चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की ओर से लगातार तबादलों का दौर जारी है। वहीं आज सरकार की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक 71 डीएसपी एवं एएसपी अधिकारियों के तबादलें किए गए। इनमें जालंधर नॉर्थ के एसीपी मोहित कुमार सिंगला का भी तबादला किया गया है। देखें लिस्ट





चंडीगढ़ः पंजाब सरकार की ओर से लगातार तबादलों का दौर जारी है। वहीं आज सरकार की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक 71 डीएसपी एवं एएसपी अधिकारियों के तबादलें किए गए। इनमें जालंधर नॉर्थ के एसीपी मोहित कुमार सिंगला का भी तबादला किया गया है। देखें लिस्ट





लुधियाना : पंजाब सरकार की ओर से तबादलों का दौर लगातार जारी है। वहीं लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कौस्तुभ शर्मा ने आज 24 पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। देखें लिस्ट


फिल्लौर: पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई है। इसके तहत सुरिंदर कुमार मुख्य अफसर थाना फिल्लौर द्वारा उसकी टीम द्वारा 2 अंतर्राज्यीय नशा तस्करो को नशीले पदार्थों सहित गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने प्याजों से भरे ट्राले में से डेढ क्विंटल चूरा पोस्त बरामद करके 2 अंतर्राज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इस संबंधी प्रेसवार्ता दौरान जानकारी देते हुए जगदीश राज डी.एस.पी. फिल्लौर ने बताया कि गत दिन 26 सितंबर को थाना फिल्लौर इंस्पेक्टर सुरिंदर कुमार मुख्य अफसर थाना फिल्लौर की पुलिस पार्टी को सूचना मिली कि जिमीदारा ढाबा गांव थला में एक 16 टायर वाला ट्राला (नंबर पी.बी. 08 ई.डब्ल्यू-4619) जिसमें नशीले पदार्था लाया जा रहा है। इस जानकारी के अनुसार पुलिस ने 568 बोरे प्याजों से लोड हुए ट्राले को तलाशी ली।
इस दौरान पुलिस को प्याज के बोरों से 7 बोरियां डोडे चूरा पोस्त मिले। इनमें 7 बोरियों में 20/20 किलो तथा एक बोरे में 10 किलो जिसके साथ ही कुल 1 क्विंटल 50 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ है। पुलिस ने एन. डी. पी. एस. एक्ट के तहत थाना फिल्लौर में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ बग्गा पुत्र मुखतार सिंह निवासी काला संघिया रोड, ग्रीान एवेन्यू जालंधर थाना भार्गो कैंप तथा हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर पुत्र जोध सिंह निवासी गांधरा थाना सदर नकोदर जिला जालंधर के रुप में हुई है जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार सुखविंदर सिंह उर्फ बग्गा अपनी ड्राइवर था और हरजिंदर सिंह उर्फ जिंदर उसका कलीनर था। दोनों करीब पिछले कई सालों से राजस्थान से चितौड़गढ़ जिले से गुरनाम व्यक्ति से सस्ते दाम पर नशीला पदार्थ पंजाब के अलग-अलग शहरों में महंगे दाम पर बेचने का धंधा करते थे। पुलिस से बचने के लिए यह नसीले पदार्थों की बोरियों के ऊपर प्याज लोड करवा लेते थे। आज आरोपियों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड हासिल करके गहराई से पूछताछ की जाएगी।

टोरंटोः कनाडा जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी ख़बर सामने आई है। कनाडा सरकार ने 1 अक्टूबर से सभी कोविड प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की है। इसके तहत यात्री अब बिना मास्क के उड़ानों में यात्रा कर सकेंगे। इतना ही नहीं ट्रेनों में एंट्री के लिए मास्क की अनिवार्यता को भी खत्म किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने कहा कि मास्क से जुड़े मौजूदा नियम 1 अक्टूबर को हटा लिए जाएंगे।
यानी 1 अक्टूबर से नागरिक अब फ्लाइट और ट्रेनों में बिना मास्क के यात्रा कर सकेंगे। ट्रांसपोर्ट मंत्री उमर अलघबरा ने कहा कि एक अक्टूबर से दूसरे देशों से कनाडा आने वालों को भी कोविड प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को अब कनाडा में प्रवेश करने के लिए कोरोना टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
अब कनाडा जाने वालों को कोविड टीकाकरण का कोई सबूत साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। यानि कि उड़ान से और बाद में पहले लोगों को कोविड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। वहीं कनाडा पहुंचने के बाद लोगों को आईसोलेट रहने की जरूरत नहीं होगी और साथ ही फ्लाइट में मास्क पहनने की भी जरूरत नहीं होगी।


चंडीगढ़ः दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर शाहबाद में किसानों द्वारा रोड जाम करने को लेकर मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। इसके खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अफसरशाही की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। हाई कोर्ट ने कहा कि क्या अधिकारियों ने पिछले साल की घटना से कोई सबक नहीं लिया। जब आंदोलनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के पास धरना दिया तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आंदोलनकारियों को नेशनल हाईवे पर क्यों जाने दिया गया। हाई कोर्ट ने कहा कि अधिकारी इस घटना को कंट्रोल करने में असफल रहे। लगता है कि वह घटना के बारे में जागरूक नहीं थे।
सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में आरोपी आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पर कोर्ट ने सवाल पूछा कि गिरफ्तार कितने लोगों को किया गया है, यह जानकारी दें। बहस के दौरान मुख्य सचिव संजीव कौशल की तरफ से कोर्ट में घटना पर एक स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपी गई। मुख्य सचिव की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाल के वर्षों में राज्य पर अपनी मांगों के लिए दबाव बनाने के लिए राजमार्ग, रेलवे को अवरुद्ध करने का चलन बन गया है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह सबसे सुविधाजनक तरीका माना जाने लगा। संविधान ने लोगों को कुछ अधिकार दिए हैं, लेकिन सार्वजनिक हित के लिए ऐसे अधिकारों के कुछ प्रतिबंध भी हैं। कोर्ट को बताया गया कि हरियाणा राज्य को पहले भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है, जहां किसान प्रदर्शनकारियों द्वारा अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए घंटों-घंटों तक सड़क जाम करने के मामले सामने आए हैं।
कौशल ने यह भी बताया कि कुरुक्षेत्र प्रशासन ने पिछले अनुभव को देखते हुए अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। रिपोर्ट के अनुसार किसान संघ द्वारा प्रस्तावित आंदोलन के बारे में सुरक्षा एजेंसियों से इनपुट प्राप्त होने पर जिला प्रशासन कुरुक्षेत्र द्वारा 22 सितंबर को बीकेयू के साथ एक बैठक आयोजित की गई, ताकि उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाकेबंदी के लिए अपने आह्वान को छोड़ने के लिए राजी किया जा सके। उन्हें देर से खरीद के संबंध में परिस्थितियों के बारे में बताया गया। हालांकि, वे सरकार द्वारा धान की तत्काल खरीद के लिए अपने रुख पर अड़े रहे। उन्हें शाहाबाद में नेशनल हाईवे को अवरुद्ध करने की बजाय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए एक स्थान की पेशकश की गई थी।
हाई कोर्ट को बताया गया कि राजमार्गों को अवरुद्ध करने के लिए बीकेयू के प्रस्ताव के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे व निषेधाज्ञा जारी की गई थी। महत्वपूर्ण स्थानों पर क्षेत्र को बैरिकेडिंग के अलावा जिला पुलिस की पांच कंपनियों को तैनात किया गया था। मुख्य सचिव ने कहा कि 24 सितंबर को सुबह तीन बजे बीकेयू ने नाकाबंदी हटाने पर सहमति व्यक्त की और 24 सितंबर की सुबह 10 बजे यातायात सामान्य हुआ। भविष्य में राज्य के किसी भी हिस्से में ऐसी कोई नाकाबंदी को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी को हाई कोर्ट के नोटिस सर्व कर दिए गए हैं, लेकिन गुरनाम सिंह चढ़ूनी की तरफ से सुनवाई के दौरान कोई पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 12 दिसंबर तक स्थगित करते हुए सभी पक्षों को जवाब दायर करने का निर्देश दिया।


उत्तर प्रदेशः औरैया में शिक्षक की पिटाई से छात्र की मौत पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस प्रशासन काफी समय तक भीड़ को समझाता रहा। इसी बीच अंधेरा होते ही भीड़ भड़क गई और पथराव शुरू हो गया। आक्रोशितों ने पुलिस जीप तक फूंक दी। करीब घंटेभर अराजकता का माहौल रहा। बवाल की सूचना पर डीएम, आईजी, एसपी समेत कई थानों की फोर्स ने इलाका घेर लिया तभी कॉलेज के पीछे छिपे लोगों ने डीएम व कुछ पुलिसकर्मियों की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। एसपी ने फ्लैग मार्च कर मोर्चा संभाला तो उपद्रवी भाग खड़े हुए।
अछल्दा के बसोली गांव निवासी राजू सिंह दौरे का 15 साल का बेटा निखिल आदर्श इंटर कॉलेज में कक्षा 10वीं का छात्र था। सात सितंबर को सामाजिक विज्ञान के शिक्षक अश्वनी सिंह ने टेस्ट में गलतियां होने पर लात-घूसों से पीटा था। इससे वह क्लास में बेहोश हो गया था। गंभीर होने पर परिजन उसे इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए थे। सोमवार भोर उसकी मौत हो गई। शिक्षक के खिलाफ पहले से दर्ज मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी गई और गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गईं। उधर, विभाग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
छात्र की मौत से आक्रोशित भीम आर्मी के लोग शाम को कॉलेज के पास जमा हो गए। भीड़ बढ़ने पर एडिशनल एसपी, सीओ व एसडीएम कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को हटाने की कोशिश की। इसी बीच कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव से फोर्स में भगदड़ मच गई, अफसर और पुलिस वालों को भागना पड़ा। एसडीएम बिधूना लवगीत कौर के साथ भी उपद्रवियों ने धक्का-मुक्की की। फोर्स भागी तो उपद्रवियों ने पुलिस जीप में आग लगा दी।

