामने आएंगे। स्वास्थ्य छोटी-मोटी परेशानियों से परेशान होगा। चंद्रमा का अष्टम भाव में होना और लग्नेश का केतु के साथ संयोग करना, ये शुभ संकेत नहीं है स्वास्थ्य के लिए। परेशानी बढ़ेगी। प्रेम-संतान की स्थिति काफी अच्छी रहेगी, व्यापार भी बहुत अच्छा रहेगा।

    मिथुन राशि: जीवनसाथी भरपूर सहयोग में रहेगा और नौकरी-चाकरी की स्थिति में सुधार होगा। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात होगी लेकिन बहुत अच्छी नहीं रहेगी क्योंकि पंचमेश केतु के साथ है। तो थोड़ा सा ध्यान से आगे बढ़ना है, आती हुई बातों को भी जाने दीजिएगा, उलझिएगा मत। प्रेम की स्थिति मध्यम, संतान की स्थिति भी मध्यम है।

    कर्क राशि: स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रहेगा, छोटी-मोटी परेशानियां परेशान करेंगी। प्रेम-संतान की स्थिति काफी लाभप्रद है। व्यापार अच्छा है। प्रेम में परिपक्वता मिल रही है, नए प्रेम का आगाज हो रहा है। और व्यवसायिक स्तर पर आप अच्छा कर रहे हैं, निवेश फिर भी मत करिएगा अभी। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।

    सिंह राशि: भावनाओं में बहकर कोई निर्णय मत लीजिएगा। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा। प्रेम-संतान मध्यम रहेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से शुभ समय है। निवेश उचित रहेगा। हरी वस्तु का दान करना शुभ होगा।

    कन्या राशि: भूमि-भवन-वाहन की खरीदारी में निवेश करें, शुभ होगा। गृह-कलह के संकेत हैं, थोड़ा ध्यान रखिएगा, सीने में विकार संभव है या थोड़ी भारीपन संभव है। प्रेम-संतान की स्थिति काफी अच्छी है। व्यापार आपका अच्छा चल रहा है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ होगा।

    तुला राशि: व्यापारिक एनर्जी (ऊर्जा) बढ़ रही है आपकी। अपनों का साथ है। स्वास्थ्य मध्यम है। प्रेम-संतान की स्थिति मध्यम है, लेकिन व्यापार बहुत अच्छा है। पीली वस्तु का दान, चने की दाल इत्यादि का दान करना शुभ होगा।

    वृश्चिक राशि: धनार्जन का समय है। कुटुंबों में वृद्धि होगी, लेकिन निवेश करके धनार्जन नहीं हो सकता है। कहीं से मैच्योर अमाउंट आपको मिल सकता है। प्रेम-संतान की स्थिति काफी अच्छी है, व्यापार भी अच्छा है। निवेश अभी मत करिएगा, घाटा होगा। पीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।

    धनु राशि: सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। प्रेम-संतान थोड़ा मध्यम है लेकिन व्यापार बहुत अच्छा चल रहा है। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ होगा।

    मकर राशि: चिंताकारी सृष्टि का सृजन हो रहा है। मन परेशान रहेगा। प्रेम-संतान को लेकर के भी थोड़ा मन परेशान रहेगा। व्यापार को लेकर भी मन परेशान रहेगा। अभी निवेश करना उचित नहीं होगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    कुंभ राशि: आय के नए मार्ग बनेंगे। पुराने मार्ग से भी पैसे आएंगे। स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी है। प्रेम-संतान की स्थिति बहुत अच्छी है। व्यापार बहुत अच्छा है। निवेश जरूर करिएगा। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

    मीन राशि: व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा मध्यम, प्रेम-संतान की स्थिति अच्छी हो गई है। व्यापार बहुत अच्छा है। राजनीतिक लाभ मिलेगा। पीली वस्तु पास रखना शुभ होगा।

  • क्या AI बन सकता है नया खतरा? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

    क्या AI बन सकता है नया खतरा? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

    टेक्नोलॉजी: टेक्नोलॉजी काफी तेजी से विस्तार हो रहा है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने लोगों के काम करने के तरीकों को काफी आसान बनाया है परंतु अब कई देशों में एआई के लिए कई सख्त नियम बना दिए हैं परंतु अब हैरान करने वाली एक स्टडी सामने आई है। इसके अंतर्गत एआई पर ज्यादा सख्ती भी लोगों को भारी पड़ेगी।

    कंपनियों पर की जा रही है सख्ती

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये स्टडी अमेरिका की कॉर्नल यूनिवर्सिटी और कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है। उनका यह कहना है कि AI नियमों में जिम्मेदारी उन कंपनियों पर ज्यादा डाली जा रही है। वहीं जो एआई का इस्तेमाल करके ऐप्स या दूसरी जरुरी सर्विसेज बनाती है परंतु ऐसा नहीं होना चाहिए। दरअसल ज्यादा ध्यान उन कंपनियों पर देने की जरुरत है जो एआई मॉडल को तैयार कर रही है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने यह भी माना है कि यदि एआई बनाने वाली कंपनियों को ये पता चल जाता है कि प्रोडक्ट की सेफ्टी की जिम्मेदारी आखिरी में तय होगी। इसकी सेफ्टी पर कम ध्यान देने लगती हैं और इसे ज्यादा बिना टेस्ट के ही छोड़ देते हैं।

    आखिर क्या होगा नया खतरा?

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस नई स्टडी में फ्री राइड़िंग का भी जिक्र किया गया है। इसका अर्थ है कि एक पक्ष ये मानकर चलता है कि दूसरा पक्ष पूरी जिम्मेदारी निभा लेगा। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में यदि देखें तो ये कहा जा सकता है कि एआई मॉडल बनाने वाली कंपनियां उसकी सेफ्टी की चिंता डेवलपर्स पर छो़ड सकती है। ऐसे में सेफ्टी को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आ सकती है। यह आगे आने वाले समय में एक बड़ा खतरा बन सकती है। ये स्टडी पूरी दुनिया में कंपनियों के लिए एक बड़ी चिंता बन चुका है। ऐसे में एआई पर ज्यादा सख्ती भी लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एआई को पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है परंतु इस पर लागू होने वाले नियमों पर भी ध्यान देने की जरुरत है। इससे यूजर्स की सेफ्टी का भी ध्यान रखा जा पाए। इसके साथ ही बता दें कि डेवलपर्स को सेफ्टी का इतना ध्यान रखा जा पाए। इसके साथ ही बता दें कि डेवलपर्स को सेफ्टी का इतना ध्यान नहीं रहता है। इसका फायदा कंपनियां उठा लेती है।    
  • Punjab News: मानसून से पहले अलर्ट मोड पर सरकार, बाढ़ से निपटने के लिये सभी तैयारियां मुकम्मल, देखें वीडियो

    Punjab News: मानसून से पहले अलर्ट मोड पर सरकार, बाढ़ से निपटने के लिये सभी तैयारियां मुकम्मल, देखें वीडियो

    पठानकोटः बरसात से पहले ही सरकार और प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने की सारी तैयारियां की मुकम्मल कर ली हैं। रणजीत सागर डैम के एक्सईएन इंजीनियर मनीष कुमार ने बताया कि इस समय हमारे पास आज का (वर्तमान) जल स्तर रणजीत सागर बांध पर 506.42 मीटर है। जो हमारा मैक्सिमम (अधिकतम) जल स्तर रणजीत सागर बांध का है, वह 528 मीटर है, तो तकरीबन (लगभग) हम 22 मीटर नीचे हैं उन्होंने ने बताया कि इस समय स्थिति बिल्कुल सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि वह लोगों से यही अपील करते है बाढ़  का सीजन है, थोड़ा बचाव करके रहें। नदियों/दरियाओं से थोड़ा दूर ही रहें।

    पिछले साल बरसाती के चलते माधोपुर हेड वर्क टूटने के कारण काफी गांव में जाने वाली नुकसान हुआ था जिसके चलते प्रशासन की ओर से अब बरसाती से पहले ही सारी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं जिसके चलते इस संबंधी जब रणजीत सागर डैम के अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि उनकी ओर से पुरिया तैयारियां मुकम्मल कर ली गई है और सभी टीमों के साथ वह मीटिंग कर चुके हैं और लोगों को इस बार किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करने दिया जाएगा इसके लिए वह पूरी तरह तैयारहै

    इस संबंधी जानकारी देते हुए एक्स ई एन इंजीनियर मनीष कुमार ने बतायाकी इस समय हमारे पास आज का करंट (वर्तमान) जल स्तर रणजीत सागर बांध पर *506.42 मीटर है। और जो हमारा मैक्सिमम (अधिकतम) जल स्तर रणजीत सागर बांध का है, वह 528 मीटर है। तो तकरीबन (लगभग) हम  22 मीटर नीचे हैं उन्होंने ने बताया कि इस समय स्थिति बिल्कुल सुरक्षित है। इस समय कोई ऐसी समस्या नहीं है। जरूर बारिश हो रही है कैचमेंट एरिया में, लेकिन हम इस समय पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हैं। उन्होंने ने बताया कि पिछले साल जो स्थितियां बनी थीं, उसको देखते हुए हमने इस समय पूरे इंतजाम किए हुए हैं। हमारे सारे हैवी मूविंग और अर्थ-मूविंग व्हीकल्स (भारी वाहन व मशीनें) उपलब्ध हैं। हम सभी सड़कों को खुला (ओपन) रखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि रास्ते में कोई लैंडस्लाइड (भूस्खलन) वगैरह हो तो निपटा जा सके।

    इसके अलावा, हमारी  QRTs (क्विक रिस्पांस टीमें)बनी हुई हैं। पानी छोड़ने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है, लेकिन अगर ऐसा कुछ होता भी है, तो हम नीचे (निचले इलाकों में) पहले से सूचना/इंटीमेशन जरूर देंगे। उन्होंने ने बताया कि  फिलहाल डैम से कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि वह लोगों से यही अपील करते है बाढ़ का सीजन है, थोड़ा बचाव करके रहें। नदियों/दरियाओं से थोड़ा दूर ही रहें। अगर कोई साइरन या ऐसी कोई चेतावनी सुनाई देती है, तो कृपया दरियाओं (नदी के तटों) से दूर चले जाएं।

  • नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शिमला में सर्वदलीय कैंडल मार्च

    नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शिमला में सर्वदलीय कैंडल मार्च

    शिमला : नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर आज शिमला में विभिन्न दलों और आम जनता की ओर से सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च का नेतृत्व मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किया। कैंडल मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू होकर स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह मार्च विभिन्न दलों के सहयोग से निकाला गया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे बच्चों को न्याय दिलाने की यह एक कोशिश है। हिमाचल प्रदेश की जनता न्याय की इस लड़ाई में संघर्ष कर रहे सभी युवाओं के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी मेहनत का उचित फल मिल सके। उन्होंने नीट परीक्षा विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें होती हैं, वहां पेपर लीक के मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग से जुड़े भर्ती परीक्षाओं के पेपर भी लीक हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही आयोग को भंग कर उसके स्थान पर राज्य चयन आयोग का गठन किया गया और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।

    सुक्खू ने कहा कि लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बच्चों की न्याय की लड़ाई को अपनी आवाज दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) और आम जनता का धन्यवाद किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर और संजय रतन, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, कांग्रेस तथा सीपीआईएम के नेताओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

  • पंजाब सरकार ने मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का किया और विस्तार

    पंजाब सरकार ने मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का किया और विस्तार

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रदेश के लोगों को उनके घर के निकट मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए 100 नए आम आदमी क्लीनिकों की शुरुआत की है। इन नए क्लीनिकों का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज पटियाला ग्रामीण के विकास नगर में नव-निर्मित आम आदमी क्लीनिक का उद्घाटन करके किया। इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के साथ ही पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी।

    इन 100 नए क्लीनिकों में से आज विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने राज्यभर में 71 नए आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया, जबकि शेष 29 क्लीनिकों को विभिन्न जिलों में अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा 31 जुलाई तक चरणबद्ध तरीके से जनता को समर्पित किया जाएगा। आज जिन कैबिनेट मंत्रियों ने नए क्लीनिकों का उद्घाटन किया, उनमें डॉ. बलजीत कौर ने मलोट के अंबेडकर भवन, डेरा सच्चा सौदा रोड तथा वार्ड नंबर 11,  मुक्तसर साहिब में तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया।लाल चंद कटारूचक्क ने 25 लाख रुपये की लागत से बने पठानकोट शहर के एक क्लीनिक का लोकार्पण किया। गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मुक्तसर साहिब में एक क्लीनिक जनता को समर्पित किया।

    हरदीप सिंह मुंडियां ने विधानसभा क्षेत्र साहनेवाल में 76.41 लाख रुपये की लागत से तैयार तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया। तरुनप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना के नरोत्तम नगर, फोकल प्वाइंट और उत्तम नगर में 87 लाख रुपये की लागत से बने तीन नए क्लीनिकों का शुभारंभ किया। इसी प्रकार मोहिंदर भगत ने जालंधर के सिद्धार्थ नगर, बुद्धा मल ग्राउंड तथा स्पोर्ट्स एंड सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में तीन आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए।
    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के निकट पहुंचाकर इलाज को सरल, सुविधाजनक और किफायती बनाया है। उन्होंने कहा कि नए क्लीनिकों के शुरू होने से और अधिक लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

    पंजाब सरकार ने राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है। वर्तमान में प्रदेश में 990 आम आदमी क्लीनिक सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिनमें 414 शहरी तथा 576 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैं। इन क्लीनिकों में लोगों को 107 प्रकार की आवश्यक दवाइयां तथा 47 प्रकार की प्रयोगशाला जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक क्लीनिक में मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। आधुनिक आईटी प्रणाली के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण, जांच, उपचार तथा दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।
    आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया गया है। अब यहां गर्भवती महिलाओं की प्रसव-पूर्व देखभाल, कुत्ते के काटने का उपचार, परिवार नियोजन सेवाएं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच और उपचार जैसी सेवाएं भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंजाब सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन 100 नए आम आदमी क्लीनिकों की शुरुआत से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक तथा सुदृढ़ होगी।

     

  • गैंगस्टरों पर वार का 186वाँ दिन: पंजाब पुलिस ने 583 स्थानों पर छापेमारी की; 353 गिरफ्तार

    गैंगस्टरों पर वार का 186वाँ दिन: पंजाब पुलिस ने 583 स्थानों पर छापेमारी की; 353 गिरफ्तार

    चंडीगढ़ : ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के 186वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित एवं मैप किए गए 583 ठिकानों पर छापेमारी की। उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक अभियान है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं। अभियान के 186वें दिन पुलिस टीमों ने तीन हथियारों सहित 353 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिससे अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 52,895 हो गई है।

    इसके अतिरिक्त 244 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 13 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया। लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गोपनीय रूप से गैंगस्टरों के बारे में सूचना दे सकते हैं तथा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी साझा कर सकते हैं। इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपने अभियान ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ को 511वें दिन भी जारी रखा। इसके तहत आज 68 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से 481 ग्राम हेरोइन, 40 किलोग्राम भुक्की, 567 नशीली गोलियां तथा 1,040 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही, केवल 511 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 74,485 हो गई है। नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज 11 व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास उपचार के लिए भी प्रेरित किया।

  • प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

    प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

    नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। अब वे शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है।

    राष्ट्रपति ने मंजूर किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
    प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनके इस्तीफे के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि देश का नया शिक्षा मंत्री कौन होगा। हालांकि, फिलहाल सरकार ने किसी नए मंत्री की नियुक्ति नहीं की है और शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी गई है।

    अब प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय
    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी अब शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे। उन्हें यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। यानी वे अपने मौजूदा मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियां भी निभाएंगे।

    पहले से इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी
    प्रह्लाद जोशी के पास पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अब इसके साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार भी उनके पास रहेगा।

    नए शिक्षा मंत्री को लेकर था इंतजार
    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सभी की नजर इस बात पर थी कि सरकार शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे सौंपेगी। फिलहाल सरकार ने स्थायी नियुक्ति करने के बजाय प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर मंत्रालय का कामकाज जारी रखने का फैसला किया है।

  • हिमाचल प्रदेश ने निवेश अनुकूलता सूचकांक-2026 में पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया

    हिमाचल प्रदेश ने निवेश अनुकूलता सूचकांक-2026 में पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों में तीसरा स्थान हासिल किया

    शिमला : राज्य सरकार की निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों को नीति आयोग द्वारा जारी ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (आईएफआई)-2026’ में व्यापक सराहना मिली है। इस सूचकांक में हिमाचल प्रदेश ने पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए ‘फ्रंटरनर’ श्रेणी में अपनी जगह बनाई है। यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देने तथा विभिन्न नीतिगत सुधारों के माध्यम से निवेशकों का विश्वास मजबूत करने के लिए किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

    इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने लगातार बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान पर विशेष बल देते हुए व्यापार सुगमता को बढ़ावा दिया है। राज्य की यह उत्कृष्ट रैंकिंग सरकार के सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण, पारदर्शी, प्रभावी और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता की सफलता का प्रमाण है।
    उन्होंने कहा कि सूचकांक के विभिन्न प्रमुख मानकों में राज्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन सतत औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार को दर्शाता है। इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में विशेष रूप से मानव संसाधन, महिलाओं की भागीदारी, संस्थागत प्रभावशीलता, नियामकीय वातावरण तथा निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक व्यवस्था को हिमाचल प्रदेश की प्रमुख ताकत के रूप में रेखांकित किया गया है, जो राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।

    अवसंरचना स्तंभ में हिमाचल प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कनेक्टिविटी, विद्युत अवसंरचना तथा औद्योगिक सुविधाओं में राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाती है।
    संसाधन स्तंभ में भी राज्य प्रथम स्थान पर रहा है। इसका श्रेय उच्च श्रमबल भागीदारी, सुदृढ़ मानव संसाधन संकेतकों तथा देश में महिलाओं की सर्वाधिक कार्यबल भागीदारी दरों में से एक होने को जाता है।
    नियामकीय सुगमता स्तंभ में हिमाचल प्रदेश ने चौथा स्थान प्राप्त किया, जो राज्य में अनुकूल कारोबारी वातावरण, निवेशक सुविधा तंत्र तथा प्रभावी नियामकीय व्यवस्था को दर्शाता है।
    संस्थागत वातावरण स्तंभ में भी राज्य का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जिसका आधार कम साइबर अपराध दर, प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली तथा स्थिर नियामकीय वातावरण रहा।
    व्यावसायिक वातावरण स्तंभ में हिमाचल प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा, जो राज्य में लागू किए जा रहे निरंतर सुधारों की सफलता को रेखांकित करता है।

    उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए किए गए प्रयासों की महत्त्वपूर्ण मान्यता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा पूरे हिमाचल प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
    प्रधान सचिव (उद्योग) एम. सुधा देवी ने बताया कि निर्माण अनुमति से जुड़े सुधारों, स्वास्थ्य क्षेत्र सुधारों तथा सेवा क्षेत्र सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हिमाचल प्रदेश को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से वर्तमान में 30 विभागों की 180 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेशकों एवं उद्यमों को त्वरित, सरल और प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा प्रगतिशील सुधारों एवं हितधारक-केंद्रित सुशासन के माध्यम से निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए भविष्य में भी निरंतर कार्य करता रहेगा।

  • सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अग्नि वीरों के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध 

    सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अग्नि वीरों के कल्याण के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध 

    कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर कारगिल के शहीदों को किया नमन

    चंडीगढ़ : राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सदैव वीर सैनिकों की भूमि रहा है। राज्य के युवा थल सेना, जल सेना और वायु सेना के साथ-साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी तथा असम राइफल्स जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। उनके लिए हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम का गठन किया जा रहा है ताकि सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर कारगिल के शहीदों को नमन करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि कोई भी समाज या राष्ट्र मातृभूमि की रक्षा करने वाले अपने सैनिकों का ऋण नहीं चुका सकता, लेकिन सरकारें उन वीर जवानों तथा उनके परिवारों के कल्याण एवं हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहती हैं।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैनिकों के 420 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। साथ ही सशस्त्र पुलिस बलों और अग्नि वीरों के लिए दी जाने वाली एकमुश्त वीरता पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की जाएगी। मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नीति को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। अग्निवीरों अपनी चार वर्ष की सेना में सेवा करने उपरांत 31 जुलाई को पहला बेच वापिस आ रहा है। जिसमें अग्निपथ योजना के तहत वर्ष 2022-23 में अग्निवीर के रुप में भर्ती हुए हरियाणा के 1830 अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत सेना की नियमित सेवाएं देंगे विशेष 75 प्रतिशत लगभग 1373 अग्निवीर वापिस लौटेंगे , सरकार ने पहले ही इनके लिए हरियाणा अग्निवीर नीति 2024 क्रियान्वित की है जो अगस्त 2026 प्रभावित होगी। ऐसा प्रावधान करने वाला हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है।

    उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, झज्जर, नूंह, फतेहाबाद, जींद, नारनौल और रेवाड़ी में एकीकृत सैनिक सदनों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। नूंह में जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का कार्यालय भी खोला गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हरियाणा के सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों का पंजीकरण सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट भी लांच की है, जिसपर हरियाणा निवासी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पूर्व कर्मी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।  उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे पात्र कर्मियों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करें और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें।